Data Breach | Tech News in Hindi (टेक न्यूज़) https://www.91mobiles.com/hindi Mon, 06 Mar 2023 06:51:36 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.5.3 अगर आपने भी किया है इस ऐप को फोन में इंस्टाल तो बड़े खतरे में आप https://www.91mobiles.com/hindi/mobikwik-indian-users-data-breach-on-dark-web-rbi-forensic-audit/ https://www.91mobiles.com/hindi/mobikwik-indian-users-data-breach-on-dark-web-rbi-forensic-audit/#respond Mon, 05 Apr 2021 12:25:18 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=56490 मोबिक्विक का कनेक्शन Reliance Jio से भी है, कंपनी जियो नंबर रिचार्ज करने पर कैशबैक ऑफर भी दे रही थी।

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बदलते इंडिया में लोगों का मनी ट्रांसफर और पेमेंट का तरीका भी बदला है। मोबाइल में ऐप को इंस्टाल करके ही पैसों का लेनदेन चुटकियों में हो जाता है। कुछ ही क्लिक में पैसे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के पास पहुॅंच जाते हैं और सामान की पेमेंट व रिचार्ज जैसी सुविधाएं मिल जाती हैं। PayTm, Google Pay, PhonePe और Mobikwik जैसी कुछ ऐप इंडियन यूजर्स के बीच काफी प्रचलित है और लोग इस ऐप्स के जरिये डिजीटल पेमेंट करते हैं। लेकिन इनमें से ही एक Mobikwik यूजर्स के लिए एक बड़ी चौंकाने वाली जानकारी आई है जो किसी झटके से कम नहीं है। खबर है कि मोबिक्विक के तकरीबन 11 करोड़ इंडियन यूजर्स का डाटा लीक हुआ है जिसमें उनकी निजी आईडी के साथ ही बैंकिंग डिटेल और आधार नंबर भी शामिल है।

Mobikwik ऐप यूज करने वाले भारतीयों के लिए यह खबर बिल्कुल भी सही नहीं है। जानकारी सामने आई है कि इंडिया में मोबिक्विक यूज़ करने वाले लोगों के मोबाइल फोंस में सेंध लगाई है और उनका पसर्नल डाटा चोरी कर लिया गया है। यह दावा स्वयं एक हैकर ग्रुप ने किया है और कहा है कि उनके पास 10 करोड़ से भी अधिक इंडियन्स की निजी जानकारी मौजूद है। मोबिक्विक यूजर्स का डाटा चुराते हुए हैकर्स ने लोगों का नाम, उम्र, एड्रेस, फोन नंबर और अकाउंट डिटेल के साथ ही उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड की डिटेल्स भी हैक कर ली है।

सबूत के तौर पर दिखाया सीईओ का डाटा

मोबिक्विक ऐप का डाटा चोरी करने की जानकारी किसी और ने नहीं बल्कि खुद ऐप को हैक करने वाले हैकर ग्रुप ने ही दी है। इस ग्रुप का नाम जॉर्डनेवन है जिन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई को ईमेल भेजते कर बताया है कि उन्होंने Mobikwik के करीब 11 करोड़ भारतीय यूजर्स का पसर्नल चुरा कर लिया है। अपने दावे को सही ठहराते हुए सबूत के तौर पर इस हैकर ग्रुप ने मोबिक्विक के संस्थापक बिपिन प्रीत सिंह और ऐप की सीईओ उपासना का डाटा भी शेयर करके दिखाया है।

