एप्पल-सैमसंग पर लगा 126 करोड़ का जुर्माना, पूरा मामला जान कर हो जाएंगे हैरान

विश्व की सबसे बड़ी टेक व मोबाईल कंपनियों का नाम पूछा जाए तो इसमें एप्पल और सैमसंग सबसे आगे होंगे। इन दोनों कंपनियों ने स्मार्टफोन बाजार में उच्च दर्जे की पॉजिशन पाई हुई है। कई सालों से अपने प्रोडक्ट्स व तकनीक को पेश करने वाली एप्पल और सैमसंग ने पूरे विश्व सहित इंडिया में भी नाम और इज्जत कमाई है। लेकिन हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एप्पल और सैमसंग की प्रतिष्ठा पर गहरा दाग लगाया है। इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया है कि एप्पल पर करीब 84 करोड़ तथा सैमसंग पर करीब 57 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लग गया है।

दरअसल यह बात पिछले हफ्ते की है जब यकायक इंटरनेशनल मीडिया में खबर सामने आई कि विश्व की दो सबसे नामी मोबाइल कंपनियों एप्पल और सैमसंग पर अनुचित व्यवहार व ग्राहकों को हानि पहुॅंचाने के आरोप में उन पर जुर्माना लगाया गया है। कंपनियों के खिलाफ लगे आरोपों को सि​द्ध करते हुए एंटी-ट्रस्ट अथॉरिटी एजीसीएम ने एप्पल पर 1.15 करोड़ डॉलर तथा सैमसंग पर 57 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया है जो इंडियन करंसी अनुसार 84 करोड़ और 42 करोड़ रुपये के करीब है।

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क्या है मामला
एप्पल और सैमसंग पर अपने स्मार्टफोंस को स्लो यानि धीमा करने का आरोप लगा है। आरोप था कि एप्पल और सैमसंग ने अपने नए स्मार्टफोंस को लॉन्च करने से पहले अपने पुराने आईफोंस व स्मार्टफोंस में कुछ अपडेट जारी किए। और अपडेट्स को फोन में इंस्टाल करने पर उनकी प्रोसेसिंग धीमी हो गई। एप्पल और सैमसंग पर आरोप है कि अपने नए स्मार्टफोन की बिक्री बढ़ाने के लिए ये कंपनियां अपने पुराने हैंडसेट्स पर नित नए अपडेट्स भेजकर उन्हें यूजर्स से छिपा कर पूरी प्लानिंग के साथ तरीके से धीमा कर रही थी।

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एप्पल व सैमसंग पर यह आरोप इटली में लगा है। इटली की एंटी-ट्रस्ट अथॉरिटी एजीसीएम ने दो जांचों के बाद इस आरोप का सही ठहराया है। एजीसीएम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एप्पल व सैमसंग ने अपने फोन यूजर्स को कंपनी के पुराने फोन पर सॉफ्टवेयर अपडेट भेजकर उन्हें इंस्टॉल करने के लिए प्रोत्साहित किया है। इनमें कुछ अपडेट्स ऐसी भी थी जिन्हें कंपनी के डिवाइस पूरी तरह से सपोर्ट नहीं करते थे। इस प्रक्रिया में दोनों ही कंपनियों ने अपने यूजर्स को सही व पूर्ण सूचना नहीं दी और न ही ऐसा कोई आॅप्शन छोड़ा जिसमें समस्या पैदा करने वाली अपडेट को हटाया जा सके।

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एजीसीएम ने फैसला सुनाते हुए कहा है कि ऑपरेटिंग सिस्टम अपडेट के कारण फोन की प्रोसेसिंग और फंक्शनिंग में समस्या पैदा हुई और तथ अपडेट को इंस्टाल करने से फोन की स्पीड भी स्लो हुई है। और पुराने फोन धीमे हो जाने पर एप्पल व सैमसंग ने यूजर्स को अपने नए लॉन्च हुए आईफोन व स्मार्टफोन से रिप्लेस करने के लिए भी उकसाया है। गौरतलब है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी स्मार्टफोन ब्रांड पर इस तरह के आरोप सिद्ध हुए हों।

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बहरहाल इटली के इस मामले ने इंडियन स्मार्टफोन यूजर्स को भी चौंका दिया है। यह खबर सामने आने के बाद एप्पल आईफोन यूजर व सैमसंग स्मार्टफोन यूजर्स के साथ ही अन्य ग्राहक भी इस चिंता में है कि क्या उनके फोन ब्रांड द्वारा दी जा रही ओएस व अन्य अपडेट उनके डिवाईस के लिए ठीक है भी या नहीं। या फिर कहीं नए व एडवांस के चक्कर में उन्हें अपने फिट और सही चल रहे स्मार्टफोन से भी न हाथ धोना पड़ जाए।