4जी स्पीड के मामले में पाकिस्तान और श्रीलंका से भी पीछे है भारत

3g to 4g sim mobile upgrade offer plans airtel vodafone idea bsnl

मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो के आने से भले ही भारत में सुपरफास्ट 4जी मोबाइल सर्विस का विस्तार काफी तेजी से हुआ है। आज लोग 4जी हैंडसेट के ​अलावा कुछ लेना भी पसंद नहीं करते हैं। इतना ही नहीं डाटा व कॉलिंग शुल्क में बेतहाशा कमी देखने को मिली है। परंतु यह जानकर आपको हैरानी होगी कि डाटा ​स्पीड की जब बात आती है तो भारत कहीं नहीं ठहरता। यहां तक की पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे देशों से भी पीछे हो जाता है। यह बात मैं नहीं कह रहा बल्कि रिपोर्ट में खुल कर आई है।

लंदन की वायरलेस कवरेज मैपिंग कंपनी ओपेन सिग्नल ने एक रिपोर्ट जारी किया है जिसमें इस बात का दावा किया गया है। कंपनी ने सिर्फ भारत की ही नहीं बल्कि ​वैश्विक स्तर पर 4जी एलटीई नेटवर्क की रिपोर्ट जारी की है। यह रिपोर्ट अक्टूबर से दिसंबर के बीच की है। इससे पहले भी कंपनी ने जुलाई में 4जी सर्विस के आधार पर नवंबर में रिपोर्ट जारी की थी और उसमें भी भारत 4जी नेटवर्क के मामले में सबसे नीचले पायदान पर था। तो क्या 1 जुलाई से 13 डिजिट का हो जाएगा मोबाइल नंबर!

वहीं फरवरी 2018 में आई ओपेन सिग्नल के रिपोर्ट में भी कंपनी 88 वें पायदान पर रही। इस लिस्ट में सबसे उपर सिंगापुर का नाम आता है। वहां औसतन 46.64एबीपीएस की गति से 4जी मोबाइल सेवा प्रदान की जा रही है। वहीं भारत 4जी की स्पीड के मामले में अपने पड़ोसी श्रीलंका और पाकिस्तान से भी पीछे है। यहां औसतन 4जी एलीटीई की स्पीड 6.07एमबीपीएस है। जबकि श्रीलंका में औसतन 4जी स्पीड 10एमबीपीएस से ज्यादा की है जो भारत से कहीं बेहतर है। इस रिपोर्ट में कोई भी देश 4जी के लिए 50एमबीपीएस का आंकड़ा नहीं पार कर पाया। एयरटेल ने लॉन्च किया सबसे सस्ता प्लान, 9 रुपये में अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ डाटा और एसएमएस फ्री

हालांकि एक बात के लिए कंपनी ने भारत की सराहना की है। भारत में 4जी नेटवर्क की उपलब्धता दूसरे देशें के मुकाबले कहीं बेहतर है। इस मामले में भारक का स्थान चौदवां है। भातर में 86.26 आबादी तक 4जी नेटवर्क की उपलब्धता हो चुकी है। नेटवर्क उपलब्धता के मामले में दक्षिण कोरिया नंबर एक रहा। यहां 97.49 फीसदी की आबादी तक 4जी नेटवर्क उपलब्ध है।

SHARE
Previous articleतो क्या 1 जुलाई से 13 डिजिट का हो जाएगा मोबाइल नंबर!
Next articleएंडरॉयड ‘पी’ सिक्योरिटी होगी और भी सख्त, चोर ऐप्स की नहीं होगी खैर
टेक्नोलॉजी शौक नहीं इनका जुनून है और इसी जुनून ने इन्हें टेक जगत में आने के लिए प्रेरित किया। मुकेश कुमार सिंह उन चंद लोगों में से हैं जिन्होंने हिंदी में मोबाइल रिव्यू लिखने की शुरूआत की। अपने 15 सालों के प​त्रकारिता के सफर की शुरुआत इन्होंने हिंदी डेली से की और पिछले 13 सालों से ये मोबाइल तकनीकी क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक ये मॉय मोबाइल मैगजीन और बीजीआर जैसे वेबसाइट के लिए कार्य कर चुके हैं। वहीं जागरण और नवभारत टाइम्स जैसे अखबारों में इनके लेख नियमित रूप से छपते रहते हैं।