The post क्या सच में 5G से हो रही है ऑक्सीजन की कमी? रेडिएशन घोल रही है हवा में ज़हर, जानें पूरी सच्चाई first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
देश में कोरोना वायरस से बिगड़े हालात सुधरते नज़र नहीं आ रहे हैं। अभी भी हर दिन नए संक्रमितों की गिनती 4 लाख के करीब पहुंच रही है। भारत में ऑक्सीजन की कमी लगातार बड़ी चुनौती बन रही है। एक ओर जहां कोरोना से मरने वालों के आंकड़ें बढ़ रहे हैं वहीं दूसरी ओर इंडिया में 5G टेक्नोलॉजी की राह में भी तेजी से तरक्की हो रही है। देश में 5G ट्रॉयल्स को मंजूरी मिल चुकी है लेकिन इसके साथ ही सोशल मीडिया पर मैसेज भी फैल रहे हैं कि 5G नेटवर्क से निकलने वाली हानिकारक रेडिएशन हवा में ज़हर घोल रही है और इसी की वजह से लोगों को सॉंस लेने में समस्या हो रही है तथा लोग मर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 5जी नेटवर्क रेडिएशन ही हवा में मौजूद ऑक्सीजन को दूषित कर रही है और कोरोना वायरस के नाम पर सरकार व उद्योगपत्तियों द्वारा बड़ा 5G स्कैम चलाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मैसेज में कहा गया है कि कोरोना की दूसरी लहर यानी जो सेकेंड वेव आई है वह असल में कोई बीमारी नहीं है बल्कि 5G की टेस्टिंग शुरू होने की वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि 5जी टॉवर से जो रेडिएशन निकल रही हैं वह हवा को ज़हरीला बना रही है तथा लोगों को सॉंस लेने में समस्या आ रही है। कहा गया है कि 4G नेटवर्क सिग्नल की वजह से जिस तरह पक्षियों की प्रजाति पर बुरा असल पड़ा था उसी तरह 5G तकनीक इंसानों के लिए खतरनाक है।

सोशल मीडिया पर चल रहे डिबेट में यह बात भी दावा के साथ कही जा रही है कि विश्व के ताकतवर राष्ट्रों ने अपने स्वार्थ के चलते बड़ा षड्यंत्र रचा है और 5G के बुरे प्रभावों को छिपाने के लिए ही कोरोना नाम की बीमारी का सहारा लिया है। खुफिया एंजेसियां भी इसमें मिली हुई है और बड़े उद्योगपति भी इस साजिश में शामिल है। कहा गया है कि यदि 5G को इसकी शुरूआती स्टेज पर ही नहीं रोका गया तो आने वाली जेनरेशन में जन्मजात गंभीर बीमारियां देखने को मिलेगी। यह भी पढ़ें : क्या है 5G, कितना तेज होगा इंटरनेट, जानें इसकी स्पीड
इस तरह से मैसेज फेसबुक और व्हाट्सऐप के जरिये धड़ल्ले से शेयर हो रहे हैं और लोगों में डर पैदा कर रहे हैं। लेकिन इसके उल्ट दूसरी ओर इंटरनेशनल कमीशन ऑन नॉन आइअनाइज़िंग रेडिएशन प्रोटेक्शन (ICNIRP) विभाग ने अपनी रिपोर्ट में साफ शब्दों में कहा है कि 5G उपकरण से निकलने वाली रेडिएशन का लेवल इलेक्ट्रोमैग्नेटिग रेडिएशन की तुलना में बेहद ज्यादा कम है। 5जी रेडिएशन की मात्रा इतनी कम है कि यह किसी भी हालत में ह्यूमन बॉडी यानी मानव शरीर में मौजूद सेल्स को किसी भी तरह की कोई क्षति नहीं पहुंचा सकती है। बता दें कि यह रिसर्च संस्थान ही रेडियो ब्रॉडकॉस्टिंग के रिस्क को टेस्ट करता है और इन्होंने 5जी नेटवर्क का भी परीक्षण किया है, जिसे सुरक्षित माना गया है।

