मोबाइल रिचार्ज हुए बेहद महंगे लेकिन कब सुधरेगा नेटवर्क? हर यूजर्स का यही सवाल

    mobile recharge price hikes in india will the network quality improve

    यह बात सुनने में बहुत अच्छा लगता है कि विश्व में सबसे सस्ती कॉलिंग और डाटा सर्विस इंडिया में है लेकिन यह बात सुनकर उतना ही बुरा लगता है कि मोबाइल डाटा स्पीड और क्वालिटी में हम बंगलादेश, पाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों से भी पिछड़े हुए हैं। इस तरह की बातें जब भी होती थी तो हर बार नेटवर्क ऑपरेटर्स सस्ती सर्विस की दुहाई देकर अपना पल्ला झाड़ लेते ​थे जो​ कि सही नहीं कहा जा सकता। क्योंकि यदि आप सर्विस दे रहे हैं और शुल्क का निर्धारण खुद कर रहे हैं तो फिर क्वालिटी भी अच्छी होनी चाहिए। हां! यह बात सच है कि हम विश्व में सबसे स​स्ते दर पर कॉलिंग और डाटा का उपयोग कर रहे हैं लेकिन यह बात भी ऑपरेटर्स को मान लेना चाहिए कि एक साथ इतना बड़ा यूजर बेस भी कहीं नहीं है। ऐसे में आप किसी दूसरे देश के ऑपरेटर्स के मुकाबले कम लाभ नहीं प्राप्त कर रहे हैं। इसलिए अच्छी क्वालिटी की सर्विस देना आपका दायित्व बनता है। रही बात कम शुल्क की तो अब यूजर्स काफी बड़ा शुल्क चुका रहे हैं।

    दो साल में कई बार बढ़े हैं टैरिफ के दाम
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    जहां तक कम शुल्क की बात है तो कुछ साल पहले तक यह सही कही सकता था। परंतु पहले और अब में काफी ज्यादा अंतर आ गया है। 2017 तक टैरिफ कम था लेकिन पिछले दो सालों में दो बार बड़े तौर पर शुल्क में इजाफा किया जा चुका है। दिसंबर 2019 में ऐसे ही सभी कंपनियों ने एक साथ अपने लगभग सभी प्रीपेड प्लान की कीमत में इजाफा किया था। जहां मंथली प्लान में लगभग 100 रुपये, 84 दिन वाले में लगभग 200 रुपये और सालाना प्लान में 700—800 रुपये तक का इजाफा किया गया था। वहीं एक बार फिर से 2021 के नवंबर—दिसंबर के दौरान सभी निजी सेवा प्रदाता कंपनियों ने अपने प्रीपेड टैरि​फ प्लान को काफी बढ़ा दिया है। इस बार 20 रुपये से लेकर 500 रुपये तक का इजाफा किया गया है। ऐसे में यूजर्स द्वारा सवाल उठाना लाजमी है कि आखिर जब हम इतना शुल्क चुका रहे हैं तो फिर ​बेहतर सर्विस क्यों नहीं मिलना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Airtel, Jio और Vi: जानें किस टेलिकॉम कंपनी के खिलाफ यूजर्स ने की सबसे ज्यादा शिकायतें

    क्या है भारत की स्थिति
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    आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भले ही हम भारत को टेक्नोलॉजी में आगे देखना चाहते हैं लेकिन मोबाइल ब्रॉडबैंड सर्विस के मामले में हम विश्वभर में 122वें रैंक पर हैं। यह रैंक पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों से भी पीछे है। मोबाइल ब्रॉडबैंड सर्विस के मामले में नंबर एक पर United Arab Emirates यूनाइटेड अरब अमिराज है जहां कि औसतन डाटा डाउनलोड स्पीड 238.06 MBPS की है। वहीं भारत में औसतन डाटा डाउनलोड स्पीड सिफ 17.89 MBPS की है। वह भी कुछ जगहों पर ही इतनी स्पीड मिलती है जबकि गांव, कस्बों और छोटे शहरों में तो KBPS स्पीड से 4G सर्विस चलिती है। नाम के लिए हम 4G नेटवर्क का उपयोग करते हैं जबकि स्पीड GPRS वाली मिल रही होती है। इसे भी पढ़ें: मोबाइल रिचार्ज हुआ महंगा, क्या अब 28 की जगह 30 दिनों का होना चाहिए प्लान!

    नाम बड़े दर्शन छोटे
    जब भी ऑपरेटर्स कुछ बयान देते हैं तो क्वालिटी ऑफ सर्विस की ही बातें करते हैं लेकिन जब असल क्वालिटी यूजर्स को मिलने की बा​त आती है तो वहां फिसड्डी साबित होते हैं। हाल में एयरटेल ने प्रीपेड टैरिफ शुल्क बढ़ाने के दौरान क्वालिटी ऑफ सर्विस के साथ आरपू यानी कि ऐवरेज रेवेन्यू पर यूजर बढ़ाने की बात कही है। फिलहाल यह लगभग 150 रुपये के आसपास है और कंपनी उसे 300 रुपये तक ले जाना चाहती है। इससे साफ तौर पर यही संकेत है कि आने वाले दिनों में यूजर्स और शुल्क चुकाना पड़ सकता है। अपने बयान में कंपनी ने 5G का भी जिक्र किया लेकिन यह नहीं कहा कि शुल्क बढ़ने के बाद यूजर्स को असली 4जी सर्विस का लाभ मिल पाएगा। 4G सर्विस अपने फास्ट इंटरनेट के लिए जानी जाती है और इसमें कम से कम 50 MBPS की स्पीड मिलती है लेकिन भारत में यह बड़ी मुश्किल से ही उपलब्ध हो पाता है। अगर आप शहर में हैं तो 10 MBPS तक की स्पीड मिल जाएगी। परंतु छोटे शहरों और गांवों में 1 MBPS और KBPS की स्पीड आती है। इसे भी पढ़ें: प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को आगे बढ़ाने के चक्कर में BSNL हो रही इग्नोर! क्या है इस मुद्दे पर आपकी राय?

    क्या कहते हैं यूजर्स
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    91मोबाइल्स जब भी मोबाइल नेटवर्क आॅपरेर्स की स्टोरी अपने पेज पर पोस्ट करती है और खास कर जब भी हम 5जी की बात करते हैं तो यूजर्स का एक ही रियेक्शन होता है कि पहले 4जी तो ठीक से चला लो। यूजर्स हमेशा नेटवर्क क्वा​लिटी और स्पीड पर कमेंट करते हैं। कुछ कमेंट हमने इस पोस्ट में लगाया है लेकिन ऐसे हजारों कमेंट हमारे फेसबुक पेज पर भरे पड़े हैं। वहीं जब से शुल्क बढ़ी है तब से नेटवर्क क्वालिटी को बेहतर करने और 30 दिनों का प्लान करने पर काफी बातें होने लगी हैं।

    देखें लेटेस्ट वीडियोः Why do Telecom Companies provide 28 Days Validity Plan? | Business Model Explained

    30 दिनों का हो प्लान
    यूजर्स का कहना है कि यदि आप इतनी तेजी से शुल्क बढ़ा रहे हैं तो नेटकर्व क्वालिटी बढ़ाने के साथ—साथ मंथली प्लान 30 दिनों का करें। क्योंकि 28 दिनों का प्लान देकर |ऑपरेटर्स 2 दिन की चोरी करते हैं और यूजर्स से पूरा एक महीना अतिरिक्त रिचार्ज कराते हैं।

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