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मोबाइल हीटिंग प्रॉब्लम का सामना लगभग सभी यूजर्स को कभी न कभी करना ही पड़ता है। फोन को चार्ज पर लगाने, गेम खेलने, चैटिंग या इंस्टग्राम पर रील्स देखने के दौरान अहसास होता है कि फोन गर्म हो गया है। भीषण गर्मी के इस मौसम में तो कई बार नॉर्मल कॉलिंग के दौरान भी कान पर लगा मोबाइल गर्म हो जाता है। बहुत से यूजर इस smartphone heating issue को नॉर्मल मानते हुए नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अब तापमान बढ़ने लगा है तथा टेम्परेचर 50डिग्री को पार कर गया है! ऐसे में मोबाइल हीटिंग को इग्नोर करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। अगर आपका भी स्मार्टफोन गर्म हो रहा है, तो आगे आप मोबाइल हीटिंग प्रॉब्लम सॉल्यूशन पढ़ सकते हैं?
स्मार्टफोन को कभी भी फुल चार्ज ना करें। मोबाइल को पूरे 100 प्रतिशत तक चार्ज करने की आदत को छोड़ दें और जब भी फोन चार्जिंग पर लगाए तक 90 प्रतिशत के करीब बैटरी चार्ज होने पर उसकी चार्जिंग बंद कर दें। इसी तरह फोन की बैटरी को 20 प्रतिशत से नीचे न जाने दें। अगर मुमकिन हो तो 20 प्रतिशत के करीब ड्रेन होते ही फोन को चार्जिंग पर लगा दें। ज्यादा हाई और ज्यादा लो पावर बैटरी हेल्थ पर भी असर डालती है और फिर ओवरहीट की वजह बनती है।
मोबाइल यूजर्स की आदत होती है कि वे फोन को रात को सोते वक्त चार्ज पर लगाते हैं और जब कभी नींद खुलती है, तो उठकर चार्जिंग बंद कर देते हैं। ऐसी स्थिति में फोन ओवरनाइट चार्ज होता रहता है। चार्जिंग टाइम ट्रैक नहीं हो पाता है और बैटरी फुल चार्ज होने के बाद भी चार्जिंग ऑन ही रह जाती है। इसी तरह बिस्तर, तकिया या गद्दे पर भी फोन को रखकर चार्ज नहीं करना चाहिए। चार्जिंग के दौरान बैटरी से जो गर्मी बाहर निकलती है वह कपड़ों की वजह से अंदर ही रह जाती है। यह ओवरहीट के साथ ही फोन में आग लगने और बैटरी फटने का कारण भी बन सकता है।

सिर्फ चार्जिंग के दौरान ही नहीं, बल्कि अन्य यूज में भी फोन की बैटरी तथा प्रोसेसर गर्मी उत्पन्न करते हैं। बहुत से लोग स्टाइल के चक्कर में ऐसे मोबाइल कवर लगा लेते हैं, जो फोन का पूरी तरह से पैक देते हैं। ऐसे मोबाइल कवर में से फोन हीट अंदर ही ट्रैप हो जाती है तथा बाहर नहीं निकल पाती। अगर आप भी इस तरह के कवर यूज करते हैं, तो कोशिश करें कि जब कहीं बाहर धूप में हो या फिर फोन चार्ज कर रहे हों तो कवर को निकाल दें और फोन पर हवा लगने दें।
स्मार्टफोन के साथ मिला चार्जर व यूएसबी टूट जानें या खराब हो जाने के बाद अधिकांश लोग सोचते हैं कि ऑरिजिनल के लिए क्यों पैसा खराब किया जाए। फोन तो किसी भी चार्जर और यूएसबी से चार्ज किया जा सकता है, लेकिन आपको बता दें कि सस्ते और लोकल का यह चक्कर काफी महंगा पड़ सकता है। यह सब बैटरी हीटिंग की समस्या को भी बढ़ाता है और साथ ही इससे स्लो चार्जिंग व बैटरी खराब होने से लेकर ब्लास्ट होने तक का खतरा बना रहता है।

