64GB मैमोरी भी पड़ेगी कम, 2021 में फोन खरीदारी से पहले जरूर पढ़ें ये खबर

64gb storage phone is not enough Average Smartphone NAND Flash Capacity Crossed 100GB in 2020

वो वक्त आपको याद है जब मोबाइल फोन में गाने सुनने के लिए दुकान पर जाकर मैमोरी कार्ड के गानें भरवाएं जाते थे ? किसी दोस्त के पास कम्प्यूटर होता था तो उसके घर पर बैठक जमती थी ? तकनीक ने तेजी से तरक्की की और आज सबसे हाथ में स्मार्टफोन है। फोन में गाने या वीडियो स्टोर करने की जरूरत ही नहीं सब ऑनलाईन देखा जाता है। पहले जहां 4 जीबी का कार्ड बहुत बड़ी चीज मानी जाती थी वहीं अब स्मार्टफोन में 64 जीबी स्टोरेज आम हो चुकी है। मोबाइल फोन के सबसे छोटे मॉडल को 64 जीबी इंटरनल स्टोरेज के साथ लॉन्च किया जाता है जिनकी कीमत भी कम होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि बेहद जल्द स्मार्टफोन की यह 64 जीबी मैमोरी भी कम पड़ने वाली है ? इसकी वजह हम आगे विस्तार में बताएंगे लेकिन अभी के लिए इतना समझ लीजिए कि यदि आप 64 जीबी इंटरनल स्टोरेज वाला फोन खरीदने की सोच रहे हैं तो आगे चलकर मुसीबत में पड़ने वाले हैं।

कहां यूज़ होती है फोन की स्टोरेज

शुरूआत से बात करें तो किसी भी मोबाइल फोन में इंटरनल स्टोरेज कहां-कहां काम आती है यह जानना जरूरी है। स्मार्टफोन को चलाने लिए उसमें ऑपरेटिंग सिस्टम का होना जरूरी है, और बस यहीं ये शुरू हो जाती है स्टोरेज की खपत हर इस वक्त एंडरॉयड 11 सबसे लेटेस्ट ओएस है और इसकी फाईल को भी फोन में डाउनलोड और इंस्टाल करने के लिए इंटरनल स्टोरेज की जरूरत पड़ती है। इसके बाद आजकल हर ब्रांड अपना खुद का यूजर इंटरफेस बनाकर ला रहा है जो उनके फोन को अन्यों से अलग करता है। इस यूआई के लिए फोन में फोन मैमोरी का यूज़ जरूरी है। इसी तरह फोन में ऐप इंस्टाल से लेकर उनके यूज़ और कैमरा का काम सब चीज में फोन स्टोरेज का यूज़ होता है।

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कैसे कम पड़ेगी 64GB स्टोरेज

प्रसिद्ध रिसर्च फर्म काउंटरप्वाइंट के हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट शेयर की है जिसके हिसाब से बीत साल यानि 2020 में एंडरॉयड स्मार्टफोंस में औसतन स्टोरेज कैपेसिटी 100जीबी का आंकड़ा पार कर चुकी है। यानि एक मोबाइल यूजर औसत तौर पर 100 जीबी से ज्यादा का डाटा फोन में स्टोर कर लेता है। वहीं इस साल के अंत तक यह स्टोरेज कैपेसिटी और अधिक बढ़ने वाली है। रिपोर्ट के हिसाब से आने वाले वक्त में स्मार्टफोंस में 64 जीबी वेरिएंट यूज़ के लिहाज से कम पड़ सकते हैं और उनकी स्टोरेज कैपेसिटी स्मार्टफोन यूज़ के आगे छोटी साबित हो सकती है। यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में हो सकता है कि स्मार्टफोंस में 64 जीबी स्टोरेज वेरिएंट देखने को ही न मिले। यह भी पढ़ें : Facebook Data Leak: करोड़ों के साथ हुआ धोका

क्यों भर जाती है इतनी मैमोरी

1. कैमरे का कसूर

आज लो बजट वाले स्मार्टफोंस में भी 48 मेगापिक्सल प्राइमरी सेंसर वाले मोबाइल फोन आने लगे हैं और इस वक्त स्मार्टफोन मार्केट में ऐसे डिवाईसेज की तादाद सबसे ज्यादा नज़र आती है। बड़े सेंसर्स के खींची जाने वाली फोटोग्राफ और बनाई जाने वाली वीडियोज़ की फाईल भी अधिक साईज़ की बनती है। आप अपने फोन में चैक करेंगे तो एक सिंपल फोटो का साईज़ अमूमन 3एमबी से 6एमबी तक का होता है। इसी तरह वीडियो और स्लो-मोशन या टाईम-लैप्स जैसे फीचर भी बड़े साईज की फाईल बनाते हैं। वहीं यदि फुलएचडी से अधिक या 4के क्वॉलिटी की वीडियो बनाने की कोशिश करें तो आसानी से 1जीबी तक की स्टोरेज भर जाएगी।

