क्या है Carrier Aggregation ? जानें किस तरह से यह तकनीक चुटकियों में बढ़ा देगी 4G और 5G की डाटा स्पीड

what is carrier aggregation how it works and its benefits

बेशक इंडिया में 5G की चर्चा ज़ोरो पर है लेकिन यह भी सच है कि देश के कई इलाकों में लोग अच्छी 4G स्पीड के लिए अभी भी तरस रहे हैं। लेकिन क्या आपको पता है आपके मोबाइल फोन के अंदर ही एक ऐसी तकनीक छिपी है जो बिना किसी एक्स्ट्रा खर्च के ही आपके डाटा व इंटरनेट की स्पीड बढ़ा सकती है ? इस तकनीक को Carrier Aggregation कहा जा रहा है जो मौजूदा वक्त में खुद से ही मोबाइल की डाटा स्पीड को फास्ट कर देती है। यदि आपके लिए यह शब्द नया है तो आगे हमने बेहद ही सरल तरीके से और भारी भरकम टेक्निकल शब्दों का उपयोग किए बिना ही Carrier Aggregation को समझाने की कोशिश की है। यहां आप जान पाएंगे कि किस तरह से यह तकनीक 4G नेटवर्क में बेहद ही फायदेमंद है और आगे 5G में भी बहुत काम आने वाली है।

क्या होता है Carrier Aggregation

Carrier का मतलब होता है संवाहक। या यूं कहे कि एक ऐसा रूट या रास्ता जो डाटा को एक प्वाइंट से दूसरे प्वाइंट तक ले जाता है। मोबाइल के क्षेत्र में आपके मोबाइल और टॉवर के बीच का रूट बनाने वाले को कैरियर कहा जाता है। यानी कोई ऐसा फीचर या तकनीक जो स्मार्टफोन से मोबाइल टॉवर तक तथा वापिस टॉवर से मोबाइल फोन तक डाटा को लेकर चलता है।

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Aggregation का सीधा सा अर्थ है ‘संग्रह करना’ या ‘जमा करना’। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में यहां एग्रीगेशन का मतलब है बहुत सारे कैरीअर को एक साथ जमा कर ले। यानी मोबाइल फोन और मोबाइल टॉवर के बीच बने कई सारों रास्तों को जो एक साथ जोड़ दें वह कहलाएगा Carrier Aggregation. यह भी पढ़ें : Jio कंपनी से यूजर्स की मांग, 5G बेशक देर से लाओ लेकिन पहले 4G की स्पीड तो बढ़ाओ

मोबाइल फोन में Carrier Aggregation का काम

करियर एग्रीगेशन कैसे काम करता है इसे समझने के लिए पहले एक छोटा और सिंपल सा उदाहरण उठाते हैं। अगर आप किसी वन-वे सड़क पर ड्राईव कर रहे हो और गाड़ियों की गिनती भी ज्यादा हो तो आपकी स्पीड कुछ धीमी रहेगी। क्योंकि ने तो सामने से आने वाली गाड़ी की लेन में जा पाएंगे और न ही आगे चल रही गाड़ी को ओवरटेक कर पाएंगे। वहीं अगर आप मल्टी लेन रोड़ पर हो जहां आने वाले गाड़ियों के लिए अलग लेन और जाने वाली के लिए अलग लेन हो, तो आपकी गाड़ी की स्पीड भी फास्ट हो जाएगी और उसे दौड़ने के लिए खाली और बिना रूकावट वाला रास्ता भी मिलेगा।

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Carrier Aggregation का काम भी कुछ ऐसा ही है। फोन में यह सर्विस नहीं होगी तो डिवाईस और टॉवर के बीच सिंगल रूट मौजूद रहेगा और डाटा उसी पर ट्रैवल करेगा। ऐसा करने के डाटा की लोड बढ़ेगा और ट्रैवल स्पीड कम हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर स्मार्टफोन में करियर एग्रीगेशन सपोर्ट होगा तो यह कई सारे रूट को एक साथ जोड़ कर बड़ा रास्ता यानी बड़ी बैंडविद्थ प्रदान करेगा जिसपर मोबाइल फोन और मोबाइल टॉवर के बीच डाटा का आदान-प्रदान बेहद तेजी से और बिना किसी रूकावट के चलता रहेगा। यह भी पढ़ें : 1G, 2G से लेकर 5G तक का सफर, देखें कितना बदला इंटरनेट बाजार

Carrier Aggregation का फायदा

अब तक तो आपको अंदाजा लग ही गया होगा कि किसी भी स्मार्टफोन में Carrier Aggregation कितना फायदेमंद साबित हो सकता है। फिर भी इस शानदार फीचर के मुख्य लाभ हमने आगे प्वाइंट्स के जरिये बताए हैं, जिन्हें पढ़कर आप समझ पाएंगे कि मौजूदा 4G और आने वाले 5G में यह करियर एग्रीगेशन तकनीक कितना फायदेमंद साबित होगी।

  • सुपर फास्ट इंटरनेट

Carrier Aggregation सपोर्ट होने से स्मार्टफोन को डाटा सेंड करने और उसे टॉवर से रिसीव करके लिए बड़ा रूट मिलता है जिसपर वह डाटा बिना रूकावट के स्मूथली ट्रैवल कर सकता है। इस रूट पर डाटा लॉस कम हो जाता है और बाहरी डाटा की भी खलल नहीं होती। इस सभी आस्पेक्ट की बदौलत फोन में इंटरनेट की स्पीड फास्ट हो जाती है।

  • अपलोड-डाउनलोड स्पीड

इंटरनेट स्पीड के मामले में आप जानते ही होंगे कि फोन की अपलोड स्पीड अलग होती है और डाउनलोड स्पीड अलग होती है। यह सब अपलिंक और डाउनलिंक पर निर्भर करता है। लेकिन Carrier Aggregation सपोर्ट की बदौलत मोबाइल फोन में फास्ट इंटरनेट ही नहीं बल्कि डाटा की अपलोड और डाउनलोड स्पीड दोनों को बूस्ट मिलता है।

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  • बिना बफरिंग प्ले

Carrier Aggregation का फायदा ऑनलाईन कंटेंट में भी मिलता है। इस तकनीक के जरिये न सिर्फ फास्ट डाटा ट्रांसफर बल्कि स्टेबल डाटा ट्रांसफर भी प्रदान होता है। इसके चलते ऑनलाईन वीडियो कंटेंट प्ले करने पर बफरिंग की समस्या सामने नहीं आती है और वीडियो बिना रूकावट चलती रहती है।

  • स्टेबल वीडियो क्वॉलिटी

क्या बिना रूकावट वीडियो चलना ही काफी है ? आपने नोटिस किया होगा इंटरनेट डाटा फ्लक्चूएट करने पर यानी स्पीड के घटने-बढ़ने की स्थिति में वीडियो बेशक बफर न करती हो लेकिन उसकी क्वॉलिटी स्टेबल नहीं रहती है। 1080 या 720 क्वॉलिटी में चलाई गई वीडियो 360 तक आ जाती है। लेकिन Carrier Aggregation के चलते ऐसी समस्या खत्म हो जाती है और वीडियो एक ही रेज्ल्यूशन पर चलती रहती है।

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