5G Technology | Tech News in Hindi (टेक न्यूज़) https://www.91mobiles.com/hindi Thu, 30 Jun 2022 08:28:45 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.5.3 4000mAh बैटरी वाला Nokia G11 Plus लॉन्च, एक बार चार्ज करने पर तीन दिन चलेगा फोन https://www.91mobiles.com/hindi/4000mah-battery-smartphone-nokia-g11-plus-launched/ https://www.91mobiles.com/hindi/4000mah-battery-smartphone-nokia-g11-plus-launched/#respond Thu, 30 Jun 2022 08:28:45 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=83334 Nokia G11 Plus स्मार्टफोन में 50MP डु्अल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है।

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Nokia G11 Plus स्मार्टफोन को कंपनी ने चुपके से लॉन्च कर दिया है। नोकिया की G सीरीज़ का यह स्मार्टफोन इस साल की शुरुआत में लॉन्च किए Nokia G11 का अपग्रेड वर्जन है। हालांकि नोकिया ने स्पेसिफिकेशन्स के मामले में इस फ़ोन में ज़्यादा अपग्रेड नहीं किए हैं। लेटेस्ट Nokia G11 Plus स्मार्टफोन 90Hz डिस्प्ले और डुअल रियर कैमरा के साथ पेश किया गया है। नोकिया का दावा है कि यह फोन सिंगल चार्ज में तीन दिन तक बैटरी बैकअप ऑफर करता है। इसके साथ ही नोकिया ने वादा किया है कि इस फोन के लिए दो एंड्रॉयड अपग्रेड और तीन साल तक मंथली सिक्योरिटी अपडेट प्रोवाइड किए जाएंगे।

Nokia की ऑफिशियल वेबसाइट से लेटेस्ट Nokia G11 Plus स्मार्टफोन की कीमत और उपलब्धता के बारे में जानकारी मिलती है। नोकिया का यह फोन चारकोल ग्रे और लेक ब्लू कलर में पेश किया गया है। नोकिया का यह फोन 4GB RAM और 64GB स्टोरेज ऑप्शन में पेश होगा।

Nokia G11 स्मार्टफोन को कंपनी ने फरवरी में 3GB रैम और 32GB स्टोरेज मॉडल के साथ 499 AED (करीब 10,700 रुपये) की कीमत में पेश किया था। नोकिया का यह फोन चारकोल और आइस कलर में पेश किया गया है।

Nokia G11 Plus स्पेसिफिकेशन्स

Nokia G11 Plus

Nokia G11 Plus स्मार्टफोन में 6.517-इंच का HD+ डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रिफ्रेश रेट 90Hz है। नोकिया ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि इस फोन में कौन सा प्रोसेसर दिया गया है। हालांकि कंपनी की वेबसाइट से यह कंफर्म होता है कि फोन में 4GB की रैम दी गई है। यह भी पढ़ें : iQOO 10 सीरीज के स्मार्टफोन की स्पेसिफिकेशन्स और डिजाइन हुए लीक, ये हैं खासियत

कैमरा स्पेसिफिकेशन्स की बात करें तो Nokia G11 Plus स्मार्टफोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया जाएगा। फोन का प्राइमरी कैमरा 50MP का है। इसके साथ ही फोन में 2MP का सेकेंडरी कैमरा दिया गया है। इसके साथ ही Nokia G11 Plus स्मार्टफोन में 8-मेगापिक्सल का सेल्फ़ी कैमरा दिया गया है। Nokia G11 Plus स्मार्टफोन 64GB स्टोरेज दिया गया है। इसके साथ ही फ़ोन की स्टोरेज बढ़ाने के लिए माइक्रोएसडी कार्ड स्लॉट दिया गया है। नोकिया के इस फ़ोन में 4000mAh की बैटरी दी गई है।