सिर्फ इतना ही नहीं विश्व संगठन UNICEF ने भी एक ब्लॉग में साफ शब्दों में कहा है कि मोबाइल इंटरनेट की पांचवीं जेनरेशन न तो किसी तरह के वायरस को फैला रही है और न ही किसी जीव की मौत का कारण बन रही है। वहीं WHO ने भी साफ कर दिया है कि कोरोना वायरस रेडियो वेव्स या मोबाइल नेटवर्क्स के जरिये ट्रैवल नहीं कर सकता है। COVID-19 संक्रमित व्यक्ति के श्वास प्रश्वास संबंधी ड्रॉपलेट्स के जरिये ही फैलता है और इसका 5G mobile नेटवर्क से कोई लेना देना नहीं है। यह भी पढ़ें : 5G ट्रायल्स को इंडिया में मिली मंजूरी, सभी चीनी कंपनियां लिस्ट से बाहर
अगर 5G और COVID-19 का कनेक्शन और पास से देखें तो दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहां 5जी मौजूद है और कोरोना की हालत भी बेहद सुधरी हुई है। Australia, Hong Kong, New Zealand, South Korea जैसे राष्ट्रों में 5जी मौजूद है और यहां इंडिया की तुलना में कोरोना संक्रमण नाम मात्र का ही रह गया है। 5G network वाले इन देशों में हॉगकॉग में सिर्फ 4, साउथ कोरिया में 541, आस्ट्रेलिया में 9 और न्यूजीलैंड में सिर्फ 1 नया कोरोना वायरस का केस आया है। यह साफ करता है कि 5जी की वजह से कोरोना वायरस का संक्रमण एक कोरी अफवाह है।
सबसे जरूरी जानकारी जो आपको पता होनी चाहिए कि पिछले हफ्ते ही 4 मई को ही भारत सरकार ने इंडिया में 5जी ट्रायल्स की मंजूरी दी है। यानी अभी सिर्फ अनुमति मिली है, ट्रायल्स शुरू होने में अभी थोड़ा वक्त लगता तय है। वहीं दूसरी ओर कोरोना की सेकेंड वेव तो मार्च से ही अपना असर दिखाना शुरू कर चुकी है। बता दें कि अभी तक भारत में साल 2018 में Airtel ने एक छोटी सी टेस्टिंग की था जो सीमित क्षेत्र में ही संपन्न हुई थी। और इसी तरह 2019 में Qualcomm ने 5जी के लिए Reliance Jio के साथ मिलकर 5जी टेस्ट किया था। इंडिया में अभी 5जी स्पेक्ट्रम निर्धारित होने और इसके ट्रॉयल में वक्त लगेगा और दिल्ली व मुंबई जैसे महानगरों में फिलहाल 5जी नेटवर्क पहुंच भी नहीं पाया है। लिहाजा भारत में बिगड़ रहे हालातों की एकमात्र वजह कोरोना वायरस ही है।
91मोबाइल्स अपने पाठकों से अपील करता है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और स्वास्थ विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन्स का सख्ती से पालन करें। आपकी सावधानी ही आपको और आपके परिवार को इस खतरनाक वायरस से बचा सकती है। हमेशा मास्क पहने और भीड़ का हिस्सा न बनें।
The post क्या सच में 5G से हो रही है ऑक्सीजन की कमी? रेडिएशन घोल रही है हवा में ज़हर, जानें पूरी सच्चाई first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post Exclusive: इन स्मार्टफोन का टल सकता है लॉन्च, स्मार्टफोन बाजार में दिखने लगा कोरोना का असर first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
अप्रैल महीना दर्जनों नए मोबाइल फोंस के लाॅन्च का गवाह बना है और इस महीने के आखिरी सप्ताह में भी कई बड़े फोन इंडिया में लाॅन्च के लिए तैयार बैठे हैं। परंतु पिछले साल कोरोना की मार झेल चुका टेक बाजार अब फिर से इस महामारी से बिगड़े हालातों में फंसता नज़र आ रहा है। हमेें मिली एक्सक्लूसिव खबर के अनुसार आने वाले दिनों में कई बड़े मोबाइल लाॅन्च टाले जा सकते हैं जिनमें Realme GT Neo और Vivo V21 जैसे नाम शामिल हैं। 91मोबाइल्स को यह जानकारी के ऐसे सोर्स से मिली है जो लम्बे समय से मोबाइल इंडस्ट्री से जुड़े हैं।

हमेें मिली जानकारी के अनुसार कोरोना के बढ़ते प्रकोप और राजधानी दिल्ली व नोएडा सहित देश के अन्य ईलाकों में लगाए जा रहे सिलसिलेवार लाॅकडाउन की वजह से मोबाइल प्रोडक्शन पर असर पड़ना शुरू हो गया है। प्रोडक्शन में आ रही मंदी के चलते कई टेक ब्रांड्स की प्लानिंग व मैनेजमेंट गड़बड़ा गए हैं और इसका सीधा असर स्मार्टफोंस के लाॅन्च और उनकी सेल पर पड़ेगा। बताया गया है कि कई बड़े ब्रांड आने वाले दिनों में आयोजित होने वाले स्मार्टफोन लाॅन्च को स्थगित कर सकते हैं। इन ब्रांड्स में सबसे पहले Vivo और Realme जैसे नाम सामने आए हैं।
उत्तर प्रदेश के नोएडा व ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में कई बड़ी मोबाइल कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स का निर्माण करती है। इनमें Samsung, Vivo, OPPO, Realme व Infinix समेत कई ब्रांड्स शामिल है। दिल्ली में फिलहाल एक सप्ताह का लाॅकडाउन लगा दिया गया है और दिल्ली से सटे होने के चलते यूपी के इन प्रोडक्शन प्लांट्स पर भी सीधा असर पड़ा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोबाइल फोंस के उत्पादन में कमी आ रही है और इसकी वजह से मार्केट में उतारा जाने वाला स्टाॅक पर्याप्त मात्रा में नहीं है। यह भी पढ़ें: क्या है 5G, कितना तेज होगा इंटरनेट, जानें इसकी स्पीड
अप्रैल की शुरुआत से ही लॉन्च की झड़ी लगी थी और महीने के अंत में भी कई फोन लॉन्च होने वाले थे। परंतु अब हो सकता है कि इन लॉन्चेज को आगे शिफ्ट कर दिया जाए। हाल में लॉन्च होने वाले फोन में सबसे पहला नाम वीवो ब्रांड iQOO का है। हालांकि इस फोन को लॉन्च किया जा सकता है। परंतु इसके बाद Realme GT Neo, Vivo V21, Samsung Galaxy M42 5G, Samsung का ही Galaxy A52 5G, Galaxy F52, Xiaomi का Redmi Note 10s और Redmi 10 सीरीज जैसे फोन आने वाले थे। इन फोंस की लॉन्च डेट या फिर सेल डेट को शिफ्ट किया जा सकता है।

