मेक इन इंडिया की राह में बड़ा कदम, मोबाइल के बाद अब बैटरी भी बनेगा भारत में

what is lithium ion battery and battery history

भारत सरकार महत्वकांक्षी योजना मेक इंडिया के तहत अब तक कई बड़ी बड़ी मोबाइल कंपनियों ने अपने फैक्ट्री भारत में सेट कर ली है। बावजूद इसके यह आरोप लगता आया है कि भारत में फोन सिर्फ असेंबल होते हैं यहां कंपोनेंट्स का निर्माण नहीं होता। परंतु अब भारत में मोबाइल कंपोनेंट्स के निर्माण में बड़ा कदम उठाया गया है। अब भारत में ही लिथियम आॅयन बैटरी का निमार्ण शुरू होने वाला है। इसके लिए मुनोथ इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश के शहर तिरुपति में अपना पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगा रही है। देश में लिथियम आॅयन बैटरी का यह प्लांट भारत सरकार और इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन की सहयोग से लगाई जा रही है।

लिथियम-ऑयन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की घोषणा करते हुए मुनोथ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन जसवंत मुनोथ ने कहा कि इस प्लांट के लिए 799 करोड़ रुपये का इनवेंस्टमेंट किया जाएगा। कंपनी यह इनवेस्टमेंट तीन फेज़ में करेगी। वहीं पहले फेज़ में ही लगभग 1,700 लोगों को सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे। अब आधार के लिए चेहरा भी होगा स्कैन, जानें पूरी कहानी
what is lithium ion battery and battery history
वहीं कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि शुरुआत में प्लांट से मुख्य रूप से स्मार्टफोन की बैटरी का​ निर्माण होगा जबकि बाद में लैपटॉप्स, सहित दूसेर इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों और हेल्थ सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के लिए लिथियम ऑयन बैटरी का निर्माण किया जाएगा।

91मोबाइल्स से हुए बातचीत के दौरान जसवंत मुनोथ बताया कि प्लांट अगले साल मार्च तक सेटअप हो जाएगा और लिथयम बैटरी का ​निर्माण कार्य अप्रैल 2019 से शुरू हो जाएंगे। वहीं उन्हेंने यह भी बताया कि पहले फेज़ में 2 लाख एमएच लिथिय​ब बैटरी का निर्माण होगा जो कि भारत में कुल लिथियम बैटरी खपथ का सिर्फ 6 फीसदी ही है। हालांकि दूसरे और तीसरे फेज़ में प्रोडक्शन को कई गुणा कर दिया जाएगा।
battery-bunch
वहीं इस बारे में इंडियन सेल्युलर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज मोहिन्द्रू ने कहा कि फिलहाल भारत में बैटरी इंपोर्ट होता है ऐसे में मेक इन इंडिया की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है। इतना ही नहीं इंपोर्ट करने की वजह से बैटरी की लागत काफी बढ़ जाती है। जबकि मेड इन इंडिया के बाद लागत में कही होगी और इसका असर मोबाइल फोन की कीमत पर भी पड़ेगा। जानें कैसे देखें फीफा वर्ल्ड कप 2018 के सभी मैच आॅनलाईन, वह भी बिल्कुल फ्री

उन्होंने आगे बताया कि इस प्लांट को भारत सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत लगाया जा रहा है और भारत सरकार की इसमें 25 प्रतिशत की हिस्सेदारी होगी।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में मोबाइल और लैपटॉप के अलावा कई उपकरणों में लिथियम बैटरी का उपयोग होता है। वहीं अमेरिकी मोटर कंपनी टेस्ला लिथियम बैटरी से चलने वाली कार बनाती है। ऐसे में भारत में लिथियम आयन बैटरी के निर्माण होने से बैटरी से चलने वाली गाड़ियों का निर्माण भी देखने को मिल सकता है।