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RBI ने दिए जांच के आदेश

मामले की गंभीरता का समझते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मोबिक्विक कंपनी से संपर्क साधा है और जांच के आदेश दिए हैं। इस संदर्भ में साइबर सुरक्षा विश्लेषक साइबर सुरक्षा विश्लेषक ने भी आरबीआई, इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम, पीसीआई मानक और भुगतान प्रौद्योगिकी कंपनियों को भी लिखित सूचना दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार RBI ने कंपनी को आरोपों की फॉरेंसिक ऑडिट कराने के आदेश दिए हैं जिसके लिए किसी एक्सटर्नल ऑडिटर को रखा जाएगा। और यदि इस हैंकिग के मामले में गलती Mobikwik की ही पाई गई तो आरबीआई इस कंपनी पर भारी जुर्माना भी ठोक सकती है। यह भी पढ़ें : Apple भी ला रहा है पंच-होल डिसप्ले वाला iPhone, देखें क्या होगा नाम और कब होगा लॉन्च

मोबिक्विक की सफाई

इस बड़े डाटा लीक के मामले पर मोबिक्विक ने सफाई देते हुए कहा है कि कंपनी के सर्वर में किसी भी तरह की हैकिंग या गलत गतिविधि के कोई सबूत नहीं मिले हैं। Mobikwik का कहना है कि कंपनी डाटा सेफ्टी से जुड़े सभी नियमों और कानूनों का पालन कर रही है और सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस मामले की जांच कर रही है। कंपनी के मुताबिक मोबिक्विक के सभी खाते और उनमें मौजूद राशि पूरी तरह सुरक्षित है। आपको बता दें कि मोबिक्विक वॉलेट का कनेक्शन Reliance Jio से भी है और पिछले दिनों ही कंपनी मोबिक्विक के जरिये Jio नंबर रिचार्ज करने पर 100 रुपये के कैशबैक का ऑफर भी दे रही थी।

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डार्क वेब पर मौजूद है यूजर्स का डाटा

एक फ्रेंच हैकर ने मोबिक्विक डाटा लीक को सही बताते हुए एक ट्वीट भी किया है। इस ट्वीट में हैकर ने बताया है कि Mobikwik का डाटा लीक सच में किया गया है और ऐप से निकाला गया भारतीय यूजर्स का डाटा डार्क वेब पर मौजूद है। यानि अगर आपने कभी भी मोबिक्विक ऐप के जरिए किसी तरह का भुगतान या पैसों का लेन-देन किया है या फिर इस ऐप को अपने फोन भी इंस्टाल किया है तो हो सकता है कि इस वक्त आपकी बैंक डिटेल्स से लेकर तमाम पर्सनल जानकारियां चोरी हो चुकी है और विदेशी हैकरों के कब्जे हैं।

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इन 52 Chinese App को सुरक्षा एजेंसियों ने बताया बेहद खतरनाक, तुरंत करें ​डिलीट https://www.91mobiles.com/hindi/52-chinese-mobile-app-dangerous-for-use-in-india-intelligence-agencies-warn-to-delete-see-complete-list-here/ https://www.91mobiles.com/hindi/52-chinese-mobile-app-dangerous-for-use-in-india-intelligence-agencies-warn-to-delete-see-complete-list-here/#respond Thu, 18 Jun 2020 09:03:51 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=45522 ये ऐप्स भारतीयों के डाटा चोरी कर चीन में भेज रही है और देश की जासूसी कर रही हैं।

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इंडो-चाइना बॉर्डर पर तनातनी का माहौल है। चीनी सैनिको के साथ हुई एक हिसंक झड़प में हमारे देश के 20 जवान शहीद हो चुके है। चीन ने देश की सीमा पर तो अड़ियल रवैया अपनाया ही हुआ है वहीं अब खबर आ रही है कि चीन देश के अंदर भी लोगों की प्राइवेसी पर सेंध लगा रहा है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने रेड अलर्ट जारी करते हुए 52 मोबाइल एप्लिकेशन्स की लिस्ट सरकार के साथ शेयर की है और उन्हें जल्द से जल्द ब्लॉक करने के लिए कहा है। Indian intelligence agencies की मानें तो ये ऐप्स भारतीयों के डाटा चोरी कर चीन में भेज रही है और देश की जासूसी कर रही हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के जरिये खबर सामने आई है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को 52 ऐसी मोबाइल एप्लिकेशन्स की जानकारी मिली है जो इंडियन्स का डाटा चोरी कर रही है। इस ऐप्स के यूज़ का खतरनाक बताते हुए सुरक्षा एजेंसियों द्वारा भारत सरकार को लिस्ट सौंपी गई है और कहा गया है कि, या तो इन ऐप्स को पूरी तरह से देश में ब्लॉक कर दिया जाए या फिर इस ऐप्स के यूज़ को लेकर नई गाइडलाइन्स बनाई जाए। एजेंसियों का कहना है कि इन ऐप्स का इस्तेमाल सुरक्षित नहीं है और से बड़े पैमाने पर डाटा को चोरी कर बाहर भेज रही है।

