कैसे हुई मोबाइल फोन में कैमरे की शुरूआत और कब कब बदली तकनीक, क्या आपने पढ़ी यह कैमरे की कहानी ?

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आज जब भी नया स्मार्टफोन खरीदने जाते हैं तो तमाम स्पेसिफिकेशन्स के बीच फोन के कैमरा सेग्मेंट पर खास ध्यान दिया जाता है। और ऐसा करें भी क्यों ना, जब पता है कि फोन का सबसे ज्यादा यूज़ तो हम पार्टी व पिकनिक की फोटो लेकर और कूल व क्यूट सेल्फी क्लिक कर फेसबुक-इंस्टाग्राम पर डालने में ही करते हैं। आज 108 मेगापिक्सल तक के कैमरा सेंसर्स की शुरूआत हो चुकी है। स्मार्टफोंस में क्वॉड रियर कैमरा से लेकर 48 मेगापिक्सल कैमरा सेंसर और पंच-होल डिसप्ले वाले सेल्फी कैमरा सेंसर आम हो चुके हैं। लेकिन क्या आपने सोचा है आज तमाम आर्कषक फिल्टर्स, हाई मेगापिक्सल और नई कैमरा टेक्नोलॉजी वाले ये स्मार्टफोन्स इतनी एडवांस स्टेज तक कैसे पहॅुंचे। आज हम आपको मोबाईल फोन के कैमरे से जुड़ी कुछ ऐसी ही रोचक बातें बताने जा रहे हैं:

पहला कैमरा फोन

जून 2000 में सैमसंग ने पहला ऐसा मोबाईल फोन पेश किया था, जिसमें फोटोग्राफी के लिए कैमरा दिया गया था। यह एक फ्लिप फोन था जिसे एससीएच-वी200 मॉडल नंबर के साथ विश्व के सामनें लाया गया। इस फोन का कैमरा 0.35-मेगापिक्सल का था। लेकिन इस फोन की सबसे बड़ी खामी यह थी कि फोन में फोटो खींचने के बाद उसे यूज़ करने के लिए कम्प्यूटर से कनेक्ट करना पड़ता था।

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नवंबर 2000 में जापानी कंपनी शार्प जे-एसएच04 मोबाईल फोन लेकर आई। इस फोन में 0.11-मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया था। शार्प के इस फोन में सैमसंग की गलती को सीखते हुए ऐसी तकनीक का यूज़ किया गया, जिससे लोग फोन में ही फोटो को देखकर उसका यूज़ कर सकते थे। इस वजह के चलते मोबाईल जगत की कई बड़ी हस्तियों ने जे-एसएच04 को ही फर्स्ट रियर कैमरा फोन माना है।

पहला फ्लैश वाला कैमरा फोन

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साल 2002 के नंवबर माह में दूसरी जापान कंपनी सान्यो ने एससीपी-5300 मोबाईल फोन पेश किया। यह पहला ऐसा फोन था जिसमें बेसिक फ्लैश दी गई थी। सिर्फ इतना ही नहीं इस फोन से डिजीटल ज़ूम, फोटो फिल्टर इफेक्ट, सेल्फ टाईमर और वाईट बैलेंस जैसे फीचर्स ने भी नई राह पकड़ी।
यह वो समय था जब अमेरिका में ‘डीवीडी प्लेअर्स’ लोगों के लिए गर्म मुद्दा बने हुए थे। सान्यो एससीपी-5300 मोबाईल फोन ने एक साल में ही डीवीडी प्लेअर्स के बड़े बाजार को टक्कर देनी शुरू कर दी थी। उस वक्त इस फोन की कीमत 400 यूएस डॉलर थी।

पहला HD Camera फोन

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जुलाई 2004 में पीएम8920 मोबाईल फोन यूएस में आया जो 1280 x 960 पिक्सल रेज्ल्यूशन पर फोटो क्लिक करता था। इस दौर में मोबाईल फोन से खींची फोटो का प्रिंट आउट लिया जाने लगा था। एक रिपोर्ट के अनुसार 2004 के 9 महीनों में पूरे विश्व में जितने मोबाईल फोन बिके उनमें 50 प्रतिशत से ज्यादा कैमरे वाले फोन थे।
यही वो समय था जब नोकिया का परचम मोबाईल जगत में लहराने लगा था।

पहला फ्रंट कैमरे वाला फोन

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सोनी ने मोबाईल कैमरा को नया ट्रेंड देते हुए जुलाई 2004 में एरिक्सन ज़ेड1010 मोबाईल का पेश किया। यह विश्व का पहला ऐसा फोन था जो फ्रंट कैमरे से लैस था। इस फोन में 0.3-मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया था।

Selfie के लिए नहीं बना था फ्रंट कैमरा

आज फ्रंट कैमरे को सेल्फी कैमरा भी कहा जाता है। कहना भी ठीक है क्यूंकि फ्रंट कैमरे का सबसे ज्यादा यूज़ तो सेल्फी क्लिक करने के लिए ही होता है। लेकिन आपको जानकार आश्चर्य होगा कि मोबाईल फोन में फ्रंट कैमरे की शुरूआत सिर्फ ऑफिस या मीटिंग के दौरान वीडियो कॉफ्रेसिंग के लिए हुई थी। ताकि एक मीटिंग के लिए कम्प्यूटर और स्काईप पर डिपेंड न होना पड़े। उस वक्त तो किसी को यह ख्याल भी नहीं था कि आने वाले वक्त में ‘सेल्फी’ शब्द ही एक ट्रेंड बन जाएगा।

पहली सेल्फी

अगर आपको कहे कि विश्व की पहली सेल्फी किसी ने जानबूझ कर नहीं बल्कि अंजाने में ही बना दी तो क्या आप यकिन कर पाएंगे ? रिपोर्ट्स बताती है कि पहली सेल्फी आस्ट्रेलिया के एक स्टूडेंट ने अपने 21वें जन्मदिन पर पोस्ट की थी, और वही भी नशे की हालत में।
वाक्या कुछ ऐसा था कि इंटरनेट पर ‘Hopey’ नाम रखे इस लड़के के होठों पर टांकें लगे थे। और इसने सिर्फ यह पूछने के लिए अपनी खुद की फोटो खींच कर सोशल प्लेटफार्म पर डाल दी, कि क्या बार-बार जीभ को टांकों पर लगाने से वह जल्दी घुल जाएंगे। बस तब से शुरू हो गया सेल्फी का खेल।

पहला Dual Camera फोन

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फोन में दो कैमरा सेंसर देने की शुरूआत एलजी और एचटीसी ने की थी। साल 2011 की फरवरी में जहां एलजी ने ऑप्टिमस 3डी पेश किया था वहीं मार्च में एचटीसी ने इवो 3डी लॉन्च किया।
उस समय डुअल कैमरा मुख्यतौर पर 3डी फोटो व वीडियो को कैप्चर करने के लिए ही पेश किया गया था।

पहला Dual Front Camera फोन

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दो सेल्फी कैमरों से लैस फोन लाने की उपलब्धि लेनोवो के नाम है। 2015 में बर्लिन में आयोजित हुए आईएफए ईवेंट के दौरान लेनोवो ने विश्व का पहला डुअल फ्रंट कैमरे वाला फोन वाइब एस1 पेश किया था।
इस फोन में 8-मेगापिक्सल और 2-मेगापिक्सल के दो फ्रंट कैमरा दिए गए थे जो डेप्थ ऑफ फिल्ड इफेक्ट बनाते थे।