रोबोट और इंसान की पहचान करता है Captcha Code, जानें क्यूं और कहां से हुई इस टेक्नोलॉजी की शुरुआत

आज इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला हर व्यक्ति Captcha Code के बारे में जरूर जानता होगा। आप चाहें या ना चाहें बहुत सारी ऐसी वेबसाइटें मिल जाएंगी, जहां पर आपको कैप्चा कोड एंटर करना ही पड़ता है। कई बार किसी वेबसाइट पर साइन-अप, फॉर्म सबमिट और सर्फिंग करते समय कैप्चा कोड दिखाई देता है, लेकिन ये कम ही लोग जानते हैं कि आखिर कैप्चा कोड होता क्या है? क्यों और कब इसे बनाया गया? अगर आप भी इसके बारे में नहीं जानते तो आज हम आपने इस आर्टिकल में इन्हीं सवालों को जवाब देने की कोशिश करेंगे, लेकिन इन सबसे पहले आपको बता दें कि Captcha की फुल फॉर्म Completely Automated Public Turing test to tell Computers and Humans Apart है। साथ ही आपको यह भी बता दें कि 10 सेकेंड में के कैप्चा पजल को सॉल्व करने से गूगल को अपनी सर्विस इंप्रूव करने में मदद भी मिलती है। तो चलिए आगे हम इस तकनीक के बारे में बात करते हैं।

क्या है Captcha कोड

सबसे पहले बात करें है कि कंपलीलटी ऑटोमेटेड पब्लिक ट्यूरिंग टेस्ट टू सेल कम्यूटर्स एंड ह्यूमन अपार्ट (कैप्चा) कोड क्या है। कैप्चा का उपयोग आमतौर पर तब किया जाता है जब वेब एप्लिकेशन को क्लाइंट इनपुट की आवश्यकता होती है। दरअसल, Captcha एक ऐसा टेस्ट है जो इंसान और मशीन में फर्क करता है। इसलिए यह इस तरह से बनता है, जिसे सिर्फ इंसान द्वारा ही समझा जा सकता है। कैप्चा आम तौर पर अल्फाबेट और नंबर का बना होता है। कैप्चा एक मिश्रीत इमेज में आती है। जो मनुष्य पढ़ सकते हैं और फिर इन्हें टेक्सट बॉक्स में लिखना होता है।

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कितने प्रकार के होते हैं Captcha कोड

Captcha कोड कुल 5 प्रकार के होते हैं। यह आप पर निर्भर है आप किस तरह की सिक्योरिटी वाले कैप्चा को सिलेक्ट करना चाहते हैं। आइए आगे देखते हैं कौनसे हैं वह पांच प्रकार के कैप्चा?

टेक्सट रिग्रेशन बेस्ड कैप्चा कोड और ऑडियो बेस्ड कैप्चा

-लॉजिग Questions बेस्ड सीसी

-यूजर इंटरेक्शन बेस्ड सीसी

-इमेज रिग्रेशन बेस्ड सीसी

-3डी कैप्चा कोड

नोट: नेत्रहीन लोगो के लिए ऑडियो कैप्चा का ऑप्शन होता है।

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कहां से हुई Captcha कोड की शुरुआत

Captcha का आविष्कार वर्ष 2000 में Luis Von Ahn, Manuel Blum, Nicholas j. Hopper और John Langford ने किया था। इस तकनीक से इंसान और बॉट्स में फर्क आसनी से किया जा सकता था। 2001 में पेपाल ने भी इसका प्रयोग किया ताकि यूजर्स किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचा सके। इसे भी पढ़ें: क्या है Screen Refresh Rate और Touch Sampling Rate ? जानें कैसे हैं अलग

क्यू पड़ी Captcha कोड की जरुरत

अब आपके मन में सवाल होगा कि आखिर कैप्चा की जरुरत क्यों पड़ी तो आपको बता दें कि जब Captcha नहीं था तो कुछ इंटरनेट बॉट्स जिन्हें वेब रोबॉट भी कहा जाता है। इन्हीं बॉट्स से बचने के लिए वेबसाइट पर कैप्चा का इस्तेमाल किया जाता है। दरअसल, बॉट्स का इस्तेमाल फेक व्यूज या किसी साइट पर कमेंट करने का काम करते थे, जिससे बचने के लिए कैप्चा का आविष्कार हुआ। उदहारण के तौर पर इसे ऐसे समझा जा सकता है जैसे कि कोई अपनी कंपीटीटर वेबसाइट को डाउन करने के लिए बॉट्स का इस्तेमाल कर लगातार spam कमेंट करना चाहता है तो कैप्चा उसे ऐसा करने से रोकता है।

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Captcha Code डालने का सही तरीका

Captch कोड को समझना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन यदि आप ध्यान दें तो इसे आसानी से समझा जा सकता है। इमेज में अल्फाबेट और नंबर होते हैं। जो आपको सही से टेस्टबोक्स में डालने होते हैं। यदि आप सही नहीं डालते तो आपको फिर एक नया कोड भरने के लिए आ जाता है। अगर अल्फाबेट और नंबर के अलावा कोई इमेज आती है तो आपको उसे सही से सिलेक्ट करके ही सबमिट करना होगा। आगे भविष्य में आप जब भी कैप्चा कोड एंटर करें तो दो मिनट का समय लेकर एक बार जरुर ध्यान दें फिर आपको रि-कैप्चा नहीं एंटर करना होगा।

Captcha Code के फायदे और नुकसान

अगर आप यह समझ चुके हैं कि कैप्चा कोड क्या तो यह भी जान गए होंगे कि इसके क्या फायदे हैं। लेकिन, हर फ़ायदेमंद टेक्नोलॉजी की तरह ही इसके कई नुकसान भी हैं। आइए आगे इन्हीं दोनों पर बात करते हैं।

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फायदे

कैप्चा से कमेंट बॉक्स में स्पैम कमेंट की जगह सिर्फ सही रीडर्स ही कमेंट ही मिलते हैं। वहीं, यह मशीन को अकाउंट नहीं बनाने देता और इसके आसानी से बॉट से बचा जा सकता है। इसके अलावा इसे और मजबूत बनाने के लिए लगातार परिवर्तन किया जा रहा है और इसे मशीनों के लिए कठिन से कठिन बनाने की कोशिश की जा रही है। इसे भी पढ़ें: अपना फोन किसी को देने पर लगता है डर ? यह ट्रिक कर देगी काम आसान, आपकी मर्जी के बिना नहीं खुलेगी कोई भी ऐप

नुकसान

कई बार कोड इतना मुश्किल होता है कि रोबोट दो दूर की बात इसे इंसान भी नहीं समझ पाते हैं। मुश्किल होने के कारण कई बार लो कैप्चा एंटर नहीं कर पाते और बिना वेबसाइट में जाए ही निकल जाते हैं।

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