बिना आवाज निकाले भी हो सकेगी बात, भारतीय ने ईजाद किया ऐसा अनोखा डिवाईस

कम्न्यूकेशन टेक्नोलॉजी दिन प्रतिदिन तरक्की कर रही है। एडवांस तकनीक वाले डिवाईस व स्मार्टफोन मार्केट में लॉन्च किये जा रहे हैं। कम्न्यूकेशन यानि बातचीत को एक अलग ही आयाम देते हुए एक ऐसी नई तकनीक का ईजाद किया गया है जिसमें बिना बोले या बिना मुंह खोले ही सिर्फ बुदबुदाकर ही अपनी बात दूसरे को समझाई जा सकती है यानि इस तकनीक के जरिये बिना शब्दों के अपने मन की बात दूसरे को बताई जा सकती है। आपको यह जानकार और भी हैरानी तथा गर्व होगा कि इस अनूठे डिवाईस की खोज एक भारतीय ​रिसर्चर ने ही की है।

​मन की बात को बिना शब्दों के ही सामनें वाले को बताने वाले इस डिवाईस का नाम ‘अल्टरइगो हैंडसेट’ रखा गया है और इसका ईजाद मैसाचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के भारतीय मूल के रिसर्चर अरनव कपूर ने किया है। अरनव के अनुसार यह डिवाईस अल्टरइगो सबवोक्लाइजेशन के आधार पर काम करती है यानि कि बुदबुदाना या बिल्कुल ही धीमे बोलने की क्रिया को कैच करती है।

अरनव का कहना है कि यह तकनीक कोई माइंडरीडिंग डिवाइस नहीं है यह किसी इंसान का दिमाग नहीं पढ़ सकती है। प्राइवेसी के लिहाज से यह बिल्कुल सुरक्षित है क्योंकि इस डिवाईस का दिमागी एक्टिविटी से कोई लेना देना नहीं है। यह डिवाईस व्यक्ति के विचार नहीं बल्कि उनके द्वारा बुदबुदाए गए उन शब्दों को भी सुन कर दूसरे को बताती है, जो शब्द कोई आम व्यक्ति नहीं सुन पाता।

AlterEgo - arnav kapur-1

दरअसल बुदबुदाने के दौरान आप किसी वाक्य को बोलने के लिए आवाज नहीं निकालते हैं, ये वाक्य चेहरे के निचले हिस्से और गले में वायब्रेशन पैदा करते हैं। अल्टरइगो हैंडसेट इन्हीं वायब्रेशन को भांपकर वाक्यों में तब्दील करता है। यह डिवाईस कान के पास स्क्रीन पर चिपका होता है जो वायब्रेशन्स को आवाज में बदलकर दूसरे व्यक्ति तक पहॅुंचाता है।

अरनव कपूर और उनकी टीम ने चेहरे के 16 सेंसर पर काम कर उन 4 सेंसर को पहचाना है जो बुदबुदाए गए शब्दों की वायब्रेशन को ठीक से रीड कर सकते हैं। अगर यह डिवाईस पूरी तरह से यूज़ में आ जाता है सेनाओं में इसका बहुत फायदा होगा। साथ ही भीड़ वाली जगहों, शोर गुल वाली फैक्ट्री व बाजार और सिनेमा घर जैसे माहौल में भी यह काफी काम आएगा।