चाइल्ड पोर्नोग्राफी में भारत सबसे आगे, हर 1 सेकेंड में 380 भारतीय देखते हैं ऐसे कंटेंट

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हाल ही में सीबीआई ने भारत में चल रहे पोर्नोग्राफी के गोरखधंधे पर चौंकाने वाली रिपोर्ट पेश की है। यह रिपोर्ट सच में शर्मसार करने वाली है। सिर्फ देश ही नहीं बल्कि विश्व में आपको नज़रे नीची करने पर मजबूर कर सकती है। सीबीआई ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी रैकेट के मामले पर खुलासा किया है। सीबीआई ने बताया है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में भारत सबसे बड़े कंज्यूमर और डिस्ट्रिब्यूटर्स बन रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरे विश्व में इस तरह के एडल्ट कंटेट व्हाट्सऐप पर एक सीक्रेट ग्रुप के ​जरिये शेयर किए जा रहे हैं। इस व्हाट्सऐप ग्रुप में 40 विभिन्न देशों के 200 से ज्यादा सदस्य शामिल हैं और इन लोगों में सबसे ज्यादा भारतीय ही हैं।

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक चाइल्ड पोर्नोग्राफी में भारत पाक्स्तिान और अमेरिका से भी आगे है। सामनें आए व्हाट्सऐप ग्रुप में 200 से ज्यादा लोग है और इनमें भारतीयों की संख्या 60 से अधिक है।

भारत में हर सेकंड 380 लोग खोज रहे हैं एडल्ट कंटेंट
तमाम रिसर्च और इस मामले से जुड़ी खोजबीन के बात अनुमान लगाया गया है कि देश में हर सेकेंड औसतन 380 भारतीय अपने मोबाईल या लैपटॉप पर एडल्ट कंटेंट सर्च करते हैं।

हैरानी की बात यह है कि यह कंडिशन उस वक्त है जब भारत सरकार देश में सैकड़ों की संख्या में पोर्न व एडल्ट वेबसाइट ब्लॉक कर चुकी है।

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साइबर वर्ल्ड पर नज़र रखे एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत में 40 मिनट में एक एडल्ट वीडियो बनाई जाती है।

एडल्ट कंटेंट विभिन्न सोशल प्लेटफार्म से इंटरनेट पर अपलोड करने में केरल जहां सबसे उपर है। वहीं इस तरह के कंटेंट देखने वाले राज्यों में हरियाणा का नाम टॉप पर आता है।

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शर्मनाक यह है कि देश में जो एडल्ट व पोर्न कंटेंट में सबसे ज्यादा इंटरनेट पर अपलोड किए जाते हैं, उनमें ‘चाइल्ड’ तथा ‘टीन’ यानि किशोरों से जुड़े कंटेंट टॉप पर है।

रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हर रोज़ 35 से 40 ​प्रतिशत पोर्न व एडल्ट कंटेंट डाउनलोड किया जाता है। और इस कंटेंट की मात्रा हजारों टेराबाइट्स में होती है।

भारत के छोटे शहरों में ऐसे एडल्ट व पोर्न कंटेंट सबसे ज्यादा शूट किए जाते हैं। और इनका सबसे ज्यादा शिकार स्कूली छात्र होते हैं।

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आपको बता दें कि बच्चों से जुड़े अश्लील व अभद्र कंटेंट यानि फोटो व वीडियो देखना तक कानूनी जुर्म है। इसके साथ ही ऐसे कंटेंट अपने पास रखना, उन्हें बनाना या रिकॉर्ड करना, किसी के सा​थ शेयर करना और इंटरनेट पर अपलोड करना आईटी एक्ट, 2000 की धारा 67बी के तहत संगीन अपराधों के अंतर्गत आता है।
इस तरह के किसी भी मामलें का दोषी पाए जाने पर 7 साल तक के लिए सजा का प्रावधान है और साथ ही 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।