शाओमी प्रीफर्ड पार्टनर हो रहे हैं परेशान, लगाया कंपनी पर यह आरोप

कुछ माह पहले ही खबर आई थी कि सैमसंग को पीछे छोड़ शाओमी भारत का नंबर एक स्मार्टफोन निर्माता कंपनी बन गया है। परंतु कहते हैं न कि नंबर एक पर आना उतना मुश्किल नहीं होता ​जितना की नंबर एक पर बने रहना। शाओमी के साथ भी कुछ ऐसा ही होने लगा है। कंपनी ने अब तक अपने पूरे पंख भी नहीं खोलें है लेकिन उड़ने में मुश्किलों का अहसास होने लगा है। कंपनी ने पिछले साल भारत में आॅफलाइन सेग्मेंट में दस्तक दिया था और देश के अलग-अलग हिस्सो में शाओमी प्रीफर्ड पार्टनर बनाए थे। आज दिल्ली एनसीआर में ही इन प्रीफर्ड पार्टनर की संख्या 100 से ज्यादा हो चुकी है। परंतु जिन पार्टनर के दम पर कंपनी नंबर 1 की कुर्सी पाने में सफल रही अब वो ही कंपनी की नीतियों की आलोचना करने लगे हैं।

हालांकि मामला पुराना है लेकिन अब चर्चा ज्यादा होने लगी है। हाल में शाओमी ने रेडमी नोट 5, रेडमी नोट 5 प्रो और रेडमी 5 जैसे बेहतरीन फोन को पेश किया है। शुरुआत में ये फोन आॅनलाइन स्टोर पर उपलब्ध थे और हाल में ही आॅफलाइन स्टोर पर भी दस्तक दे चुके हैं। आॅनलाइन हो या आॅफलाइन इन फोंस की भारी मांग हैं लेकिन रिटेलर्स बेचे किस फोन को जब उनके पास स्टॉक ही नहीं है। वीवो लॉन्च करेगा एक्स21ए, गीकबेंच पर हुआ लिस्ट

इस बारे में दिल्ली के एक शाओमी प्रीफर्ड पार्टनर ने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी दी कि शाओमी फोन के इनवेंटरी की सबसे बड़ी परेशानी है। लगभग एक माह पहले रेडमी नोट 5 सीरीज के फोन आॅफलाइन स्टोर पर आ चुके थे लेकिन अब मुश्किल से 5 या छह यूनिट ही मिली है। कंपनी पुराने मॉडल को सेल के लिए ज्यादा दबाव बनाती है। शाओमी रेडमी नोट 5 प्रो के लिए अब नहीं करना होगा फ्लैश सेल का इंतजार, कंपनी ने शुरू की नई सर्विस

वहीं जयपुर के एक रिटेलर ने इस बारे में कहा कि शाओमी रेडमी 5, रेडमी नोट 5 और रेडमी नोट 5 प्रो को बेहद ही कम मात्रा में दिया जा रहा है। सभी मॉडल के सप्ताह में एक या दो यू​निट आ रहे हैं जबकि कंज्यूमर की मांग इससे कहीं ज्यादा है। नए फोन के स्टॉक न होने की वजह से हमें काफी कंज्यूमर के गुस्से का भी सामना करना पड़ रहा है। शाओमी का पुराना मॉडल कोई लेना नहीं चाहता।

मी होम भी कर रहे हैं परेशान
सबसे खास बात यह कही जा सकती है कि शाओमी प्रीफर्ड पार्टनर को कंपनी के ही आॅफलाइन ब्रांड शॉप मी होम की वजह से भी परेशानी हो रही है। शाओमी द्वारा बड़े बड़े शहरों में कंपनी ब्रांड स्टोर की शुरुआत की गई है। इन स्टोर पर आॅनलाइन की कीमत के बराबर ही प्राइस होते हैं। जबकि प्रीफर्ड पार्टनर स्टोर पर कीमत आॅनलाइन की अपेक्षा 500 रुपये ज्यादा हैं। ऐसे में जो स्टोर मी होम के आस-पास है उन्हें काफी परेशानी हो रही है।

एक रिटेलर ने जानकारी दी कि भारत में किसी फोन की कीमत में 50 रुपये का अंतर भी बहुत बड़ा होता है। ऐसे में यहां तो फोन पर 500 रुपये का अंतर है। इसलिए लोग फोन के बारे में जानकारी लेते हैं लेकिन खरीदारी मी होम से करते हैं। आॅफलाइन में इस दोहरी नीति की वजह से मीहोम के नजदीकी रिटेलर्स को बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

शाओमी प्रीफर्ड पार्टनर स्टोर पर जारी इस अनिमिताओं रिटेलर्स हो रही परेशानियों को लेकर हमनें कंपनी ने से भी संपर्क साधा है और अब उनके जवाब का इंतजार है।

SHARE
Previous articleएयरटेल दे रही है 30जीबी 4जी डाटा बिल्कुल फ्री, जानें कैसे पाएं मुफ्त
Next article​बंद हुई शाओमी मी1 की सेल, जानें क्या है पूरा मामला
टेक्नोलॉजी शौक नहीं इनका जुनून है और इसी जुनून ने इन्हें टेक जगत में आने के लिए प्रेरित किया। मुकेश कुमार सिंह उन चंद लोगों में से हैं जिन्होंने हिंदी में मोबाइल रिव्यू लिखने की शुरूआत की। अपने 15 सालों के प​त्रकारिता के सफर की शुरुआत इन्होंने हिंदी डेली से की और पिछले 13 सालों से ये मोबाइल तकनीकी क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक ये मॉय मोबाइल मैगजीन और बीजीआर जैसे वेबसाइट के लिए कार्य कर चुके हैं। वहीं जागरण और नवभारत टाइम्स जैसे अखबारों में इनके लेख नियमित रूप से छपते रहते हैं।