अपने एंडरॉयड की सेटिंग्स में ये 5 बदलाव कर आप पा सकते हैं लंबी बैटरी लाइफ

battery drain faster in hot weather summer know reason and solutions

स्मार्टफोन में आज 4,000 और 5,000 एमएएच तक की बैटरी का उपयोग किया जा रहा है बावजूद इसके स्मार्टफोन एक पूरा दिन बैटरी बैकअप देने में सक्षम नहीं होते हैं। आज फोन में उच्च रेजल्यूशन वाले स्क्रीन का उपयोग किया जाता है, इसके अलावा उच्चे मेगापिक्सल का कैमरे का उपयोग होता है और हाई ग्राफिक्स वाले गेम खेलते हैं। इसके अलावा ऐप्स नोटिफिकेशन ब्राउजिंग भी भारी मात्रा में बैटरी का उपयोग करते हैं। यही वजह होती है कि स्मार्टफोन का बैटरी बैकअप एक पूरा दिन निकाल नहीं पाता। परंतु कुछ ट्रिक्स हैं जिनके माध्यम से आप अपने फोन के बैटरी बैकअप को काफी बेहतर कर सकते हैं। सबसे खास बात यह कही जा सकती है कि इसके लिए आपको लंबा चौड़ा प्रोसेस करने की जरूरत नहीं है बल्कि सेटिंग में थोड़े बदलाव कर ही आप अपने बैटरी बैकअप को बढ़ा सकते हैं। आगे हमनें ऐसे ही 5 बेहतरीन तरीक सुझाए हैं।

आॅटो ऐप्स क्लोज और ऐप्स लिमिट
फोन में ज्यादा बैटरी खपत होने का सबसे बड़ा कारण बैकग्राउंड में रन कर रहे ऐप्स होते हैं। ऐसे में जरूरी है कि इन ऐप्स को आप सही तरह से मैनेज करें। आज सैमसंग, आॅनर और शाओमी सहित कई फोन में बैटरी मैनेजमेंट में ऐप को नियंत्रित करने का विकल्प होता है। जहां आप तय कर सकते हैं कि फोन लॉक होने के बाद सभी ऐप्स बंद हो जाएं। इसके अलावा बैटरी सेवर भी आपकी मदद करेगा। वैसे तो 15 फीसदी बैटरी शेष रहने पर यह खुद ही आॅन हो जाता है लेकिन आप इसे हमेशा के लिए भी आॅन करके छोड़ दें तो बेहतर है।
smartphone-apps
यदि आपके फोन में स्क्रीन लॉक में ऐप्स क्लोज का विकल्प नहीं है तो आप बैकग्राउंड ऐप्स लिमिट का सहारा ले सकते हैं। एंडरॉयड ओरियो में यह सेटिंग बाहर में ही है लेकिन पुराने फोन में आप इसे डेवलपर्स मोड से उपयोग कर सकते हैं। आप सेट कर सकते हैं कि एक बार में कितने ऐप खुले रह सकेंगे।

आपका एंडरॉयड फोन कर रहा है लैग तो इस तरह कर सकते हैं उसे ठीक

विलेन ऐप्स
यदि आप अपने फोन में तेजी से बैटरी खपत से परेशान हैं तो सबसे पहले नजर ऐप्स पर डालें। उन विलेन ऐप्स को देखें जो ज्यादा बैटरी खपत कर रहे हैं। फोन की सेटिंग में जाकर बैटरी के अंदर बैटरी मैनेजमेंट से आपको ​यह विकल्प मिलेगा। बैटरी यूसेज में जाएंगे तो आपको पता चल जाएगा कि कौन से ऐप कितनी बैटरी की खपत कर सकते हैं। आप उन ऐप्स को डि​लीट कर सकते हैं जो बेवजह पड़े हुए बैटरी चूस रहे हैं। कई फोन में बैटरी सेक्शन के अंदर आपको पावर इंटेंसिव मोड दिखाई देगा उनसे भी विजेन ऐप्स की पहचान कर सकते हैं।

जानें कैसे करें खराब माइक्रोएसडी कार्ड को खुद से रिपेयर

बैटरी आॅप्टिमाइज
यह बात गूगल भी जानता है​ कि एंडरॉयड यूजर बैटरी खपत से परेशान रहते हैं। यही वजह है कि हर अपडेट में कंपनी बैटरी से जुड़े कुछ फीचर्स की जानकारी देती है। ऐसा ही एक फीचर है बैटरी आॅप्टिमाइज़ेशन। इसमें आप ऐप को काफी हद तक रिस्ट्रिक्ट कर सकते हैं अर्थात बांध सकते हैं। यदि आप बैटरी आॅप्टिमाइजेशन में किसी ऐप का चुनाव करते हैं तो वह मोबाइल डाटा और डाटा सिंक को काफी हद तक बंद कर देता है। इससे काफी हद तक बैटरी बच जाती है। इसमें आप उन ऐप्स को रिस्ट्रिक्ट कर सकते हैं जो जरूरी हैं लेकिन ज्यादा बैटरी खपत करते हैं।
gionee-a1-battery
लॉक स्क्रीन नोटिफिकेशन करें डिसेबल
भले ही आपके फोन का स्क्रीन लॉक होता है लेकिन ​नोटिफिकेशन आॅन होने से भी काफी मात्रा में वह बैटरी की खपत करता है। ऐसे में आप लॉक स्क्रीन नोटिफिकेशन को आॅफ कर दें तो ज्यादा बेहतर है। यह आपको सेटिंग के अंदर नोटिफिकेशन में मिलेगा।

क्या आप जानते हैं एंडरॉयड फोन में क्या है डेवलपर्स मोड और क्यों जरूरी है इसे आॅन करना

लो रेजल्यूशन डिसप्ले
जैसे ​कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि आज फोन में हाई रेजल्यूशन के डिसप्ले का उपयोग होता है जो काफी बैटरी खपत करते हैं। ऐसे में आप कोशिश करें कि अपने फोन के ब्राइटनेस को मैनुअल पर रखें और इंडोर के दौरान बिलकुल कम कर रखें। वहीं कई फोन में बैटरी सेक्शन के अंदर स्क्रीन रेजल्यूशन को लो पर रखने का विकल्प होता है और इससे भी बैटरी बैकअप काफी बेहतर हो जाता है।