ऐसे पता करें कौन-सा Xiaomi प्रोडक्ट है Original और कौन-सा है Fake, आपको ठगी से बचाएंगे ये 6 प्वाइंट

how to identify real and fake xiaomi products

इंडियन स्मार्टफोन मार्केट के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है जिसमें पता चला है कि देश के नंबर वन स्मार्टफोन ब्रांड Xiaomi के ढ़ेरों फेक व नकली प्रोडक्ट्स चेन्नई व बेंगलुरु से पकड़े गए हैं जिनकी कीमत तकरीबन 33.3 लाख रुपये है (पूरी न्यूज यहां पढ़ें)। इस खबर ने सिर्फ शाओमी कंपनी को ही नहीं बल्कि स्मार्टफोन यूजर्स और मी फैन्स को भी हैरान कर दिया है। इस खबर के सामने आने के बाद लोगों में चिंता है कि उनके द्वारा खरीदा गया शाओमी प्रोडक्ट असली है या नकली। इसी तरह यूजर्स के पास सवाल है कि नया Mi प्रोडक्ट खरीदने से पहले कैसे पता करें कि वह ऑरिजनल है या फेक। यदि आप भी ऐसे ही संदेह से घिरे हुए हैं तो आगे लिखे कुछ प्वाइंट्स आपकी परेशानी का हल बन सकते हैं।

ऐसे करें फेक शाओमी प्रोडक्ट की पहचान

1. Xiaomi के सभी ऑडियो डिवाईस और पावरबैंक पर कंपनी एक सीक्रेट कोड चिपकाती है। इस सीक्रेट कोड को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट mi.com पर जाकर चेक किया जा सकता है। यदि प्रोडक्ट ऑरिजनल यानि असली है तो वेबसाइट पर वह सीक्रेट कोड मैच कर जाएगा और प्रोडक्ट फेक हुआ तो वह कोड रिजेक्ट हो जाएगा।

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2. अगर Xiaomi power bank की बात करें तो कंपनी के इस ऑरिजनल प्रोडक्ट पर ‘Li-Poly batteries’ का साईन लगा होता है। यदि आप कोई मी पावरबैंक खरीद रहे हैं तो उसपर जरूर ध्यान दें। पावर बैंक बैटरी पर अगर ‘Li-ion’ या फिर ‘Li-oin’ लिखा हुआ है तो स​म​झिए की यह शाओमी का नकली पावर बैंक है।

fake xiaomi products worth rs 33 3 lakh in india

3. शाओमी के अनुसार कंपनी के जिस प्रोडक्ट को सबसे आसानी से कॉपी किया जा सकता है, वह है USB cables. इस वक्त बाजार में बड़ी तादाद में शाओमी की नकली यूएसबी केबल्स मौजूद है। और यह इसलिए भी गंभीर हो जाता है क्यूंकि गलत यूएसबी केबल का इस्तेमाल न सिर्फ स्मार्टफोन को खराब कर सकता है ​बल्कि साथ ही दुर्घटना का कारण भी बन सकता है। असली और नकली केबल की पहचान उनकी बिल्ड क्वॉलिटी से की जा सकती है। Xiaomi के अनुसार फेक मी केबल्स थोड़ी पतली होती है और मोड़ने पर आसानी से टूट भी जाती है, परंतु ब्रांड की ऑरिजनल यूएसबी केबल के साथ ऐसा नहीं हैं।

4. Xiaomi ने बताया है कि Mi Band जैसे कंपनी के सभी फिटनेस प्रोडक्ट्स Mi Fit App कम्पैटबिलटी के साथ आते हैं। अगर आपका मी बैंड इस ऐप के साथ आसानी से पेयर कर लेता है तो मतलब वह ऑरिजनल है। लेकिन अगर मी बैंड शाओमी की मी फिट ऐप के साथ कम्पैटबल नहीं है तो पूरे-पूरे आसार है कि वह एक फेक प्रोडक्ट है।

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5. शाओमी का कहना है कि ब्रांड के सभी प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग और रिटेल बॉक्स की क्वॉलिटी पर काफी काम किया जाता है। कंपनी के असली प्रोडक्ट और नकली प्रोडक्ट की पैकेजिंग में काफी अंतर देखने को मिलता है। बॉक्स के ​जरिये भी पहचाना जा सकता है कि वह Xiaomi प्रोडक्ट ऑरिजनल है या फेक। ब्रांड के असली प्रोडक्ट की पैकेजिंग देखने के लिए लोग मी होम या मी स्टोर पर जाकर जान सकते हैं कि रियल और फेक में कितना और क्या अंतर है।

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6. रिटेल बॉक्स के अलावा शाओमी कंपनी अपने यूजर्स और फैन्स को सलाह देती है कि कोई भी Xiaomi प्रोडक्ट खरीदते वक्त उस प्रोडक्ट पर लगे कंपनी के लोगों को जरूर ध्यान से देखें। कंपनी का दावा है कि Mi India का ऑरिजनल लोगो नकली प्रोडक्ट्स से अलग ​दिखाई पड़ता है। शाओमी की यूजर्स से अपील है कि कंपनी की वेबसाइट पर जाकर पैके​जिंग के ऑरिजनल लोगो को देख सकते हैं और परख सकते हैं।

नकली को कहे ‘ना’

Xiaomi का कोई प्रोडक्ट खरीदने की प्लानिंग यदि आप भी कर रहे हैं तो थोड़ी ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। हालांकि जरूरी नहीं कि उपर बताए गए सभी प्वाइंट्स सही वक्त पर आपका साथ दें। इसलिए सिर्फ शाओमी ही नहीं बल्कि किसी अन्य ब्रांड का प्रोडक्ट खरीदने के लिए भी कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर या रिटेल स्टोर्स पर ही जाएं। फेक व नकली सामान बेचने वाले सप्लायर्स छोटे शहरों व कस्बों को अपना प्रमुख टारगेट बनाते हैं जहां मोबाइल की दुकानों व रिटेल स्टोर्स पर इन फेक प्रोडक्ट्स को असली प्रोडक्ट के नाम और दाम के साथ बेचा जाता है। इन प्रोडक्ट्स में Mobile cover, Smart Band, headphone, power bank, charger और earphones जैसे प्रोडक्ट्स शामिल होते हैं।

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