खरीदना चाहते हैं Second Hand Smartphone, तो इन बातों तो जरूर रखें ध्यान

5 point to keep in mind when purchasing and selling a Second Hand Smartphone

कोरोना वायरस के चलते देश के स्मार्टफोन बाजार में बड़ा बदलाव आया है। भारत में पनपे ‘एंटी चाइना’ के माहौल ने भी मोबाइल मार्केट के प्रति लोगों के नज़रिये को बदला है। हाल ही में एक रिपोर्ट में सामने आया था कि पिछले कुछ महीनों में इंडिया में Second Hand Smartphone का बाजार बढ़ा है। जनता में रीफर्बिश्ड यानि यूज्ड स्मार्टफोंस की डिमांड पहले से अधिक हो गई है। इसकी मुख्य वजह बच्चों की ऑनलाईन क्लास को माना जा रहा है। लगभग हर घर में अब एक से अधिक स्मार्टफोंस की जरूरत महसूस हो रही है क्योंकि बच्चों की पढ़ाई के लिए भी अब मोबाइल जरूरी हो गया है। बच्चों के माता-पिता नए स्मार्टफोन पर पैसा न लगाकर कर कीमत वाले सेकेंड हैंड स्मार्टफोंस की तलाश कर रहे हैं। इस तरह के मोबाइल फोन ऑनलाईन प्लेटफॉर्म पर आसानी से उपलब्ध है। यदि आप भी किसी पुराने फोन की तलाश में हैं या फिर अपना फोन बेच रहे हैं तो, आज अपने आर्टिकल के जरिये हम 5 ऐसे अहम प्वाइंट्स बताने जा रहे हैं जो Second Hand Smartphone को खरीदने या बेचने से पहले आपको जरूर पढ़ने चाहिए।

1. मिलकर सुनिश्चित करें कहीं फ्रॉड तो नहीं

आजकल खरीद-फरोख्त का काम ऑनलाईन हो गया है। बहुत सारी ऐसी वेबसाइट्स व रि-कॉमर्स मार्केट प्लेस मौजूद हैं जो पुराने सेकेंड हैंड व रीफर्बिश्ड स्मार्टफोन को बेचने का काम करते है। सोशल मीडिया पर भी आसानी से सेकेंड हैंड फोन बेचने व खरीदने वाले मिल जाते हैं। यदि आप भी ऐसा फोन सेल व परर्चेज करने जा रहे हैं तो कोशिश करें कि इस तरह की डील आमने-सामने ही हो। अगर खरीदार व विक्रेता की सोसायटी या मोहल्ले की लोकेशन में मिलेंगे तो और भी अच्छा है। अक्सर ऑनलाईन हुई बातें और वायदें बाद में गलत साबित होते है इसलिए ऐसा करने से सामने वाले व्यक्ति के फ्रॉड होने के चांस कम हो जाएंगे।

5 point to keep in mind when purchasing and selling a Second Hand Smartphone

2. लगभग 15 मिनट जरूर चलाएं फोन

स्मार्टफोन खरीदने का चाव तो सबको होता है। वहीं सेकेंड हैंड फोन जब आपका पसंदीदा मॉडल हो, जो बेहद कम दाम पर मिल रहा है तो खुशी ही अलग होती है। इसी खुशी में लोग अक्सर फोन को बाहर से तो देख लेते हैं लेकिन उसे ऑपरेट नहीं करते। अगर आप फोन खरीद रहे हैं तो कम से कम 15 मिनट तक लगातार उस फोन को चलाएं। ऐसा करने से फोन की प्रोसेसिंग पावर, फ्रेम रेट, हैंगिंग प्रॉब्लम इत्यादि का पता चल जाता है। आजकल स्मार्टफोंस में बैटरी तो नहीं निकाल सकते हैं लेकिन कुछ समय तक लगातार फोन चलाने पर उसकी हीटिंग जैसी समस्या की खबर भी लग जाती है। हां, अगर बैटरी खुलती है तो जरूर चेक कर लें कि वह नकली या फूली हुई न हो।

यह भी पढ़ें : भारतीय बाजार में बढ़ी Second Hand Smartphone की डिमांड, क्या आपके घर में भी है जरूरत

