The post चाइनीज कंपनी UC Web ने भारत से समेटा कारोबार, जा रही वापस अपने देश चीन first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
UC browser का नाम लगभग सभी ने सुना होगा। लगभग हर तीसरे व्यक्ति ने जिंदगी में कभी न कभी इस इंटरनेट ब्राउजर का इस्तेमाल भी शायद किया हो। एक वक्त था जब ऐसे ब्राउजर और ऐप्लीकेशन्स का यूज़ करते वक्त कोई ध्यान भी नहीं देता था कि यह ऐप कहां की है और किस देश में बनी है। लेकिन अब माहौल बदल चुका है। चीन की बनी ऐप्स और चीनी कंपनियों से भारतवासियों की खासी दुश्मनी हो गई है। बायकॉट चाइना की मुहित पूरे देश में चल रही है और इसी बीच खबर आई है कि UC Web ने भारत से अपना कारोबार समेट लिया है और अब इंडिया से निकलकर वापिस अपने देश चीन जा रही है।
Alibaba Group की सब्सिडियरी कंपनी UC Web ने आखिरकार भारत को छोड़ने का फैसला ले लिया है। कंपनी इंडियन मार्केट के निकल रही है और इसकी शुरूआत यूसी वेब ने अपना बिजनेस और कारोबर समेटने से शुरू कर दी है। यूसी वेब ने अपने कर्मचारियों को नोटिस दे दिया है और बाजार में लगे लेन देन का हिसाब करने लगी है। यहां आपको बता दें कि इस कंपनी में काम करने वाले तकरीबन 300 लोगों को नौकरी से भी निकाल दिया गया है और कंपनी का गुरूग्राम और मुबंई स्थित दफ्तर अब बंद होने वाला है।

UC Web की बात करें तो इसे UC browser के नाम से प्रसिद्धि मिली थी। इस कंपनी ने साल 2009 में भारत में अपनी शुरूआत की थी, जिसे स्मार्टफोन यूजर्स द्वारा काफी पसंद किया गया था। यूसी वेब की UC News सर्विस को लाखों भारतीयों ने पंसद किया था जो मोबाइल पर ताजा और ट्रेंडिंग खबरों की अपडेट देती थी।
13 करोड़ थे भारतीय यूजर
इंडिया में UC Web को काफी पंसद किया गया था। इस बात का अंदाजा सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनियाभर में यूसी वेब के 43 करोड़ से भी अधिक यूजर्स हैं और इनमें से 13 करोड़ लोग भारतीय है। पिछले महीने यानि जून 2020 के आकंड़ों की बात करें तो UC Web भारत का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल ब्राउजर बन गया था। Google Chrome जहां नंबर एक पर है वहीं यूसी वेब 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ लगातार तरक्की कर रहा था।
यह भी पढ़ें : यह है दुनिया का सबसे छोटा 4G स्मार्टफोन, डिसप्ले सिर्फ 3 इंच लेकिन रैम 6 जीबी
भारत सरकार द्वारा देश में 59 चीनी ऐप्स को बैन किए जाने के बाद UC Web ने भारत में अपना कारोबार बंद करने का फैसला किया है। इस कंपनी ने अपने 90 प्रतिशत कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है। गौरतलब है कि यूसी वेब का मालिकाना हक रखने वाली अलीबाबा दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है और इसके मालिक Jack Ma के फैन इंडिया में भी है। अलीबाबा की ही स्वामित्व वाली Vmate ने भी अपने कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
The post चाइनीज कंपनी UC Web ने भारत से समेटा कारोबार, जा रही वापस अपने देश चीन first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post TikTok और Shareit सहित 59 चीनी ऐप्स भारत में हुए बैन, देखें पूरी लिस्ट। क्या यह फैसला सही है आप बताएं? first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
भारतीय सरकार ने TikTok, Helo और UC Browser सहित 59 चाइनीज ऐप्स को बैन करने का फैसला किया है। इस लिस्ट में मौजूद कई ऐप्स इंडिया में काफी फेमस थे, जिसके बाद इन ऐप्स को यूज करने वाले यूजर्स को तगड़ा झटका लगा है।वहीं, सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि इन ऐप्स से भारत की संप्रुभता और एकता को खतरा है इसलिए यह फैसला लिया गया है। आइए आगे आपको उन ऐप्स की जानकारी देते हैं जो 59 चीनी ऐप्स की लिस्ट में शामिल हैं।
