टेक्नोलॉजी शौक नहीं इनका जुनून है और इसी जुनून ने इन्हें टेक जगत में आने के लिए प्रेरित किया। मुकेश कुमार सिंह उन चंद लोगों में से हैं जिन्होंने हिंदी में मोबाइल रिव्यू लिखने की शुरूआत की। अपने 20 सालों के पत्रकारिता के सफर की शुरुआत इन्होंने हिंदी डेली से की और पिछले 19 सालों से ये मोबाइल तकनीकी क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक ये मॉय मोबाइल मैगजीन और बीजीआर जैसे वेबसाइट के लिए कार्य कर चुके हैं। वहीं जागरण और नवभारत टाइम्स जैसे अखबारों में इनके लेख नियमित रूप से छपते रहते हैं।
मेरे लिखने से आपके पढ़ने तक, सब तकनीक है। Kamal Kant का मानना है कि तकनीक नई हो या पुरानी हर रोज़ कुछ न कुछ नया दिखाती है, सिखाती है। टेक्नोलॉजी के प्रति इसी सोच ने कमल को तकनीक जगत में आने के लिए प्रेरित किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने 15 साल के अनुभव के दौरान ये विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ते हुए मीडिया के तीनों मंच - प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजीटल मीडिया पर कार्य चुके हैं।
अमित कुमार निधि का नाम आपने 'दैनिक जागरण' न्यूजपेपर में अक्सर पढ़ा होगा। जागरण में कई सालों तक इन्होंने टेक्नोलॉजी और ट्रैवल के पेज को संभाला है। 'माय स्मार्ट प्राइस हिंदी' के बाद अब '91 मोबाइल्स हिंदी' में एसोसिएट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इन्हें डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ रिसर्च पसंद है। यही वजह है कि इनके फीचर आर्टिकल्स लगभग सभी बड़े मीडिया हाउस में पब्लिश होते रहे हैं। अपने 18 सालों के लंबे अनुभव में इन्होंने लगभग हर तरह के आर्टिकल लिखे हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी के अलावा ट्रैवलॉग, एजुकेशन, बिजनेस आदि शामिल हैं।
















