Income Tax Returns (ITR): काफी सिंपल और आसान है आईटीआर ऑनलाइन फाइल करना, जानें यहां

How to File ITR Online: इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return) फाइल की आखिरी तारीख को बस दो दिन ही बचे हैं। 31 जुलाई आईटीआर फाइल (ITR Filing) करने की आखिरी तारीख (ITR Filing Last Date) है। वहीं, अब लास्ट डेट के नजीकर आने से ऐसा लग रहा है कि सरकार की इस समयसीमा को आगे बढ़ाने (ITR Deadline Extension) का कोई इरादा भी नहीं है। यदि आप ऐसे करदाता हैं जिनके खातों का ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं है, तो लास्ट डेट से पहले अपना आईटीआर जरुर फाइल कर लें। यदि आपने अभी तक अपना आईटीआर नहीं भरा और सोच रहे हैं कि इसे कैसे किया जाए तो हमारे आपको इस आर्टिकल में स्टेप-बाए-स्टेप आईटीआर फाइल करने की पूरी जानकारी नीचे दे रहे हैं।

ITR फाइल करने की लास्ट डेट?

2022-23 के लिए Income Tax Return (ITR) की लास्ट डेट इस हफ्ते रविवार 31 जुलाई है। अगर आप सोच रहे हैं कि क्या तारीख बढ़ाई जाएगी तो आपको बता दें कि सरकार आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख को आगे बढ़ाने की इच्छुक नहीं है। इसलिए हम आपको सलाह देंगे की पैनलटी से बचने के लिए आप जल्द से जल्द अपनी आईटीआर फाइल कर दें। हालांकि, इस प्रक्रिया में केवल 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों ऑनलाइन की जगह रिटर्न भौतिक रूप से फाइल करने की छूट दी गई है।

ITR फाइल करने का ऑनलाइन तरीका

जैसा कि आप जानते हैं, सरकार ने एक नया पोर्टल पेश किया है जो आपको आसानी से आईटीआर दाखिल करने में मदद करता है। यह एक ही समय में अधिक यूजर्स के लिए यूज किया जाता है और इंटरैक्टिव होने का दावा किया जाता है। इतना ही नहीं नया आईटीआर पोर्टल जल्द रिटर्न देने में भी आपकी मदद करता है। आइए आगे आपको बताते हैं कि ऑनलाइन आईटीआर कैसे करें।

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    • सबसे पहले ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं।
    • पैन नंबर का उपयोग करके पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें और पासवर्ड (यदि आपने पहले यह नहीं किया है) बनाएं।
    • इसके बाद पोर्टल पर लॉग इन करें।
    • ई-फाइलिंग टैब पर क्लिक करें और फिर ‘आयकर रिटर्न फाइल करें’ को सिलेक्ट करें।
    • आईटीआर दाखिल करने के लिए वर्ष का चयन करें और फिर जारी रखने पर क्लिक करें।
    • इसके बाद आईटीआर कॉपी दाखिल करने के लिए ऑनलाइन मोड का चयन करें।
    • व्यक्तिगत रूप से फाइल आईटीआर पर क्लिक करें।
    • ITR 1 या ITR 4 चुनें और Proceed पर क्लिक करें।
    • आईटीआर दाखिल करने का कारण बताएं, मेनू में दिए गए ऑप्शन पर चयन करें।
    • साथ ही बैंक खाते की जानकारी भरें जिसमें आप आईटी रिफंड ट्रांसफर करना चाहते हैं।
    • बैंक ब्याज दर, पूंजीगत लाभ, और अधिक जैसे पूर्व-भरे विवरणों की सहायता से आईटीआर कॉपी दर्ज करें
    • इसके बाद आईटी विभाग, बेंगलुरु को कुरियर द्वारा आईटीआर कॉपी सत्यापित करें और वेबसाइट पर जमा करें।
    • आप बैंक एटीएम के माध्यम में मौजूद ईवीसी या आधार ओटीपी का उपयोग करके भी ई-रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। स्थिर
      पासवर्ड के लिए भी एक विकल्प है जो करदाताओं के कम मोबाइल नेटवर्क रेंज में होने पर प्रोसेस को आसान बनाता है। वहीं, आयकर लेनदेन को पूरा करने की आवश्यकता होती है, जिसमें आमतौर पर ओटीपी की आवश्यकता होती है।

