इंटरनेट पर सोनी, स्टार और ज़ी को पीछे छोड़ेगा दूरदर्शन, देख भाई देख और कई सीरीयल्स ऑनलाइल प्लेटफॉर्म देंगे दस्तक

इंटरनेट और केबल (डीटीएच) के आने से पहले टीवी पर सिर्फ दूरदर्शन का ही राज़ था। 90 के दशक के लोगों को ही पता होगा कि दूरदर्शन का कितना महत्व था। लेकिन, इस युग में जीने वाली पीढ़ी को दूरदर्शन का असली मतलब नहीं जानती होगी।

साल 1959 में पर दूरदर्शन की स्थापना हुई थी। वहीं, अब 59 साल बाद ऐसा लग रहा है कि दूरदर्शन पर आने वाले यादगार शो की फिर वापसी हो सकती है। दूरदर्शन ने ‘हम लोग’ के बाद एक से एक यादगार सीरियल दर्शकों को दिए। इसमें बुनियाद, कथा सागर, एक कहानी, ये जो है जिंदगी, वागले की दुनिया, मालगुडी डेज, करमचंद, खानदान, भारत एक खोज, कहां गए वो लोग, चुनौती, श्रीकांत, कर्मभूमि, अड़ोस-पड़ोस, कक्काजी कहीन, मिर्जा ग़ालिब, नुक्कड़, तमस, उड़ान, जीवन रेखा, रजनी, और चंद्रकांता जैसे सीरीयल शामिल हैं।

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ओवर-द एयर (ओटीटी) प्लेटफॉर्म की मदद से इन सीरीयल को देखा जा सकेगा। दूरदर्शन अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म को बनाने की योजना बना रही है। इससे वह अपने कंटेंट को दुनिया भर के लिए उपलब्ध करा सकेगी। प्रसार भारती और दूरदर्शन के सीईओ सुप्रिया साहु ने आईएएनएस को इस बारे में जानकारी दी है कि वह अपने दर्शकों के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को पेश कर सकती है।

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उन्होंने कहा “हमारे पास काफी कंटेंट है और भारत में कई लोग हमारे सीरीयल्स को देखते हुए बड़े हुए हैं। इसलिए हम यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस तरह का प्लेटफॉर्म इस्तेमाल कर दर्शकों को फायदा पहुंचाया जा सकता है। कई मायनों में आज टीवी का छोटा पर्दा भारतीय सिनेमा के बड़े पर्दे से भी आगे निकल चुका है। आज देश में दूरदर्शन के 23 चैनल्स हैं।

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