अगर आपने भी किया है इस ऐप को फोन में इंस्टाल तो बड़े खतरे में आप

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बदलते इंडिया में लोगों का मनी ट्रांसफर और पेमेंट का तरीका भी बदला है। मोबाइल में ऐप को इंस्टाल करके ही पैसों का लेनदेन चुटकियों में हो जाता है। कुछ ही क्लिक में पैसे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के पास पहुॅंच जाते हैं और सामान की पेमेंट व रिचार्ज जैसी सुविधाएं मिल जाती हैं। PayTm, Google Pay, PhonePe और Mobikwik जैसी कुछ ऐप इंडियन यूजर्स के बीच काफी प्रचलित है और लोग इस ऐप्स के जरिये डिजीटल पेमेंट करते हैं। लेकिन इनमें से ही एक Mobikwik यूजर्स के लिए एक बड़ी चौंकाने वाली जानकारी आई है जो किसी झटके से कम नहीं है। खबर है कि मोबिक्विक के तकरीबन 11 करोड़ इंडियन यूजर्स का डाटा लीक हुआ है जिसमें उनकी निजी आईडी के साथ ही बैंकिंग डिटेल और आधार नंबर भी शामिल है।

Mobikwik ऐप यूज करने वाले भारतीयों के लिए यह खबर बिल्कुल भी सही नहीं है। जानकारी सामने आई है कि इंडिया में मोबिक्विक यूज़ करने वाले लोगों के मोबाइल फोंस में सेंध लगाई है और उनका पसर्नल डाटा चोरी कर लिया गया है। यह दावा स्वयं एक हैकर ग्रुप ने किया है और कहा है कि उनके पास 10 करोड़ से भी अधिक इंडियन्स की निजी जानकारी मौजूद है। मोबिक्विक यूजर्स का डाटा चुराते हुए हैकर्स ने लोगों का नाम, उम्र, एड्रेस, फोन नंबर और अकाउंट डिटेल के साथ ही उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड की डिटेल्स भी हैक कर ली है।

सबूत के तौर पर दिखाया सीईओ का डाटा

मोबिक्विक ऐप का डाटा चोरी करने की जानकारी किसी और ने नहीं बल्कि खुद ऐप को हैक करने वाले हैकर ग्रुप ने ही दी है। इस ग्रुप का नाम जॉर्डनेवन है जिन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई को ईमेल भेजते कर बताया है कि उन्होंने Mobikwik के करीब 11 करोड़ भारतीय यूजर्स का पसर्नल चुरा कर लिया है। अपने दावे को सही ठहराते हुए सबूत के तौर पर इस हैकर ग्रुप ने मोबिक्विक के संस्थापक बिपिन प्रीत सिंह और ऐप की सीईओ उपासना का डाटा भी शेयर करके दिखाया है।

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RBI ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता का समझते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मोबिक्विक कंपनी से संपर्क साधा है और जांच के आदेश दिए हैं। इस संदर्भ में साइबर सुरक्षा विश्लेषक साइबर सुरक्षा विश्लेषक ने भी आरबीआई, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम, पीसीआई मानक और भुगतान प्रौद्योगिकी कंपनियों को भी लिखित सूचना दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार RBI ने कंपनी को आरोपों की फॉरेंसिक ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं जिसके लिए किसी एक्सटर्नल ऑडिटर को रखा जाएगा। और यदि इस हैंकिग के मामले में गलती Mobikwik की ही पाई गई तो आरबीआई इस कंपनी पर भारी जुर्माना भी ठोक सकती है। यह भी पढ़ें : Apple भी ला रहा है पंच-होल डिसप्ले वाला iPhone, देखें क्या होगा नाम और कब होगा लॉन्च

मोबिक्विक की सफाई

इस बड़े डाटा लीक के मामले पर मोबिक्विक ने सफाई देते हुए कहा है कि कंपनी के सर्वर में किसी भी तरह की हैकिंग या गलत गतिविधि के कोई सबूत नहीं मिले हैं। Mobikwik का कहना है कि कंपनी डाटा सेफ्टी से जुड़े सभी नियमों और कानूनों का पालन कर रही है और सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस मामले की जांच कर रही है। कंपनी के मुताबिक मोबिक्विक के सभी खाते और उनमें मौजूद राशि पूरी तरह सुरक्षित है। आपको बता दें कि मोबिक्विक वॉलेट का कनेक्शन Reliance Jio से भी है और पिछले दिनों ही कंपनी मोबिक्विक के जरिये Jio नंबर रिचार्ज करने पर 100 रुपये के कैशबैक का ऑफर भी दे रही थी।

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डार्क वेब पर मौजूद है यूजर्स का डाटा

एक फ्रेंच हैकर ने मोबिक्विक डाटा लीक को सही बताते हुए एक ट्वीट भी किया है। इस ट्वीट में हैकर ने बताया है कि Mobikwik का डाटा लीक सच में किया गया है और ऐप से निकाला गया भारतीय यूजर्स का डाटा डार्क वेब पर मौजूद है। यानि अगर आपने कभी भी मोबिक्विक ऐप के जरिए किसी तरह का भुगतान या पैसों का लेन-देन किया है या फिर इस ऐप को अपने फोन भी इंस्टाल किया है तो हो सकता है कि इस वक्त आपकी बैंक डिटेल्स से लेकर तमाम पर्सनल जानकारियां चोरी हो चुकी है और विदेशी हैकरों के कब्जे हैं।

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