5G Spectrum Auction Update : 5जी पावर बनने से बस एक कदम दूर इंडिया

5G Service रोलआउट से पहले 5G Spectrum Auction में क्या खास होने वाला है उसका ब्यौरा दिया है।

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26 जुलाई 2022 यानी कल का दिन भारतीय इतिहास से बड़े दिनों में से एक साबित होने वाला है। कल से इंडिया में 5G Spectrum Auction यानी 5जी स्पेक्ट्रम की निलामी शुरू हो जाएगी। भारत में 5G Service शुरू किए जाने की राह में यह बेहद बड़ा कदम है। Department Of Telecommunication यानी दूरसंचार विभाग Pre-Qualified Bidders list जारी कर ​दी है जिसमें उन सभी टेलीकॉम और टेक ग्रुप्स के नाम शामिल हैं जो इस 5जी निलामी में बोली लगाएंगे। 5G in India का सपना अब जल्द ही पूरा होने वाला है और आगे हमने 5G Network रोलआउट से पहले 5जी स्पेक्ट्रम ऑक्शन में क्या खास होने वाला है उसका ब्यौरा दिया है।

5G Spectrum Auction Update

DoT द्वारा जारी प्री-क्वालीफाइड बिडर्स की लिस्ट में शामिल टेलीकॉम ऑपरेटर्स की बात सबसे पहले करें तो प्राप्त जानकारी अनुसार निलामी में भाग लेने के लिए Reliance Jio ने 14,000 करोड़ रुपये का बयाना दिया है। गौरतलब है कि हर कंपनी को Spectrum Auction में हिस्सा लेने के लिए Earnest Money Deposit के रूप में कुछ रकम दूरसंचार विभाग के पास जमा करानी होती और इसके बाद ही वह निलामी में अपनी बोली लगा सकते हैं। इसी के लिए जिओ ने 14 हजार करोड़ की बयाना रकम दी है।

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Earnest Money Deposit के लिए Bharti Airtel ने 5500 करोड़ रुपये DoT के पास जमा कराये हैं। एयरटेल के साथ ही Vodafone Idea ने भी 5G Spectrum Auction में अपनी प्रबल दावेदारी पेश की है। वीआई ने 5जी स्पेक्ट्रम निलामी में भाग लेने के लिए 2200 करोड़ रुपये की बयाना राशि जमा कराई है। Adani Group भी इस निलामी में अपनी स​क्रियता दिखा रहा है और अडानी समूह की टेलीकॉम कंपनी Adani Data Networks ने 100 करोड़ रुपये की बयाना राशि दी है।

बिकेंगे 4.3 लाख करोड़ रुपये के 5G Spectrum

1 करोड़ में कितनी ​जीरो होती हैं? जिनती भी होती है उसे 4,30,000 के आगे लगा दीजिए। जी हॉं, इतने रुपये की वैल्यू रखने वाले 5जी स्पैक्ट्रम की नीलामी होने जा रही है! पूरे 4.3 लाख करोड़ रुपये। कल यानी 26 जुलाई से शुरू होने वाले 5G Spectrum Auction में केंद्र सरकार 4.3 लाख करोड़ रुपये के कुल 72 गीगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम निलाम होंगे जिनके लिए दिग्गज कंपनियां अपनी अपनी बोली लगाएगी। बता दें कि स्पेक्ट्रम पाने वाली कंपनियां यह पैसा 20 किश्तों में चुका सकेगी। चर्चा है कि 5जी स्पेक्ट्रम ऑक्शन के ​बाद भारत सरकार को तकरीबन 80,000 से 1 लाख करोड़ रुपये तक का राजस्व प्राप्त हो सकता है।

5G Spectrum Auction approved by india Cabinet 5g services to be rolls out soon

20 साल के लिए आवंटित होंगे 5जी स्पेक्ट्रम

26 जुलाई से शुरू होने वाली निलामी में 5जी स्पेक्ट्रम अगले 20 साल के लिए आवंटित किए जाएंगे। यानी जो भी कंपनी 5जी स्पेक्ट्रम निलामी में हासिल करेंगी वह अगले 20 साल तक उनपर अपना मालिकाना हक रख पाएगी। ये स्पेक्ट्रम साल 2042 तक उन कंपिनयों के पास रहेंगे। 20 साल के लिए 72097.85 MHz spectrum नीलामी होंगे। इस ऑक्शन में 600 MHz, 700 MHz, 800 MHz, 900 MHz, 1800 MHz, 2100 MHz तथा 2300 MHz फ्रीक्वेंसी वाले लो बैंड्स, 3300 MHz मिड फ्रीक्वेंसी बैंड्स तथा 26 GHz High frequency bands शामिल रहेंगे।

jio is in talks with nokia and Ericsson for 5g network rollout in india

सबका नंबर आएगा!

निलामी में आमतौर पर ऐसा होता है कि जो सबसे ज्यादा बड़ी बोली लगाता है निलाम हो रहा सामान उसका हो जाता है तथा बाकी लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। लेकिन 5G Spectrum Auction में इस बार ऐसा नहीं है। केबिनेट की ओर से हर एक टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर को 250 MHz E-band वाले 2 कैरियर अलॉट कराए जाने की बात कही गई है। हालांकि ये कैरियर अस्थायी रूप से ही उन कंपनियों को मिलेंगे। सरकार का मानना है कि ऐसा ऐसा करने से बाजार में बढ़ने वाली 5जी सर्विस, नेटवर्क व इंटरनेट की डिमांड को पूरा करने में आसानी होगी। यह भी पढ़ें : 5G पर मिलेगी 3G सर्विस! धीमे नेटवर्क से परेशान यूजर्स कर रहे हैं ऐसे कमेंट

5G Network in India

5G Spectrum Auction पब्लिक और इंटरप्राइज़ेज दोनों को मुहैया कराए जाएंगे। स्पेक्ट्रम निलामी में इस बार सिर्फ Jio, airtel और vi टेलीकॉम कंपनियां ही शामिल नहीं होगी बल्कि इनके साथ Goolge, TCS, Cisco, Adani, Ericsson, Nokia, Sony, Amazon और Meta जैसी दिग्गज़ कंपनियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। आपको बता दें कि जिओ, एयरटेल और वीआई जैसी कंपनियां चाहती हैं कि सिर्फ टेलीकॉम कंपनियां ही अपने नेटवर्क से 5जी सर्विस उपलब्ध कराएं और इसीलिए Private 5G networks में टेक कंपनियों की भागीदारी इन्हें खल भी रही है।

5g spectrum auction delayed in india again on private networks issue

आपको पता होना चाहिए कि 5G सिर्फ मोबाइल व इंटरनेट तक ही सीमित नहीं रहने वाला है बल्कि IoT, LAN और बिजनेस नेटवर्क भी पूरी तरह से इस 5जी के जाल में बांधे जाएंगे। Mobile SIM पर जो 5G चलेगा वह जहां पूरी तरह से दूरसंचार कंपनियों का होगा वहीं दूसरी टेक कंपनियां Private Network Solution प्रदान करेगी। इनमें Airports, Ports, Power Transmission, Hospitals, Malls, College, Educational departments और Factory इत्यादि भी शामिल रहेंगे।

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