गौरतलब है कि सरकार द्वारा बैन किए गए यह चीनी ऐप्स सिर्फ इंटरटेनमेंट कैटेगरी के नहीं हैं। इनमें चैट ऐप्स, टूल ऐप्स और कुछ गेम्स के ऐप भी शामिल हैं। हालांकि, इन ऐप्स को किस आधार पर बैन किया गया है यह जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन, खबर लिखते समय तक इस लिस्ट में शामिल TikTok को हम अपने फोन में इस्तेमाल कर पा रहे थे।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रालय ने इन ऐप्स को आईटी एक्ट के सेक्शन 69 और आईटी रूल्स 2008 के प्रोविज़न के तहत बैन किया है। यह फैसला इन ऐप्स को भारत की संप्रुभता, एकता, सुरक्षा और पब्लिक ऑर्डर को लेकर खतरा मानते हुए किया गया है। इसका मतलब है कि इन ऐप्स से यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा था। इसे भी पढ़ें: TikTok की जगह यूजर्स को पसंद आ रहा ‘मेड इन इंडिया’ Chingari ऐप, आनंद महिंद्रा ने भी किया डाउनलोड
TikTok पहले भी हुआ बैन
बता दें कि TikTok को पहले भी भारत में बैन किया जा चुका है। हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद इसे दोनों एंडॉयड और आईओएस से हटा लिया गया था। हालांकि, बाद में इसपर से पाबंदी हटा ली गई थी, जिसके बाद से इसका प्रयोग काफी यूजर्स द्वारा किया जा रहा था। वहीं, हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार अब तक भारत में 61 करोड़ से भी अधिक लोग अपने फोन में टिकटॉक ऐप को डाउनलोड यानि इंस्टॉल कर चुके हैं। यहां क्लिक कर जान सकते हैं कैसे डिलीट करें TikTok ऐप।
प्रतिबंधित चीनी ऐप्स की सूची में, लोकप्रिय ऐप में टिकटॉक, कैमस्कैनर, शेयर इट, हेलो, लाइक, एक्सेंडर, यूसी ब्राउज़र, क्लैश ऑफ किंग्स, ईएस फाइल एक्सप्लोरर, डीयू क्लीनर, क्लीन मास्टर और मोबाइल लीजेंड शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि टेनसेंट के वीचैट को नए आदेश के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया है, लेकिन उसी कंपनी के PUBG – भारत में सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन गेम – सूची में शामिल नहीं किया गया है।
यह ऐप अभी भी हो रहे डाउनलोड
TikTok और Helo फिलहाल ऐप स्टोर और Google Play से गायब हो गए हैं। हालांकि, खबर लिखते हुए AliBaba Group के UC Browser और UC News, Bigo Technologies के Like, Xiaomi के Mi समुदाय, Tencent के स्वामित्व वाले WeChat और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म क्लब फैक्ट्री और Shein जैसे लोकप्रिय ऐप अभी भी प्लेटफार्मों पर मौजूद हैं।
यहां देखें बैन हुए 59 ऐप्स की पूरी लिस्ट
गौरतलब है सरकार के इस फैसल से कुछ दिन पहले ही इंटरनेट पर एक खबर वायरल हो रही थी। सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि भारत सरकार ने कुछ ऐप्स को देश में बैन कर दिया है। दावे के साथ भारत सरकार के नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर के नाम से एक आदेश की कॉपी भी शेयर की जा रही थी। लेकिन, उस समय सरकार ने स्पष्ट किया था कि भारत में टिकटॉक सहित कई ऐप के प्रतिबंध को लेकर चल रही सभी खबर गलत हैं।
The post TikTok और Shareit सहित 59 चीनी ऐप्स भारत में हुए बैन, देखें पूरी लिस्ट। क्या यह फैसला सही है आप बताएं? first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post फिर प्ले स्टोर पर आया यूसी ब्राउजर, डाटा सुरक्षा का दिया भरोसा first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