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1G से 5G तक का सफर, यहां देखें एक झलक! मोबाइल नेटवर्क और टेक्नोलॉजी के बदलाव की रोचक कहानी https://www.91mobiles.com/hindi/five-generations-of-mobile-technology-from-1g-to-5g/ https://www.91mobiles.com/hindi/five-generations-of-mobile-technology-from-1g-to-5g/#respond Mon, 13 Jun 2022 11:12:48 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=59308 1G से लेकर 5G तक के इस रोचक सफर को आज हमने बेहद ही सरल और आसान शब्दों में अपने पाठकों के सामने रखने की कोशिश की है।

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5G in India बेहद जल्द सपनों से बाहर निकलकर हकिकत बनने वाला है। Jio, Airtel और Vi जैसी देश की टेलीकॉम कंपनियां और Google, Amazon, Nokia, Ericsson, Cisco और TCS जैसी दिग्गज टेक कंपनियों ने 5जी के जाल को देश में तेजी से बिछाना शुरू कर दिया है और अब बस इंतजार है तो 5g spectrum auction का। जैसे ही इन स्पेक्ट्रम की नीलामी का काम पूरा हो जाएगा, उसके कुछ ही हफ्तों बाद इंडिया में 5G Network ऑफिशियली रोल आउट कर दिया जाएगा। सिर्फ सुपर फास्ट 5G Internet ही नहीं बल्कि IoT व कई अन्य काम भी बेहद सरल व सुगम बन जाएंगे।

मोबाइल यूजर्स के लिए 5जी पाना पहले ही आसान बनाया जा चुका है। Realme, Xiaomi, Samsung और OPPO, VIVO समेत आज भारतीय बाजार में मौजूद लगभग सभी मोबाइल ब्रांड अपना 5G Smartphone लॉन्च कर चुके हैं। आम आदमी तक इन 5जी फोंस की पहुंच आसान बनाने के लिए 12 हजार तक के बजट में सस्ते 5जी मोबाइल लॉन्च हो चुके हैं और अब इनमें 5जी नेटवर्क चालू किए जाने की प्रतीक्षा हो रही है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है 5G तक पहुंचने के लिए मोबाइल और नेटवर्क तकनीक किन पड़ावों से होकर गुज़री है? 1G से लेकर 5G तक के इस रोचक सफर को आज हमने बेहद ही सरल और आसान शब्दों में अपने पाठकों के सामने रखने की कोशिश की है। आगे प्वाइंट्स में आप समझ पाएंगे कि 1G, 2G, 3G और 4G से लेकर 5G तक Mobile and wireless communication में क्या-क्या बदलाव आए हैं।

Mobile Wireless Technology

1G

मोबाइल फोंस की शुरूआती स्टेज थी 1G, जो 1980 के दौरान सामने आई थी। उस वक्त हालांकि लोगों ने खुद नहीं सोचा होगा कि जिस तकनीक का वह ईजाद कर रहे हैं उसे भविष्य में 1G के नाम से जाना जाएगा। आपको याद भी होगा या फिर फिल्मों में ही देखा होगा उन दिनों लंबे एंटिना वाले मोबाइल फोन चला करते थे। उन्हें ही फर्स्ट जेनरेशन मोबाइल फोन कहा जाता है। 1G मोबाइल फोंस की टेलीक्म्यूनिकेशन स्पीड 24kb/s यानी 24 किलोबाइट प्रति सेकेंड होती थी।

five Generations of Mobile Technology from 1G to 5G
गूगल से प्राप्त प्रतिरूपक फोटो

स्पीड हालांकि उस वक्त बहुत ज्यादा मायने नहीं रखती थी, क्योंकि तब लोगों की जरूरतें भी ऐसी नहीं थी। लेकिन कम स्पीड के अलावा इस जनरेशन की सबसे बड़ी खामी यह थी कि उस फोन से कोई भी मैसेज नहीं किया जा सकता था। इस टेक्नोलॉजी में डिजिटल नहीं बल्कि सिर्फ एनालॉग काम ही मुमकिन था। फोन में सिर्फ एनालॉग सिग्नल का ही आदान-प्रदान होता था और इसी से वॉयस कॉलिंग होती थी। इस फोन में SMS नहीं होते थे। यह भी पढ़ें : ये हैं 500 रुपये से भी कम कीमत वाले कीपैड मोबाइल फोन