3. सिर्फ लुक ही नहीं बल्कि पोर्ट्स व लेंस भी करें ठीक से चेक

लंबे इंतजार के बाद पसंदीदा स्मार्टफोन मिल रहा हो और वह भी मार्केट प्राइस से आधे दाम पर तो जल्द से जल्द उसे अपना बनाने की कोशिश रहती है। फोन बिल्कुल साफ लग रहा है और स्क्रीन पर कोई स्क्रैच भी नहीं है, यह देखकर खुशी होती है। वहीं फोन की बॉडी पर भी ज्यादा चोट के निशान न हो तो मानों सोने पे सुहागा। ऐसी उत्सुकता में लोग फोन की बाहरी लुक तो देख लेते हैं लेकिन अक्सर पोर्ट, माइक, स्पीकर और कैमरा लेंस जैसी चीजों पर ध्यान नहीं देते। ये मोबाइल के कुछ ऐसे पार्ट्स हैं तो कहने सुनने में तो आवयश्क महसूस नहीं होते लेकिन जब फोन यूज़ करते हैं तो इनके बिना मोबाइल की कोई वैल्यू ही नहीं रहती। याद से यूएसबी पोर्ट चेक कर लें कि चार्जिंग में कोई समस्या तो नहीं। इसी तरह कहीं भी कॉल करके फोन का माइक और स्पीकर भी चेक कर लें। फ्रंट और रियर कैमरे से फोटो खींचकर कैमरा लेंस की भी पुष्टि अवश्य कर लें।

5 point to keep in mind when purchasing and selling a Second Hand Smartphone

4. बिल व बॉक्स के साथ जरूर मिलाएं IMEI नंबर

सबसे पहली बात की जो भी स्मार्टफोन खरीद रहे हैं उसका इनवॉइस बिल और फोन का रिटेल बॉक्स जरूर लें। यदि फोन बेचने वाले की ओर से कहा जा रहा है कि बिल या बॉक्स खराब या गुम हो चुका है तो इस बयान का लिखित या वीडियो प्रूफ ले लें। वहीं फोन को यदि किसी ऑनलाईन शॉपिंग साइट से खरीदा गया था तो वहां से ई-इनवॉइस आसानी से निकाला जा सकता है। जो भी बिल या बॉक्स आपको मिला है उसमें मौजूद आईएमईआई नंबर और फोन का आईएमईआई नंबर एक बार जरूर मिल लें। ऐसा करने के स्पष्ट हो जाएगा कि वह एक जेन्यूइन डिवाईस है। फोन का IMEI पता करने के लिए उससे *#06# डायल कर सकते हैं। याद रहें कि खरीदा जा रहा फोन यदि डुअल सिम है तो उसके आईएमईआई नंबर भी दो होंगे। दोनों नंबर जरूर चेक करें। यह भी पढ़ें : 6 महीनों में बंद हो सकती हैं 35-40 हजार मोबाइल की दुकानें, जानें क्या है कारण

5. वर्चुअल पेमेंट से बचे

ऑनलाईन तरीके से देनदार व खरीदार तो मिल जाते हैं लेकिन वह फ्रॉड है या नहीं उसके लिए मिलना जरूरी होती है। इसी तरह सेकेंड हैंड स्मार्टफोन खरीदते वक्त कोशिश करें कि वर्चुअल यानि ऑनलाईन पेमेंट न की जाए। कम से कम जब तक फोन नहीं मिल जाता तब तक तो नहीं। अक्सर फोन बेचने वाले लोगे लिंक भेज कर फोन चेक करने या पेमेंट करने के लिए बोल देते हैं, कोशिश करें कि यदि आप उस व्यक्ति को ठीक से नहीं पहचानते हैं तो ऐसे लिंक्स को ओपन ही करें। आवश्यक होतो तो सिक्योर डिवाईस का ही यूज़ करे।

5 point to keep in mind when purchasing and selling a Second Hand Smartphone

यहां हम अपना फोन सेल करने वाले लोगों को भी हिदायत देना चाहते हैं कि अपना फोन बेचते वक्त आप जरूरी डाटा उसमें से निकाल लें और फोन को पूरी तरह से रिसेट कर दें। इसी तरह बिल या अन्य जरूरी कागजात पर अपनी सेंसेटिव डिटेल्स जैसे फोन नंबर, आधार कार्ड व घर का एड्रेस इत्यादि को जरूर हटा दें।

LEAVE A REPLY