Android App | Tech News in Hindi (टेक न्यूज़) https://www.91mobiles.com/hindi Tue, 01 Jul 2025 06:19:18 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.5.3 Android Apps को जासूसी करने से कैसे रोकें? अभी बदल लें ये सेटिंग्स https://www.91mobiles.com/hindi/how-to-stop-android-apps-from-spying/ https://www.91mobiles.com/hindi/how-to-stop-android-apps-from-spying/#respond Tue, 01 Jul 2025 04:28:27 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=177008 हर Android ऐप को आपके फोन की लोकेशन, माइक्रोफोन या कॉन्टैक्ट्स की जरूरत नहीं होती है, लेकिन जब आप ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड और इंस्टॉल करते हैं, तो ये ऐप्स आपसे सभी तरह की परमिशन मांगते हैं या फिर कई बार ऐप्स ये सब एक्सेस हासिल कर लेते हैं। अगर आपने अपनी […]

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हर Android ऐप को आपके फोन की लोकेशन, माइक्रोफोन या कॉन्टैक्ट्स की जरूरत नहीं होती है, लेकिन जब आप ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड और इंस्टॉल करते हैं, तो ये ऐप्स आपसे सभी तरह की परमिशन मांगते हैं या फिर कई बार ऐप्स ये सब एक्सेस हासिल कर लेते हैं। अगर आपने अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को लंबे समय से चेक नहीं किया है, तो अब समय है कि आप ऐप्स द्वारा भविष्य में होने वाली जासूसी को शुरू होने से पहले ही रोक दें। हालांकि इसके लिए आपको फोन की सेटिंग्स में कुछ बदलाव करने होंगे। आइए, इस आर्टिकल में विस्तार से जानते हैं कैसे एंड्रॉयड ऐप्स को जासूसी (stop android apps from spying) करने से रोका जा सकता हैः

ऐप परमिशन को कैसे कंट्रोल करें

जब आप कोई नया ऐप इंस्टॉल करते हैं, तो वह अक्सर आपकी कैमरा, माइक्रोफोन या लोकेशन जैसी चीजों तक पहुंच मांगता है, भले ही आपने उसे खोला भी न हो, लेकिन ज्यादातर ऐप्स को उनके द्वारा मांगी गई हर चीज की जरूरत नहीं होती है। उदाहरण के लिए एक फोटो एडिटर ऐप को आपकी लोकेशन की जरूरत नहीं है और न ही एक नोट्स ऐप को आपके माइक्रोफोन की। अगर आप सावधान न रहें, तो ये अनावश्यक परमिशन बैकग्राउंड में ट्रैकिंग का रास्ता खोल सकते हैं। मगर अच्छी बात यह है कि ऐप परमिशन को शुरू से ही नियंत्रित कर सकते हैं। जानें कैसेः

स्टेप-1: ऐप इंस्टॉल करने के बाद होम स्क्रीन या ऐप ड्रॉअर में इसके आइकन पर कुछ समय तक दबाएं रखें, फिर App info पर टैप करें।

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स्टेप-2: आपको Permissions का ऑप्शन दिखाई देगा, इसमें जाकर देखें कि ऐप को क्या-क्या एक्सेस मिला है।

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स्टेप-3: अब प्रत्येक ऐप पर टैप करें और अगर आपको पूरा एक्सेस देने में संदेह है, तो Deny या Ask every time का विकल्प चुनें।

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स्टेप-4: सभी ऐप्स के परमिशन को एक जगह मैनेज करने के लिए Settings > Security and privacy > More privacy settings > > privacy controls> Permission Manager पर जाएं।

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स्टेप-5: यहां आपको कैमरा, लोकेशन, माइक्रोफोन जैसी परमिशन कैटेगरी दिखेंगी। किसी भी कैटेगरी पर टैप करें और देखें कि किन ऐप्स को एक्सेस मिला है, फिर तय करें कि उन्हें वाकई इसकी जरूरत है या नहीं।

कुछ टैप्स के साथ आप शुरू में ही सीमाएं तय कर सकते हैं, जिससे आपका डेटा बाद में गलत इस्तेमाल होने से बचेगा। जितनी जल्दी आप यह करेंगे, उतना ही आपके ऐप्स के पास आपके डेटा पर नियंत्रण कम होगा।

