बस इंडिया में आने ही वाला है 5G से 50 गुना तेज 6G नेटवर्क, फिर बदल जाएगा इंटरनेट का बाजार!

LG Successfully Transfers Data on 6G THz Band Development of 6G Communication Technology

5G का इंतजार कर रहे लोगों के लिए कुछ समय पहले एक खबर सामने आई थी, जिसमें बताया गया था कि 5G के लिए अभी 6 महीने का और इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 5G ट्रायल काफी जोरों-शोरों से कर रही हैं। वहीं, अब इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सबको चौंका दिया है। दरअसल,
सरकार ने देश में मोबाइल के 6G नेटवर्क के ट्रायल की तैयारी भी शुरू कर दी है। इस बात की जानकारी और किसी ने नहीं बल्कि खुद संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी है। अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि भारत स्वदेश में विकसित 6जी तकनीक की दिशा में काम कर रहा है, जिसका लक्ष्य 2023 के अंत तक या 2024 की शुरुआत में इसे लॉन्च करना है।

6G

फाइनेंशियल टाइम्स और द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित ऑनलाइन, एजेंडा-सेटिंग वेबिनार की सीरीज, ‘न्यू टेक्नोलॉजी एंड द ग्रीन इकोनॉमी: टू ट्रेंड्स शेपिंग ए न्यू इंडिया?’ पर बोलते हुए, वैष्णव ने कहा कि 6G की आवश्यक अनुमति पहले ही दी जा चुकी है और इस समय टेक्नोलॉजी पर वैज्ञानिक और इंजीनियर काम कर रहे हैं।

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इसके अलावा अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 6जी के अलावा, स्वदेशी 5जी का भी शुभारंभ हो रहा है, अगले साल की तीसरी तिमाही तक टेक्नोलॉजी के लिए एक प्रमुख सॉफ्टवेयर के विकास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी भी कैलेंडर वर्ष 2022 की दूसरी तिमाही में होने की संभावना है।

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इससे पहले संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि 5जी स्पेक्ट्रम की नीलामी अगले साल अप्रैल-मई के आसपास हो सकती है। इससे पहले ऐसी खबर सामने आई थीं कि भारत में केंद्र सरकार 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी नवंबर 2021 में होगी। लेकिन, कुछ समय पहले बताया गया था कि 2022 की पहली तिमाही में 5G स्‍पेक्‍ट्रम की नीलामी की जा सकती है।

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LG ने किया 6G ट्रायल

बता दें कि कुछ समय पहले एलजी और फ्रौनहोफर-गेसेलशॉफ्ट का एक संयुक्त प्रयास जर्मनी के बर्लिन शहर में आयोजित किया गया था। इस टेस्ट के दौरान 6G तकनीक पर डाटा का ट्रांसफर Fraunhofer Heinrich Hertz Institute (HHI) से लेकर Berlin Institute of Technology के बीच किया गया था। यह दूरी तकरीबन 100 मीटर की थी और इसमें डाटा का भेजना और रिसीव करना दोनों टेस्ट सफल रहे हैं। यह टेस्ट किसी लैब के अंदर नहीं बल्कि बाहर खुले में किया गया था।

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