चांद पर होगा 4जी नेटवर्क, नोकिया-वोडाफोन कर रहे हैं जबर्दस्त की तैयारी

भारत में इन दिनों 4जी नेटवर्क से हर तबके के लोग जुड़े है। 4जी नेटवर्क यूज़ करने वाले देशों की सूची में भारत अग्रणीय है। लेकिन अब यह 4जी नेटवर्क भारत या विश्व ही नहीं बल्कि इस दुनिया से बाहर निकल कर चॉंद पर कदम रखने वाला है। अगले साल यानि 2019 तक पृथ्वी के बाद चंद्रमा पर भी 4जी सिग्नल पहॅुंच जाएंगे। इस मिशन को पूरा करने के लिए वोडाफोन, नोकिया और आॅडी ने हाथ मिलाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार वोडाफोन जर्मनी, टेक कंपनी नोकिया और आॅटोमोबाईल कंपनी आॅडी के बीच साझेदारी हुई है। इस साझेदारी में मून मिशन के तहत चांद पर 4जी नेटवर्क स्थापित करने की दिशा में काम ​किया जाएगा। साझेदार कंपनियों का कहना है कि जब पहले व्यक्ति ने चंद्रमा पर कदम रखा था उसके ठीक 50 साल बाद इस नए कारनामें को अंदाम दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को ‘मिशन टू द मून’ नाम दिया गया है।

Photo: realgujarat.com
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इस मिशन में जहां वोडाफोन जर्मनी 4जी नेटवर्क पर काम करेगी वहीं तकनीकी साझेदार बनी नोकिया स्पेस-ग्रेड नेटवर्क तैयार करेगी। रिपोर्ट के अनुसार स्पेस-ग्रेड नेटवर्क के लिए हार्डवेयर का एक टुकड़ा तैयार किया जाएगा जिसकी वज़न बेहद ही कम होगा। वोडाफोन जर्मनी के सीई हैन्स अमेत्सरीटर के मुताबिक इस मिशन में मोबाईल नेटवर्क इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास की बेहद एडवांस तकनीक का इस्तमाल किया जा रहा है।

वोडाफोन के अनुसार तीनों कंपनियां बर्लिन की पीटी साइंटिस्ट कंपनी के साथ इस अनूठे मिशन की शुरूआत कर चुकी है। अगले साल केप कैनावेरल से स्पेस एक्स फॉल्कन 9 रॉकेट के चॉंद की दिशा में छोड़ा जाएगा और इसी रॉकेट के जरिये इस तकनीक को पृथ्वी के उपग्रह चंद्रमा पर पहॅुंचाया जाएगा। रिपोर्ट बताया गया है कि इस मिशन के लिए 4जी नेटवर्क को 5जी नेटवर्क के बेहतर मानते हुए इसलिए चुना गया है क्योंकि 5जी तकनीक अभी टेस्टिंग की दशा में है और चॉंद पर 5जी नेटवर्क चलाए जाने पर अभी संशय कायम है।