परफेक्ट सेल्फी फोन की खरीदारी से पहले इन 8 बातों का रखें ख्याल

स्मार्टफोन के रियर कैमरे से फोटो लेना आज पुरानी बात हो गई है। आज हम सेल्फी युग में जी रहे हैं। फोन में आज बेहतर सेल्फी कैमरा न हो तो शायद लोग उसे खरीदे भी नहीं। यदि आप भी स्मार्टफोन खरीदारी का मन बना रहे हैं और चाहते हैं कि उसका सेल्फी कैमरा बेहद शानदार हो तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

ज़्यादा मेगा​पिक्सल जरूरी है लेकिन सबसे जरूरी नहीं
ज़्यादातर लोगों का मानना है कि जितने ज़्यादा मेगापिक्सल का कैमरा होगा उतनी ही अच्छी क्वालिटी होगी लेकिन ऐसा नहीं है। परफेक्ट पिक्चर के लिए मेगापिक्सल ही सब कुछ नहीं होता। ​किसी भी फोटो को जितनी ज़्यादा रेज्यूलेशन पर क्लिक किया जाता है वह उतना ही अच्छा होता है। हाईअर रेज्यूलेशन पर खींची गई फोटो ज़्यादा पिक्सल व ​डिटेल कैप्चर करती है, जो बाद में फोटो एडिट तथा क्रोप करने पर फोटो की क्वालिटी बरकरार रखने में सहायक होती है। तो यह कहा जा सकता है कि परफेक्ट पिक्चर के लिए हाई मेगापिक्सल नहीं बल्कि हाई रेज्यूलेशन होना आवश्यक है।
oppo-f1s-daboo-ratnani-selfie-6-1024x973_thumb-megapixels

पिक्सल साईज़ देखना भी है जरूरी
किसी भी परफेक्ट सेल्फी के लिए दूसरा जरूरी फैक्टर माना गया है पिक्सल साईज़ को। अर्थात पिक्सल का साइज जितना बड़ा होगा फोटोग्राफी के दौरान वह उतनी ही रोशनी कैप्चर करेगा और बेहतर तस्वीर लेने में मददगार होगा। बड़ा पिक्सल साईज कम रोशनी में भी आपको बेहतर व स्पष्ट फोटो खींचने में मददगार होगा। सेल्फी के दौरान पिक्सल साइज आपके लिए सबसे ज्यादा मददगार होगा। क्योंकि अक्सर लोग लो लाइट कंडिशन में जैसे शादी, पार्टी और मॉल में सेल्फी लेते नजर आते हैं जहां रोशनी बहुत अच्छी नहीं होती। इन मौकों पर भी बेहतर रेजल्यूशन की मदद से परफेक्ट सेल्फी ली जा सकती है।

वाईड एंगल लेंस का करें चुनाव
आज ज़्यादातर स्मार्टफोन्स के फ्रंट कैमरे वाईड एंगल लेंस से लैस होते हैं। वाईड एंगल लेंस होने से न सिर्फ सेल्फी लेना आसान होता है बल्कि सेल्फी की हर तस्वीर में बैकग्राउंड भी दिखा सकते हैं। वहीं यह कोई कहने वाली बात ही नहीं है कि वाईड एंगल लेंस से ग्रुप सेल्फी लेना भी आसान होता है। वाईड एंगल लेंस में फिल्ड आॅफ व्यू बड़ा हो जाता है जिससे ज़्यादा से ज़्यादा आब्जेक्ट्स को फ्रैम में कैद किया जा सकता है। अगर हो सके तो परफेक्ट सेल्फी फोन के लिए आप वाईड अपर्चर (एफ/2.0 अपर्चर एफ/2.2 से बड़ा है) का चुनाव करें। इसमें कैमरे के अंदर ज्यादा रोशनी जाएगी और फोन की पिक्चर क्वालिटी बेहतर होगी।
oppo-f1s-daboo-ratnani-selfie-7_thumb_thumb-wide-angle