अगर हालातों से जूझते हुए स्मार्टफोन ब्रांड अपने मोबाइल फोंस को मार्केट में लॉन्च कर देते हैं तो भी हो सकता है कि आने वाले दिनों में मोबाइल फोंस की सेल पर असर दिखाई देने लगे। प्रोडक्शन की धीमी गति के चलते स्टाॅक की कमी देखने को मिल सकती है और इसकी वजह से ही बाजार में स्मार्टफोन की खरीदारी का इंतजार लंबा हो सकता है। याद दिला दें कि पिछले साल भी कोरोना वायरस के चलते कई मोबाइल कंपनियों ने अपने स्मार्टफोन लाॅन्च कैंसिल करने पड़े थे।
The post Exclusive: इन स्मार्टफोन का टल सकता है लॉन्च, स्मार्टफोन बाजार में दिखने लगा कोरोना का असर first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post केजरीवाल ने लॉन्च की कोरोना के लिए नई ऐप, मोबाइल पर ही बताएगी किस अस्पताल में कितने बेड हैं खाली first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
COVID-19 यानि कोरोना वायरस देश में अपने पैर तेजी से पसार रहा है। भारत कोरोना संक्रमित राष्ट्रों की सूची में सातवें नंबर पर आ गया है और देश में कोरोना संक्रमण के मामले 2 लाख होने को आए है। इस महामारी से बचने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार व तमाम ईकाइयों के साथ ही विभिन्न संस्थाएं भी काम कर रही है। इसी कड़ी में आज देश की राजधानी में एक नई ऐप को लॉन्च किया गया है जो मोबाइल पर ही आपके ईलाके के अस्पताल से जुड़ी सभी जानकारियां दे देगी।
इस ऐप को Delhi Corona नाम के साथ लॉन्च किया गया है। ऐप का अनावरण आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किया है जो फिलहाल सिर्फ राजधानी में ही काम करेगी। ‘दिल्ली कोरोना’ ऐप का मकसद कोरोना से सक्रमिंत हो रहे लोगों तथा बीमार व्यक्तियों को डिजीटली सुविधा प्रदान करना है, जिससे कि उन्हें बेवहज भटकना न पड़े और वक्त रहते सही ईलाज मिल सके।

दिल्ली कोरोना ऐप पर राजधानी के सभी अस्पतालों का ब्यौरा शामिल किया गया है जो दिन में दो बार अपडेट हुआ करेगा। इस अपडेशन में लाईव स्थिति बताई जाएगी कि कौन से अस्पताल में कितने बेड खाली है, कितने वेंटिलेटर उपलब्ध है तथा कितने कोरोना मरीजो का ईलाज चल रहा है। सरकार की ओर सुबह 10 बजे और शाम के 6 बजे ऐप पर अस्पतालों का लेटेस्ट अपडेट बताया जाएगा। यह भी पढ़ें : Jio का धाकड़ ऑफर: मुफ्त दे रहा 10GB डाटा, जानें कैसे मिलेगा इसका लाभ
बता दें कि दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की गिनती 20,000 से भी पार हो चुकी है। Delhi Corona ऐप प्ले स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो चुकी है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी में अस्पतालों की स्थिति जानने के लिए सरकार ने ऐप के साथ ही ऑनलाईन पोर्टल भी जारी किया है।
Aarogya setu App
भारत सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप को हर व्यक्ति के लिए जरूरी बताया हुआ है। इस ऐप के जरिये अपने बल्कि अपने आस-पास मौजूद कोरोना पॉजिटिव लोगों का भी पता लगाया जा सकता है। ऐप की खासियत है कि यह हर वक्त आपकी लोकेशन ट्रेक करती है। आप जहां जहां जाते हैं ये उसका डाटा सेव करती रहती है। ऐसी स्थित में आप कहीं गए हैं और वहां आपके आस पास कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद है जिसे बाद में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, तो ऐप आपको नोटिफिकेशन्स दे देगी कि ‘फलां तारीख को, फलां जगह पर आप गए थे तथा उसी दिन वहां पर मौजूद फलां व्यक्ति को कोरोन हो गया है’। बस इसके लिए जरूरी है कि यह ऐप सभी लोगों के फोन में डाउनलोडेड हो।
The post केजरीवाल ने लॉन्च की कोरोना के लिए नई ऐप, मोबाइल पर ही बताएगी किस अस्पताल में कितने बेड हैं खाली first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post Vivo का योगदान, 15000 PPE किट और 50,000 लीटर सेनेटाइज़र के साथ देश में बांटे 9,00,000 मास्क first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
कोरोनावायरस की वजह से पूरा भारत लॉकडाउन झेल रहा है। इस लॉकडाउन की वजह देश की अर्थव्यवस्था भी डगमगा गई है। टेक जगत और स्मार्टफोन बाजार में भी इससे अछूता नहीं रहा है। कोरोना लॉकडाउन के चलते मोबाईल के निर्माण से लेकर उनकी बिक्री भी बंद है। लॉकडाउन 3.0 ने हालांकि हल्की सी राहत दी है लेकिन अभी भी स्मार्टफोन ब्रांड फोन के लॉन्च से लेकर नई योजनाएं बनाने से कतरा रहे हैं। इसी बीच 91मोबाइल्स ऑनलाईन मुखातिब हुआ वीवो इंडिया, डायरेक्टर ऑफ ब्रांड स्ट्रेटजी निपुण मार्या से, जिन्होंने न सिर्फ वीवो की प्लानिंग, नए लॉन्च के बारे में बताया बल्कि साथ ही स्मार्टफोन बाजार पर पड़े रहे कोरोना के दुष्प्रभाव की भी जानकारी दी।
9,00,000 मास्क और 50,000 लीटर सेनेटाइज़र का निर्माण
कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में Vivo ने भी अपना रोल बखूबी निभाया है। वीवो इंडिया अधिकारी ने बताया है कि उन्होंने coronavirus के देश को बचाने के लिए 15,000 PPE किट यानि Personal Protective equipment बनवाई है। आपको बता दें कि पीपीई किट में गाउन, ग्लव्ज़ और कैप शामिल रहती है ,जो हमारे डॉक्टर्स और हेल्थ वर्कर्स के लिए बेहद ही आवश्यक होती है। इसके साथ ही Vivo ने 50,000 लीटर सेनेटाइज़र लिक्विड भी सरकार को दिया है। वहीं निपुण मार्या ने बताया कि वीवो इंडिया अभी तक पूरे देश में 9,00,000 मास्क का वितरण भी कर चुकी है।

