रोशनी से चलेगा इंटरनेट, 10जीबी प्रति सेकेंड की होगी स्पीड, इंडिया ने ईजाद की अनूठी तकनीक

उन बातों को ज्यादा साल नहीं गुजरे हैं जब इंटरनेट से कुछ डाउनलोड करने या किसी दूसरे के फोन में फाईल ट्रांसफर करने के लिए घंटो का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन आज घंटो का काम मिनटों में हो जाता है। लेकिन जरा सोचिए मिनटों में होने वाले ऐसे काम अगर कुछ की सेकेंड्स में निपट जाएं तो कैसा हो। जल्द ही यह ख्याल हकिकत बनने वाला है। आने वाले समय में बल्ब की रोशनी से इंटरनेट चलेगा और बड़ी से बड़ी फाईल सेकेंड्स में ट्रांसफर हो सकेगी। और यह कारनामा करने वाला कोई और नहीं बल्कि अपना देश भारत होगा।

दरअसल मिनिस्ट्री आॅफ इनफार्मेशन एंड टेक्नोलॉजी इंडिया ने एक नई तकनीक ईजाद की है, जिसे लाई-फाई नाम दिया गया है। इस तकनीक का सफल टेस्ट करके बताया गया है कि भविष्य में एलईडी बल्ब के जरिये ही इंटरनेट डाटा ट्रांसफर किया जा सकेगा। लाई-फाई प्रोजेक्ट पूरा होने पर 10जीबी प्रति सेकेंड की स्पीड से फाईल्स को ट्रांसफर किया जा सकेगा।

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लाई-फाई प्रोजेक्ट को आईआईटी मद्रास में बनाया जा रहा है तथा इसके लिए एलईडी बल्ब बनाने वाली कंपनी फिलिप्स् भी सहयोग कर रही है। प्रोजेक्ट का टेस्ट सफल होने के बाद अब इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर जॉंचते हुए बेंगलुरु शहर में लाने की तैयारी कर रही है।

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आपको बता दें कि लाई-फाई तकनीक फाईल्स व डाटा ट्रांसफर के लिए रेडियो फ्रिक्वेंसी तरंगों की बजाय विजिबल लाईट कम्यूनिकेशन्स, इंफ्रारेड या डिवाईस के पास मौजूद अल्ट्रा वॉयलेट तरंगो का यूज़ करती है। यह तकनीक 780एनएम से 375एनएम तक की रोशनी का प्रयोग करती है, जो आमतौर पर घर में लगे एलईडी बल्बों में मौजूद रहती है।

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लाई-फाई पर अभी कार्य जारी है। यह तकनीक सीमित क्षेत्र में बेहद तेजी से काम करती है तथा इसके प्रयोग से हैकिंग जैसी समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा। आने वाले समय में लाई-फाई से 1 किलोमीटर तक के क्षेत्र में 10जीबी प्रति सेकेंड की स्पीड का डाटा ट्रांसफर हो सकेगा।