क्या 4G SIM पर मिलेगी 5G सर्विस, या नया SIM खरीदना होगा

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Jio, AIrtel और VI ने अपनी 5G सर्विस को लेकर घोषणाएं कर दी हैं। अगले महीने अक्टूबर से यह सर्विस भारत में दस्तक दे देगी। इसके बाद हाई स्पीड इंटरनेट मिलना शुरू हो जाएगा। हालांकि प्राइस को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। किसी का कहना है कि प्राइस सस्ता होगा कुछ लोग महंगे प्राइस की बात कर रहे हैं। परंतु इन्हीं कयासों के बीच एक और सवाल हमारे पास है और वह है कि क्या 4G SIM पर ही 5G सर्विस दी जाएगी या फिर नया SIM लेना होगा? जब यह सवाल हमारे पास आया तो हमने इस पर काफी पड़ताल किया और जो जवाब मिले हैं वे चौंकाने वाले हैं। जब भी कोई नई सर्विस लॉन्च होती है तो कंपनियां नया SIM लेने के लिए सुचित करती हैं परंतु वास्तविकता क्या है यह आप इस आर्टिकल में पढ़ सकते हैं।

2G के बाद 3G के लिए भी जारी किए गए नए SIM

4G सिम पर 5G सर्विस मिलेगी या नहीं इस बारे में जानने के लिए थोड़ा मोबाइल जगत का इतिहास जानना होगा। भारत में मोबाइल सर्विस 2G के साथ शुरू हुई थी। परंतु 2008 में MTNL ने 3G के साथ भारत में आगाज किया। इसके बाद BSNL की 3G सर्विस आई और 2011 में स्पेक्ट्रम नीलामी के बाद प्राइवेट ऑपरेटरों ने अपनी 3G सेवा शुरू की। जिसमें Airtel, Vodafone और IDEA सहित कई कंपनियां थी। परंतु देखने वाली बात यह थी कि जब सर्विस शुरू हुई तो नेटवर्क ऑपरेटर ने यूजर्स को 3G सेवा के लिए नई SIM लेने के लिए सूचित किया। पुराने SIM पर यह सर्विस नहीं दी गई। इसे भी पढ़ें: Jio को टक्कर देने Airtel 5G Service इसी महीने होगी लॉन्च, जानें बैंड, सिम और प्लान की पूरी जानकारी

3G के बाद 4G में भी हुई यही बात

वहीं 3G के बाद जब 4G सर्विस आई और Airtel, Vodafone और Idea जैसी कंपनियों ने जब अपनी सेवाएं शुरू की तो उस वक्त भी यूजर्स को नया सिम लेने को कहा। पुराने सिम पर यह सर्विस नहीं दी गई। इसमें Jio का जिक्र नहीं करेंगे। क्योंकि Jio की सर्विस ही 4जी के साथ शुरू हुई थी और इसके लिए नया सिम लेना जरूरी था। अब बारी है 5जी सर्विस की और फिर से सवाल वही है कि क्या 4G सिम पर 5G सर्विस दी जाएगी या फिर नया SIM लेना होगा?

क्या 4G सिम पर ही दी जाएगी 4G सर्विस

इस सवाल का जब हमने जवाब जब हमें मिला तो बड़ा ही चौंकाने वाला था। आपको स्पष्ट रूप से बता दूं कि 5G सर्विस के लिए नए सिम की जरूरत नहीं है। 4G सिम पर भी 5G सर्विस दी जा सकती है। परंतु यह ऑपरेटर पर निर्भर करेगा कि वह यूजर्स को इसी सिम पर नई सर्विस मुहैया कराता है या फिर नया सिम लेने के लिए दबाव डालता है। इसे भी पढ़ें: 5G Spectrum Auction Update : 5जी पावर बनने से बस एक कदम दूर इंडिया
इस बारे में हमारी बात भारत के मशहूर मोबाइल इंजीनियर अर्शदीप सिंह निप्पी जी से हुई और उन्होंने बताया कि “4G सिम पर 5G सर्विस दी जा सकती है यदि सिम फ्युचर रेडी हो। इसके लिए नई सिम की जरूरत नहीं होगी। यदि सिम फ्यूचर रेडी नहीं भी है तो ऑपरेटर्स ओटीए अपडेट दे कर 4G सिम को 5G के लिए अपग्रेड कर सकते हैं।”

उन्होंने आगे बहुत ही मजेदार जानकारी दी। उनका कहना है कि “सिम कुछ भी नहीं होता है। वह तो सिर्फ आपका आईडेंटिटी नंबर यानी कि ऑपरेटर के पास आपका पहचान नंबर है। सिम की अपनी कोई तकनीक नहीं होती है। यदि सिम में ही 3G, 4G या 5G की तकनीक होती तो बिना सिम वाले फोन कैसे काम कर रहे हैं।  आपने भी देखा होगा कि भारत में  कई फोन में e-SIM की सर्विस है और वे अच्छे से काम कर रहे हैं। ई-सिम वाले फोन 2G, 3G, 4G और 5G हर तरह के नेटवर्क पर काम कर रहे हैं। आप बता सकते हैं कैसे। वास्तव में सिम सिर्फ आईडेंटिटी नंबर है और नेटवर्क सपोर्ट फोन में होता है। इसलिए 4G क्या 3G सिम पर भी 5G सर्विस काम कर सकती है।’’

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उन्होंने आगे बताया कि “पहले सिम के साथ सिम टूलकिट पेश किया जाता था जिससे कि उसे कोई भी नेटवर्क पर अपग्रेड किया जा सकें। परंतु सिक्योरिटी को देखते हुए उसे हटा दिया गया है। बावजूद इसके यदि ऑपरेटर चाहें तो 2G, 2G, 4G या 5G कोई भी सर्विस सिम पर दी जा सकती है बिना उसे बदले। हां! सिर्फ फोन में नेटवर्क बैंड सपोर्ट होना जरूरी है।”

क्या है ऑपरेटर की नियत

अर्शदीप सिंह की बातों से एक बात तो पता चलता है कि 4G सिम पर आराम से 5G सर्विस दी जा सकती है। परंतु यह ऑपरेटर्स की नियत पर निर्भर करता है कि वे क्या चाहते हैं। अब तक उन्होंने यूजर्स को सिर्फ अंधेरे में रखा है।  क्योंकि आपने भी देखा होगा कि Apple iPhone और Samsung सहित कई दूसरी कंपनियों के फोन में e-SIM की सर्विस है और वे अच्छे से काम कर रहे हैं। बिना सिम के भी वे फोन 2G, 3G, 4G और 5G हर तरह के नेटवर्क सपोर्ट कर रहे हैं फिर भी हर बार नेटवर्क अपग्रेड के बाद यूजर्स से नई सिम लेने के लिए क्यों कहा जाता है।

उसके पीछे कारण साफ है, पैसा बनाना। यदि एक यूजर से सिम के नाम पर 25 रुपये भी लिए जा रहे हैं तो फिर आप सोच सकते हैं जिसके पास 30 करोड़ और 40 करोड़ यूजर्स हैं वे एक बार में कितना पैसा बना सकता है जबकि समय और पैसा तो यूजर का खराब होगा ऑपरेटर्स का नहीं। उन्हें तो मुनाफा ही होता है।

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