भारत में करते हैं सवा तीन करोड़ फोन का निर्माण, देश में ही होती है सभी की सेल
निपुण मार्या ने बताया है कि Vivo फोन का निमार्ण भारत में भारतीय कारीगरों के हाथों से ही होता है और वीवो फैक्ट्री में 10 हजार के करीब लोग काम करते हैं। निपुण के अनुसार Vivo ने भारत में साढ़े सात हजार करोड़ का निवेश किया है। पहले वीवो की कैपेसिटी 25 मिलियन यानि ढ़ाई करोड़ फोन बनाने की थी लेकिन अब कंपनी करीब सवा तीन करोड़ फोन भारत में बना सकती है। निपुणा मार्य के अनुसार Vivo जितने फोंस का निर्माण कर रही है उतनी ही खपत भारत में ही हो जा रही है।
Vivo V19 की तैयारी, स्थिति सामान्य होने का इंतजार
निपुण मार्या ने 91मोबाइल्स को बताया है कि कंपनी देश में सबसे पहले वीवो वी19 स्मार्टफोन लॉन्च करेगी। जैसे ही स्थिति नॉर्मल होगी वीवो इस फोन को बाजार में उतार देगी। निपुण का कहना है कि अभी चीजें साफ नहीं हो पाई है कि देश में कितनी क्षमता के साथ फैक्ट्री निर्माण करेगी। कौन से बाजार खुलेंगे और कौन से बंद होंगे और साथ ही किस तरह से कस्टमर्स तक फोन डिलीवर किए जाएंगे। ये सब जैसे ही साफ हो जाएगा तभी कंपनी Vivo V19 को लॉन्च करने के साथ ही अपने अन्य प्रोडक्ट्स व प्लानिंग को भी सामने लाएगी।
The post Vivo का योगदान, 15000 PPE किट और 50,000 लीटर सेनेटाइज़र के साथ देश में बांटे 9,00,000 मास्क first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post परिवार या पड़ोस में है कोरोना मरीज होने का संदेह तो ऐसे करें सरकार को सूचित, जरूर पढ़ें यह काम की टिप्स first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
कोरोना वायरस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस खतरनाक वायरस की जड़ें भारत में और भी गहराती जा रही है। तकरीबन दो महीने होने को आए हैं और लोग अभी भी अपने घरों में कैद रहने को मजबूर है। देश में तीसरी बार लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई है। लॉकडाउन 3.0 के साथ ही पूरे राष्ट्र को तीन ज़ोन में बॉंट दिया गया है जिनमें रेड, येलो और ग्रीन ज़ोन शामिल है। कोरोना का बचाव का एकमात्र मंत्र सोशल डिस्टेंसिंग यानि दूरी बनाएं रखना है। तमाम कोशियो के बावजूद कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यदि आपको भी संदेह है कि आपके परिवार, पड़ोस या मोहल्ले में कोई ऐसा है जिसे कोरोना संक्रमण हो सकता है, तो जल्द से जल्द सरकारी विभाग और स्वास्थय सेवाओं को सूचित करना जरूरी है। आगे हमनें ऐसे ही तरीके बताए हैं जिनके जरिये आप सरकार को अपने आस पास के संदिग्ध कोरोना संक्रमण की जानकारी दे सकते हैं।
व्हाट्सऐप मैसेज
आज के समय में लगभग सभी व्यक्तियों में फोन में WhatsApp मौजूद है। इसी व्हाट्सऐप के जरिये आप अपने परिवार या पड़ोस में मौजूद कोरोना संक्रमण के सदिग्ध की जानकारी दे सकते हैं। सरकार की ओर से व्हाट्सऐप हेल्पलाईन नंबर जारी किया गया है जो ‘9013151515‘ है। इस नंबर को अपने फोन में सेव करना होगा। सेव करते ही यह नंबर व्हाट्सऐप कॉन्टेक्ट लिस्ट में भी सेव हो जाएगा।

यह नंबर COVID-19 को हेल्पडेस्क नंबर है जो चौबिसों घंटे एक्टिव रहता है। इस नंबर पर साधारण सा ‘ Hi ‘ लिखकर भेज देने से ही सरकारी विभाग की तरह से जवाब आ जाएगा। यहां आप लिख सकते है कि आपके परिवार का मोहल्ले में कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे कोरोना संक्रमण के आसार हो सकते हैं। सरकार स्वास्थय विभाग द्वारा उस व्यक्ति का चैकअप और कोरोना वायरस की टेस्टिंग के लिए टीम भेज देगी। इतना ही नहीं इस नंबर पर Coronavirus से बचने के तरीके और संक्रमण फैलने से रोकने के उपाय बताएं जाएंगे।
कॉल से करें संपर्क
भारत सरकार द्वारा व्हाट्सऐप नंबर के साथ ही फोन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिनपर सीधे कॉल करके भी कोरोना वायरस संबधित सूचना का आदान प्रदान किया जा सकता है। ये नंबर ‘+91-11-23978046’ और ‘1075’ है। इनमें से 1075 एक टोलफ्री नंबर है जिसपर कॉल करने का कोई पैसा नहीं लगेगा वहीं दूसरे नंबर पर कॉल करने पर आपके मोबाइल पर एक्टिव प्लान ही यूज़ होगा। इन दोनों नंबर पर बात करके आपने मोहल्ले व संदिग्ध व्यक्ति का एड्रेस व पहचान बताई जा सकती है। यह भी पढ़ें : 7.5 करोड़ फोंस में डाउनलोड हुई Aarogya setu App, जानें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में क्यूं है बेहद जरूरी
ईमेल से करें सूचित
फोन नंबर के अलावा भारत सरकार ने ईमेल आईडी भी जारी की हुई है जिसपर संपर्क स्थापित करके कोरोना संक्रमण के जुड़ी जानकारी दी और ली जा सकती है। यह ईमेल आईडी ‘[email protected]’ है। इस ईमेल आईडी पर किसी भी तरह का सवाल या जानकरी पूछी जा सकती है तथा साथ ही यदि आपको किसी जानकार व्यक्ति के कोरोना संक्रमित होने का डर है तो उसकी सूचना भी दी जा सकती है।

