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5G Internet चलाने के लिए इंडियन मोबाइल यूजर बेताब है। जब से सुना है कि 5जी इंटरनेट स्पीड मौजूदा 4G Speed से 10 गुणा अधिक हो सकती है जिसमें पूरी फिल्म चंद मिनटों में ही डाउनलोड की जा सकेगी, तब से ही सुपर फास्ट 5जी इंटरनेट का मजा चखने को लोग तैयार बैठे हैं। 5G Spectrum Auction में Jio, Airtel और Vi को 5जी स्पेक्ट्रम आंवटित हो चुके हैं और इनमें 700 MHz 5G Bands व 26GHz 5जी बैंड भी शामिल हैं। अब सबके मन में सवाल है कि रिलायंस जिओ, एयरटेल या वीआई में कौन-सी कंपनी कितनी फास्ट 5जी इंटरनेट स्पीड देने वाली है। आगे हमने ऐसे ही सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश की है।
खबर में खास :

Jio 4G के मामले में खुद को नंबर वन साबित कर चुकी है और अब 5G Service में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल सकता है। दरअसल कंपनी के मौजूदा चेयरमैन Aakash Mukesh Ambani ने कह दिया है कि वह देश में सबसे पहले 5जी सर्विस उपलब्ध कराएंगे। 5जी रोलआउट की कोई तय तारीख तो नहीं बताई गई है लेकिन खुसफुसाहट है कि 15 अगस्त को 5G in India से जुड़ी कोई बड़ी अनाउंसमेंट हो सकती है। यह भी पढ़ें: 5G चलाने से पहले जरूर जान लें, किन फ्रीक्वेंसी बैंड्स पर काम करेगा आपका 5G Phone और 5G SIM
रिलायंस जिओ ने 5G Spectrum Auction में सबसे ज्यादा 24,740 MHz स्पेक्ट्रम खरीदे हैं जिनकी कीमत 88,078 करोड़ है। इंडिया में कुल 22 टेलीकॉम सर्किल बने हैं और जिओ ने सभी 22 सर्किल्स के लिए 5जी स्पेक्ट्रम खरीद लिए हैं। जिओ ने सबसे स्ट्रॉन्ग व लंबी रेंज देने वाले 700 MHz 5G Band से लेकर सबसे फास्ट इंटरनेट देने वाले 26 GHz High frequency bands को खरीद डाला है।

यानी यह साफ है कि रिलायंस जिओ 5जी नेटवर्क न सिर्फ सिग्नल व कवरेज में मजबूत होगा बल्कि साथ ही इंटरनेट स्पीड के मामले में भी सुपर फास्ट होगा। बता दें कि 5G Trails के दौरान भी Jio 1 Gbps Speed अचीव कर चुका है।
जिओ ने जहां देश की सभी 22 सर्किल्स में स्पेक्ट्रम खरीदे हैं वहीं भारत की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी Airtel ने कम आबादी वाले शहर व कस्बों को अपना मुख्य टारगेट रखा है। एयरटेल ने मिडबैंड स्पेक्ट्रम में अधिक रूचि दिखाई है। बता दें कि इन बैंड्स पर 900 Mbps तक की इंटरनेट स्पीड हासिल की जा सकती है तथा इनका
नेटवर्क कवरेज एरिया भी हाई फ्रीक्वेंसी बैंड्स से अधिक है।

गौरतलब है कि एयरटेल के पास मौजूद मिड फ्रीक्वेंसी बैंड्स हाई बैंड की तुलना में सस्ते भी हैं जो आने वाले समय में कंपनी Low Cost 5G Service तथा Cheap 5G Plans का फायदा दे सकते हैं। बता दें कि Airtel के Nokia साथ मिलकर 700MHz band पर 5G Trails कर चुकी है जिसमें दो टेस्टिंग साइट्स के बीच दूरी 40 किलोमीटर की थी।
Vi ने 5जी स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान काफी हद तक साफ कर दिया है कि कंपनी का टारगेट नई 5जी सर्विस के विस्तार के साथ ही मौजूदा 4जी सर्विस को मजबूत करना भी रहेगा। वीआई ने 18,784 करोड़ रुपए के 2,668 MHz स्पेक्ट्रम का अधिग्रहण किया। कंपनी ने 17 सर्किल्स में mid-band 5G spectrum (3300 MHz band) लिए हैं तथा 16 सर्किल्स में 26 GHz band mmWave 5G spectrum हासिल किए हैं।