2G

फर्स्ट जेनरेशन में बाकी रह गई कसर को पूरा करने के लिए लाया गया था 2G, जिसने 1990 के दशक में एंट्री ली थी। इस तकनीक के साथ स्पीड भी बढ़ाई गई जो 64kb/s यानी 64 किलोबाइट प्रति सेकेंड के करीब पहुंच गई थी। हालांकि इस स्पीड को भी बहुत ज्यादा नहीं कहा जाएगा, लेकिन इस जेनरेशन में जो सबसे बड़ी चीज जुड़ी, वह थी मैसेज। 2जी के साथ मोबाइल फोंस में वॉयस कॉलिंग के साथ-साथ मैसेज का चलन भी शुरू हो गया था।

five Generations of Mobile Technology from 1G to 5G
गूगल से प्राप्त प्रतिरूपक फोटो

SMS की शुरूआत 2G के दौरान ही हुई थी। यही वो दौर था, जब एक मैसेज करने का 3 रुपये तक का चार्ज लगता था और उसमें भी टेक्स्ट लिमिट यानी शब्दों की सीमा होती थी। खैर 2G का ही दौर था जिसने मोबाइल फोन को कॉम्पेट बनाया और आदमी फोन को अपनी जेब में रखकर चलने लगा था। इस समय फोन में फोटोज़ का आदान-प्रदान शुरू हो गया था, लेकिन ट्रांसफर की स्पीड और मीडिया क्वॉलिटी काफी लो थी। यह भी पढ़ें : 15,000 रुपये से कम कीमत वाले 5 सबसे सस्ते 5G Phone

3G

मोबाइल की थर्ड जेनरेशन ने नेटवर्क की स्पीड को किलोबाइट से उठाकर मेगाबाइट में पहुंचाया था। साल 2003-2004 के दौरान 3G की एंट्री पूरी तरह से हो गई थी और इसी के साथ मल्टीमीडिया मोबाइल फोंस का आगाज हुआ था। यानी इस जेनरेशन ने वॉयस कॉलिंग और एसएमएस को आगे बढ़ने का रास्ता दिखाया। 3G जब आया तो मोबाइल फोंस में 2mb/s तक की स्पीड मिलने लगी थी।

five Generations of Mobile Technology from 1G to 5G
गूगल से प्राप्त प्रतिरूपक फोटो

3G में फोन पर बात करने और मैसेज करने के साथ-साथ इंटरनेट का इस्तेमाल भी किया जाने लगा था। यही दौर था जब Facebook जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और YouTube जैसे वीडियो स्ट्रीमिंग ऐप्स ने बाजार में छाना शुरू किया था। लेकिन इंटरनेट स्पीड कम होने के चलते यूट्यूब जैसी सर्विसेज़ को बफरिंग का सामना करना पड़ा था और इसके लिए HHPA+ और HHSPA Turbo जैसे वर्ज़न भी पेश किए गए थे, जिसके बाद स्पीड 42एमबीपीएस तक पहुंच गई थी। यह भी पढ़ें : Virtual RAM किसे कहते हैं और मोबाइल फोंस में इसका क्या है काम? इस कमाल की तकनीक के बारे में जानें यहां

4G

3जी की तेजी को और भी तेज करने के लिए 2009 तक 4G ने बाजार में पैर पसारने शुरू कर दिए थे। इस दौर में मोबाइल फोन ने कम्प्यूटर की बराबरी कर ली है और फोन स्मार्टफोन बन चुके है। यहां जेनरेशन में एवोलूशन जोड़ा गया और 4G LTE तथा 4G VoLTE यूजर्स को मिलना शुरू हुआ। वॉयल कॉल, एसएमएस और इंटरनेट ब्राउजिंग के बाद यह वक्त था जब मोबाइल फोंस में वीडियो कॉलिंग की शुरूआत हुई।