अक्सर स्मार्टफोन यूजर फोन में कई ऐप्स डाउनलोड और इंस्टाल तो कर लेते हैं, लेकिन कुछ समय बाद उनका यूज करना बंद कर देते हैं। ये ऐप्स फोन में पड़े रहते हैं तथा फोन की लोकेशन, डाटा, बैटरी, कैमरा, माइक इत्यादि को एक्सेस करती रहती है। बैकग्राउंड में रन करने वाली ऐप्स लगातार प्रोसेसर को चलाती रहती है और इसका असर बैटरी पर भी पड़ता है। इन अन्यूज्ड ऐप की वजह से फोन स्लो तो होता ही है तथा साथ ही हीटिंग का डर भी बना रहता है। ऐसी ऐप्स जिनका ज्यादा यूज नहीं है उन्हें डिलीट करना ही बेहतर है। आपके फोन की स्टोरेज और रैम भी बचेगी।
आजकल मोबाइल फोंस सिर्फ बड़ी स्क्रीन ही नहीं, बल्कि हाई रिफ्रेश रेट, निट्स ब्राइटनेस और कॉन्ट्रास्ट रेशियो वाली डिस्प्ले लेकर आते हैं। यकीनन ये स्क्रीन बेहद ही आर्कषक रिजल्ट देती है, लेकिन कई बार आर्कषक आउटपुट देने वाली मोबाइल स्क्रीन भी फोन हीटिंग का कारण बन जाती है। डिस्प्ले की ब्राइटनेस हर वक्त फुल रखना भी फोन गर्म कर सकती है। फोन में ऑटो-ब्राइटनेस फीचर ऑन रखना काफी सही है। इसके अलावा, फोन में स्क्रीन टाइमआउट का भी कम सेकेंड्स पर सेट करने से बैटरी तो बचती ही है। साथ ही, हीटिंग के चांस भी कम हो जाते हैं।

स्मार्टफोन का कैमरा भी बहुत बार मोबाइल हीटिंग की वजह बनता है। लगातार फोन में फोटोज खींचना या फिर लंबे समय तक वीडियोज बनाने से कैमरा और फोन गर्म हो जाते हैं। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है तथा कैमरा यूज करने के दौरान स्मार्टफोन ओवरहीट होने लगता है। कोशिश करें तो लंबे समय तक फोन में वीडियो रिकॉर्ड न करें और कैमरा ओपन करने न छोड़ें।
कॉल या मैसेज आने पर रिंगटोन तो बजती ही है, इसके साथ ही फोन वाइब्रेट भी करता है। इसी तरह मैसेज में भी फोन वाइब्रेशन के जरिये नोटिफिकेशन्स भेजता है। बार-बार वाइब्रेट करने के लिए फोन को पावर का यूज करना पड़ता है और इसका असर बैटरी और प्रोसेसर पर भी पड़ता है। हालांकि वाइब्रेट का रोल इसमें बहुत ज्यादा तो नहीं है, लेकिन फिर भी अगर ज्यादा जरूरत नहीं है, तो फोन की वाइब्रेशन बंद ही कर दें।

फोन बैटरी जब बहुत ज्यादा कम हो जाती है, तो उस वक्त प्रोसेसर का लोड बढ़ जाता है। लो बैटरी के दौरान लोकेशन, जीपीएस, डाटा व सिंक इत्यादि को बंद कर देंगे, तो बैटरी की खपत कम हो जाएगी और ज्यादा दबाव की वजह से फोन बैटरी गर्म भी नहीं होगी। इसी तरह फोन में मौजूद Power saving mode व ऐसे ही अन्य ऑप्शन ऑन कर देंगे, तो यह भी बैटरी पर ज्यादा जोर पड़ने से रोकेंगे तथा फोन गर्म नहीं होगा।
फोन को हमेशा नए वर्जन पर अपडेट रखना भी जरूरी है। यह फोन यूज को स्मूथ और फास्ट तो बनाता ही है, साथ ही बैटरी हेल्थ के लिए भी सही रहता है। कई बाद आउटडेटेड वर्जन भी प्रोसेसर पर भारी पड़ जाते हैं। फोन के कई अन्य फीचर्स phone heating का कारण बन जाते हैं। फोन व ऐप्स अपडेट करने से सबकुछ रिफ्रेश हो जाता है तथा हीटिंग की स्थिति में भी लाभ मिलता है। ऐप्स से लेकर ऑपरेटिंग सिस्टम तक सभी चीजों को अपडेट करने के ऐरर, ग्लिच और बग ठीक हो जाते हैं और फोन स्मूथ, फास्ट और सुरक्षित हो जाता है।
Phone Heating प्रॉब्लम कब सामने आती है यह बात तो हमने उपर बता दी है। लेकिन यह समस्या क्यों पैदा होती है, यह जानना भी आपके लिए उतना ही जरूरी है। किसी भी मोबाइल फोन के गर्म होने का एकमात्र कारण उसकी बैटरी होती है। हां, इस बैटरी के गर्म होने की वजह बहुत-सी हो सकती है, जिनका जिक्र ऊपर प्वाइंट्स में किया है। फोन की बैटरी हीट करती है, तो मोबाइल के गर्म होने का अहसास होता है।
कुछ केस में फोन की कम्युनिकेशन यूनिट, प्रोसेसर और कैमरा भी फोन हीट का कारण बनते हैं, लेकिन यह बैटरी की तुलना में काफी कम होता है। वहीं गर्मी के मौसम में जब तापमान पहले ही गर्म होता है तब उस स्थिति में फोन प्रोसेसिंग के हर कदम पर यह हीटिंग प्रॉब्लम कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी फोन हीटिंग की समस्या से परेशान हैं, तो स्मार्टफोन यूज करने की आदतों में थोड़ा-सा ही बदलाव करके आप अपने मोबाइल को हीट होने से बचा सकते हैं।
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