देश में सबसे ज्यादा यूज़ की जाने वाली इंटरनेट ब्राउजिंग ऐप यूसी ब्राउजर पर यूजर्स का पसर्नल डाटा चोरी करने का आरोप लगा था। इस आरोप के कुछ समय बाद ही गूगल ने यूसी ब्राउजर ऐप को प्ले स्टोर से 30 दिनों के लिए हटा दिया था। अभी इस बैन को कुछ ही दिन हुए थे कि यूसी ब्राउजर एक और नई ऐप के साथ प्ले स्टोर पर फिर से एंट्री कर चुका है।
भरोसेमंद नोकिया को मिला जियो का साथ, अब 100जीबी 4जी डाटा मिलेगा मुफ्त
यूसी ब्राउजर का मालिकाना हक रखने वाली चीनी कंपनी अलीबाबा ने अपनी इसी ऐप का एक और वर्ज़न पेश किया है। गूगल द्वारा प्ले स्टोर से ऐप बैन किए जाने के बाद कंपनी ने यूसी ब्राउजर का नया वर्ज़न भारत में लॉन्च कर दिया है। यूसी ब्राउजर का यह नया वर्ज़न आज यानि 22 नवंबर से प्ले स्टोर पर उपलब्ध हो जाएगा और यूजर्स इसे डाउनलोड कर सकेंगे।

आपको बता दें कि यूसी ब्राउजर को प्ले स्टोर से हटाते हुए गूगल ने कहा था कि इस ऐप की सेटिंग्स गूगल की पॉलिसी के हिसाब से सही नहीं है तथा सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यूसी ब्राउजर को प्ले स्टोर से हटाया जा रहा है। इस वाक्यें के दूसरे सप्ताह में अब यूसी ब्राउजर ऐप के नया संस्करण आ गया है और इसपर कंपनी का कहना है कि इस ऐप के टेक्नीकल सेटिंग्स गूगल की पॉलिसी को ध्यान में रखकर की गई है।
आईफोन 10 की 10 ऐसी बातें जो शायद ही आपको पता हों
गौरतलब है कि इंटरनेट ब्राउजिंग के लिए यूसी ब्राउजर कर उपयोग भारत में सबसे ज्यादा किया जाता है। यूसी ब्राउजर गूगल क्रोम के पीछे छोड़ते हुए इंडियन मोबाईल ब्राउजिंग मार्केट के 45.08 प्रतिशत बाजार पर कब्जा किए हुए है। तकरीबन दो माह पहले यूसी ब्राउजर पर आरोप लगे थे कि यह ऐप भारतीय स्मार्टफोन यूजर्स का पर्सनल डाटा ट्रैक कर उन्हें चोरी से चीन स्थित सर्वर पर भेजती है।
The post फिर प्ले स्टोर पर आया यूसी ब्राउजर, डाटा सुरक्षा का दिया भरोसा first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post चीनी ऐप यूसी ब्राउजर पर लगा बैन, जानें इससे जुड़ी 10 अनकही बातें first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
लोगों को जोड़ने वाली तकनीक और इंटरनेट कितने खतरनाक भी साबित हो सकते हैं यह सवाल तब और भी पेचीदा हो गया, जब भारत में सबसे ज्यादा यूज किए जाने वाले इंटरनेट ब्राउजर ‘यूसी ब्राउजर’ पर यूजर्स की डाटा चोरी करने का आरोप लगा। इस बेहद ही गंभीर विवाद पर जहां भारत सरकार और सुरक्षा एजेंसिया सतर्क होकर छानबीन में जुट गई वहीं गूगल ने भी सावधानी बरतते हुए यूसी ब्राउजर को अपने ऐप स्टोर से हटा दिया है। आईये आपको बताते हैं इस विवादास्पद ब्राउजर के जुड़ी 10 अहम बातें जो हर भारतीय के लिए जानना बेहद जरूरी है।
1. यूसी ब्राउजर चीनी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा का ही एक हिस्सा है, जिसके मालिक है जैक मा।
कलाई पर भी बंध सकेगा सैमसंग का फोल्डेबल स्मार्टफोन गैलेक्सी एक्स
2. विश्वभर में तकरीबन 420 मिलियन यूजर्स यूसी ब्राउजर का यूज़ करते हैं। इन 420 मिलियन में से 100 मिलियन सिर्फ भारत में ही हैं।
3. यूसी ब्राउजर भारत में सबसे ज्यादा डाउनलोड की जाने वाली ऐप्स में छठें नंबर पर आती है।

4. स्टैटकाउंटर की रिपोर्ट के मुताबिक यूसी ब्राउजर ने भारत में 50% मार्केट पर पकड़ बनाते हुए गूगल के ब्राउजर गूगल क्रोम को भी पीछे छोड़ दिया था।
5. इतनी बड़ी संख्या में डाउनलोड होने के बाद ही गूगल ने यूसी ब्राउजर की एक्टिविटी पर नजर रखनी शुरू की थी।
वैज्ञानिकों ने भेजे एलियन्स को रेडियो मैसेज, क्या मिलेगा जवाब ?