जानें ITR 1, ITR 2, ITR 3, और ITR 4 क्या है

व्यक्तिगत टैक्सपेयर के लिए, चार आईटीआर फॉर्म हैं, जिसमें आईटीआर 1, आईटीआर 2, आईटीआर 3, और आईटीआर 4 शामिल हैं। वहीं, प्रत्येक फॉर्म में करदाता के अंतर्गत आने वाली अलग-अलग श्रेणियों और करदाता की आय शामिल है। आगे हम आपको आईटीआर 1, आईटीआर 2, आईटीआर 3 और आईटीआर 4 के बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

      1. आईटीआर 1: यह आईटीआर फॉर्म उन निवासी व्यक्तियों के लिए है जिनकी वेतन/पेंशन, गृह संपत्ति और कृषि जैसे अन्य स्रोतों से 50 लाख से कम आय है।
      2. आईटीआर 2: वहीं, आईटीआर 2 की बात करें तो आईटीआर 1 में दर्ज लिमिट से लेकर 50 लाख रुपये से ज्यादा कमाई करने वाले लोग ITR 2 फॉर्म भर सकते हैं। इसमें वह लोग आते हैं जिन्हें कैपिटल गेन्स से कमाई होती हो, जो एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी से पैसे कमाते हों, जिन्हें विदेशी कमाई या विदेशी संपत्ति से कमाई होती हो। वह आईटीआर फॉर्म 2 भरते हैं। वहीं, इसमें भी सैलरी और पेंशन वाले लोग आते हैं।
      3. आईटीआर 3: आईटीआर फॉर्म 3 उन व्यक्ति या हिंदू संगठित परिवार HUF के द्वारा भरा जाता है जिनकी इनकम अपने बिजनेस से हो या अपना कोई पेशा करते हों। इसके साथ ही, सैलरी, हाउस प्रॉपर्टी, कैपिटल गेन्स, हॉर्स रेसिंग, लॉटरी आदि से कमाई होती हो तो आईटीआर फॉर्म -3 भर सकते हैं।
      4. आईटीआर 4: आईटीआर 4 फॉर्म उन व्यक्ति विशेष और एचयूएफ के लिए होता है, पार्टनरशिप फर्म (एलएलपी नहीं) चलाने वाले लोग भी इसे भरते हैं। इनकम टैक्स की धारा 44एडी और 44एई के तहत इनकम होती है तो यह फॉर्म भरना होता है। इसके अलावा सैलरी या पेंशन से 50 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई होने पर ITR 4 फॉर्म भर सकते हैं।

ITR वैरिफाई ऐसे करें

ITR फाइल होने के बाद आपको रिटर्न फाइल करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इसे ई-वेरिफाई भी करना होगा। यदि नहीं किया जाता है, तो “एक आईटीआर को अमान्य माना जाता है”। तो आइए आगे आपको बिना किसी देरी के, आईटीआर को ई-वेरीफाई करने का तरीका बताते हैं।

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    • सबसे पहले इनकम टैक्स की ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं।
    • इसके बाद क्विक लिंक्स के तहत ई-वेरीफाई रिटर्न ऑप्शन पर क्लिक करें।
    • आगे बढ़ने के लिए पैन, असेसमेंट ईयर, पावती संख्या और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
    • इसके बाद जारी रखें का ऑप्शन सिलेक्ट करें और अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी दर्ज करें।
    • सफलतापूर्वक सबमिशन पर, आपका आईटीआर वैरिफाइ हो जाएगा।

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