five Generations of Mobile Technology from 1G to 5G

शुरूआत में कॉलिंग जहां एनालॉग सिग्नल्स पर होती थी वहीं 4G इंटरनेट बैंड पर भी वॉयस कॉल की जाने लगी थी। 4जी नेटवर्क पर इंटरनेट स्पीड बढ़कर 100mb/s यानी 100एमबीपीएस हो गई है। 4G को मोबाइल टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा विकास कहा जा सकता है क्योंकि इसने भविष्य की कई राह खोली है। मोबाइल फोन की मल्टी डिवाईस कनेक्टिविटी भी 4जी ईरा में मुमकिन हुई है। आज आप और हम जिस मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं वह 4G ही है। इस वक्त 4G की अधिकतम स्पीड 600mbps है। यह भी पढ़ें : Mobile Internet क्यों है इंडिया में इतना स्लो, क्या आप भी हैं धीमे इंटरनेट से परेशान?

5G

दुनिया में 5जी की शुरूआत हो चुकी है और इंडिया में भी ट्रॉयल्स शुरू होने वाले हैं। भारत में 5G फोंस तो उपलब्ध हो ही चुके हैं वहीं अगले साल तक 5G नेटवर्क भी मिलना शुरू हो जाएगा। 5G में इंटरनेट स्पीड मेगाबाइट से उठकर गीगाबाइट में पहुंचने जा रही है और इसमें 1gbps यानी 4जी से भी 100 गुना अधिक इंटरनेट स्पीड प्राप्त होगी।

5g in india 5gi technology what is difference
5G vs 5Gi

5जी टेक्नोलॉजी सिर्फ मोबाइल फोन तक ही सीमित नहीं रहेगी बल्कि बल्ब, पंखें, फ्रिज और कार भी 5जी के साथ कनेक्ट रहेंगे। 5G में IOT पर अहम काम होगा और इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सभी अप्लायंस व डिवाईस आपस में एक दूसरे से जुड़ें रहेंगे। किसी दूसरे शहर से भी यदि आप फोन में कोई कमांड देंगे तो आपके घर में रखा वह आईटम काम करेगा। यानि दिल्ली बैठकर फोन में बल्ब ऑन करेंगे तो यूपी के घर में लगा बल्ब जल उठेगा। 5जी के जरिये अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, फैक्ट्रियां, मॉल, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और होटल जैसी जगहों पर सभी सिस्टम एक दूसरे से कनेक्ट रह सकेंगे।

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5G की राह में Jio का एक और बड़ा कदम, OPPO के साथ मिलकर किया 5G SA Network पर सफल ट्रॉयल https://www.91mobiles.com/hindi/reliance-jio-oppo-5g-standalone-network-trial-on-reno6-series-smartphone-in-india/ https://www.91mobiles.com/hindi/reliance-jio-oppo-5g-standalone-network-trial-on-reno6-series-smartphone-in-india/#respond Wed, 28 Jul 2021 08:58:17 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=63682 Oppo-Jio ने मिलकर Reno6 Series पर 5G standalone network का सफल trial किया है।

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इंडिया में 5G अपने कदम रख चुका है तथा अब इंतजार है तो बस इसके दौड़ने का। विभिन्न स्मार्टफोन ब्रांड्स भारत में अपने 5G Smartphones लॉन्च कर रहे हैं और अब अलग-अलग सेग्मेंट तथा प्राइस रेंज में ढ़ेरो 5जी फोंस खरीदारी के लिए मौजूद है। Reliance Jio, Airtel और Vodafone Idea जैसी टेलीकॉम कंपनियां भी 5G Network की राह में तेजी से काम कर रही है। इंडिया में 5जी लाने के लिए Jio का प्रयास भी किसी से छिपा नहीं है। 5जी नेटवर्क व इंटरनेट के लिए रिलायंस जियो भी लगातार नई उपलब्धियां ​हासिल कर रही है और इसी राह में एक और अचीवमेंट हासिल करते हुए Jio ने OPPO के साथ मिलकर Reno6 Series स्मार्टफोंस में 5G Standalone Network पर सफल Trial किया है।

