स्नैपचैट के बाद व्हाट्सऐप का आया यह बयान, सु​प्रीम कोर्ट पहुंचा मामला

डाटा प्राइवेसी के नाम पर सवालों के घेरे में आई फेसबुक और व्हाट्सऐप की जंग अब भारतीय सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है। एक ओर जहां व्हाट्सऐप लगभग हरेक स्मार्टफोन यूजर्स का महत्वपूर्ण अंग बन चुकी है, वहीं सुप्रीम कोर्ट के समक्ष व्हाट्सऐप ने कह दिया है कि कोई भी यूजर अगर चाहे तो ऐप का इस्तेमाल छोड़ सकता है।

गौरतलब है कि फेसबुक अधिकृत मैसेंजिंग साइट व्हाट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे। 2016 में लागू हुई नई प्राइवेसी पॉलिसी के तहत व्हाट्सऐप के यूजर्स के डाटा फेसबुक को भेजे जाते हैं। इस डाटा में किसी भी यूजर के निजी ब्यौरे के साथ ही उनकी बातचीत तक रिकॉर्ड में रहती है। इसी के चलते व्हाट्सऐप के खिलाफ याचिका दर्ज की गई थी।

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इस याचिका में कहा गया था कि व्हाट्सऐप भारतीय सविंधान के आर्टिकल 21 का उल्लधंन कर रही है और लोगों की निजता का हनन हो रहा है। याचिका में व्हाट्सऐप द्वारा फेसबुक से शेयर की जा रही जानकारी का विरोध किया गया है।

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लेकिन अब इस मामले ने रोमांचक मोड़ ले लिया है जब व्हाट्सऐप की ओर से देश में नियुक्त ​अधिकारी के के वेनुगोपाल ने साफ कह दिया है कि कंपनी ने लोगों को पूरी आजादी दे रखी है और जिसे भी व्हाट्सऐप की पॉलिसी से कोई समस्या है वह ऐप को छोड़ सकता है।

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कुछ दिनों पहले स्नैपचैट के सीईओ का भारत के संबंधित एक बयान सामने आने पर इंडियन यूसर्ज ने इसकी कड़ी निंदा की थी। ऐसे में अब यह देखना बाकी है कि व्हाट्सऐप की ओर से लोगों को कोई तसल्ली देने या हल बताने की बजाय व्हाट्सऐप छोड़ देने की नसीहत देना किस हद तक सही है।