Precise Location को कैसे बंद करें

ज्यादातर ऐप्स को आपके सटीक लोकेशन की जरूरत नहीं होती है। हां, मैप्स या राइड-हेलिंग सर्विसेज जैसे ऐप्स को लोकेशन चाहिए, लेकिन उन्हें भी शायद ही सटीक लोकेशन की जरूरत हो। एंड्रॉयड आपको Precise और Approximate लोकेशन के बीच चुनने की सुविधा देता है और ज्यादातर मामलों में देखें, तो अप्रॉक्सिमेट लोकेशन काफी है। बता दें कि जब कोई ऐप लोकेशन एक्सेस मांगता है, तो आपको अक्सर Use precise location का टॉगल दिखता है, जो डिफॉल्ट रूप से ऑन रहता है। इसे बंद करने से ऐप को आपकी सटीक लोकेशन के बजाय केवल आपके सामान्य क्षेत्र की जानकारी मिलती है। अगर आपने पहले से किसी ऐप को सटीक लोकेशन एक्सेस दे दिया है, तो आप इसे बदल सकते हैं। जानें इसे कैसे बदल सकते हैंः

स्टेप-1: सबसे पहले अपने एंड्रॉयड फोन की Settings > Location > App permissions पर जाएं, फिर उस ऐप को चुनें जिसे आप रिव्यू करना चाहते हैं।

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स्टेप-2: अब आपको Use precise location वाले टॉगल ऑफ करना है, ताकि ऐप आपकी सटीक गतिविधियों को ट्रैक न कर सके। ऐप फिर भी काम करेगा, लेकिन उसे आपकी सटीक जगह की कम जानकारी मिलेगी।

Background Battery यूज को कैसे सीमित करें

ऐप को बंद करने का मतलब यह नहीं कि वह काम करना बंद कर देता है। कई ऐप्स बैकग्राउंड में चुपके से चलते रहते हैं, सर्वर से डेटा लेते हैं और आपकी जानकारी इकट्ठा करते हैं। आप चाहें, तो इसे सीमित कर सकते हैंः

स्टेप-1: इसे रोकने के लिए एंड्रॉयड फोन की Settings > Apps पर जाएं।

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स्टेप-2: फिर ऐप मैनेजमेंट को सलेक्ट करें।
स्टेप-3: इसके बाद Battery यूसेज पर टैप करें।

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स्टेप-4: अब अलाउ बैकग्राउंड एक्टिविटीज वाले टॉगल को ऑफ कर दें। इससे ऐप बैकग्राउंड में नहीं चलेगा, जब तक आप उसे खुद न ओपन करें।
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हालांकि उन ऐप्स के लिए सावधान रहें जिनसे आपको नोटिफिकेशन चाहिए, जैसे- मैसेंजर ऐप्स क्योंकि यह सेटिंग नोटिफिकेशन में देरी कर सकती है।

Nearby Device और Bluetooth स्कैनिंग कैसे बंद करें

भले ही आप ब्लूटूथ का ज्यादा इस्तेमाल न करें, कुछ ऐप्स ब्लूटूथ स्कैनिंग का उपयोग करके आसपास के डिवाइस ढूंढते रहते हैं और आपकी गतिविधियों को ट्रैक करते हैं। यह एनालिटिक्स या लोकेशन सर्विसेज के लिए डेटा इकट्ठा करने का हिस्सा हो सकता है। जानें इसे कैसे रोक सकते हैंः

स्टेप-1: इसे रोकने के लिए फोन की Settings > Location > Location Services > Bluetooth Scanning पर जाएं और इसे बंद कर दें।

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स्टेप-2: वहीं Wi-Fi Scanning को भी बंद कर सकते हैं। यह फीचर आसपास के वाई-फाई नेटवर्क को चेक करता है ताकि लोकेशन सटीक हो, आपको पास के ओपन वाई-फाई नेटवर्क की सूचना दे और ट्रस्टेड नेटवर्क (जैसे आपके घर का) पर वाई-फाई अपने आप चालू कर दें। ये सेटिंग्स ऐप्स को लोकेशन सटीक करने में मदद करती हैं, लेकिन ये आपको पैसिव ट्रैकिंग के लिए भी खुला छोड़ देती हैं।