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इन 52 ऐप्स पर उठे हैं सवाल :

TikTok, Vault-Hide, Vigo Video, Bigo Live, Weibo

WeChat, SHAREit, UC News, UC Browser

BeautyPlus, Xender, ClubFactory, Helo, LIKE

Kwai, ROMWE, SHEIN, NewsDog, Photo Wonder

APUS Browser, VivaVideo- QU Video Inc

Perfect Corp, CM Browser, Virus Cleaner (Hi Security Lab)

Mi Community, DU recorder, YouCam Makeup

Mi Store, 360 Security, DU Battery Saver, DU Browser

DU Cleaner, DU Privacy, Clean Master – Cheetah

CacheClear DU apps studio, Baidu Translate, Baidu Map

Wonder Camera, ES File Explorer, QQ International

QQ Launcher, QQ Security Centre, QQ Player, QQ Music

QQ Mail, QQ NewsFeed, WeSync, SelfieCity, Clash of Kings

Mail Master, Mi Video call-Xiaomi, Parallel Space

प्राप्त जानकारी अनुसार इंटेलिजेंस एजेंसियों की चेतावनी के बाद इस प्रस्ताव का समर्थन नेशनल सिक्यॉरिटी काउंसिल सेक्रेटिएट ने भी किया है, जिसके बाद इन सभी 52 मोबाइल ऐप्स की जॉंच की जा रही है और डाटा चोरी से लेकर इनके यूज़ संबंधित मानकों को परखा जाएगा। याद दिला दें कि तकरीबन दो महीने पहले Zoom App के यूज़ पर भी सवालिया निशान खड़े हुए थे और डाटा सिक्योरिटी का मामला सुप्रीम कोर्ट जा पहुॅंचा था।

यह भी पढ़ें : भारत के स्मार्टफोन बाजार में कितनी है चीन की हिस्सेदारी, पढ़ें यह रिपोर्ट और दीजिए अपनी राय

गृह मंत्रालय ने हिदायत दी थी कि इस ऐप का यूज़ बंद कर देने में ही समझदारी है और इसे अपने फोन और लैपटॉप से डिलीट कर देना चाहिए। बताया गया था कि इस ऐप पर होने वाली वीडियो कॉलिंग हैक की जा सकती है और यूजर का पर्सनल डाटा चोरी किया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार ज़ूम ऐप यूज़ करने वाले 35 प्रतिशत से अधिक लोगों को डाटा चोरी होने का अनुमान है। Zoom App का सर्वर सीधे चीन से जुड़ा है और गंभीर बात यह है कि इस ऐप को देश के कई बड़े नेताओं ने भी यूज़ किया है।

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Truecaller करते हैं यूज़ तो सावधान! बेचा जा रहा है भारतीयों को निजी डाटा https://www.91mobiles.com/hindi/truecaller-india-user-personal-data-on-dark-web-sold/ https://www.91mobiles.com/hindi/truecaller-india-user-personal-data-on-dark-web-sold/#comments Wed, 22 May 2019 11:52:36 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=31143 भारतीय के डाटा को 1.5 लाख रुपये में बेचा जा रहा है।