वेबसाइट भी मौजूद
सरकार द्वारा जारी वेबसाइट ‘https://www.mohfw.gov.in’ पर कोरोना वायरस से संबंधित हर पहलू को रखा गया है। यहां आप किसी भी तरह की खबर, कोरोना से जुड़ी लेटेस्ट अपडेट के साथ ही अपने राज्य व क्षेत्र में मौजूद कोरोना की स्थित को देख व पढ़ सकते हैं।
इस वक्त सही जानकारी और बचाव ही Coronavirus का ईलाज है।
The post परिवार या पड़ोस में है कोरोना मरीज होने का संदेह तो ऐसे करें सरकार को सूचित, जरूर पढ़ें यह काम की टिप्स first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post 7.5 करोड़ फोंस में डाउनलोड हुई Aarogya setu App, जानें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में क्यूं है बेहद जरूरी first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
coronavirus की जड़े इंडिया में और भी गहरी होती जा रही हैं जो पूरी देश के लिए चिंताजनक है। इस खतरनाक वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 30 हजार से पार हो चली है और 800 से अधिक लोग जान गवां बैठे है। लॉकडॉउन में लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के साथ ही सरकार की ओर से सलाह दी गई है कि सभी लोग अपने फोन में Aarogya Setu app को डाउनलोड करें। सरकार की इस सलाह को पूरे देश ने इतनी संजीदगी ने माना है और आज आरोग्य सेतु ऐप के डाउनलोड की गिनती 75 मिलियन यानि 7.5 करोड़ से भी पार हो गई है।
नीति आयोग द्वारा जारी की गई Aarogya Setu ऐप को पूरे देश में 7.5 करोड़ से भी अधिक लोगों द्वारा डाउनलोड किया जा चुका है और यह गिनती लगातार बढ़ रही है। बता दें कि यह ऐप 2 अप्रैल को लॉन्च की गई थी और यह एंडरॉयड और आईफोन दोनों प्लेटफॉर्म पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। प्रधानमंत्री मोदी स्वयं Aarogya setu App का जिक्र कर चुके हैं और देशवासियों को बोल चुके हैं कि इस ऐप को जरूर डाउनलोड करना चाहिए। इसके बाद से भी आरोग्य सेतु ऐप के प्रति लोगों से संजीदगी दिखानी शुरू कर दी है।
क्या है आरोग्य सेतु ऐप
Aarogya setu App को भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। यह खास ऐप कोरोना वायरस तथा उसके संक्रमण के खतरे व जोखिम का आंकलन करने में लोगों की मदद करता है। साथ ही इस वायरस से बचाव और इसके फैलाव को रोकने के तरीके भी बताया है। इस ऐप के जरिये यूजर खुद से ही अपने स्टेट्स को जान सकते हैं कि वह कोरोना वायरस के संक्रमण से कितना सुरक्षित है तथा साथ ही आपको ईलाकें की जानकारी भी आरोग्य सेतु ऐप के जरिये मिलती है।

इस ऐप अपने बल्कि अपने आस-पास मौजूद कोरोना पॉजिटिव लोगों का भी पता लगाया जा सकता है। ऐप की खासियत है कि यह हर वक्त आपकी लोकेशन ट्रेक करती है। आप जहां जहां जाते हैं ये उसका डाटा सेव करती रहती है। ऐसी स्थित में आप कहीं गए हैं और वहां आपके आस पास कोई ऐसा व्यक्ति मौजूद है जिसे बाद में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, तो ऐप आपको नोटिफिकेशन्स दे देगी कि ‘फलां तारीख को, फलां जगह पर आप गए थे तथा उसी दिन वहां पर मौजूद फलां व्यक्ति को कोरोन हो गया है’। बस इसके लिए जरूरी है कि यह ऐप सभी लोगों के फोन में डाउनलोडेड हो।
कैसे करता है काम
Aarogya setu App पर रजिस्टर करने के बाद यह हर यूजर का सेल्फ रिस्क असेसमेंट करती है। यहां उम्र और लिंग के साथ ही कुछ अन्य सवाल भी पूछे जाते हैं जैसे खांसी, बुखार या सांस लेने में दिक्कत है, पिछले 14 दिनों में कोई विदेश यात्रा की है, मधुमेह, बीपी, दिल से जुड़ी या अन्य कोई पुरानी बीमारी है इत्यादि सबकुछ सही भरने के बाद यह ऐप बताती है कि आप कोरोना से कितना दूर हैं या कितना खतरे में हैं। इसके अलावा आरोग्य सेतु ऐप कोरोना से बचने के उपाय बताती है तथा आवश्यक खाने की वस्तुओं की भी जानकारी देती है।