Ad Personalization को कैसे बंद करें

ऐड ट्रैकिंग शायद कैमरा या लोकेशन एक्सेस जितनी स्पष्ट प्राइवेसी उल्लंघन न लगे, लेकिन यह आपके डेटा को इकट्ठा करने का सबसे आम तरीका है। कई ऐप्स और सर्विसेज आपके बिहेवियर जैसे कि आप क्या सर्च करते हैं, कौन से ऐप्स इस्तेमाल करते हैं और कितनी देर तक इस्तेमाल करते हैं, के आधार पर आपका प्रोफाइल बनाते हैं। यह सब टारगेटेड ऐड्स दिखाने के लिए किया जाता है। अगर यह आपको परेशान करता है, तो आप पर्सनलाइज्ड ऐड्स को बंद कर सकते हैं और अपनी ऐडवरटाइजिंग आईडी डिलीट कर सकते हैं।

स्टेप-1: इसके लिए डिवाइस की Settings > Google > All services > Ads > Delete advertising ID पर जाएं।

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स्टेप-2: इसके बाद Delete advertising ID पर टैप करके इसे बंद कर दें।

इसे बंद करने से आपको दिखने वाले ऐड्स की संख्या कम नहीं होगी, लेकिन वे आपके बिहेवियर या रुचियों से जुड़े नहीं होंगे। अगर आप पर्सनलाइज्ड ऐड्स देखना चाहते हैं, लेकिन नई शुरुआत करना चाहते हैं, तो उसी मेन्यू से अपनी ऐडवरटाइजिंग आईडी रीसेट कर सकते हैं। साथ ही, गूगल के पास आपके बारे में मौजूद सारी जानकारी की समीक्षा करना भी अच्छा विचार है।

Unused Apps को कैसे Sleep Mode में डालें?

समय के साथ आपने शायद कुछ ऐप्स डाउनलोड किए होंगे जिन्हें आप अब इस्तेमाल नहीं करते होंगे, लेकिन ये ऐप्स पूरी तरह निष्क्रिय नहीं होते हैं, भले ही आप उन्हें भूल गए हों। कई ऐप्स बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और आपके द्वारा दी गई परमिशन का इस्तेमाल करते हैं। आप चाहें, तो इन्हें रोक सकते हैंः

स्टेप-1: सबसे पहले एंड्रॉयड फोन की Settings > Battery > Background usage limits पर जाएं।
स्टेप-2: फिर Put unused apps to sleep को टॉगल ऑन करें। आपको नीचे तीन कैटेगरी दिखेंगी:

  • Sleeping apps: ये कभी-कभी बैकग्राउंड में चलते हैं।
  • Deep sleeping apps: ये पूरी तरह निष्क्रिय रहते हैं, जब तक आप उन्हें खुद न ओपन करें।
  • Never auto sleeping apps: ये स्लीप सेटिंग्स से बाहर रहते हैं।

स्टेप-3: अधिक कंट्रोल के लिए Deep sleeping apps पर टैप करें, प्लस (+) आइकन पर क्लिक करें और उन ऐप्स को जोड़ें जिन्हें आप कम इस्तेमाल करते हैं। एक बार जोड़ने के बाद ये ऐप्स नोटिफिकेशन नहीं भेजेंगे, बैकग्राउंड में रिफ्रेश नहीं होंगे और तब तक कुछ नहीं करेंगे जब तक आप उन्हें मैनुअली ओपन न करें।

आपकी प्राइवेसी डिफॉल्ट सेटिंग्स से बेहतर की हकदार है। कुछ प्राइवेसी ट्वीक्स के साथ आप ऐप्स को शुरू से ही जरूरत से ज्यादा डेटा लेने से रोक सकते हैं।

सवाल-जवाब (FAQs)

ऐप परमिशन क्या होती हैं और इन्हें कंट्रोल करना क्यों जरूरी है?

ऐप परमिशन वह अनुमतियां हैं जो ऐप्स आपके फोन के कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन या कॉन्टैक्ट्स जैसी चीजों तक पहुंचने के लिए मांगते हैं। कई ऐप्स जरूरत से ज्यादा डेटा मांगते हैं, जो आपकी प्राइवेसी को खतरे में डाल सकता है। इन्हें कंट्रोल करने से आप यह सुनिश्चित करते हैं कि ऐप्स केवल जरूरी जानकारी ही लें, जिससे आपका डेटा सुरक्षित रहे।

सटीक लोकेशन बंद करने से ऐप्स कैसे प्रभावित होते हैं?