लो लाइट में फ्लैश होगा मददगार
आज लगभग हर मोबाइल निर्माता फोन के फ्रंट कैमरे के साथ अलग-अलग तरह की तकनीक का उपयोग करते हैं जिससे कि लो लाइट में भी फोन का कैमरा बेहतर पिक्चर क्वालिटी दे सके। कुछ कंपनियां स्क्रीन फ्लैश फीचर का उपयोग करती हैं। इसमें सेल्फी के दौरान फोन की स्क्रीन काफी तेज चमकती है अर्थात स्क्रीन अपने पूरे ब्राईटनेस का उपयोग करती है। यदि नजदीक से आप सेल्फी ले रहे हैं तो चेहरे पर थोड़ी रोशनी आती है इससे सेल्फी बेहतर हो जाती है। वहीं दूसरी ओर कई निर्माता फोन में फ्रंट फ्लैश का उपयोग करते हैं। ये दोनों तकनीक आपको बेहतर सेल्फी लेने में मदद करते हैं। यदि आप अपने लिये नए फोन की तैयारी कर रहे हैं तो सेल्फी के इन तकनीक पर जरूर ध्यान रखें।

कैमरा ऐप तथा ​अन्य फ़ीचर्स
किसी भी स्मार्टफोन कैमरे की बेहतर परफार्मेंस का श्रेय उसके सॉफ्टवेयर को जाता है। कैमरा सॉफ्टवेयर जितना बेहतर होगा पिक्चर उतनी ही अच्छी होगी। आज कैमरे के साथ लाईव फिल्टर, एक्सट्रा कंट्रोल ओवर ब्राइटनेस और कॉन्ट्रास्ट सहित कुछ अन्य सेटिंग्स हो तो बेहतर कहे जाएंगे। सेल्फी के दौरान ये फ़ीचर चेहरे पर चमक लाएंगे। जिन्हें आप इनहांस भी कह सकते हैं। यहां पर ओपो स्मार्टफोन का जिक्र करना बेहद जरूरी है। सबसे पहले इसी कंपनी ने अपने फोन में ब्यूटीफाई मोड फीचर को पेश किया था। वहीं अब ओपो के नए फोन में ब्यूटीफाई मोड 4.0 है जो पहले की अपेक्षा काफी बेहतर हो गया है। आपो एफ1एस में कंपनी ने ब्यूटीफाई मोड के तहत अलग—अलग 7 लेवल पेश किए हैं जो नेचुरल और काफी सुंदर हैं।
oppo-f1s-camera-app-ui-12_thumb_thumb-camera-app

सॉफ्टवेयर प्रोसेसिंग का भी रखें ख्याल
हालांकि सॉफ्टवेयर का आशय अब तक सिर्फ स्मार्टफोन के आॅपरेटिंग सिस्टम से लगाया जाता है लेकिन फोटोग्राफी के दौरान भी यह बेहद उपयोगी होता है। लोग अक्सर सॉफ्टवेयर प्रोसेसिंग पर ध्यान नहीं देते क्यों​कि यह एक बैकग्राउंड प्रोसेस है और स्पेक्सशीट में भी इसका जिक्र नहीं होता है। पंरतु जब पिक्चर क्लिक करते हैं और जो परिणाम आपको मिलता है उसमें सॉफ्टवेयर की भूमिका भी अहम होती है। इसलिए समान मेगापिक्सल और सेंसर होने के बावजूद अलग—अगल कंपनियों के फोन की पिक्चर क्वालिटी में अंतर होता है।
एनालॉग सूचना को कैमरा सेंसर के माध्यम से डिजिटल आउपुट में बदलने और फिर उसे तस्वीर में ढ़ालने के लिए एक अच्छे एल्गोरिदम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए यदि आप कोई कैमरा फोन लेने का मन बना रहे हैं तो फोन का कैमरा सैंपल जरूर देखें। यह आपको एक अच्छा कैमरा फोन चुनने में मदद करेगा।
oppo-f1s-camera-app-ui-14_thumb-1-software

