UC Browser | Tech News in Hindi (टेक न्यूज़) https://www.91mobiles.com/hindi Wed, 22 Jul 2020 11:31:51 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.5.3 चाइनीज कंपनी UC Web ने भारत से समेटा कारोबार, जा रही वापस अपने देश चीन https://www.91mobiles.com/hindi/alibaba-group-uc-web-chinese-app-shuts-business-in-india/ https://www.91mobiles.com/hindi/alibaba-group-uc-web-chinese-app-shuts-business-in-india/#respond Wed, 22 Jul 2020 11:31:51 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=46780 UC Web ने भारत को छोड़ने का फैसला ले लिया है।

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UC browser का नाम लगभग सभी ने सुना होगा। लगभग हर तीसरे व्यक्ति ने जिंदगी में कभी न कभी इस इंटरनेट ब्राउजर का इस्तेमाल भी शायद किया हो। एक वक्त था जब ऐसे ब्राउजर और ऐप्लीकेशन्स का यूज़ करते वक्त कोई ध्यान भी नहीं देता था कि यह ऐप कहां की है और किस देश में बनी है। लेकिन अब माहौल बदल चुका है। चीन की बनी ऐप्स और चीनी कंपनियों से भारतवासियों की खासी दुश्मनी हो गई है। बायकॉट चाइना की मुहित पूरे देश में चल रही है और इसी बीच खबर आई है कि UC Web ने भारत से अपना कारोबार समेट लिया है और अब इंडिया से निकलकर वापिस अपने देश चीन जा रही है।

Alibaba Group की सब्सिडियरी कंपनी UC Web ने आखिरकार भारत को छोड़ने का फैसला ले लिया है। कंपनी इंडियन मार्केट के निकल रही है और इसकी शुरूआत यूसी वेब ने अपना बिजनेस और कारोबर समेटने से शुरू कर दी है। यूसी वेब ने अपने कर्मचारियों को नोटिस दे दिया है और बाजार में लगे लेन देन का हिसाब करने लगी है। यहां आपको बता दें कि इस कंपनी में काम करने वाले तकरीबन 300 लोगों को नौकरी से भी निकाल दिया गया है और कंपनी का गुरूग्राम और मुबंई स्थित दफ्तर अब बंद होने वाला है।

Alibaba Group UC Web chinese app shuts business in india
Photo Credit: Zeenews

UC Web की बात करें तो इसे UC browser के नाम से प्रसिद्धि मिली थी। इस कंपनी ने साल 2009 में भारत में अपनी शुरूआत की थी, जिसे स्मार्टफोन यूजर्स द्वारा काफी पसंद किया गया था। यूसी वेब की UC News सर्विस को लाखों भारतीयों ने पंसद किया था जो मोबाइल पर ताजा और ट्रेंडिंग खबरों की अपडेट देती थी।

13 करोड़ थे भारतीय यूजर

इंडिया में UC Web को काफी पंसद किया गया था। इस बात का अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनियाभर में यूसी वेब के 43 करोड़ से भी अधिक यूजर्स हैं और इनमें से 13 करोड़ लोग भारतीय है। पिछले महीने यानि जून 2020 के आकंड़ों की बात करें तो UC Web भारत का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल ब्राउजर बन गया था। Google Chrome जहां नंबर एक पर है वहीं यूसी वेब 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ लगातार तरक्की कर रहा था।

यह भी पढ़ें : यह है दुनिया का सबसे छोटा 4G स्मार्टफोन, डिसप्ले सिर्फ 3 इंच लेकिन रैम 6 जीबी

भारत सरकार द्वारा देश में 59 चीनी ऐप्स को बैन किए जाने के बाद UC Web ने भारत में अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है। इस कंपनी ने अपने 90 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है। गौरतलब है कि यूसी वेब का मालिकाना हक रखने वाली अलीबाबा दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है और इसके मालिक Jack Ma के फैन इंडिया में भी है। अलीबाबा की ही स्वामित्व वाली Vmate ने भी अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।

