TRAI के इस फैसले से Jio को लगा झटका, एयरटेल और वोडाफोन को अभी भी राहत

टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने रिलायंस जियो को झटका देते हुए इंटर-नेटवर्क कॉलिंग पर लगने वाले इंटरनेट कनेक्ट चार्जेस (आईयूसी) को जनवरी, 2020 से खत्म करने का फैसला टाल दिया है। ट्राई की ओर से आईयूसी को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब नई रिपोर्ट में 2021 में खत्म किए जाने की बात सामने आई है।

बता दें कि पहले आईयूसी चार्जेस जनवरी, 2020 से खत्म किए जाने थे और इसी को लेकर टेलिकॉम ऑपरेटर्स के बीच इसे काफी मतभेद चल रहा था। जियो के ग्राहकों को अब भी किसी दूसरी कंपनी के नेटवर्क पर कॉल करने के लिए प्रति मिनट 6 पैसे देने होंगे।

बता दें कि भारती एयरटेल और वोडाफोन ने जहां आईयूसी जारी रखने की अपील की थी, वहीं जियो चाहता था कि इसे खत्म किया जाए। इसके अलावा एयरटेल और वोडाफोन आइडिया अपने कस्टमर्स से IUC चार्ज ले रहे हैं। हालांकि, जियो ने IUC के टॉप-अप रिचार्ज पेश कर दिए हैं।

ट्राई ने मंगलवार कहा कि वायरलेस से वायरलेस डोमेस्टिक कॉस्ट के लिए टर्मिनेशन चार्ज 31 दिसंबर, 2020 तक पहले की तरह 6 पैसे प्रति मिनट ही रहेगा। 1 जनवरी, 2021 से वायरलेस टू वायरलेस डोमेस्टिक कॉल्स के लिए जीरो हो जाएगा।

गौरतलब है कि वोडाफोन और भारती एयरटेल के लिए IUC चार्ज जारी रहना अच्छी खबर है क्योंकि दोनों ही कंपनियां चाहती थीं कि इन्हें जारी रखा जाए। रिलायंस जियो चाहता था कि इन चार्जेस को खत्म किया जाए इसलिए यह खबर जियो के लिए एक बड़ा झटका साबित हुआ है।

क्या है IUC चार्ज

इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज (IUC) एक मोबाइल टेलिकॉम ऑपरेटर द्वारा दूसरे को भुगतान की जाने वाला प्राइस है। जब एक टेलीकॉम ऑपरेटर के ग्राहक दूसरे ऑपरेटर के ग्राहकों को आउटगोइंग मोबाइल कॉल करते हैं तब IUC का भुगतान कॉल करने वाले ऑपरेटर को देना पड़ता है। दो अलग-अलग नेटवर्क के बीच ये कॉल मोबाइल ऑफ-नेट कॉल के रूप में जानी जाती हैं। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा IUC शुल्क निर्धारित किए जाते हैं और वर्तमान में यह 6 पैसे प्रति मिनट हैं।

LEAVE A REPLY