सिंगल मोड 5जी का सफल परीक्षण

OPPO द्वारा हाल ही में भारत में लॉन्च किए गए Reno6 और Reno6 Pro स्मार्टफोन को यूज़ करते हुए Reliance Jio ने एक और सफल 5जी ट्रॉयल देश में पूरा किया है। यह ट्रॉयल इसलिए भी खास माना जा रहा है कि क्योंकि कंपनी ने सिंगल मोड 5जी यानी 5G Standalone (SA) Network पर इस ट्रॉयल को कंडक्ट किया था। यहां ध्यान देने वाली बात है कि ओपो रेनो6 प्रो स्मार्टफोन जहां 11 5G bands सपोर्ट करता है वहीं ओपो रेनो6 को कंपनी ने 13 5G bands सपोर्ट के साथ बाजार में उतारा है। इस ट्रॉयल के दौरान कंपनी को high-quality 5G experience प्राप्त हुआ है।

5g in india 5gi technology what is difference
5G vs 5Gi

क्यों खास है यह 5G Trial

जैसा कि हमने उपर बताया Jio द्वारा OPPO Reno6 Series स्मार्टफोंस पर किया गया यह ट्रॉयल सिंगल मोड 5G Standalone (SA) नेटवर्क पर किया गया है। इंडिया में अभी तक किए गए अधिकांश 5जी ट्रॉयल डुअल मोड नेटवर्क यानी 5G Standalone + 5G Non-Standalone (SA/NSA) पर ही हुए हैं। ऐसे में सिंगल मोड नेटवर्क पर ट्रॉयल का सफल होना यह साबित करता है कि जब भारत में 5जी नेटवर्क डिप्लॉय हो जाएगा तो सभी तरह के 5जी फोंस व डिवाईसेज पर बेहतरीन 5G Network प्राप्त होगा और सुपर फास्ट 5G Internet चलेगा।

Reliance Jio OPPO 5G Standalone Network Trial on Reno6 Series smartphone in india

इंडिया में इन बैंड्स पर काम करेगा 5जी

भारत सरकार के विभाग Department of Telecom यानी DOT ने इंडिया में 5जी ट्रॉयल्स के ​लिए उपलब्ध कराए गए स्पेक्ट्रम्स को तीन सेग्मेंट में विभाजित किया है जिनमें मिड-बैंड, मिलीमीटर वेव बैंड और सब-गीगाहर्ट्ज़ बैंड शामिल है। इस बैंड्स की फ्रिक्वेंसी की बात करें तो mid-band में 3.2 GHz से लेकर 3.67 GHz फ्रिक्वेंसी प्राप्त होती है। इसी तरह millimeter wave band 24.25 GHz से लेकर 28.5 GHz तक की फ्रीक्वेंसी पर काम कर सकते हैं तथा sub-gigahertz band में 700 GHz तक की फ्रीक्वेंसी और स्पीड प्राप्त होती है। बता दें ये सभी स्पेक्ट्रम भारत सरकार ने इस शर्त पर बांटें कि इनमें किसी भी चीनी कंपनी या टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

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जूही चावला ने 5G पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका https://www.91mobiles.com/hindi/juhi-chawla-filed-a-petition-in-the-high-court-to-against-5g-in-india/ https://www.91mobiles.com/hindi/juhi-chawla-filed-a-petition-in-the-high-court-to-against-5g-in-india/#respond Mon, 31 May 2021 11:58:22 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=59899 बॉलीवुड एक्ट्रेस चूही चावला ने देश में 5G ट्रायल शुरू होने से पहले इसमें रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। जूही चावला लंबे समय से टेलीकॉम कंपनियों के टावरों से निकलने वाले हानिकारक रेडिएशन के खिलाफ लोगों को जागरुक करने का काम करती हैं।