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TikTok और Shareit सहित 59 चीनी ऐप्स भारत में हुए बैन, देखें पूरी लिस्ट। क्या यह फैसला सही है आप बताएं? https://www.91mobiles.com/hindi/tiktok-helo-likee-uc-browser-among-59-chinese-apps-banned-by-indian-government/ https://www.91mobiles.com/hindi/tiktok-helo-likee-uc-browser-among-59-chinese-apps-banned-by-indian-government/#respond Tue, 30 Jun 2020 04:07:06 +0000 https://www.91mobiles.com/hindi/?p=45885 इन ऐप्सा का इंडिया में काफी बड़ा मार्केट था।

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भारतीय सरकार ने TikTok, Helo और UC Browser सहित 59 चाइनीज ऐप्स को बैन करने का फैसला किया है। इस लिस्ट में मौजूद कई ऐप्स इंडिया में काफी फेमस थे, जिसके बाद इन ऐप्स को यूज करने वाले यूजर्स को तगड़ा झटका लगा है।वहीं, सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि इन ऐप्स से भारत की संप्रुभता और एकता को खतरा है इसलिए यह फैसला लिया गया है। आइए आगे आपको उन ऐप्स की जानकारी देते हैं जो 59 चीनी ऐप्स की लिस्ट में शामिल हैं।

गौरतलब है कि सरकार द्वारा बैन किए गए यह चीनी ऐप्स सिर्फ इंटरटेनमेंट कैटेगरी के नहीं हैं। इनमें चैट ऐप्स, टूल ऐप्स और कुछ गेम्स के ऐप भी शामिल हैं। हालांकि, इन ऐप्स को किस आधार पर बैन किया गया है यह जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन, खबर लिखते समय तक इस लिस्ट में शामिल TikTok को हम अपने फोन में इस्तेमाल कर पा रहे थे।

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रालय ने इन ऐप्स को आईटी एक्ट के सेक्शन 69 और आईटी रूल्स 2008 के प्रोविज़न के तहत बैन किया है। यह फैसला इन ऐप्स को भारत की संप्रुभता, एकता, सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर को लेकर खतरा मानते हुए किया गया है। इसका मतलब है कि इन ऐप्स से यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा था। इसे भी पढ़ें: TikTok की जगह यूजर्स को पसंद आ रहा ‘मेड इन इंडिया’ Chingari ऐप, आनंद महिंद्रा ने भी किया डाउनलोड

TikTok पहले भी हुआ बैन

बता दें कि TikTok को पहले भी भारत में बैन किया जा चुका है। हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद इसे दोनों एंडॉयड और आईओएस से हटा लिया गया था। हालांकि, बाद में इसपर से पाबंदी हटा ली गई थी, जिसके बाद से इसका प्रयोग काफी यूजर्स द्वारा किया जा रहा था। वहीं, हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार अब तक भारत में 61 करोड़ से भी अधिक लोग अपने फोन में टिकटॉक ऐप को डाउनलोड यानि इंस्टॉल कर चुके हैं। यहां क्लिक कर जान सकते हैं कैसे डिलीट करें TikTok ऐप।

प्रतिबंधित चीनी ऐप्स की सूची में, लोकप्रिय ऐप में टिकटॉक, कैमस्कैनर, शेयर इट, हेलो, लाइक, एक्सेंडर, यूसी ब्राउज़र, क्लैश ऑफ किंग्स, ईएस फाइल एक्सप्लोरर, डीयू क्लीनर, क्लीन मास्टर और मोबाइल लीजेंड शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि टेनसेंट के वीचैट को नए आदेश के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है, लेकिन उसी कंपनी के PUBG – भारत में सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन गेम – सूची में शामिल नहीं किया गया है।

यह ऐप अभी भी हो रहे डाउनलोड

TikTok और Helo फिलहाल ऐप स्टोर और Google Play से गायब हो गए हैं। हालांकि, खबर लिखते हुए AliBaba Group के UC Browser और UC News, Bigo Technologies के Like, Xiaomi के Mi समुदाय, Tencent के स्वामित्व वाले WeChat और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म क्लब फैक्ट्री और Shein जैसे लोकप्रिय ऐप अभी भी प्लेटफार्मों पर मौजूद हैं।

