नहीं किया यह काम तो आपका मोबाइल नंबर हो सकता है बंद

मोबाइल सिम कार्ड के वेरिफिकेशन को लेकर प्रक्रिया पिछले कुछ माह से जारी है और यदि आपने अपना मोबाइल नंबर अब तक रिवेरिफाई नहीं कराय है तो अभी करा लिजिए अन्यथा इसे बंद कर दिया जाएगा। आपको अपने मोबाइल नंबर को अपने आधार कार्ड से लिंक कराना होगा। सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशानुसार यदि आपने अपने नंबर का रिवेरिफिकेशन नहीं कराया है और आधार कार्ड से इसे लिंक नहीं किया है तो फरवरी 2018 तक इसे डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा। हालांकि लगभग सभी आॅपरेटर्स ने रीवेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसके लिए एसएमएस के माध्यम से यूजर को जानकारी भी दी जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार द्वारा सभी सिम कार्ड धारकों को अपने नंबर को आधार कार्ड से लिंक करने का निर्देश दिया गया है। मोबाइल नंबर वेरि​फिकेशन के लिए उपभोक्ताओं को ​अपने नजदीकी रिटेल स्टोर पर जाकर अपना आधार नंबर देना होगा। इसके साथ ही अपने उंग्लियों के निशान से उसे सत्यापन किया जाएगा। और फिर होगा। यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी इमसें फोटो या किसी अन्य पहचान पत्र की जरूरत नहीं होगी सिर्फ आधार कार्ड जरूरी है। यह प्रक्रिया नए और पुराने सभी तरह के यूजर के लिए जरूरी है।

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इसी साल फरवरी में उच्चतम न्यायालय द्वारा आॅदेश दिया गाया था कि सभी मोबाइल उपभोक्ताओं का पहचान सत्यापन सुनिश्चित करने के साथ-साथ नए ग्राहकों व पुराने मोबाइल फोन ग्राहकों के पते सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी प्रक्रिया विकसित की जाए। जिससे कि एक वर्ष के अंदर सभी मोबाइल ग्राहकों मोबाइल नंबर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

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यदि वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान उपभोक्ताओं के डि​टेल्स सही नहीं पाए जाते हैं तो उनके नंबर बंद कर दिए जाएंगे। इस बरे में कोर्ट का कहना था कि क्रेंद देश में जल्द ही प्रीपेड मोबाइल नंबरों का वेरिफिकेशन शुरू करे। यदि सत्यापन के जानकारी सही पाई जाती है तो नंबर जारी रा जाए। कोर्ट द्वारा यह निर्देश केंद्र सरकारी की उस याचिका के बाद आई थी जिसमें सरकार ने कहा था कि पोस्ट पेड मोबाईल उपभोक्ताओं की पहचान में कोई समस्या नहीं है। परंतु देश में 90 फीसदी से ज़्यादा नंबर प्रीपेड हैं और इन सबको वेरीफाई करना जरूरी है। वहीं सरकार ने यह भी कहा था कि यदि वेरिफिकेशन प्रक्रिया में ज्यादा तेजी दिखाई जाएगी तो दुकानों पर लंबी लाइन होगी। ऐसे में पर्याप्त वक्त देना जरूरी है।

इस बारे में तत्काल मुख्य न्यायधिश जेएस खेहर और एनवी रमना की बेंच ने केंद्र की दलीलों को स्वीकार कर यह लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए पर्याप्त समय देने की बात कही थी और सत्याप​न प्रकिया को फरवरी 2018 तक पूरी करने का निर्देश दिया था।

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टेक्नोलॉजी शौक नहीं इनका जुनून है और इसी जुनून ने इन्हें टेक जगत में आने के लिए प्रेरित किया। मुकेश कुमार सिंह उन चंद लोगों में से हैं जिन्होंने हिंदी में मोबाइल रिव्यू लिखने की शुरूआत की। अपने 15 सालों के प​त्रकारिता के सफर की शुरुआत इन्होंने हिंदी डेली से की और पिछले 13 सालों से ये मोबाइल तकनीकी क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक ये मॉय मोबाइल मैगजीन और बीजीआर जैसे वेबसाइट के लिए कार्य कर चुके हैं। वहीं जागरण और नवभारत टाइम्स जैसे अखबारों में इनके लेख नियमित रूप से छपते रहते हैं।