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2. गेमिंग का शौक

PUBG और Asphalt रेसिंग जैसे गेम्स का शौक भी फोन की स्टोरेज पर भारी पड़ता है। यदि आपने भी इस तरह के गेम्स मोबाइल में खेलें है तो आप अच्छे से जानते हैं कि इस गेम्स की फाईल 2जीबी की स्टोरेज घेर लेती है। इसी तरह मोबाइल गेम्स के इंस्टाल साईज से लेकर उन्हें खेलने के दौरान बनने वाली प्रोग्रेस रिपोर्ट भी फोन मैमोरी में अपनी अच्छी खासी जगह बना लेती है। ऐसे गेम्स की फाईल भी फोन स्टोरेज के भरने का एक बड़ा कारण है। यह भी पढ़ें : क्या होता है Android ‘Go’ और नॉर्मल एंडरॉयड ओएस से कितना है अलग, जानें फुल डिटेल

3. ऐप्स की डिमांड

एक ऐवरेज स्मार्टफोन यूजर के फोन में डिजीटल वॉलेट, मोबाइल गेम, वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और इंस्टेंट मैसेंजिंग ऐप होती ही है। कुछ मुख्य उदाहरण दें तो इनमें व्हाट्सऐप, फेसबुक, यूट्यूब, पेटीएम से लेकर वूट-हॉटस्टार जैसी ऐप्स और कई तरह से मोबाइल गेम शामिल होते हैं। ये अलग अलग तरह की ऐप्स नए फीचर या बग फिक्सिंग के नाम पर समय-समय पर नई अपडेट जारी करती है जिन्हें देर सवेर लोगों द्वारा इंस्टाल कर ही लिया जाता है। ये नई अपडेट्स भी अक्सर विभिन्न साईज़ में आती हैं और फोन की स्टोरेज में अपनी जगह बनाती है। कई ऐप्स को डिवाईस ऐक्सेस की जितनी ज्यादा परमिशन मिलती है उनकी फाईल साईज़ में भी वृद्धि होती जाती है।

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4. प्री-इंस्टाल्ड सर्विस

नया फोन लेकर जब अच्छे से जीमेल वगैरह सेटअप कर लेंते हैं और अपनी पसंद की ऐप्स फोन में डाउनलोड करके एक्टिव कर लेते हैं तो कुछ ऐसी ऐप्स व सर्विसेज भी नज़र आती हैं जो हमनें फोन में इंस्टाल की ही नहीं। ये ऐप्स फोन में प्री-इंस्टाल्ड रहती है। इन ऐप्स के साथ ही स्मार्टफोन यूज एक्सपीरियंस को आर्कषक बनाने के लिए मोबाइल ब्रांड्स की एआई सर्विस भी फोन में इंस्टाल रहती है जो कई कामों को शार्टकट में बदलती है तथा फीचर्स को नेविगेट करती है। इस तरह की सर्विसेज भी फोन स्टोरेज भरने का काम करती है।  यह भी पढ़ें : Android फोन की 5 शानदार बातें, जो महंगे iPhone में भी नहीं

स्मार्टफोन में वर्तमान नहीं भविष्य देखें

यह लाईन सुनने में थोड़ी अटपटी लग सकती है लेकिन यहां इस पंक्ति का मतलब है कि अपना मोबाइल फोन आपको मौजूदा यूज़ को देखकर नहीं बल्कि आगे आने वाले कार्यों के हिसाब से ही चुनें। स्टोरेज की ही बात पर रहे हैं तो उपर बताए गए प्वाइंट्स बेहद तेजी से आपके मोबाइल फोन की मैमोरी को भरते हैं। ऐसे में काउंटरप्वाइंट की रिपोर्ट काफी हद तक सचेत कर देती है कि आने वाले दिनों में 64 जीबी इंटरनल स्टोरेज वाले फोंस की मैमोरी यूजर्स के यूज़ के हिसाब से कम पड़ सकती है। लिहाजा 128 जीबी इंटरनल स्टोरेज वाले फोन या फिर माइक्रोएसडी कार्ड सपोर्ट करने वाले फोन को चुनना बेहतर है।

हम चाहते हैं कि एक बार आप भी अपने फोन में यह चैक करें और बताएं कि आपके फोन में सबसे ज्यादा स्टोरेज कौन सी ऐप यूज़ करती है और यह स्टोरेज कितने जीबी की है।
मेरे फोन में सबसे ज्यादा स्टोरेज ‘फोटोज़‘ ने घेरी है जिसका साईज़ है 22.69GB

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