यहां देखें बैन हुए 59 ऐप्स की पूरी लिस्ट

      1. TikTok
      2. ShareIt
      3. Kwai
      4. UC Browser
      5. Baidu Map
      6. Shein
      7. Clash of Kings
      8. DU Battery Saver
      9. Helo
      10. Likee
      11. YouCam Makeup
      12. Mi Video Call – Xiaomi
      13. Mi Community
      14. CM Browsers
      15. WeChat
      16. Virus Cleaner
      17. APUS Browser
      18. ROMWE
      19. Club Factory
      20. NewsDog
      21. Beutry Plus
      22. UC News
      23. QQ Mail
      24. Weibo
      25. Xender
      26. QQ Music
      27. QQ Newsfeed
      28. Bigo Live
      29. SelfieCity
      30. Mail Master
      31. Parallel Space
      32. WeSync
      33. ES File Explorer
      34. Viva Video – QU Video Inc
      35. Meitu
      36. Vigo Video
      37. New Video Status
      38. DU Recorder
      39. Vault Hide
      40. Cache Cleaner – DU App Studio
      41. DU Cleaner
      42. DU Browser
      43. Hago Play With New Friends
      44. CamScanner
      45. Clean Master – Cheetah Mobile
      46. Wonder Camera
      47. Photo Wonder
      48. QQ Player
      49. We Meet
      50. Sweet Selfie
      51. Baidu Translate
      52. Vmate
      53. QQ International
      54. QQ Security Center
      55. QQ Launcher
      56. U Video
      57. V fly Status Video
      58. Mobile Legends
      59. DU Privacy

गौरतलब है सरकार के इस फैसल से कुछ दिन पहले ही इंटरनेट पर एक खबर वायरल हो रही थी। सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि भारत सरकार ने कुछ ऐप्स को देश में बैन कर दिया है। दावे के साथ भारत सरकार के नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर के नाम से एक आदेश की कॉपी भी शेयर की जा रही थी। लेकिन, उस समय सरकार ने स्पष्ट किया था कि भारत में टिकटॉक सहित कई ऐप के प्रतिबंध को लेकर चल रही सभी खबर गलत हैं।

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फिर प्ले स्टोर पर आया यूसी ब्राउजर, डाटा सुरक्षा का दिया भरोसा https://www.91mobiles.com/hindi/uc-browser-announces-availability-of-refreshed-product-version-on-google-play-in-hindi/ Wed, 22 Nov 2017 11:25:16 +0000 https://hi.91mobiles.com/?p=13898 गूगल द्वारा प्ले स्टोर से ऐप बैन किए जाने के बाद कंपनी ने यूसी ब्राउजर का नया वर्ज़न भारत में लॉन्च कर दिया है।

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देश में सबसे ज्यादा यूज़ की जाने वाली इंटरनेट ब्राउजिंग ऐप यूसी ब्राउजर पर यूजर्स का पसर्नल डाटा चोरी करने का आरोप लगा था। इस आरोप के कुछ समय बाद ही गूगल ने यूसी ब्राउजर ऐप को प्ले स्टोर से 30 दिनों के लिए हटा दिया था। अभी इस बैन को कुछ ही दिन हुए थे कि यूसी ब्राउजर एक और नई ऐप के साथ प्ले स्टोर पर फिर से एंट्री कर चुका है।

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यूसी ब्राउजर का मालिकाना हक रखने वाली चीनी कंपनी अलीबाबा ने अपनी इसी ऐप का एक और वर्ज़न पेश किया है। गूगल द्वारा प्ले स्टोर से ऐप बैन किए जाने के बाद कंपनी ने यूसी ब्राउजर का नया वर्ज़न भारत में लॉन्च कर दिया है। यूसी ब्राउजर का यह नया वर्ज़न आज यानि 22 नवंबर से प्ले स्टोर पर उपलब्ध हो जाएगा और यूजर्स इसे डाउनलोड कर सकेंगे।

