बाय-बाय याहू, इंटरनेट चैटिंग से रूबरू कराने वाला याहू मैसेंजर आज से हुआ बंद

हम जैसे 90 के दशक में जन्मे बच्चों ने इंटरनेट को जवान होते देखा है। हमनें इंटरनेट की शुरूआत से लेकर आज सोशल नेटवर्क के जाल को समझा है। इंटरनेट पर मेल या मैसेज की शुरूआत का जिक्र किया जाए तो याहू का नाम सबसे पहले आएगा। हमारी यानि 90 के दशक वाली जेनरेशन को याहू ने ही आॅनलाईन चैटिंग सिखाई थी। आज फेसबुक, व्हाट्सऐप के ज़माने में याहू मैसेंजर बेशक बहुत पीछे छूट चुका है, लेकिन एक वक्त था जब याहू मैसेंजर का इंटरनेट की दुनिया पर राज था। कई सालों तक कम्प्यूटर की स्क्रीन से जरिये लोगों को जोड़ कर रखने वाला याहू मैसेंजर आज सभी को अलविदा कह गया है। याहू मैसेंजर आज से बंद हो गया है।

इंटरनेट पर चैटिंग से रूबरू कराने वाला याहू मैसेंजर आज से बंद हो गया है। रिकी टेलीकॉम कंपनी वेराइज़न ने याहू मैसेंजर को पांच अरब डॉलर यानि तकरीबन 33,580 करोड़ रुपये की कीमत पर खरीदा लिया है। लंबे समय तक फैसले का इंतजार करने के बाद आज यानि 17 जुलाई को वह दिन आ गया है जब याहू मैसेंजर को बंद कर दिया गया है। हालांकि यूजर्स की जरूरतों और भावनाओं को समझते हुए कंपनी ने 6 महीने तक यूजर्स को अपनी चैट हिस्ट्री डाउनलोड करने का समय दिया है।

girl-looking-at-smartphone

याहू के सफर की शुरूआत साल 1994 में जेरी यांग और डेविड फिलो ने की थी। एक साल बाद ही मार्च 1995 में याहू को बतौर कंपनी गठित किया गया और अगस्त महीने में याहू ने अपनी कमर्शियल वेबसाइट लॉन्च कर दी थी। शुरूआत में याहू अपनी वेबसाइट पर न्यूज कंटेंट चलाते थे जिसके बाद 1996 में याहू ने अपना आईपीओ लॉन्च कर अपना कद बड़ा कर लिया था।

याहू न सिर्फ यूजर्स में प्रसिद्ध होने लगी बल्कि कुछ ही वर्षो में याहू ने फोर11, रॉकेट मेल, वायावेब, जियोसिटीज़ और इंटरनेट रेडियो ब्रॉडकॉस्ट डॉट को भी अपने साथ मिला लिया था। 21वीं सदी की शुरूआत में ही याहू ने जॉब सर्च इंजन हॉट जॉब्स और इंकटोमी का अधिग्रहण करने के साथ ही टेलीकॉम कंपनी बीटी वर्ल्ड से भी संधि करार कर लिया था।

साल 2008 में याहू को खरीदने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने 44 अरब डॉलर की बोली लगाई जिसके बाद याहू ने सर्च के लिए माइक्रोसॉफ्ट से हाथ मिलाया। याहू के सफर में फेसबुक का भी अहम रोल रहा है। साल 2012 में याहू ने पेटेंट उल्लंघन के मामले पर फेसबुक पर केस किया था, जिसके बाद प्रतिस्पर्धा में एफबी ने भी याहू पर आरोप लगाए।

तकरीबन 20 साल के सफर के बाद आज याहू मैसेंजर इंटरनेट को अलविदा कह चुका है। आज 17 जुलाई के दिन याहू मैसेंजर ने अपनी चैट सर्विस पर विराम लगा दिया है।