यूजर्स आसानी से बदल पाएंगे फ़ोन और लैपटॉप की बैटरी, नए नियम के बारे में जानें सबकुछ

    यूरोपियन यूनियन में जल्द ही नया क़ानून बनाने वाला है, जिसके तहत कंपनियों को फ़ोन और लैपटॉप जैसे बैटरी वाले डिवाइसेस में आसानी से रिमूव होने वाली बैटरी देना आवश्यक है।यहां हम आपको इस क़ानून के बारे में डिटेल से जानकारी दे रहे हैं।

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    Highlights
    • यूरोपीय संघ के नए कानून के तहत कंपनियों को रिमूवेबल बैटरी देनी होगी।
    • अभी ज़्यादातर कंपनियां इन-बिल्ट बैटरी वाले फ़ोन लैपटॉप बना रही हैं।
    • रिमूवेबल बैटरी वाले डिज़ाइन से फ़ोन की डिज़ाइन और क्वालिटी प्रभावित होगी।

    यूरोपीय संघ (European Union) जल्द ही स्मार्टफोन यूजर्स के लिए एक महत्वपूर्ण कानून पारित करने जा रहा है। इससे पहले भी यूरोपियन यूनियन (ईयू) सभी फोन के लिए एक जैसा चार्जिंग पोर्ट को लेकर कानून पारित कर चुका है। इसके तहत यूरोप के देशों में बिकने वाले सभी स्मार्टफोन में एक जैसा यूएसबी टाइप-सी पोर्ट देना अनिवार्य होगा। यह नियम Apple को भी मानना होगा। इसके साथ ईयू चाहता है कि स्मार्टफोन कंपनियां थर्ड पार्टी ऐप स्टोर को भी अनुमति देनी चाहिए। इसके साथ ही अब ईयू एक कानून बनाना चाहता है कि कंपनियां स्मार्टफोन, लैपटॉप जैसे डिवाइसेस में रिमूवेबल बैटरी देंगी।

    आसान होगा फ़ोन की बैटरी बदलना

    ईयू के नए क़ानून के तहत कंपनियों को अपने डिवाइसेस में आसानी से बदलने वाली बैटरी देना होगा। यह कुछ ऐसा होना चाहिए कि डिवाइस के पिछले कवर को हटाकर बैटरी रिमूव की जा सकती है। कुछ साल पहले तक इसी तरह के फ़ोन आते थे। अब ऐसे फ़ोन और लैपटॉप बनाए जाते हैं जिनसे यूज़र्स ख़ुद बैटरी बदल नहीं सकते हैं। यानी बैटरी से जुड़ी किसी तरह की समस्या पर यूज़र्स को सर्विस सेंटर पर जाना होता है और इसका खर्च बहुत ज़्यादा आता है।

    देनी होगी बैटरी की जानकारी

    जानकारी के मुताबिक़, बैटरियों में जल्द ही लेबल और क्यूआर कोड होगा, जिसमें कंज्यूमर को बैटरी से संबंधित जानकारी मिलेगी। इसमें बैटरी कैपेसिटी, परफ़ॉर्मेंस, ड्यूरेबिलिटी, कैमिकल कंपोजिशन की जानकारी होगी। ईयू का यह नया क़ानून सभी तरह की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइससे की बैटरी, ऑटोमोटिव बैटरी, इंडस्ट्रियल बैटरी, इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी के लिए लागू होगा। ईयू कंपनियों को इस क़ानून को लागू करने के लिए कुछ समय देगा।

    यूज़र्स को बड़े फ़ायदे

    इस नियम के चलते यूजर्स को बैटरी रिप्लेसमेंट में पहले के मुक़ाबले कम रुपये खर्च करने होंगे। इसके साथ यूज़र्स अपने फ़ोन की बैटरी रिप्लेस करके पुराने फ़ोन को फिर से इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे ई-वेस्ट में भी कमी आएगी। यह भी पढ़ें : 6,999 रुपये में भारतीय कंपनी ने लॉन्च किया दमदार स्मार्टफोन, चाइनीज ब्रांड का होगा डब्बा गोल

    कंपनियों की बढ़ेगी परेशानी

    ईयू के इस क़ानून के चलते कंपनियों की परेशानी बढ़ सकती है। इसके साथ ही फ़ोन का डिज़ाइन और क्वालिटी भी पहले जैसी नहीं रह जाएगी। रिमूवेबल बैटरी डिज़ाइन के चलते फ़ोन वाटरप्रूफ़ नहीं होंगे। इसके साथ ही फोल्डेबल फ़ोन के साथ रिमूवेबल बैटरी देना कंपनियों के लिए काफी जटिल होगा। इसके साथ ही एक बार फिर से भारी और मोटो स्मार्टफ़ोन का दौर वापस आ सकता है।

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