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आपको बता दें कि यूसी ब्राउजर को प्ले स्टोर से हटाते हुए गूगल ने कहा था कि इस ऐप की सेटिंग्स गूगल की पॉलिसी के हिसाब से सही नहीं है तथा सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यूसी ब्राउजर को प्ले स्टोर से ​हटाया जा रहा है। इस वाक्यें के दूसरे सप्ताह में अब यूसी ब्राउजर ऐप के नया संस्करण आ गया है और इसपर कंपनी का कहना है कि इस ऐप के टेक्नीकल सेटिंग्स गूगल की पॉलिसी को ध्यान में रखकर की गई है।

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गौरतलब है कि इंटरनेट ब्राउजिंग के लिए यूसी ब्राउजर कर उपयोग भारत में सबसे ज्यादा किया जाता है। यूसी ब्राउजर गूगल क्रोम के पीछे छोड़ते हुए इंडियन मोबाईल ब्राउजिंग मार्केट के 45.08 प्रतिशत बाजार पर कब्जा किए हुए है। तकरीबन दो माह पहले यूसी ब्राउजर पर आरोप लगे थे कि यह ऐप भारतीय स्मार्टफोन यूजर्स का पर्सनल डाटा ट्रैक कर उन्हें चोरी से चीन स्थित सर्वर पर भेजती है।

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चीनी ऐप यूसी ब्राउजर पर लगा बैन, जानें इससे जुड़ी 10 अनकही बातें https://www.91mobiles.com/hindi/10-things-about-uc-broswer-app-in-hindi/ Tue, 21 Nov 2017 10:39:23 +0000 https://hi.91mobiles.com/?p=13854 यूजर्स का डाटा चोरी कर चीन भेजने के आरोपी 'यूसी ब्राउजर' से जुड़ी ये बातें जानना है जरूरी

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लोगों को जोड़ने वाली तकनीक और इंटरनेट कितने खतरनाक भी साबित हो सकते हैं यह सवाल तब और भी पेचीदा हो गया, जब भारत में सबसे ज्यादा यूज किए जाने वाले इंटरनेट ब्राउजर ‘यूसी ब्राउजर’ पर यूजर्स की डाटा चोरी करने का आरोप लगा। इस बेहद ही गंभीर विवाद पर जहां भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसिया सतर्क होकर छानबीन में जुट गई वहीं गूगल ने भी सावधानी बरतते हुए यूसी ब्राउजर को अपने ऐप स्टोर से हटा दिया है। आईये आपको बताते हैं इस विवादास्पद ब्राउजर के जुड़ी 10 अहम बातें जो हर भारतीय के लिए जानना बेहद जरूरी है।

1. यूसी ब्राउजर चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा का ही एक हिस्सा है, जिसके मालिक है जैक मा।

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2. विश्वभर में तकरीबन 420 मिलियन यूजर्स यूसी ब्राउजर का यूज़ करते हैं। इन 420 मिलियन में से 100 मिलियन सिर्फ भारत में ही हैं।

3. यूसी ब्राउजर भारत में सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली ऐप्स में छठें नंबर पर आती है।

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4. स्टैटकाउंटर की रिपोर्ट के मुताबिक यूसी ब्राउजर ने भारत में 50% मार्केट पर पकड़ बनाते हुए गूगल के ब्राउजर गूगल क्रोम को भी पीछे छोड़ दिया था।

5. इतनी बड़ी संख्या में डाउनलोड होने के बाद ही गूगल ने यूसी ब्राउजर की एक्टिविटी पर नजर रखनी शुरू की थी।

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6. छानबीन के दौरान गूगल ने यूसी ब्राउजर को पर्सनल डाटा स्टोर करने की पॉलिसी के खिलाफ पाया, जिसके चलते इसे प्लेस्टोर से हटा दिया गया है।

7. यूसी ब्राउजर पर आरोप लगे हैं कि इसने भारतीय यूजर्स की पर्सनल जानकारी और उनकी डिटेल्स को चीन में भेजा है।