कैसे करें इंस्टाल
वैसे तो अभी तक Aarogya setu App का लिंक आपके पास पहुॅंच चुका होगा। व्हाट्सऐप ग्रुप के साथ ही भारत सरकार भी मैसेज के जरिये इस ऐप के लिंक को लोगों के फोन पर भेज रही है। लेकिन फिर भी आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके आरोग्य सेतु ऐप को अपने फोन में डाउनलोड कर सकते हैं।
-> ऐप को इंस्टाल करने के बाद अपनी पंसदीदा भाषा चुनें। यहां हिंदी व इंग्लिश के साथ ही 11 भारतीय भाषाएं उपलब्ध हैं तथा आप बाद में भी अपनी सहुलियत अनुसार भाषा बदल सकते हैं।
-> यहां अपने आप को आरोग्य सेतु ऐप पर रजिस्टर करना होगा। रजिस्टर करने के लिए फोन नंबर डालना होगा जिसके बाद ओटीपी के जरिये वह वेरिफाई हो जाएगा।
-> मोबाइल नंबर वेरिफाई करने के साथ ही Aarogya setu App आपसे ब्लूटूथ और लोकेशन का एक्सेस मांगेगी, उसपर सहमति जता दें। क्यूंकि इसी के जरिये यह ऐप पूरे क्षेत्र की निगरानी रखेगी और कोरोना वायरस को ट्रैक करेगी।
-> रजिस्ट्रेशन के बाद पसर्नल डिटेल मांगी जाएगी जिसमें नाम और उम्र के साथ ट्रैवल हिस्टी भी पूछी जाएगी। यहां यूजर से यह भी पूछा जाएगी कि क्या जरूरत पड़ने पर वह वॉलंटियर का काम भी कर पाएंगे। सबकुछ चुनकर सब्मिट करें।
The post 7.5 करोड़ फोंस में डाउनलोड हुई Aarogya setu App, जानें कोरोना के खिलाफ लड़ाई में क्यूं है बेहद जरूरी first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post BSNL यूजर्स के लिए खुशखबरी, अब बिना रिचार्ज चलता रहेगा आपका सिम first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
देश में चल रहे 21 दिनों के लॉकडाउन को देखते हुए बीएसएनएल ने अपने यूजर्स के लिए शानदार कदम उठाया है। दरअसल, सरकारी टेलिकॉम कंपनी BSNL ने अपने प्रीपेड सब्सक्राइबर्स के लिए दो नए ऑफर्स का ऐलान किया है। BSNL ने 20 अप्रैल 2020 तक अपने रिचार्ज की वैलिडिटी बढ़ा दी है। इसके अलावा कंपनी बिना कोई पैसा वसूल सभी ग्राहकों को 10 रुपए का टॉक टाइम ऑफर कर रही है।
BSNL के इस फैसले के बाद कंपनी के ग्राहकों को लॉकडाउन के दौरान किसी प्रकार की कोई परेशान नहीं होगी। हाल ही में टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने सभी टेलिकॉम कंपनियों से अपने प्रीपेड रिचार्ज की वैलिडिटी बढ़ाने के लिए कहा था। शायद इसी को देखते हुए कंपनियां ट्राई की बात को फॉलो कर रही हैं।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को न्यूज एजेंसी को इस बात की जानकारी दी थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीएसएनएल के प्रीपेड सिम को 20 अप्रैल तक बंद नहीं किया जाएगा। इसके अलावा 10 रुपए का टॉक टाइम भी यूजर्स को प्रोवाइड किया जाएगा। ताकि गरीब लोगों और जरूरतमंद लोग एक दूसरे से कनेक्ट कर पाएं। इसे भी पढ़ें: Jio के बाद Airtel ने पेश किया ये शानदार टूल, ऐसे कर पाएंगे Covid-19 का टेस्ट

हाल ही में वोडाफोन ने अपने 95 रुपए वाले पैक की वैधता में बढ़ौतरी की है। बता दें कि वोडाफोन ने 95 रुपये वाले प्लान में की वैधता को बढ़ाकर 56 दिन की वैलिडिटी कर दी है। इससे पहले इसकी वैधता 28 दिन की थी।
हाल ही में Reliance Jio ने अपने ‘जियो डेटा पैक’ के तहत हर दिन 2 जीबी मुफ्त डेटा देने का ऐलान किया था। यह डाटा पैक 1 अप्रैल तक के लिए ही वैध है। Coronavirus महामारी को देखते हुए रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने COVID-19 जांच करने वाले टूल को लॉन्च किया था। इसे भी पढ़ें: लॉकडाउन पीरियड में जानें कौन सी कंपनी दे रही है क्या फायदा, Reliance Jio, Airtel और Vodafone Idea
बता दें कि चीन के वुहान में नवंबर 2019 से को कोरोना संक्रमण की शुरूआत हुई थी। वहीं, आज इस वायरस की चपेट में चीन समेत पूरा विश्व आ चुका है। इस खतरनाक वायरस को देखते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे भारत में 21 दिनों की बंदी की घोषणा की है। यानी 14 अप्रैल तक पूरा इंडिया लॉकडाउन रहेगा।
The post BSNL यूजर्स के लिए खुशखबरी, अब बिना रिचार्ज चलता रहेगा आपका सिम first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post कोरोना लॉकडाउन में कम पड़ रहा है डाटा ? अपनाएं ये तरीके और चलाए इंटरनेट ज्यादा first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
Coronavirus ने पूरे इंडिया को रोक दिया है। इस महामारी के चलते पूरा भारत देश 21 दिनों का Lockdown झेल रहा है जो 14 अप्रैल को खत्म होगा। 91मोबाइल्स की भी अपील है कि आप अपने घर में ही रहें और कोरोन की चेन को बढ़ने न दें। हम समझते हैं कि पूरा दिन घर में रहने पर सिर्फ एक इंटरनेट ही है जो आपका सबसे ज्यादा साथ देता है। इंटरनेट की बदौलत ही लोगों का टाईमपास हो पा रहा है। लेकिन अनेंको यूजर्स ऐसे हैं जिनका इंटरनेट डाटा रात होने तक खत्म हो जाता है। कुछ कंपनियां हालांकि अपने प्लान्स में एफयूपी लिमिट भी दे रही हैं, लेकिन उसमें भी डाटा स्पीड बेहद कम हो जाती है। आपकी इसी समस्या को समझते हुए आज हम आपको ऐसे 7 टिप्स एंड ट्रिक्स बता रहें हैं जिनकों फॉलो करके आप अपने इंटरनेट की खपत को कम कर सकते हैं और डाटा को लंबा चला सकते हैं।
1) ऑटो सिंक करें बंद
जब नया स्मार्टफोन लेते हैं तो उसे गूगल अकाउंट से लॉग-इन किया जाता है। फोन में मेल आईडी के जरिये ही सेटअप होता है और ऐप स्टोर एक्टिव होता है। अक्सर लोग गूगल अकाउंट सेटअप करने पर मेल का ऑटो सिंक ऑन कर देते हैं। ऑटो सिंक के चलते कोई भी नया मेल आने पर नोटिफिकेशन्स आती हैं। बेशक आप मेल का ज्यादा यूज़ न भी करते हों तो भी बैकग्राउंड में मेल इंटरनेट से कनेक्ट रहता है और लगातार सिंक होता रहता है। ऑटो सिंक से फोन का इंटरनेट डाटा भी लगातार यूज़ होता रहता है। ऑटो सिंक को टर्न ऑफ करने पर डाटा की खपत कम हो जाएगी।