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भारत में टेलीकॉम कंपनियों को 5G के ट्रायल के लिए अनुमति मिल गई है। 5G के ट्रायल शुरू हों इससे पहले बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला ने दिल्ली हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की है। अपनी याचिका में जूही चावला का कहना है कि 5G नेटवर्क के रेडिएशन का नागरिकों, जानवरों, वनस्पतियों और जीवों पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सी हरी शंकर ने इस याचिका की सुनवाई 2 जून के लिए दूसरी बेंच के पास भेज दिया है। बता दें कि जूही चावला लंबे समय से टेलीकॉम कंपनियों के टावरों से निकलने वाले हानिकारक रेडिएशन के खिलाफ लोगों को जागरुक करने का काम करती हैं।

जूही चावला ने याचिका में क्या कहा

जूही चावला ने अपनी याचिका में कहा है कि 5G टेक्नोलॉजी को लागू किए जाने से पहले इससे जुड़े तमाम रिसर्च पर बारीकी से गौर किया जाना चाहिए। यदि 5G नेटवर्क के लिए दूरसंचार उद्योग की योजना सफल होती है तो पृथ्वी में ऐसा कोई व्यक्ति, पशु-पक्षी, कीट, पेड़-पौधें नहीं होगा जो दिन के 24 घंटे और साल के 365 दिन इन टावरों से निकलने वाले आरएफ विकिरण के स्तर से बचने में सक्षम होगा जो कि मौजूदा विकिरण से 10 से 100 गुना तक ज़्यादा है। यह भी पढ़ें : Realme Smart TV 4K डिस्प्ले के साथ दो 43-इंच और 50-इंच मॉडल लॉन्च, जानें कीमत और स्पेसिफिकेशन्स

People dying in india due to 5G Network know truth

जूही चावला ने अपनी याचिका में आगे कहा है कि 5G नेटवर्क से चलते जहां लोगों पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा वहीं पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्र पर भी स्थाई हानिकारक प्रभाव देखने को मिलेंगे। अपनी याचिका में जूही चावला ने कोर्ट में कहा है कि अधिकारियों से यह बात प्रमाणित करने के निर्देश देने की मांग की है कि 5G तकनीक लोगों, बच्चों, जानवरों और हर प्रकार के जीवों व वनस्तपतियों के लिए सुरक्षित है। यह भी पढ़ें : Exclusive : Samsung Galaxy A03s स्मार्टफोन का डिजाइन हुआ लीक, स्पेसिफिकेशन्स का भी हुआ खुलासा

गांव में भी करें 5G ट्रायल: DoT

डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम्यूनिकेशन (DoT) ने देश में काम कर रही टेलीकॉम कंपनियों एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया कंपनियों को देश में 5G टेक्नोलॉजी के ट्रायल के लिए 6 महीने के लिए स्पेक्ट्रम दिए गए हैं। DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को ग्रामीण इलाक़ों में भी 5G टेक्नोलॉजी को टेस्ट करने के लिए कहा है। डीओटी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि MTNL दिल्ली में 5G परीक्षण के लिए CDot के साथ मिलकर काम कर रहा हैं। एमटीएनएल नजफगढ़ के पास भी 5G का टेस्ट करेगा। फिलहाल एमटीएनएल ने 5G स्पेक्ट्रम ट्रायल के लिए फीस जमा नहीं की है।

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DoT ने टेलीकॉम कंपनियों से गांवों में 5G टेस्ट करने को कहा, MTNL दिल्ली में करेगा ट्रायल शुरू https://www.91mobiles.com/hindi/dot-asks-telcos-to-conduct-5g-test-in-rular-areas/ https://www.91mobiles.com/hindi/dot-asks-telcos-to-conduct-5g-test-in-rular-areas/#respond Mon, 31 May 2021 07:11:09 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=59882 एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया कंपनियों को देश में 5G टेक्नोलॉजी के ट्रायल के लिए 6 महीने के लिए स्पेक्ट्रम दिए गए हैं। सरकारी टेलीकॉम कंपनी MTNL दिल्ली में 5G ट्रायल शुरू करेगा। दिल्ली में नजफगढ़ में 5G ट्रायल करेगी।

