जानें गूगल का नया ट्रांसलेशन टूल क्यों होगा गेम चेंजर साबित

प्रमुख टेक्नोलॉजी कपंनी गूगल ने आज भारत में नए ट्रांसलेशन टूल को लॉन्च किया है जो बेहद ही कमाल का है। नया ट्रांसलेशन टूल एंडरॉयड फोन के साथ गूगल क्रोम ब्राउजर और मैप को भी सपोर्ट करने में सक्षम है। हालांकि आप अब तक यही सोच रहे होंगे कि यह इस ट्रांसलेशन में क्या ऐसा नया है जिसे गेम चेंजर कहा जा रहा है। पहले भी तो ट्रांसलेशन होता था तो चलिए आपको बताते हैं क्यों होगा यह खास।

1. ​हरेक वेबसाइट को पढ़ें अपनी भाषा में
अब आप किसी भी वेबसाइट भले ही वह अंग्रेजी में हो या फिर जापानी में आप उसे बस एक क्लिक से अपनी क्षेत्रीय भाषा में पढ़ सकते हैं। जैसा पहले 91मोबाइल्स हिंदी को हिंदी में ही और 91मोबाइल्स इंग्लिश को इंग्लिश में ही पढ़ा जा सकता था लेकिन अब यह नया टूल आपको ब्राउजर में ही ट्रांसलेशन का विकल्प देगा। एक क्लिक से ही पूरी वेबसाइट ही ट्रांसलेट हो जाएगी। वहीं गूगल मैप और एंडरॉयड फोन में भी यह समान रूप से कार्य करेगा।

girl-with-phone-indian-2

2. पहले से ज्यादा स​टीक
गूगल ट्रांसलेशन को लेकर लोग अक्सर शिकायत करते थे कि शब्दों के ट्रांसलेशन में यह ठीक है लेकिन लंबे वाक्य बनाने में गलत होता है। वहीं कंपनी ने अब इसे न्यूरल मशीन ट्रांसलेशन तकनीक से लैस किया है जो पहले की अपेक्षा ज्यदा बेहतर कार्य करेगा। इस तकनीक के जरिये न सिर्फ अपनी राजभाषा में अपने स्मार्टफोन को कमांड दे पाएंगे बल्कि सिर्फ एक क्लिक से ही किसी भी कंटेंट को अपनी भाषा में ट्रांसलेट कर पाएंगे। पहले जहां गूगल ट्रांसलेशन में शब्दो के हिसाब से अनुवाद होता था, वहीं अब गूगल की इस नई तकनीक के बाद गूगल साफ्टवेयर लिखी गई भाषा को समझकर संपूर्ण पंक्ति का अनुवाद करेगा। और इस बार गूगल की ओर अनुवाद की एक्यूरेसी का पूरा ख्याल रखा जाएगा।

3. टाइपिंग होगी फास्ट
पहले फोन में जेस्चर कीबोर्ड का उपयोग सिर्फ इं​ग्लिश कीबोर्ड के साथ ही किया जा सकता था लेकिन अब आप हिंदी समेत बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगू, गुजराती, पंजाबी, मलयालम और कन्नड़ में भी इसका उपयोग कर सकते हैं।

4. सजेशन होंगे ज्यादा
टाइपिंग के सबसे आपके पास सजेस्ट की वर्ड भी पहले से ज्यादा और बेहतर होंगे।

google-search-new-1

5. कई भाषाओं का सपोर्ट
गूगल की यह तकनीक हिंदी समेत बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगू, गुजराती, पंजाबी, मलयालम और कन्नड़ भाषा का अनुवाद अंग्रेजी में कर सकेगी तथा अंग्रेजी को इन भाषाओं में ट्रांसलेट कर सकेगी।

भारत में लगभग 20 फीसदी आबादी ही ​इंग्लिश समझती है जबकि 80 फीसदी आबादी को क्षेत्रीय भाषाओं पर निर्भर रहना होता था। ऐसे में जब कुल वेब कंटेंट का 50 फीसदी से भी ज्यादा कंटेंट सिर्फ अग्रेजी में भाषा में उपलब्ध है तो गूगल के नए अपडेट के बाद अब सभी वेब उपभोक्ता आसानी से सभी कंटेंट का लाभ उठा सकेंगे।