जियो सिम से इन कामोंं को करने से बचते हैं उपभोक्ता

​रिलायंस जियो की 4जी सर्विस को भारत में लॉन्च हुए 4 महीने से ज्यादा हो गया है। जियो सिम को लेकर अब भी उपभोक्ताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है और इस कारण भारत में 4जी फोन की मांग भी बढ़ी है। कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार जियो उपभोक्ताओं की संख्या 7.2 करोड़ से भी ज्यादा हो गया है और हर रोज लगभग 6 लाख नए उपभोक्ता जियो सेवा से जुड़ रहे हैं। वहीं कंपनी ने कॉल ड्रॉप में कमी और बेहतर नेटवर्क का भी भरोसा दिया है।

वहीं टेलीकॉम एनालिस्ट का मानना है कि जियो मार्च 2017 से पहले ही 10 करोड़ उपभोक्ता आधार को पार कर लेगा जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान है। लॉन्च के पहले तीन महीने में ही कंपनी भारत की सबसे बड़ी मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करने वाली कंपनी बन गई है। रिलायंस जियो सर्विस की और भी कई खासियत हैं। परंतु जियो सर्विस के साथ कुछ ऐसी भी काम हैं जिसे उपभोक्ता करने से बचते हैं। आगे हमनें ऐसे ही कुछ काम का जिक्र किया है।

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1. जियो नंबर सेव नहीं करते
​जैसा कि मालूम है ​रिलायंस जियो सिम से कॉलिंग फ्री है ऐसे में कई उपभोक्ता जियो नंबर से कॉल करते हैं लेकिन यह जानते हुए भी कि इस नंबर परिचित व्यक्ति दोबारा कॉल करेगा। परंतु उस नंबर को कोई सेव नहीं करता।

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2. अपना नंबर शेयर नहीं करते
जियो सिम के साथ दूसरी परेशानी यह भी है कि आप अपना जियो सिम नंबर किसी के साथ शेयर नहीं करते। लॉन्च के चार महीने बाद भी जियो लोगों का सेकेंडरी सिम ही है। ऐसे में लोग इस नंबर को शेयर करने से बचते हैं। कॉन्टैक्ट डिटेल्स में अपना एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया या रिलायंस के के अलावा दूसरा नंबर देते हैं लेकिन जियो नहीं देते।

3. नंबर याद न रखना
वहीं जियो सिम के साथ तीसरी सबसे बड़ी परेशानी है कि खुद अपना नंबर लोग याद नहीं रखते हैं।

आप देखेंगे तो नंबर सेव न करना, नंबरे शेयर और सेव न करना इन सबका कारण है कि अब तक जियो लोगों के बीच में विश्वास नहीं जमा पाया है। कॉल ड्रॉप, कॉल न लगाना और खराब नेटवर्क इन सबका कारण है। फ्री ​कॉलिंग और डाटा की वजह से लोगों ने सिम ले लिया लेकिन इसे सेकेंडरी सिम ही बनाए हुए हैं जो कि जियो के लिए अच्छा नहीं कहा जाएगा। ऐसे में यदि रिलायंस जियो द्वारा शुल्क वसूला जाता है तो काफी लोग शायद इसे छोड़ दें।

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टेक्नोलॉजी शौक नहीं इनका जुनून है और इसी जुनून ने इन्हें टेक जगत में आने के लिए प्रेरित किया। मुकेश कुमार सिंह उन चंद लोगों में से हैं जिन्होंने हिंदी में मोबाइल रिव्यू लिखने की शुरूआत की। अपने 11 सालों के प​त्रकारिता के सफर की शुरुआत इन्होंने हिंदी डेली से की और पिछले 10 सालों से ये मोबाइल तकनीकी क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक ये मॉय मोबाइल मैगजीन और बीजीआर जैसे वेबसाइट के लिए कार्य कर चुके हैं। वहीं जागरण और नवभारत टाइम्स जैसे अखबारों में इनके लेख नियमित रूप से छपते रहते हैं।