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देशभर में 5G नेटवर्क के लिए जल्द ही ट्रायल शुरू होंगे। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम्यूनिकेशन (DoT) ने देश में काम कर रही टेलीकॉम कंपनियों से शहरी क्षेत्रों के साथ साथ ग्रामीण इलाकों में भी 5G टेक्नोलॉजी को टेस्ट करने के लिए कहा है। भारती एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया कंपनियों को देश में 5G टेक्नोलॉजी के ट्रायल के लिए 6 महीने के लिए स्पेक्ट्रम दिए गए हैं। इसके साथ ही सरकारी टेलीकॉम MTNL (महानगर टेलीकॉम निगम लिमिटेड) के बारे में सूत्रों का कहना है कि कंपनी को 5000 रुपये जमा करने पर 5G ट्रायल के लिए स्पेक्ट्रम मिलेगा। डीओटी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि MTNL दिल्ली में 5G परीक्षण के लिए CDot के साथ मिलकर काम कर रहा हैं। एमटीएनएल नजफगढ़ के पास भी 5G का टेस्ट करेगा। फिलहाल एमटीएनएल ने 5G स्पेक्ट्रम ट्रायल के लिए फीस जमा नहीं की है।

5G ट्रायल के लिए टेलीकॉम कंपनियों को अलग अलग लोकेशन पर 700 Mhz बैंड, 3.3-3.6 गिगाहर्ट्स (Ghz) और 24.25-28.5 Ghz बैंड के स्पेक्ट्रम वितरित किए हैं। इसके साथ ही DoT ने 5G ट्रायल के लिए Ericsson, Nokia, Samsung और C-DOT कंपनियों को अनुमति दी है। डिपार्टमेंट ने चाइनीज कंपनियों को ट्रायल की अनुमति नहीं दी है। इंडस्ट्री सूत्रों की माने तो Reliance Jio अपनी 5G टेक्नोलॉजी के साथ-साथ Samsung नेटवर्क गेयर मिलकर काम कर रहा है। हालाँकि सैमसंग और जियो ने इस मामले में कोई कमेंट नहीं किया है। यह भी पढ़ें : Exclusive : Samsung Galaxy A03s स्मार्टफोन का डिजाइन हुआ लीक, स्पेसिफिकेशन्स का भी हुआ खुलासा

5G ट्रायल के लिए DoT ने मुंबई, दिल्ली, कोलकता, बेंगलुरु, गुजरात और हैदराबाद में अलग अलग जगह पर स्पैक्ट्रम ऑफर किए हैं। भारती एयरटेल दिल्ली, मुंबई, कोलकत्ता और बैंगलुरु में 5G के लिए ट्रायल कर रहा है। इसके साथ ही रियलांस जियो दिल्ली, मुंबई, गुजरात और हैदराबाद में 5G के ट्रायल कर रहा है।  यह भी पढ़ें : Xiaomi लेकर आई कमाल की टेक्नोलॉजी, मात्र 8 मिनट में फुल चार्ज होगा स्मार्टफोन

भारत में 5G ट्रायल के लिए अलग-अलग काम जिनमें टेली मेडिसिन, टेली एजुकेशन, ड्रोन आधारित कृषि निगरानी जैसे काम शामिल हैं। इसके साथ ही टेलीकॉम कंपनियां अपने नेटवर्क पर विभिन्न 5G उपकरणों का परीक्षण करने में सक्षम होंगे। फ़िलहाल कंपनियों को 5G ट्रायल के लिए अभी 6 महीने का समय दिया गया है। इसमें 2 महीने का समय 5G डिवाइसेस की ख़रीदारी और इक्यूपमेंट के लिए सेटिंग लिए भी तय है।

DoT का कहना है कि 5G टेक्नोलॉजी को लेकर अटकलें है कि यह 4G की तुलना में दस गुना बेहतर डाउनलोड स्पीड मिलेगी। इसके साथ ही तीन गुना ज्यादा स्पेक्ट्रम इफिसीएंसी भी मिलेगी।

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