इन्हें देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी गांवों की अपेक्षा शहरी क्षेत्रों में अपनी 5जी सर्विस पर अधिक काम करेगी तथा इसमें इसमें लंबी कवरेज से ज्यादा ध्यान फास्ट इंटरनेट स्पीड पर दिया जा सकता है।
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इंडिया में 5G फोंस की शुरूआत हो चुकी है। मोबाइल बाजार की प्रतिस्पर्धा का लाभ सीधे उपभोक्ताओं को पहुॅंच रहा है और आज 18,000 से भी कम बजट में 5जी कनेक्टिविटी सपोर्ट करने वाले स्मार्टफोन इंडियन मार्केट में उतार दिए गए हैं। 5जी की राह में सब तैयार बैठे हैं और अब इंतजार हो रहा है तो बस टेलीकाॅम इंडस्ट्री द्वारा 5G नेटवर्क दिए जाने का। दुनिया के अन्य कई ईलाकों में 5जी सर्विस अपने पैर पसार चुकी है परंतु भारत में इस सर्विस की शुरूआत में थोड़ा वक्त लग रहा है। समय-समय पर हम आपको 5जी इंडस्ट्री से जुड़ी कई अहम जानकारी दे चुके हैं और आज हम बताने जा रहे हैं आखिर कितना फास्ट होगा यह 5G
5G मतलब fifth generation. यह तकनीक मोबाइल की 5वीं पीढ़ी है इसीलिए इसे 5जी कहा जाता है। मोटो तौर पर वर्तमान में मौजूद 4G नेटवर्क की बेहतर, उन्नत और एएडवांस टेक्नोलाॅजी है 5G। वैसे तो मौजूदा 4G LTE तकनीक को भी फास्ट सेलुलर कनेक्टिविटी के लिए बनाया गया था लेकिन आने वाली 5जी टेक्नोलाॅजी इससे भी फास्ट होगी। मूल रूप से 5G एक साॅफ्टवेयर आधारित नेटवर्क है जो वायरलेस नेटवर्क की गति क्षमता के विकास व विस्तार में मदद करेगा। यह टेक्नोलाॅजी सिर्फ डाटा क्वॉन्टिटी ही नहीं बढ़ाएगी बल्कि वायरलेस नेटवर्क को भी इन्हाॅस करेगी। 5जी को हाई स्पीड, लो लेटेंसी और फ्लेक्सिबल वायरलेस सर्विस को इंप्रूव करने के लिए डिजाईन किया गया है। यह भी पढ़ें: सस्ता 5G Phone ले रहे हैं तो इन 5 बातों का जरूर रखें ख्याल
5G को लेकर लोगों में सबसे ज्यादा उत्सुकता इसकी स्पीड की वजह से ही है। मौजूदा 4G की टाॅप स्पीड 100mbps यानि 100 मेगाबिट्स प्रति सेकेंड है। वहीं 5G में यह स्पीड सीधे 10gbps (10 जीबी प्रति सेकेंड) हो जाएगी। मतलब 4जी से पूरे 100 गुना अधिक। याद दिला दें कि 3G नेटवर्क पर यह स्पीड 7.2mbps थी। ज़रा सोचिए उस वक्त जब 3जी की शुरूआत हुई थी, मोबाइल यूजर्स में कितना जोश भर गया था। वहीं अब 5जी की स्पीड जब आपके स्मार्टफोन में चलेगी तो क्या होगा।

3G, 4G और 5G तीनों की स्पीड का अगर उदाहरण लें तो किसी 2 घंटे की फिल्म को पहले 3G नेटवर्क पर डाउनलोड करने में तकरीबन 26 घंटे तक का समय लग जाता था। वहीं 4G नेटवर्क का विकास होने पर वही 2 घंटे की मूवी सिर्फ 6 मिनट में डाउनलोड होने लगी। 5G स्पीड इस तरह के कार्यो को चुटकियों में कर देगी। वही 2 घंटे की फिल्म 5जी की स्पीड पर महज़ 3.6 सेकेंड में डाउनलोड हो जाएगी। देखा जाए तो 4जी की स्पीड पर जितनी देर में एक फिल्म डाउनलोड होती थी, उतनी देर में 5जी स्पीड पर 100 के करीब मूवी डाउनलोड हो जाएगी। यह भी पढ़ें: 5G आने से पहले जानें 4जी और 5जी में खास अंतर, सिर्फ 10 प्वाइंट में
5G किसी एक नहीं बल्कि कई नई तकनीक को एक साथ मिलाकर काम करेगा। मौजूदा 4G में जहां सिग्नल्स को रेडिएट करने के लिए बड़े हाई-पावर सेल टाॅवर्स की जरूरत होती है वहीं 5G बहुत सारे छोटे सेल स्टेशन्स को यूज़ करते हुए वायरलेस सिग्नल्स को ट्रांसमिट करेगा। ये मल्टीपल मिलिमीटर वेव्स (mm) 30GHz से 300GHz के बीच काम करेगी। बता दें कि पहले जहां लोवर फ्रीक्वेंसी बैंड्स का इस्तेमाल होता था जिसमें डिस्टेंस और इंटरफेस ज्यादा होता था। वहीं अब लोवर फ्रिक्वेंसी स्पेक्ट्रम का यूज़ होगा जो शार्ट डिस्टेंस से ही ट्रैवल कर पाएगा।

सबसे पहले तो आपको लैटेंसी का मतलब बता दें कि जब आप किसी दोस्त को कोई मैसेज भेजते हैं तो आपके फोन से मैसेज सेंड होने से लेकर उसके फोन में मैसेज रिसीव होने तक के बीच के समय को लैटेंसी से मापा जाता है। यह समय बेहद ही कम यानि मिलीसेकेंड का होता है। यूं तो 4G में भी लैटेंसी महसूस नहीं होती। लेकिन जरा सोचिए 5G में यह कितनी तेज हो जाएगी। वहीं बैंडविथ उस स्पेस को कहते हैं जो उपभोक्ता के डाटा यूज़ से लेकर, कंटेट डाउनलोड, इंटरनेट ब्राउजिंग और मल्टीमीडिया प्लेइंग इत्यादि के लिए उपलब्ध कराया जाता है। यह बैंडविद्थ जितनी कम होगी काम उतना ही धीमा हो जाएगा। 5जी में इस बात का खास ध्यान रखा गया है और इस नेटवर्क के लिए अधिक बैंडविथ उपलब्ध कराई गई है।
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