मोबाइल रिटेलर्स को मिली साल की सबसे बड़ी खुशखबरी, ऑनलाइन रिटेलर्स के लिए सरकार ने किए नियम सख्त

best tips and tricks for online shopping on amazon flipkart

भारत में डेढ़ लाख से भी ज्यादा ऑफलाइन मोबाइल रिटेलर्स हैं। इन्हीं के बलबूते भारतीय मोबाइल इंडस्ट्रीज आज विश्व का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। परंतु ऑनलाइन स्टोर की बढ़ती लोकप्रियता और डिस्काउंट व ऑफर्स की वजह से पिछले कुछ सालों से ऑफलाइन रिटेलर्स को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन 2018 के अंत में उनके लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आ गई है।

ऐसा लगता है सरकार ने उन्हें नए साल का तोहफा दे दिया है। केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नए नियम लागू किए हैं। इस नए नियम का असर अमेजन इंडिया, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसी कई ई-कॉमर्स कंपनियों पर पड़ेगा। सरकार के इस नियम के बाद ई-कॉमर्स कंपनियों पर मिलने वाली एक्स्क्लूसिव डील, कैशबैक और भारी डिस्काउंट नहीं मिलेगा।

सरकार के इस कदम से ऑफलाइन रिटेलर्स को काफी फायदा मिलने वाला है। अगर बात करें स्मार्टफोन्स की तो अब यह ऑनलाइन एक्सक्लूसिव न होकर ऑफलाइन भी बेचे जा सकेंगे, जिससे नए साल में ऑफलाइन रिटेलर्स की सेल में इजाफा होगा। काफी समय से ऑफलाइन रिटेलर्स इन ई-कॉमर्स कंपनियों के काम करने के तरीके से परेशान थे।

यही है ऑनर फोन के खरीदारी का सही मौका, मिल रही है 3,000 रुपये तक की छूट
इस नए नियम के अनुसार ई-कॉमर्स साइट पर कोई एक वेंडर कितना सामान बेच सकता है इसकी भी एक लिमिट होगी। लिमिट के अनुसार ही वेंड अपने सामान को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेच सकेगा। सरकार के इस नए नियम के बाद उम्मीद ई-कॉमर्स साइट पर किसी प्रकार के कैशबैक, एक्सक्लूसिव सेल का आयोजन नहीं किया जा सकेगा। सरकार की मंशा है कि वह इस नए नियम से ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स और ऑनलाइन स्टोर्स के बीच मौजूद पक्षपात को खत्म कर सके।

भारत में जल्द लॉन्च होगा 48-मेगापिक्सल कैमरे वाला ऑनर वी20, इसमें है 3डी कैमरा
इस नए नियम में बिजनस-टु-बिजनस ई-कॉमर्स में केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत एफडीआई की मंजूरी दी है। रिपोर्ट्स के अनुसार नए नियम 1 फरवरी 2019 से लागू होंगे। वहीं, सामने आई जानकारी के अनुसार सरकार एक अलग ई-कॉमर्स पॉलिसी पर भी काम कर रही है, जिसके लिए फिलहाल बातचीत हो रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक सरकारी वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इस कदम से ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा कीमतों को प्रभावित करने पर पूरी तरह से लगाम लगेगी। इससे ई-कॉमर्स कंपनियों के मामले में एफडीआई दिशानिर्देशों का बेहतर क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होगा।’’ नियम के अनुसार कोई भी वेंडर 25 प्रतिशत उत्पादों को ही किसी एक ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिये बेच सकेगा।