काले धन को सफेद बनाने के लिए लोग ले रहे हैं गूगल बाबा का सहारा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा काले धन पर बैन लगाने को लेकर बहुत बड़ा फैसला लिया गया। उन्होंने देश भर में 500 रुपये और 1,000 रुपये के नोट पर बैन लगा दिया है। मीडिया में इस काले धन पर सर्जिकल स्ट्राइक का नाम दिया गया है। कुछ तबकों में इसे लेकर बेहद खुशी है वहीं जिनके पास काला धन है उनकी सांसे अटकी हुई है। क्योंकि सरकार ने 2 लाख से ज्यादा की रकम वापस करने पर 200 फीसदी का टैक्स और जुर्माना अलग से लगाया है। ऐसे में जिन लोगोंं ने अब तक ढेर सारा काला धन जमा कर रखा था वे किसी हाल में इसे सफेद बनाने के फिराक में लगे हुए हैं और इसके लिए वे लोग विश्व विख्यात गूगल बाबा का सहारा ले रहे हैं।

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गूगल पर भारी संख्या में काले धन को सफेद बनाने के बारे में सर्च किया जा रहा है। लोग काले धन को सफेद में कैसे बदलें सबसे ज्यादा सर्च कर रहें है। खास बात यह कही जा सकती है कि इस बारे में सबसे ज्यादा सर्च प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में ही किया जा रहा है। इसके बाद नंबर माया नगरी मुंबई और हाल में अपने नाम गुरूग्राम के लिए चर्चा में रहे गुड़गांव में हो रही है।

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ब्लूमबर्ग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यदि सवाल में थोड़ा बदलाव किया जाए तो जैसे ब्लैक मनी का व्हाइट में कैसे बदलें के बजाय ब्लैक मनी को कैसे बदलें यदि सर्च करते हैं तो उसमें दिल्ली और हरियाणा गुजरात को पीछे छोड़ देते हैं। हाल में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा था कि यह एक ऐसा निर्णय है जो पैसे जमा और खर्च करने की सामाजिक संस्कृति को ही बदल देगा|

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि इस फैसले से पूरा समाज बदलेगा, जिस तरह लोग पैसे को रखते हैं और खर्च करते हैं वह सब बदल जाएगा। ईमानदार लोगों को संतुष्टि है कि वे ईमानदार हैं और इसलिए उन्हें चिंतित होने की जरूरत नहीं है। डेढ़-दो लाख रुपये की राशि बहुत छोटी है और प्रशासन इस तरह की जमा राशि के बारे में जांच करने की जहमत नहीं उठाएगा।

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टेक्नोलॉजी शौक नहीं इनका जुनून है और इसी जुनून ने इन्हें टेक जगत में आने के लिए प्रेरित किया। मुकेश कुमार सिंह उन चंद लोगों में से हैं जिन्होंने हिंदी में मोबाइल रिव्यू लिखने की शुरूआत की। अपने 11 सालों के प​त्रकारिता के सफर की शुरुआत इन्होंने हिंदी डेली से की और पिछले 10 सालों से ये मोबाइल तकनीकी क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक ये मॉय मोबाइल मैगजीन और बीजीआर जैसे वेबसाइट के लिए कार्य कर चुके हैं। वहीं जागरण और नवभारत टाइम्स जैसे अखबारों में इनके लेख नियमित रूप से छपते रहते हैं।