6. छानबीन के दौरान गूगल ने यूसी ब्राउजर को पर्सनल डाटा स्टोर करने की पॉलिसी के खिलाफ पाया, जिसके चलते इसे प्लेस्टोर से हटा दिया गया है।
7. यूसी ब्राउजर पर आरोप लगे हैं कि इसने भारतीय यूजर्स की पर्सनल जानकारी और उनकी डिटेल्स को चीन में भेजा है।

8. आरोप है कि अनइंस्टॉल करने या ब्राउजिंग हिस्ट्री मिटा देने के बाद भी यह ऐप स्मार्टफोन को कंट्रोल कर उसे ट्रैक करती रहती है तथा फोन के आईएमईआई नंबर और लोकेशन जैसी जानकारियां चीन स्थित अपने सर्वर पर भेज रहा है।
9. गूगल और यूसी ब्राउजर के बीच की एक ई-मेल लीक होने से यह भी सामनें आया था कि यूसी ब्राउजर स्पैम लिंक्स और रिडायरेक्ट करने वाले गलत लिंक के जरिए अपने डाउनलोड्स बढ़ाने का काम कर रहा था।
10 नोकिया फोन जिन्हें आज भी आप खरीदना चाहेंगे
10. भारतीयों का निजी डाटा चीन भेजे जाने के मामले पर भारत सरकार यूसी से पूछताछ और डिजिटल जांच के साथ ही इस गंभीर मसले का हल ढूढंने में जुटी है।
The post चीनी ऐप यूसी ब्राउजर पर लगा बैन, जानें इससे जुड़ी 10 अनकही बातें first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>The post यूसी ब्राउजर पर लगा डाटा चोरी का आरोप, गूगल ने प्ले स्टोर पर ऐप को किया बैन first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>
विभिन्न मुद्दों से जुड़ी खबरें तथा आर्टिकल्स को यूसी ब्राउजर एक ही प्लेटफार्म पर इक्ट्ठा कर यूजर्स को उपलब्ध कराता है। पूरे विश्व समेत भारत में भी अनेंको लोग अपने स्मार्टफोन में यूसी ब्राउजर को इंस्टाल किए हुए हैं और इसका यूज़ करते हैं। लेकिन अब यूसी ब्राउजर का यूज़ करने वाले यूजर्स के लिए एक ऐसी खबर आई है जिसके सुनकर वह चौंक जाएंगे। यूसी ब्राउजर पर लोगों का डाटा चोरी करने का आरोप लगा है और विश्व के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने इसे प्ले स्टोर से हटा दिया है।
इन आसान ट्रिक्स से आप बचा सकते हैं ढेर सारा मोबाइल डाटा
गूगल की ओर से भारत में यूसी ब्राउजर को 30 दिन यानि एक महीने के लिए प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। यूजर अब 1 महीने तक यूसी ब्राउजर को डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। यूसी ब्राउजर पर यह बैन फिलहाल 13 दिसंबर तक के लिए लगाया गया है। गूगल की ओर से यूसी ब्राउजर को प्ले स्टोर से बैन किया गया है, इस ऐप पर डाटा चोरी करने का आरोप लगा है।

गूगल का कहना है कि यूसी ब्राउजर की सेटिंग्स गूगल की पॉलिसी के हिसाब से सही नहीं है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यूसी ब्राउजर को प्ले स्टोर से हटाया गया है। आपको बता दें कि डाटा रिसर्च फर्म स्टैट कॉउंटर की एक रिपोर्ट में यह सामनें आया था कि यूसी ब्राउजर फोन का ईएमईआई नंबर और लोकेशन जैसी जानकारियां चीन में अपने सर्वर पर भेजता है।
रेडमी नोट 4 को टक्कर देगा 3जीबी रैम वाला सैमसंग गैलेक्सी जे5 प्राइम (2017)
इस मामले की सवेंदनशीलता को परखते हुए भारत सरकार ने यूसी ब्राउजर की तफ्तीश करने के साथ ही इसकी जांच के आदेश दिए हैं। वहीं दूसरी ओर अब गूगल ने भी यूसी ब्राउजर को कंपनी की पॉलिसी के खिलाफ यूजर्स का निजी डाटा स्टोर करते हुए पाया है और इस मुद्दें पर आवश्यक कदम उठाते हुए इसे प्ले स्टोर से हटा दिया है।
शाओमी रेडमी नोट 5 वेबसाइट पर हुआ लिस्ट, जल्द हो सकता लॉन्च
गौरतलब है कि पूरे विश्व में यूसी ब्राउजर के तकरीबन 420 मिलियन यूजर्स हैं और इनमें से 100 मिलियन सिर्फ भारत में ही हैं। मतलब देश में करीब 10 करोड़ लोग इस ब्राउजिंग ऐप का यूज़ करते हैं। ऐसे में यदि यूसी ब्राउजर पर लगे आरोप सिद्ध हो जाते हैं तो करोड़ों भारतीयों की निजी जानकारी असुरक्षा के घेरे में होगी।
The post यूसी ब्राउजर पर लगा डाटा चोरी का आरोप, गूगल ने प्ले स्टोर पर ऐप को किया बैन first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
]]>