क्या आप जानते हैं एंडरॉयड फोन में क्या है डेवलपर्स मोड और क्यों जरूरी है इसे आॅन करना

आज वैश्विक स्तर पर एंडरॉयड फोन का बोलबाला है। हालांकि एप्पल का आईओएस आॅपरेटिंग सिस्टम भी है लेकिन लोकप्रियता के मामले में वह गूगल एंडरॉयड के आसपास भी नहीं है। परंतु क्या आप जानते हैं कि एंडरॉयड आॅपरेटिंग सिस्टम इतना लोकप्रिय क्यों है! इसमें आप बस यही कहेंगे कि यह ओएस सस्ते फोन में उपलब्ध होता है इसलिए। पंरतु ऐसा नहीं है क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट मोबाईल ओएस भी सस्ते फोन में उपलब्ध होता था फिर लोगों ने उसे क्यों नकार दिया। एंडरॉयड फोन लोकप्रिय होने का सबसे बड़ा कारण है आसान आॅपरेटिंग और कस्टमाइजेशन। अर्थात यदि आपके पास एंडरॉयड फोन है तो आप न सिर्फ फोन के मालिक हैं बल्कि सॉफ्टवेयर पर भी आपका अधिकार होता है। अपने मन मुताबिक उसमें बदलाव कर सकते हैं।

अब आप यही सोच रहे होंगे कि यह कैसे संभव है। फोन के सॉफ्टवेयर और इंटरफेस में कैसे बदलााव किया जा सकता है। तो आपको बता दूं कि यह सब संभव है। आपके एंडरॉयड फोन में एक छुपा हुआ फीचर होता है जिसे डेवलपर्स आॅप्शन या डेवलपर्स मोड कहा जाता है। इमसेंं कई विकल्प होते हैं। इनके माध्यम से आप फोन में बहुत तरह के बदलाव कर सकते हैं। यह वह आॅप्शन है जो आम यूजर और खास यूजर में अंतर पैदा करता है। इसलिए यदि आप खास यूजर बनना चाहते हैं तो डेवलपर्स मोड को जरूर आॅन करें। आगे हमनें इसके 7 फायदे भी बताए हैं। परंतु सबसे पहले आपको डेवलपर्स मोड आॅन करने का तरीका बताया है।

कैसे करें डेवलपर्स मोड आॅन
जैसा कि हमने पहले ही बताया कि डेवलपर्स मोड छुपा हुआ होता है उसे आॅन करने की जरूरत है। इसके लिए सबसे पहले आपको

1. अपने एंडरॉयड फोन की सेटिंग में जाना है।
2. उसके बाद अबाउट फोन पर क्लिक करना है।
3. यहां बिल्ड नंबर दिखाई देगा। उस पर 5—7 बार क्लिक करें​गे तो डेवलपर्स मोड आॅन होने का मैसेज आ जाएगा।
4. अब आप फिर से बाहर आएंगे तो अबाउट फोन के पहले डेवलपर्स मोड का आॅप्शन मिलेगा।

क्या हैं डेवलपर्स मोड के फायदे
1. फोन को कर सकते हैं रूट: कई लोग अपने फोन के फीचर को इनहांस करने के लिए उसे रूट करते हैं। रूट करने के बाद फोन के रैम, मैमोरी और सीपीयू को आप खुद से कंट्रोल कर सकते हें। फोन रूट के माध्यम से कंपनी द्वारा दिए गए ओएस को हटाकर कस्टम ओएस डालने का भी विकल्प होता है। परंतु आपको मालूम होना चाहिए कि रूट करने के लिए सबसे पहले फोन में डेवलपर्स मोड को आॅन करना होगा और फिर डीबगिंग को आॅन कर ही रूट संभव है। ​डीबग के माध्यम से अपने फोन का फुल ऐक्सेस हम दूसरे डिवाइस या ओएस को देते हैं।
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2. डिवाइस एनिमेशन को कर सकते हैं तेज: यदि आपको लग रहा है कि आपका फोन थोड़ा धीमा रिस्पॉन्स कर रहा है, तो बिना किसी थर्ड पाटी ऐप के या फिर डाटा डिलीट किए डिवाइस एनिमेशन स्केल से अपने एंडरॉयड फोन को तेज कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको डेवलपर्स आॅप्शन को आॅन करना होगा। इसमें नीचे स्क्रॉल करेंगे तो एनिमेशन स्केल का विकल्प मिलेगा उसे कम कर दें। यदि एक पर है तो उसे 0.5 या फिर 0 कर दें। इससे आपका फोन थोड़ा तेज हो जाएगा।
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3. कम रैम पर भी बेहतर चलेगा हाई ग्राफिक्स वाला गेम: यदि आप अपने फोन में कोई भारी भरकम ग्राफिक्स वाला गेम खेल रहे हैं और वह धीमा चल रहा है तो उसे डेवलपर्स मोड से ही फास्ट कर सकते हैं। डेवलपर्स आॅप्शन में आपको फोर्स 4एक्स मास का विकल्प दिखाई देगा उसे आॅन कर दें। इसके बाद आप खुद ही महसूस करेंगे कि गेम पहले से ज्याद स्मूथ चल रहा है।
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4. दिखाएं नकली लोकेशन: यदि आप नहीं चाहते कि कोई ऐप या ब्राउजर आपको सही लोकेशन देखे तो इसका भी हल डेवलपर्स मोड में ही है। डेवलपर्स मोड में जाएंगे तो आपको मोक लोकेशन का आॅप्शन मिलेगा उसे आॅन कर दें। इससे आपका वास्तविक लाकेशन छुप जाएगा और जो भी आपको ट्रैक कर रहो है उसे नकली लोकेशन दिखाई देगा।
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5. चार्जिंग के दौरान स्क्रीन हमेशा रहेगा आॅन: यदि आप चाहते हैं आप जब फोन को चार्जिंग पर लगा रहे हैं तो डिसप्ले आॅफ न हो। जब तक फोन चार्ज हो डिसप्ले आॅन ही रहे। तो इसका भी समाधान डेवपलर्स मोड में ही है। आप अपने फोन के ​डेवलपर्स मोड में आएंगे तो वहां स्टे अवेक का आॅप्शन मिलेगा उसे आॅन कर दे। जब भी फोन चार्ज पर रहेगा स्क्रीन आॅफ नहींं होगा।

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6. बैकग्राउंड लिमिट प्रोसेस: हालांकि अब नए ओरियो ओएस में गूगल ने बैकग्राउंड लिमिट को बाहर ही सेटिंग में दिया है लेकिन पुराने फोन में आप इसका उपयोग डेवलपर्स मोड से कर सकते हैं। कई फोन में एक साथ ढेर सारे ऐप ओपेन करने से फोन धीमा होने लगता है। ऐसे में आप बैकग्राउंड से ऐप्स को लिमिट कर सकते हैं। आप तय कर सकते हैं कि एक बार में कितना ऐप खुले।
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7. डेस्कटॉप बैकअप पासवर्ड: आप यदि अपने फोन डाटा का बैकअप डेस्कटॉप पर ले रहे हैं तो उससे पहले आप डेस्कॉप बैकअप पासवर्ड के माध्यम से डाटा को सुरक्षित कर सकते हैं। पासवर्ड के माध्यम से ये डाटा एनक्रिप्ट हो जाएगा और उसी से पासवर्ड से उसे डिक्रिप्ट किया जा सकता है। यह विकल्प भी आपको डेवलपर्स मोड में मिलेगा।