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फोन पर अन-नॉन नंबरों से आ रही कॉल को पहचानने तथा कॉलर के नाम व उससे जुड़ी अन्य जानकारी को बताने वाली ऐप Truecaller का यूज़ इंडिया के लगभग हर शहर में किया जा रहा है। इस ऐप को हर उम्र के लोग अपने फोन में इंस्टाल किए हुए हैं और इसका यूज़ कर रहे हैं। यह ऐप यूं तो बड़े काम की है लेकिन Truecaller से जुड़ा एक ऐसा सनसनीखेज़ मामला सामने आया है जो न सिर्फ Truecaller को सवालों के घेरे में खड़ा करता है बल्कि साथ ही इस ऐप पर से यूजर्स का भरोसा भी उठ सकता है।

Truecaller पर आरोप लगा है कि इस ऐप में जमा भारतीय यूजर पर पर्सनल डाटा चोरी छिपे बेचा जा रहा है। एक सायबर सिक्यॉरिटी एनालिस्ट ने ट्रूकॉलर पर यह आरोप लगाते हुए कहा है कि इस ऐप में मौजूद इंडियन यूजर्स का डाटा डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। यह डाटा 2,000 यूरो यानि तकरीबन 1.5 लाख रुपये की कीमत पर चोरी छिपे बिक रहा है जिसकी भनक तक ट्रूकॉलर यूज़ करने वाले लोगों को नहीं है।

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पूरी दुनिया में Truecaller को तकरीबन 14 करोड़ मोबाइल यूजर्स द्वारा यूज़ किया जाता है। इस 14 करोड़ में 60 प्रतिशत से अधिक भारतीय यूजर्स है। इस ऐप पर इंडियन यूजर्स के फोन नंबर के साथ-साथ इनके राज्य व शहर के पते के साथ ही इनके प्रोफेशन की जानकारी भी मौजूद है। अनेकों यूजर अपने Truecaller अकाउंट पर फोटो लगाए हुए हैं तथा साथ ही यह भी लिखे हुए हैं कि वह किस कंपनी में क्या काम करते हैं। यह भी पढ़ें : नोकिया के स्मार्टफोन पर मिल रहा 6,000 रुपए तक का डिस्काउंट, ऐसे उठाएं फायदा

Truecaller पर उपलब्ध यह सारा डाटा कंपनी के डाटाबेस से निकाल पर डार्क वेब पर बेचा जा रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि Truecaller यूज़ करने वाले ग्लोबल यूजर के डाटा की कीमत 25,000 यूरो यानि तकरीबन 19.45 लाख रुपये है। वहीं भारतीय के डाटा को 1.5 लाख रुपये में बेचा जा रहा है। चिंता की बात यह है कि इस डाटाबेस में कई इंडियन फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस का डाटा भी शामिल है।

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आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब Truecaller पर इस तरह के आरोप लगे हैं। कुछ महीनों पहले भारतीय खुफिया एंजेसियों ने एक एडवाइजरी जारी कर कुछ ऐप्लीकेशन्स की लिस्ट जारी की थी। इन ऐप्स पर आरोप लगा था कि ये देश में जासूसी का काम कर रही हैं। एजेंसियों ने सुरक्षा बलों के जवानों और अधिकारियों को इन ऐप्स को जल्द से जल्द डिलीट करने का आदेश दिया था तथा साथ ही भारतीयों को ये ऐप्स फोन में इंस्टाल करने से भी मना किया था।यह भी पढ़ें : इंडिया में मोबाइल यूजर्स की गिनती 116 करोड़ के पार, जानें किसका हुआ फायदा और किसका नुकसान

आपको जानकर हैरानी होगी कि इस ​सूची में Truecaller ऐप का नाम भी टॉप पर था। वहीं दूसरी ओर Truecaller ने अपने डाटा बेस में सेंध लगने की बात से साफ इंकार किया है। ट्रूकॉलर कर कहना है कि, “हमारे सर्वर पर सेव यूजर्स का डाटा पूरी तरह से सुरक्षित है और हम अपने यूजर्स की प्राइवेसी और कंपनी की सर्विसेज की सुरक्षा को बेहद गंभीरता से लेते हैं।“

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