बहुत तेजी से घूमने लगी है पृथ्वी, 24 घंटे से पहले ही पूरा कर लिया अपना चक्कर! क्या यह है बड़े विनाश का संकेत?

    Earth experience the shortest day on 29 july 2022 in its history has it completed its rotation in less than 24 Hours

    जितने रहस्य हमारी पृथ्वी की गोद में छिपे हैं उससे कई गुणा अधिक रहस्यमी यह ब्रह्मांड है। अनंत आकाश की गहराई में क्या बसा है कोई नहीं जानता और वैज्ञानिक लगातार कुछ नया पाने की आस में अपनी खोजबीन जारी रखे हुए हैं। अगर आपसे पूछा जाए कि धरती सूरज का एक चक्कर कितने समय में पूरा करती है तो आप चुटकियों में जवाब दे देंगे कि 24 घंटे में। लेकिन मैं अगर कहूं कि नहीं आप गलत हैं तो? जी हॉं, धरती ने सूरज का एक चक्कर 24 घंटे से कम समय में 1.59 milliseconds पहले ही पूरा कर लिया है और इसे Shortest Day on Earth कहा जा रहा है। यह विचित्र घटना 29 July को हुई है जिसे Earth’s Fastest Spin माना गया है।

    एक दिन में 24 घंटे ही होते हैं तथा इसी समय के दौरान हमें सुबह, दोपहर, शाम और रात देखने को मिलती है। आप सब जानते ही होंगे कि जब पृथ्वी अपने एक्सिस पर एक रोटेशन पूरी कर लेती है तब अगले दिन की शुरूआत होती और इसमें धरती को पूरे 24 घंटे का समय लगता है। लेकिन हाल ही में हुई एक अजीबोगरीब खौगोलिक घटना ने पूरी दुनिया को चौका दिया है। पृथ्वी ने सूरज का एक चक्कर 24 घंटे से पहले ही पूरा कर लिया है। वैज्ञानिकों ने इसे एक धुरी पर हुई Earth’s fastest rotation माना है तथा यह घटना इतिहास में पहली बार घटित हुई है।

    Earth experience the shortest day on 29 july 2022 in its history has it completed its rotation in less than 24 Hours

    पृथ्वी का सबसे छोटा दिन (Earth’s Shortest Day)

    29 जुलाई का दिन मानव इतिहास के सबसे रोचक, रहस्मयी और यादगार दिनों में से एक बन गया है। इसे Earth’s Shortest Day यानी धरती का सबसे छोटा दिन कहा गया है। पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमते हुए एक चक्कर 24 घंटे में पूरा करती है जिसमें 86,400 सेकंड दर्ज होते हैं। लेकिन जुलाई की 29 तारीख को धरती ने यह चक्कर 1.59 मिलीसेकंड पहले ही पूरा कर लिया है। वैज्ञानिकों से इसे Earth’s fastest rotation on its axis करार दिया है। यह भी पढ़ें: Aliens दे चुके हैं धरती पर दस्तक, 8 जुलाई को हुआ था UFO Crash! देखें मरे परग्रही की रहस्यमयी फोटोज़

    मानवजाति के लिए खतरनाक?

    दुनिया के तमाम बड़े वैज्ञानिक पृथ्वी की गति बढ़ने के कारणों का पता लगा रहे हैं। 29 जुलाई को धरती अपनी औसत गति से अधिक तेज घूमी हैं और यह मानवजाति के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। हमारा ग्रह ऐसा क्यों कर रहा है, इसका अभी तक कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है, लेकिन अगर ऐसा होने से नहीं रूका तो आने वाले भविष्य में भूकंप, सुनामी और भयंकर जलवायु परिवर्तन जैसी खतरनाक परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

    पहले भी बढ़ी है पृथ्वी की गति

    प्राप्त जानकारी अनुसार गत 29 जुलाई 2022 से पहले भी पृथ्वी अपनी धुरी का चक्कर 24 घंटे से पहले ही पूरा कर चुकी है। यह घटना 19 जुलाई 2020 को हुई थी जब धरती ने 24 घंटे से 1.47 मिलीसेकंड पहले ही अपना एक चक्कर पूरा कर लिया था।

    Earth experience the shortest day on 29 july 2022 in its history has it completed its rotation in less than 24 Hours

    तकनीक के लिए बड़ी चुनौती

    कई वैज्ञानिकों ने इसे ‘Chandler wobble’ दोष भी बताया है। लेकिन यह Time Jump परमाणु घड़ी, स्मार्टफोंस, कम्प्यूटर्स और संचार तंत्र व सेटेलाइट्स पर नेगेटिव इफेक्ट डाल सकता है। घड़ी का वक्त 23:59:59 के बाद रिसेट होता है और 00:00:00 पर आता है लेकिन अगर पृथ्वी बार-बार ऐसे ही अपनी गति बढ़ाते हुए तेजी से चक्कर पूरा करेगी तो निगेटिव लीप सेकेंड की समस्या खड़ी हो सकती है। वैज्ञानिकों के अनुसार इस टाइप जंप से तमाम कंप्यूटर्स व उपकरणों का डाटा नष्ट हो सकता हैं

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