सटीक लोकेशन बंद करने से ऐप्स को आपकी सटीक जगह (जैसे आपका घर का पता) की बजाय केवल आपके सामान्य क्षेत्र (जैसे शहर या इलाका) की जानकारी मिलती है। मैप्स या राइड-हेलिंग ऐप्स जैसे कुछ ऐप्स को सटीक लोकेशन की जरूरत हो सकती है, लेकिन ज्यादातर ऐप्स अप्रॉक्सिमेट लोकेशन से भी काम कर लेते हैं। इससे आपकी प्राइवेसी बढ़ती है और ऐप्स का काम भी चलता रहता है।

बैकग्राउंड बैटरी यूज को सीमित करने से नोटिफिकेशन पर क्या असर पड़ता है?

बैकग्राउंड बैटरी यूज को Restricted करने से ऐप्स बैकग्राउंड में नहीं चलते हैं, जिससे डेटा ट्रैकिंग कम होती है। लेकिन मैसेंजर या ईमेल जैसे ऐप्स के लिए यह नोटिफिकेशन में देरी कर सकता है। अगर आपको तुरंत नोटिफिकेशन चाहिए, तो इन ऐप्स के लिए इस सेटिंग को बदलें नहीं।

ब्लूटूथ और वाई-फाई स्कैनिंग क्या है और इसे बंद करना क्यों जरूरी है?

ब्लूटूथ और वाई-फाई स्कैनिंग से ऐप्स आसपास के डिवाइस या नेटवर्क को स्कैन करके आपकी लोकेशन या गतिविधियों को ट्रैक कर सकते हैं, भले ही आप ब्लूटूथ या वाई-फाई का इस्तेमाल न कर रहे हों। इन्हें बंद करने से ऐप्स को आपकी जानकारी चुपके से इकट्ठा करने से रोका जा सकता है।

ऐड पर्सनलाइजेशन बंद करने से क्या फर्क पड़ता है?

ऐड पर्सनलाइजेशन बंद करने से ऐप्स और वेबसाइट्स आपके सर्च, ऐप यूज या व्यवहार के आधार पर टारगेटेड ऐड्स नहीं दिखा पाते। आप अभी भी ऐड्स देखेंगे, लेकिन वे आपके इंटरेस्ट से जुड़े नहीं होंगे। अपनी ऐडवरटाइजिंग आईडी डिलीट करने से आपका डेटा प्रोफाइल रीसेट हो जाता है, जिससे प्राइवेसी बढ़ती है।

क्या सभी ऐप्स के लिए परमिशन डिनाय करना सुरक्षित है?

सभी परमिशन डिनाय करना हर ऐप के लिए सही नहीं हो सकता है। कुछ ऐप्स को काम करने के लिए खास परमिशन की जरूरत होती है (जैसे कैमरा ऐप को कैमरा एक्सेस)। हर परमिशन को चेक करें और तय करें कि ऐप को वाकई उसकी जरूरत है या नहीं। अगर शक हो, तो Ask every time चुनें।

अगर मैंने पहले ही कई ऐप्स को परमिशन दे दी हैं, तो अब क्या करूं?

आप कभी भी परमिशन को रिव्यू और बदल सकते हैं। Settings > Security and privacy > More privacy settings > Permission Manager में जाएं और हर ऐप की परमिशन चेक करें। जरूरत न हो तो Deny करें या Use precise location को ऑफ करें।

क्या ये सेटिंग्स सभी एंड्रॉयड फोन्स पर एक जैसी होती हैं?

ज्यादातर एंड्रॉयड फोन्स में ये सेटिंग्स मौजूद होती हैं, लेकिन उनके नाम या मेन्यू थोड़े अलग हो सकते हैं (उदाहरण के लिए, सैमसंग और अन्य ब्रांड्स में मेन्यू का नाम बदल सकता है)। अगर आपको सेटिंग्स ढूंढने में दिक्कत हो, तो Settings में सर्च बार का इस्तेमाल करें और Privacy, Location या Apps जैसे कीवर्ड सर्च करें।

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व्हाट्सएप पर आया तगड़ा फीचर, अब 32 लोगों से एक साथ हो सकेगी वीडियो और ऑडियो कॉल https://www.91mobiles.com/hindi/whatsapp-desktop-group-video-and-audio-calling-now-supports-up-to-32-participants/ https://www.91mobiles.com/hindi/whatsapp-desktop-group-video-and-audio-calling-now-supports-up-to-32-participants/#respond Fri, 30 Jun 2023 04:37:58 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=108881 अब-तक वीडियो कॉल में शामिल करने वाले लोगों की संख्या सिर्फ 8 तक सीमित थी।