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8. आरोप है कि अनइंस्टॉल करने या ब्राउजिंग हिस्ट्री मिटा देने के बाद भी यह ऐप स्मार्टफोन को कंट्रोल कर उसे ट्रैक करती रहती है तथा फोन के आईएमईआई नंबर और लोकेशन जैसी जानकारियां चीन स्थित अपने सर्वर पर भेज रहा है।

9. गूगल और यूसी ब्राउजर के बीच की एक ई-मेल लीक होने से यह भी सामनें आया था कि यूसी ब्राउजर स्पैम लिंक्स और रिडायरेक्ट करने वाले गलत लिंक के जरिए अपने डाउनलोड्स बढ़ाने का काम कर रहा था।

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10. भारतीयों का निजी डाटा चीन भेजे जाने के मामले पर भारत सरकार यूसी से पूछताछ और डिजिटल जांच के साथ ही इस गंभीर मसले का हल ढूढंने में जुटी है।

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यूसी ब्राउजर पर लगा डाटा चोरी का आरोप, गूगल ने प्ले स्टोर पर ऐप को किया बैन https://www.91mobiles.com/hindi/uc-browser-taken-down-from-google-play-store-in-hindi/ Fri, 17 Nov 2017 09:35:16 +0000 https://hi.91mobiles.com/?p=13781 अगर आप भी यूज़ करते हैं यूसी ब्राउजर, तो हो जाईये सावधान ।

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विभिन्न मुद्दों से जुड़ी खबरें तथा आर्टिकल्स को यूसी ब्राउजर एक ही प्लेटफार्म पर इक्ट्ठा कर यूजर्स को उपलब्ध कराता है। पूरे विश्व समेत भारत में भी अनेंको लोग अपने स्मार्टफोन में यूसी ब्राउजर को इंस्टाल किए हुए हैं और इसका यूज़ करते हैं। लेकिन अब यूसी ब्राउजर का यूज़ करने वाले यूजर्स के लिए एक ऐसी खबर आई है जिसके सुनकर वह चौंक जाएंगे। यूसी ब्राउजर पर लोगों का डाटा चोरी करने का आरोप लगा है और विश्व के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने इसे प्ले स्टोर से हटा दिया है।

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गूगल की ओर से भारत में यूसी ब्राउजर को 30 दिन यानि एक महीने के लिए प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। यूजर अब 1 महीने तक यूसी ब्राउजर को डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। यूसी ब्राउजर पर यह ​बैन फिलहाल 13 दिसंबर तक के लिए लगाया गया है। गूगल की ओर से यूसी ब्राउजर को प्ले स्टोर से बैन किया गया है, इस ऐप पर डाटा चोरी करने का आरोप लगा है।

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गूगल का कहना है कि यूसी ब्राउजर की सेटिंग्स गूगल की पॉलिसी के हिसाब से सही नहीं है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यूसी ब्राउजर को प्ले स्टोर से ​हटाया गया है। आपको बता दें कि डाटा रिसर्च फर्म स्टैट कॉउंटर की ​एक रिपोर्ट में यह सामनें आया था कि यूसी ब्राउजर फोन का ईएमईआई नंबर और लोकेशन जैसी जानकारियां चीन में अपने सर्वर पर भेजता है।

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इस मामले की सवेंदनशीलता को परखते हुए भारत सरकार ने यूसी ब्राउजर की तफ्तीश करने के साथ ही इसकी जांच के आदेश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर अब गूगल ने भी यूसी ब्राउजर को कंपनी की पॉलिसी के खिलाफ यूजर्स का निजी डाटा स्टोर करते हुए पाया है और इस मुद्दें पर आवश्यक कदम उठाते हुए इसे प्ले स्टोर से हटा दिया है।

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गौरतलब है कि पूरे विश्व में यूसी ब्राउजर के तकरीबन 420 मिलियन यूजर्स हैं और इनमें से 100 मिलियन सिर्फ भारत में ही हैं। मतलब देश में करीब 10 करोड़ लोग इस ब्राउजिंग ऐप का यूज़ करते हैं। ऐसे में यदि यूसी ब्राउजर पर लगे आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो करोड़ों भारतीयों की निजी जानकारी असुर​क्षा के घेरे में होगी।

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