एंड्रॉयड फोन के 5 फीचर्स जो एप्पल में अब नहीं हैं

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इस बात को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है कि एंड्रॉयड बेस्ट ऑपरेटिंग सिस्टम है या फिर आईओएस को बेहतर माना जाए। कई ममलों में एप्पल को अच्छा कहा जाता है यह स्मूथ है और काफी स्टेबल है। परंतु फीचर्स की जब भी बात आती है तो फिर गूगल का मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम ही आगे निकल जाता है। हालांकि एप्पल का मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड से पुराना है और इसके कई अपडेट पेश भी आ चके हैं बावजूद इसके अब भी एंड्रॉयड से फीचर्स के मामले में थोड़ा पीछे है। आगे हमने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम के ऐसे ही 5 फीचर्स की जानकारी दी है जो आईओएस 13 में भी नहीं हैं।

डिफॉल्ट ऐप चेंज
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एंडरॉयड फोन में जीमेल और आईओएस फोन में एप्पल अकाउंट के साथ ही शुरू होता है। हालांकि आईओएस में ऑप्शन है कि आप एप्पल के ​ऐप को डिलीट कर सकते हैं लेकिन भी उसकी कुछ सीमाएं हैं। वहीं इस ऑपरेटिंग​ सिस्टम में आप डिफॉल्ट ऐप को बदल नहीं सकते जबकि गूगल के साथ ऐसा नहीं है। आप चाहें तो एंडरॉयड फोन में उपलब्ध गूगल ऐप के बजाए कर थर्ड पार्टी ऐप को डिफॉल्ट ऐप के रूप में सेट कर सकते हैं। ब्राउजिंग में गूगल के बजाए ओपोरा या फायर फॉक्स, मैसेजिंग के लि भी आप गूगल मैसेज के बाजाए ट्रू कॉलर या दूसरे मैजिंग ऐप आदि का उपयोग कर सकते हैं। इसी तरह दूसरे ऐप भी बदले जा सकते हैं। एंड्रॉयड फोन में डिफॉल्ट ऐप को बदलने के लिए आपको सबसे पहले ऐप्स एंड नोटिफिकेशन में जाना है और फिर डिफॉल्ट ऐप (Apps & notifications > Default apps) को बदलना है। इसे भी पढ़ें: परिवार या पड़ोस में है कोरोना मरीज होने का संदेह तो ऐसे करें सरकार को सूचित, जरूर पढ़ें यह काम की टिप्स

स्प्लिट स्क्रीन मोड
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आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एप्पल ने आईओएस 13 में मल्टी ऐप्स सपोर्ट दिया है लेकिन यह जानकर थोड़ा बुरा भी लगेगा कि मल्टी का उपयोग फोन में नहीं किया जा सकता। यह फीचर फिलहाल सिर्फ आईपैड के लिए ही है। वहीं दूसरी ओर स्प्लिट स्क्रीन फीचर एंड्रॉयड फोन में 2016 से है। गूगल ने इसे एंड्रॉयड 7.0 नुगट के साथ पेश किया था। वैसे तो स्प्लिट स्क्रीन के उपयोग का तरीका फोन निर्माताओं के हिसाब से अलग होता है लेकिन ज्यादातर फोन में ​रिसेंट ऐप में जाकर, ऐप आईकॉन को प्रेस करके रखना होता है। इसके साथ ही नीचे स्प्लिट स्क्रीन का विकल्प आ जाता है। इसे भी पढ़ें: Xiaomi Redmi Note 8 Pro की 5 बड़ी परेशानियां, जो कर सकती हैं यूजर्स को तंग

पिक्चर इन पिक्चर मोड

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Photo: ndroidcentral.com

सही मायने में पूछा जाए तो एंड्रॉयड फोन में एक साथ दो और तीन ऐप करना कोई भारी बात नहीं है। उससे कहीं मजेदार विकल्प है पिक्चर इन पिक्चर मोड। इस फीचर का उपयोग आप मुख्य रूप से गूगल मैप्स और यूट्यूब वीडियो स्ट्रीमिंग के दौरान कर सकते हैं। इसके अलावा भी कुछ सलेक्टेड ऐप हैं जिनमें पिक्चर इन पिक्चर मोड का लाभ लिया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: Whatsaap पर शुरू हुई Jio की दुकान, घर बैठे मैसेज कर खरीदें ग्रॉसरी

इसका फायदा यह है कि जब आप मैप देख रहे होते हैं या फिर कोई मूवी देखते हैं तो किसी मैसेजिंग या चैटिंग के दौरान वीडियो या मैप साइड विंडोज में आ जाएगा और आप उसे अपनी जरूरत के अनुसार कहीं भी सेट कर सकते हैं। सच में एंड्रॉयड का फीचर बहुत कमाल का है। परंतु आईओएस में यह कमी जरूर महसूस होगी। पिक्चर इन पिक्चर अभी नहीं है।

होम स्क्रीन कस्टमाइजेशन
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एप्पल भले ही अपने आप को ज्यादा सिक्योर कहे लेकिन कस्टमाइजेशन के मामले में एंड्रॉयड से बहुत पीछे है। एप्पल में आप ऐप को ग्रीड लाइन में ही रख सकते हैं। अपने मन मुताबिक उसका प्लेसमेंट स्क्रीन पर नहीं किया जा सकता। जबकि एंड्रॉयड आपको हर प्रकार की छूट देता है। आप साइज, स्थान, ग्रीड और फोल्डर सहित सब कुछ बदल सकते हैं। अपने हिसाब से पूरा होम स्क्रीन डिजाइन कर सकते हैं।

लुक और फील
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फोन यदि कुछ दिन पुराना हो जाए तो फिर आप एक ही तरह के लुक और स्टाइल को देखकर थोड़े बोर से हो जाते हैं। यदि आप एप्पल यूजर हैं तो फिर आपके पास एक ही उपाय है बैक कवर को बदला जा सकता है। परंतु एंड्रॉयड यूजर हैं तो फिर ​आप बहुत कुछ कर सकते हैं। आप अपने का यूआई बदल सकते हैं। नया लॉन्चर लगा सकते हैं। प्ले स्टोर पर बहुत से लॉन्चर्स फ्री में उपलब्ध हैं। वहीं होम स्क्रीन पर चेजिंग वॉलपेपर और कस्टमाइज वीजेट्स सहित कई आॅप्शन उपलब्ध होंगे।

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