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Highlights

  • Whatsapp डेस्कटॉप यूजर एक साथ 32 लोगों को वीडियो कॉल कर सकते हैं।
  • Windows 2.2324.1.0 अपडेट के साथ बीटा यूजर्स को नया अपग्रेड प्राप्त हुआ है।
  • अब-तक वीडियो कॉल में शामिल करने वालों की संख्या केवल 8 तक सीमित थी।

WhatsApp ने 3 महीने पहले Windows के लिए एक नया व्हाट्सएप डेस्टकॉप एप पेश किया था। वहीं, अब लेटेस्ट रिपोर्ट की मानें, तो व्हाट्सएप वीडियो कॉल में शामिल होने वाले सदस्यों की संख्या बढ़ा रहा है। इसमें अब 8 लोगों की जगह अब एक-साथ 32 लोगों को वीडियो कॉल में शामिल किया जा सकता है।

बीटा यूजर्स के लिए हुआ रोलआउट

Wabetainfo की लेटेस्ट रिपोर्ट में जानकारी दी गई है कि WhatsApp beta for Windows 2.2324.1.0 अपडेट के साथ बीटा यूजर्स को एक नया अपग्रेड प्राप्त हुआ है। फिलहाल, यह फीचर केवल बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध हुआ है। उम्मीद की जा सकती है कि आने वाले दिनों में इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप यह फीचर सभी डेस्कटॉप ऐप यूजर्स के लिए रोलआउट कर दिया जाएगा।

WABetaInfo द्वारा साझा किए गए एक स्क्रीनशॉट से पता चलता है अब व्हाट्सएप डेस्टकॉप ऐप इस्तेमाल करने वाले विंडो यूजर्स 32 लोगों के साथ ग्रुप वीडियो कॉल का आनंद ले सकते हैं।

आपको बता दें कि Windows के लिए जब नया व्हाट्सएप डेस्टकॉप एप लॉन्च किया गया था, उस समय ऑडियो कॉल में ही 32 लोगों को शामिल किया जा सकता था। लेकिन, अब यह सुविधा वीडियो कॉल के लिए भी आ गई है।

मैसेज पिन ड्यूरेशन फीचर भी रोलआउट को तैयार!

इस बीच, व्हाट्सएप कथित तौर पर मैसेज पिन ड्यूरेशन नामक एक नए फीचर पर भी काम कर रहा है। इसे WaBetaInfo द्वारा देखा गया, यह फीचर वर्तमान में विकासाधीन है। हालांकि, इसे Google Play Store पर उपलब्ध एंडरॉयड 2.23.13.11 अपडेट के लिए व्हाट्सएप बीटा में देखा जा सकता है।

  • मैसेज पिन ड्यूरेशन यूजर्स को चुनने के लिए तीन अलग-अलग टाइम लिमिट: 24 घंटे, 7 दिन और 30 दिन की ऑप्शन पेश करेगी।
  • रिपोर्ट के अनुसार यूजर्स के पास किसी भी समय पिन किए गए मैसेज को अनपिन करने का ऑप्शन होगा।
  • यहां तक कि चुनी गई टाइम लिमिट समाप्त होने से पहले भी यूजर्स को उनके पिन किए गए मैसेज पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा।

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व्हाट्सऐप बनी भारत में सबसे ज्यादा यूज़ होने वाली ऐप, जानें आपकी पसंदीदा ऐप है कौन-से नंबर पर https://www.91mobiles.com/hindi/whatsapp-top-using-app-in-india-facebook-instagram-imo-position-most-popular-in-hindi/ https://www.91mobiles.com/hindi/whatsapp-top-using-app-in-india-facebook-instagram-imo-position-most-popular-in-hindi/#respond Fri, 18 Jan 2019 12:04:33 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=26385 रिपोर्ट में 10 देशों की टॉप 5 एंडरॉयड ऐप्स का नाम बताया गया है।