हाथ हिलने पर भी अच्छी तस्वीर लेने में मदद करेगा इमेज स्टेबलाइजेशन
एक स्लीम और छोटे से फोन से जब आप तस्वीर लेते हैं तो अक्सर हाथ हिलने का डर होता है। हाथ ​हिलने के कारण पिक्चर ब्लर हो जाती है। सेल्फी के दौरान यह ज़्यादा देखा जाता है। ऐसे में आपने सुना होगा कि कई फोन कंपनियां कैमरे के साथ आॅप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन फ़ीचर पेश कर रही हैं। कुछ ने तो सेल्फी कैमरे के साथ भी इस फ़ीचर को पेश किया है। एचटीसी 10 में ओआईएस फ्रंट कैमरे के साथ भी उपलब्ध है। हालांकि कुछ फोन निर्माताओं ने इसे और भी बेहतर तरीके से पेश किया है जहां आप सिर्फ वाइस कमांड से फोटो ले सकते हैं। इसे वाइस जेस्चर कहा जाता है। इसमें आप पिक्चर लेने के लिए उं​गली का उपयोग नहीं करते सिर्फ बोलकर ही फोटो ले सक​ते हैं ऐसे में हाथ कम हिलता है।

हार्डवेयर को भी न करें अनदेखा
बेहतर सेल्फी फोन लेने के चक्कर में कई लोग सिर्फ फ्रंट कैमरे का मेगापिक्सल देखकर ही फोन की खरीदारी कर लेते हैं और फोन के दूसरे हार्डवेयर के बारे में नहीं जांचते। जबकि यह मालूम होना चाहिए कि बेहतर हार्डवेयर के बदौलत ही आप अच्छी तस्वीर ले सकते हैं। जैस— यदि आपने कोई तस्वरी ली है तो एक अच्छी स्क्रीन पर ही उसे पूरे अहसास के साथ देखा जा सकता है। यदि फोन डिसप्ले चमकदार और स्पष्ट हो तो पिक्चर भी निखर कर आऐगी। फोन का ताकतवर प्रोसेसर और रैम फोन की शटर स्पीड को तेज करने और तेजी से फोटो प्रोसेसिंग में सहायक होंगे।

हां, याद रहे कि इस दौरान इंटरनल मैमोरी की अनदेखी भी आपको नहीं करनी चाहिए। क्यों​कि बड़ी मैमोरी में ही आप निश्चिंत होकर फोटोग्राफी कर सकते हैं। यहां एक और बात ध्यान देने वाली है यदि आपका फोन एक सिंगल चार्ज में पूरा दिन निकालने में सक्षम नहीं है तो फिर ​सेल्फी क्वालिटी और फोन परफॉर्मेंस धरा का धरा रह जाता है। ऐसे में फोन की खरीदारी से पहले बैटरी पर नजर डालना भी जरूरी है।

ऐसे में कहा जा सकता है कि यदि आप एक बेहतर सेल्फी फोन की तलाश में हैं तो उपर दिए गए सभी आठ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इसके माध्यम से आप बेहतर और शानदार सेल्फी ले सकते हैं। बाजार में उपलब्ध सभी सेल्फी फोन पर आप नजर डालते हैं तो किसी में ज्यादा मेगापिक्सल का कैमरा है तो व्हाइड एंगल नहीं। किसी में दोनों है तो स्पेसिफिकेशन कम है। हालांकि कुछ फोन है जो इन सभी जरूरतों को पूरी करते हैं।

इनमें से ही एक नाम है ओपो एफ1एस का। इसे बाजार में उपलब्ध सबसे बेहतरीन सेल्फी फोन में से एक कहा जा सकता है।