इस तरह करेंगे स्मार्टफोन का उपयोग तो नहीं पड़ेगे बीमार

मोबाइल आज लत नहीं जरूरत है। हर काम इसी पर निर्भर हो गया है। फोन कॉल तो आम बात है। ईमेल, वीडियोज, चैटिंग और सोशल नेटवर्किंग के लिए आप लगातार फोन पर लगे होते हैं। फीचर फोन का तो लोग फिर भी कम उपयोग करते थे लेकिन स्मार्टफोन आने के बाद तो लोग हर मिनट फोन पर ही लगे होते हैं। सिर नीचे झुकाकर बस स्क्रीन को देखते रहते हैं या फिर कुछ पढ़ते रहते हैं। परंतु जानते हैं फोन देखने का यह तरीका कितना नुकसान देह है। नहीं तो चलिए हम बताते हैं।

क्या है नुकसान
मैं यहां पर आंखें खराब होने या फिर मैदान में खेलने न जाने की वजह से फिजिकल समस्यों का जिक्र नहीं करने वाला हूं। बल्कि मैं यह बताने जा रहा हूं कि सिर झुका कर आप जो लगातार फोन का उपयोग करते हैं उससे आपके शरीर पर क्या असर पड़ने वाला है। जानें कैसे घर बैठे करें अपने पीएफ अकांउट को आधार कार्ड से लिंक

अक्सर आप दूसरों से या फिर कोई और आकर आपको अपनी गर्दन और रीढ़ की ह​ड्डियों में तकलीफ की बात करता है। उस वक्त आप यह नहीं समझ पाते कि यह क्यों हो रहा है। ज्यातार बोलेंगे कि रात में सही से सोये नहीं होंगे इस कारण है या​ फिर कोई नस दब गई है। परंतु यह दर्द सोने या भारी वज़न उठाने से नहीं बल्कि लगातार सिर झुकाकर मोबाइल का उपयोग करने से होता है। कुछ दिन तो आप इस दर्द को सह जाते हैं लेकिन ज्यादा दिनों तक रह जाने के बाद यह असहनीय हो जाता है।

क्या है कारण
सिर झुकाकर मोबाइल का उपयोग जब आप करते हैं तो अपने ​शरीर पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं। इस बारे में न्यूयॉर्क स्पाइन सर्जरी के चीफ आॅफ स्पाइन सर्जरी डॉक्टर केनेथ के हंसराज कहते हैं, ” जब आप साधारण तरीके से खड़ा रहते हैं तो गर्दन और रीढ़ की हड्डी पर 10-12 पाउंड का वजन पड़ता है। वहीं जब आप सिर को 45 डिग्री तक झुकाते हैं तो आपके रीढ़ की हड्डियों पर पड़ने वाला भार बढ़कर लगभग 49 पाउंड (22 किलोग्राम से ज्यादा) हो जाता है। कुछ देर के लिए तो यह ठीक है लेकिन इस तरह से ज्यादा देर तक रखना शरीर के लिए बेहद ही हानिकारक है।”
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रिसर्च के अनुसार साधारण तरह से सिर को रखने पर रीढ़ की हड्डी पर 10-12 पाउंड का वजन, वहीं 15 डिग्री तक झुकाने पर 27 पाउंड तक का वजन, 30 डिग्री तक में 40 पाउंड का और 45 डिग्री तक सिर के झुकाने पर 49 पाउंड तक वजन गर्दन और रीढ़ी की हड्डी पर पड़ता है। अपने एंडरॉयड फोन को अपडेट करने से पहले इन 5 बातों का जरूर रखें ख्याल

यूजर्स की क्या है स्थिति
आज ज्यादातर लोग औसतन 2-4 घंटे मोबाइल के साथ बिताते हैं। कई लोग तो 4 से 5 घंटे भी अपने फोन के साथ लगे होते हैं। अर्थात जितने देर आप फोन का उपयोग करते हैं उतने समय तक आपके गर्दन और रीढ़ की हड्डियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। यदि साल भर में इस बोझ को देखें तो यह आंकड़ा 700-1,400 घंटे तक का हो जाता है। आप खुद ही सोच सकते हैं कि आपके गर्दन और रीढ़ की हड्डियों पर किस तरह का प्रभाव पड़ रहा है। आपके रीढ़ की हड्डी में, गर्दन में और पैरों में भी दर्द शुरु हो सकता है।

कैसे करें फोन का उपयोग
इन सब बातों को सुन कर आपको भी थोड़ा डर लग रहा होगा। परंतु ऐसा नहीं है कि आप फोन का उपयोग करना ही छोड़ दें। ​बल्कि कुछ तरीके हैं जिनसे फोन का उपयोग भी कर पाएंगे और आप बीमारी को भी दूर रख सकेंगे। आगे हमनें ऐसे ही उपाय सुझाए हैं।

1. फोन को रखें आंखों के सामने: गर्दन तब झुकानी पड़ती है जब हाथ नीचे होते हैं। ऐसे में आप हाथ को आंखों के सामने रखें तो बेहतर होगा। फोन आंखों के बराबर हो जिससे कि सिर झुकाना न पड़े। शुरुआत में तो इससे परेशानी होगी लेकिन बाद में आप खुद राहत मसूस करेंगे।
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2. लगातार न करें फोन का उपयोग: यदि आपको आखों के सामने फोन को रखने में परेशानी हो रही है तो लगातार फोन के उपयोग के बजाय थोड़े अंतराल पर करें तो ज्यादा बेहतर होगा। थोड़ी-थोड़ी देर फोन के उपयोग के बाद​ सिर उपर कर लें। इससे भी आप बहुत हद तक गर्दन व रीढ़ की हड्डी की परेशानी को दूर कर सकते हैं।

3. लेटकर करें फोन का उपयोग: आॅफिस या ट्रैवल मे आप हैं तो लेट नहीं सकते। परंतु घर में यदि आप फोन का उपयोग कर रहे हैं तो बिस्तर या सोफे पर लेटकर यूज करें तो ज्यादा बेहतर है। इस अवस्था में आप लंबे समय तक भी फोन का उपयोग करने पर भी परेशानी नहीं होगी।

4. गूगल असिस्टेंट या सीरी भी है काम का: आज वॉयस कमांड का उपयोग बहुत ज्यादा हो रहा है। ऐसे में ऐसे में आप टेक्स्ट और टाइपिंग के बजाय वॉयस असिस्टेंट का उपयोग करें तो ज्यादा बेहतर होगा। वॉयस के लिए आपको लंबे समय तक फोन में देखने की जरूरत नहीं है और सुरक्षित उपयोग भी होगा।

5. स्क्रीन मिरर: यदि आप लंबे समय तक आॅफिस में रहते हैं तो अपने फोन को डेस्कटॉप पर मिर​रिंग कर लें तो ज्यादा बेहतर है। आप यहीं से सभी मेल, चैट और मैसेज का जवाब दे पाएंगे। अलग से फोन देखने की जरूरत नहीं होगी।

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