2) WhatsApp में मीडिया ऑटो डाउनलोड करें ऑफ
आज देश में व्हाट्सऐप का यूज़ सबसे ज्यादा होता है। घर के हर सदस्य के फोन में यह मैसेंजिंग ऐप मौजूद है। इतने सारे ग्रुप बने होते हैं कि हर वक्त फोन के घंटी बजती ही रहती है। अक्सर लोग WhatsApp में मीडिया ऑटो डाउनलोड ऑन रखते हैं। इसके चलते कोई भी नई ईमेज या वीडियो फाईल व्हाट्सऐप पर रिसीव होने पर खुद ही डाउनलोड होकर फोन गैलरी में सेव हो जाती है। कुछ फाईल छोटे तो कुछ बड़े साईज़ की होती है। आजकल तो Corona के मैसेज धड़ल्ले से आ रहे हैं और उनके डाउनलोड होने पर डाटा की खपत भी होती है। ऐसे में यदि व्हाट्सऐप पर मीडिया ऑटो डाउनलोड ऑफ कर देंगे तो इंटरनेट डाटा बचेगा।
3) ऐप को करें क्लोज
फोन में गेम खेल रहे हैं और कोई काम आ जाता है तो होम बटन दबाकर या फोन को लॉक करके आप अपने काम में लग जाते हैं। इंटरनेट सर्फिंग, सोशल मीडिया ऐप या कैमरे के यूज़ के बाद भी कई लोग होम बटन को दबाकर उन्हें बंद कर देते हैं। लेकिन आपके बता दें कि सिर्फ होम बटन दबाने से ये फंक्शन पूरी तरह से बंद नहीं होते हैं बल्कि बैकग्रांउड में एक्टिव रहते हैं और लगातार बैटरी को यूज़ करते रहते हैं। ऐसे में किसी भी ऐप या फीचर का यूज़ करने के बाद उन्हें क्लोज यानि बंद जरूर करें।

4) डाटा सेवर मोड आएगा काम
लगभग सभी ब्रांड्स के स्मार्टफोंस में डाटा सेवर का ऑप्शन दिया जाता है। यह फीचर खास तौर पर इसलिए फोन में डाला जाता है जिससे फोन में मौजूद ऐप्स द्वारा किया जाने वाला डाटा कन्सम्प्शन यानि उपभोग सीमित किया जा सके। इस मोड को ऑन करके यूजर फोन में इंस्टाल्ड ऐप का इंटरनेट यूज़ कम कर सकते हैं। बता दें कि कुछ स्मार्टफोंस में ‘लिमिट बैकंग्राउंड डाटा यूज’ का ऑप्शन भी मिल सकता है। इसे भी ऑन करने पर ऐप्स द्वारा यूज़ किए जाने वाले इंटरनेट डाटा को कंट्रोल किया जा सकता है।
5) लोकेशन सर्विस करें बंद
जब कोई नई ऐप फोन में इंस्टाल की जाती है तो उन्हें लोकेशन का एक्सेस भी दिया जाता है। फोन में कई ऐसी ऐप्स पहले से भी मौजूद रहती है जो हर वक्त लोकेशन को एक्सेस करती रहती है। ये ऐप्स लगातार लोकेशन सर्विस से कनेक्ट रहती है और इस वजह से इंटरनेट का भी लगातार यूज़ होता रहता है। जिन ऐप्स की जरूरत नहीं है उनकी लोकेशन सर्विस स्टॉप कर दें और आवश्यक नहीं है तो लोकेशन सर्विस ही बंद रखें। काफी हद तक इंटरनेट डाटा की खपत रूक जाएगी।

6) ऑनलाईन कंटेंट ‘लो’ क्वॉलिटी पर करें यूज़
पहले म्यूज़िक सुनने के लिए फोन की मैमोरी के सैकड़ों गाने सेव किए जाते थे। लेकिन आजकल कोई भा गाना सुनने या वीडियो देखने के लिए सीधे Youtube को खोला जाता है। ऐसें में सिर्फ ऑडियो ही सुनना है तो अच्छा रहेगा कि यूट्यूब में वीडियो क्वॉलिटी को सबसे कम रेज्ल्यूशन पर कर दें। इसी तरह यदि कोई ऑडियो स्ट्रीमिंग ऐप यूज करते हैं तो वहां कोशिश करें कि अपना पसंदीदा ट्रैक या गाना जो आप लगभग रोज़ ही सुनते हैं उसे ऑफलाईन गैलरी में सेव कर लें। इससे इंटरनेट डाटा की खपत कम होगी।
7) फ्लाइट मोड का ले सहारा
अगर आप अपने फोन में कोई ऐसा गेम खेल रहे हैं जो ऑनलाईन नेटवर्क पर रन नहीं होता है, या फिर फोन में डाउनलोडेड कोई वीडियो देख रहें हैं, तो ऐसी स्थिति में अगर कोई जरूरी कॉल या मैसेज न आना हो तो आप कुछ देर के लिए फोन को फ्लाइट मोड पर लगा सकते हैं। इस स्थिति में जीपीएस पर खर्च होने वाला इंटरनेट डाटा भी बच जाएगा। यहां आपको बता दें कि फोन को फ्लाइट मोड पर डालने से फोन की बैटरी भी लंबी चलेगी।
The post कोरोना लॉकडाउन में कम पड़ रहा है डाटा ? अपनाएं ये तरीके और चलाए इंटरनेट ज्यादा first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post Jio के बाद Airtel ने पेश किया ये शानदार टूल, ऐसे कर पाएंगे Covid-19 का टेस्ट first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
Coronavirus महामारी को फैलने से रोकने के लिए सभी अपना-अपना प्रयास कर रहे हैं। इसी को देखते हुए टेलीकॉम जगत की दिग्गज कंपनी रिलायंस जियो ने हाल ही में एक टूल लॉन्च किया था। इस टूल की मदद से यूजर अपने आप यह चेक कर सकते हैं कि उनमें कोरोना वायरस के लक्षण हैं या नहीं। वहीं, अब भारती एयरटेल इसी प्रकार के टूल को लॉन्च किया है, जिससे COVID-19 की जांच खुद की जा सकती है।
नए टूल्स की मदद से एयरटेल कोरोना को रोकने का प्रयास करने में लगी है। जियो की तरह ही एयरटेल के नए टूल यूजर्स से उनकी हेल्थ और हाल ही में ट्रैवल हिस्ट्री के बारे में सवाल किए जाएंगे। इससे यह जानने की कोशिश होगी कि उस यूजर को कोरोना से खतरा तो नहीं है। ऐसा करके लोग खुद ही जान पाएंगे कि उन्हें कोरोना हो सकता है या नहीं।

