मोबाइल के इस्तेमाल में पिछड़ रही हैं औरतें, सिर्फ इतनी भारतीय महिलाओं के पास खुद का फोन

    India Inequality Report 2022: Digital Divide - भारत में केवल एक तिहाई महिलाएं इंटरनेट यूजर हैं।

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    भारत में 61 प्रतिशत पुरुषों और 31 प्रतिशत महिलाओं के पास अपने मोबाइल फोन हैं। यह दावा Oxfam India ने अपनी रिपोर्ट डिजिटल डिवाइड (digital divide) में किया है। Oxfam India ने अपनी रिपोर्ट में प्राइवेट थिंकिंग टेक सेंटर फ़ॉर मॉनीटरिंग इंडियन इकोनॉमी (Centre for Monitoring Indian Economy) के रिसर्च के हवाले से यह डाटा दिया है। इस रिपोर्ट में भारत में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के बारे में डिटेल में बताया गया है। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि मोबाइल फोन महिलाओं तक जानकारी पहुंचाने, उन्हें सुदृढ़ करने और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है।

    Oxfam India की रिपोर्ट का टाइटल “India Inequality Report 2022: Digital Divide” (भारत में असमानता रिपोर्ट 2022 : डिजिटल डिवाइड) है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में केवल एक तिहाई महिलाएं इंटरनेट यूजर हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत में पुरुषों की तुलना में 33 प्रतिशत कम महिलाएं मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल करती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाएं सस्ते फोन पर बहुत कम डिजिटल सेवाएं इस्तेमाल करती हैं, जो आमतौर पर वॉइस और एसएमएस पर आधारित हैं।

    लिंग के अलावा, रिपोर्ट जाति, धन और शिक्षा जैसे वर्गीकरणों में डिजिटल उपकरणों और सेवाओं तक पहुंच में असमानता की चिंताजनक तस्वीर भी पेश करती है। रिपोर्ट ने जनवरी 2018 से दिसंबर 2021 तक सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के घरेलू सर्वेक्षण के आंकड़ों का विश्लेषण किया, और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण से द्वितीयक विश्लेषण का भी उपयोग किया।

    ऑक्सफॉर्म की यह रिपोर्ट, सिर्फ़ लैंगिक नहीं बल्कि जाति, आर्थिक स्थिति और शिक्षा के आधार पर डिजिटल उपकरणों और सेवाओं में असमानता की चिंताजनक तस्वीर को सामने रखती है। इस रिपोर्ट में जनवरी 2018 से दिसंबर 2021 के दौरान सेंटर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडिया इकोनॉमी के घरेलू सर्वेक्षण के आँकड़ों का विश्लेषण किया गया है। इसके साथ ही सेकेंडरी विष्लेषण के लिए नेशनल सैंपल सर्वे का भी इस्तेमाल किया गया है।

    डिजिटल डिवाइस और गरीब

    नेशनल सैंपल सर्वे के साल 2017-18 के आँकड़ों के मुताबिक़, भारत में 20 प्रतिशत सबसे गरीब परिवारों में से केवल 2.7 प्रतिशत के पास ही कंप्यूटर है। जबकि इनमें से 8.9 प्रतिशत के पास इंटरनेट की सुविधा है। वहीं 20 प्रतिशत अमीर परिवारों के पास 27.6 प्रतिशत के बाद कंप्यूटर और 50.5 प्रतिशत के पास इंटरनेट की सुविधा है।

    इस रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्रों में भी 41 प्रतिशत जो सबसे अमीर हैं उनमें 10 प्रतिशत के पास इंटरनेट एक्सेस वाला कंप्यूटर है। अगले 10% सबसे अमीर छात्रों में हिस्सेदारी घटकर 16% और तीसरे सबसे अमीर छात्रों में 10% रह जाती है। वहीं सबसे गरीब 10 प्रतिशत छात्रों में से केवल 2 प्रतिशत के पास कंप्यूटर है जिसमें इंटरनेट उपलब्ध है। यह भी पढ़ें : How To Use E-Rupee : डिजिटल करेंसी कैसे इस्तेमाल करें, यहां जानें सब कुछ

    शिक्षा और रोजगार पर असमानता

    रिपोर्ट से पता चलता है कि इसके ऐसे लोग जिनके पास शिक्षा नहीं है, उनके पास कंप्यूटर नहीं है। सबकी पोस्ट ग्रेजूएट या पीएचडी डिग्री वाले 39 प्रतिशत लोगों के पास कंप्यूटर है। वहीं मोबाइल के मामले में 11 प्रतिशत अशिक्षित लोगों के पास एक फ़ोन है जबकि पोस्ट ग्रेजूएट या पीएचडी डिग्री वाले 76 प्रतिशत लोगों के पास फ़ोन है। यह भी पढ़ें : Bank Mitra Apply Online : कैसे बने बैंक मित्र, ऑनलाइन आवेदन, जरूरी दस्तावेज और मिलने वाले फायदे, जानें सब कुछ

    इस रिपोर्ट में ऑक्सफैम इंडिया के 2020 में किए एक सर्वे का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि 75% भारतीय माता-पिता और 84% शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा को लेकर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। रोज़गार की स्थिति में भी डिजिटल सेवाओं का अंतर देखने को मिलता है। स्थायी कर्मचारियों में से 95 प्रतिशत और 50 प्रतिशत बेरोज़गारों के पास अपना फ़ोन है।

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