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अगर आपसे पूछा जाए की पूरे दिन में आप कौन सी मोबाईल ऐप्लीकेश का सबसे ज्यादा यूज़ करते हैं तो शायद आपका जवाब व्हाट्सऐप होगा। बेशक आपकी पसंदीदा ऐप कोई भी हो लेकिन कहीं न कहीं आप व्हाट्सऐप से भी पूरी तरह से जुड़े होंगे। इंडियन्स द्वारा व्हाट्सऐप का इस्तेमाल इतना ज्यादा किया जाता है कि एक इंटरनेशनल रिपोर्ट में भी यह सामने आ गया है कि व्हाट्सऐप भारत में सबसे ज्यादा यूज़ की जाने वाली ऐप बन चुकी है। इस रिपोर्ट में भारत के साथ ही कई देशों यूज़ की जाने वाली ऐप्लीकेशन्स की लिस्ट शेयर की गई है।

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सबसे ज्यादा यूज़ जाने वाली मोबाइल ऐप्स की इस लिस्ट की जानकारी ऐप एन्नी की ‘द स्टेट ऑफ मोबाइल 2019‘ रिपोर्ट में सामने आई है। इस रिपोर्ट में 10 बड़े देशों के एंडरॉयड यूजर द्वारा यूज की गए ऐप्स का ब्यौरा दिया गया है। इस रिपोर्ट में हर देश की टॉप 5 एंडरॉयड ऐप्स का नाम बताया गया है कि किस देश में कौन सी ऐप का इस्तेमाल सबसे ज्यादा किया जा है। 10 देशों की लिस्ट में 5 ऐसे राष्ट्र हैं जिनमें व्हाट्सऐप का यूज़ सबसे ज्यादा किया जाता है।

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भारत में सबसे ज्यादा यूज़ की जाने वाली एंडरॉयड ऐप्स की बात करें तो देश व्हाट्सऐप पहले नंबर पर आते हुए ऐसी एंडरॉयड ऐप बन है जिसे इंडियन्स द्वारा सबसे ज्याद यूज़ किया जाता है। इस लिस्ट में हालांकि यह आकंड़ा नहीं बताया गया है कि कितने लाख भारतीय व्हाट्सऐप चलाते हैं। व्हाट्सऐप के बाद सबसे ज्यादा यूज़ की जाने वाली दूसरी ऐप इंस्टाग्राम है। इंस्टाग्राम पर इंडियन्स फोटोज़ अपलोड करते हैं तथा दूसरों की फोटोज़ व वीडियोज़ को देखते हैं।

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इस लिस्ट में सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक को तीसरा स्थान मिला है। वहीं फेसबुक मैसेंजर चौथी ऐप बना है जिसे भारतीय धडल्ले से यूज़ करते हैं। भारत में सबसे ज्यादा यूज़ की जाने वाली एंडरॉयड ऐप्स में आईएमओ को भी टॉप फाईव में जगह मिली है। फ्री वीडियो व वॉयस कॉल कराने वाली इस ऐप्लीकेशन को इस लिस्ट में पांचवां स्थान मिला है। आपको जानकार हैरानी होगी कि पिछले दो सालों में व्हाट्सऐप की ग्रोथ जहां 30 प्रतिशत बढ़ी है तो वहीं फेसबुक और फेसबुक मैसेंजर ने 20 और 15 प्रतिशत की वृद्धि की है।

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सबसे ज्यादा बढ़ने वाली ऐप का रिकॉर्ड फिर भी इंस्टाग्राम के नाम आया है। इंस्टाग्राम के यूज़ में पिछले दो सालों में यानि जनवरी 2017 से लेकर दिसंबर 2018 तक 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सभी दस देशों की बात करें तो भारत के अलावा ब्राजील, कनाडा, जर्मनी और यूके में भी सबसे ज्यादा यूज़ की जाने वाली एंडरॉयड ऐप का रिकॉर्ड व्हाट्सऐप के नाम ही आया है।

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इसी तरह यूएस और फ्रांस में स्नैपचैट ने नंबर वन की पॉजिशन हासिल की है। इन दोनों देशों में स्नैपचैट का सबसे ज्यादा यूज़ किया जाता है। वहीं चीन में सबसे ज्यादा यूज़ की जाने वाली एंडरॉयड ऐप वीचैट है, जापान में सबसे ज्यादा लाइन का यूज़ किया जाता है तथा साउथ कोरिया में काकाओटॉक सबसे ज्यादा यूज़ की जाने एंडरॉयड ऐप है। आपको जानकर हैरानी होगी कि चीन, जापान, साउथ कोरिया तथा यूएस में व्हाट्सऐप को टॉप 5 में भी जगह नहीं मिली है।

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