एयरटेल ने अपने टूल को अपोलो हॉस्पिटल के साथ साझेदारी में बनाया है। इस टूल को Apollo 247 का नाम दिया गया है। इस टूल को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
भारती एयरटेल के टूल में यूजर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, एयरटेल अपोलो टूल रिसक का लेवल बताता है। यह टूल Airtel Thanks ऐप में मौजूद है। हालांकि, रिस्क लेवल चेक करने के बाद भी यह ऐप आपको हिदायत देगा कि आप डॉक्टर से परामर्श जरुर लें।

बता दें कि चीन के वुहान में नवंबर 2019 से कोरोना संक्रमण की शुरूआत हुई थी। वहीं, आज इस वायरस की चपेट में चीन समेत पूरा विश्व आ चुका है। इस खतरनाक वायरस को देखते हुए मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे भारत में 21 दिनों की बंदी की घोषणा की है। यानी 14 अप्रैल तक पूरा इंडिया लॉकडाउन रहेगा।
The post Jio के बाद Airtel ने पेश किया ये शानदार टूल, ऐसे कर पाएंगे Covid-19 का टेस्ट first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post लॉकडाउन के वक्त दोस्तों के साथ ऑनलाइन खेलें ये बेस्ट गेम्स first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
कोरोना महामारी के चलते दुनियाभर में सभी गतिविधियों को स्थगित कर दिया गया है। वहीं, 14 अप्रैल तक पूरे इंडिया को लॉकडाउन कर दिया गया है। इस लॉकडाउन के दौरान लोगो अपना समय काटने के लिए तरह-तहर के काम कर रहे हैं। वहीं, हम लॉकडाउन के दौरान आपके समय के बेहतर बनाने के लिए कुछ ऐसे मोबाइल गेम्स के बारे में बता रहे हैं, जिससे आप अपने टाइम बिता सकते हैं।
आज हम आपको उन गेम्स के बारे में जानकारी देंगे, जिसमें मल्टीप्लेयर का ऑप्शन होता है और इन्हें ऑनलाइन अपने दोस्तों के साथ मिलकर भी खेला जा सकता है। हालांकि, प्ले स्टोर पर ऐसे कई गेम मौजूद हैं। लेकिन, इनमें से बेस्ट सर्च कर हम आपके लिए बेस्ट 5 स्मार्टफोन गेम्स की लिस्ट लेकर आए हैं।
पबजी

सबसे पहले बात करते हैं प्लेयर अननोन्स बैटलग्राउंड यानी PUBG की। इसके नाम से शायद ही कोई अंजान होगा। इस गेम के लॉन्च के बाद से आजतक इसका खुमार युवाओं के सिर चढ़कर बोल रहा है। इस गेम को आप अपने दोस्तों के साथ मिलकर खेल सकते है। इसमें चार लोगों के ग्रुप होता है। वहीं, गेम के दौरान आप इस ऑनलाइन गेम में बात भी कर सकते हैं। शानदार ग्राफिक्स के साथ आने वाला यह गेम
लूडो किंग

यह आपके बचपन का ही फेवरिट गेम लूडो का ऑनलाइन वर्जन है। इस गेम का नाम लूडो किंग है, जिसे आप और आपके चार दोस्त मिलकर खेल सकते हैं। इतना ही नहीं इस गेम को कम रोम व रैम स्मार्टफोन वाले फोन्स में भी आसानी से खेला जा सकता है। इतना ही नहीं इस गेम में ही सांप-सीढ़ी खेलने का ऑप्शन भी मौजूद है।
कॉल ऑफ ड्यूटी मोबाइल

PUBG की लोकप्रियता को देखते हुए कुछ समय पहले ही इस गेम को मोबाइल के लिए पेश किया गया था। इस गेम में 5vs5 मोड भी मिलता है, जिसे प्लेयर्स सबसे ज्यादा पसंद कर रहे हैं। अलग-अलग मैप्स और लोकेशंस पर पांच प्लेयर्स की टीम एक दूसरे के खिलाफ खेलती है।
एस्फाल्ट 9

एस्फाल्ट 9 एक पॉप्यूलेर रेसिंग गेम है। अगर आप रेसिंग गेम के शौकिन हैं तो यह गेम आपको काफी पसंद आएगा इस गेम को लेकर आप लो-ग्राफिक्स से लेकर हाई-ग्राफिक्स वाले डिवाइस पर भी खेल सकते हैं। गेम में रेसिंग ट्रैक्स को भी सिलेक्ट किया जा सकता है।
रूल्स ऑफ सर्वाइवल

Rules of Survival एक फ्री मल्टीप्लयेर ऑनलाइन बैटल रॉयल गेम है। यह गेम काफी हद तक पबजी की तरह है। इस गेम में भी आप अपने दोस्तों के साथ एक ग्रुप बनाकर दूसरे ग्रुप्स को हराना होता है। वहीं, इसमें भी PUBG की तरह आपको अंत तक बचे रहना होता है।
The post लॉकडाउन के वक्त दोस्तों के साथ ऑनलाइन खेलें ये बेस्ट गेम्स first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>