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जब आप किसी बैंक में अपना अकाउंट ओपन करवाते हैं, तो आपको बैंक की तरफ से डेबिट कार्ड यानी एटीएम कार्ड दिया जाता है। मगर आपका एटीएम कार्ड तब तक काम नहीं करता है, जब तक आपका उसका पिन (पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर) जनरेट नहीं करते हैं। बिना PIN के आप न तो ATM से पैसे नहीं निकाल सकते और ना ही कार्ड का इस्तेमाल भी नहीं कर सकते। अच्छी बात यह है कि अब आपको 4 अंकों का नया पिन जनरेट करने के लिए बैंक जाने या फिर नजदीकी एटीएम तक जाने की जरूरत नहीं है। अब आप चाहें, तो अपने मोबाइल से ही नया ATM PIN बना सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के उदाहरण के जरिए बताते हैं कि कैसे मोबाइल से एटीएम पिन बनाया (mobile se atm pin kaise banaye) जा सकता हैः
आप अपने मोबाइल से SMS भेज कर भी अपने एटीएम कार्ड का पिन जनरेट कर सकते हैं। वैसे, SMS के जरिए पिन बनाना उन लोगों के लिए सुविधाजनक है, जिनके पास इंटरनेट नहीं है। SBI डेबिट कार्ड का पिन जनरेट करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः

स्टेप-1: सबसे पहले रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर चेक करें। सुनिश्चित करें कि आपके पास वही नंबर है जो बैंक अकाउंट से लिंक है।
स्टेप-2: इससे बाद एसएमएस करने के लिए PIN <डेबिट कार्ड के आखिरी 4 अंक> <अकाउंट नंबर के आखिरी 4 अंक> टाइप करें। उदाहरण के लिए अगर कार्ड नंबर के आखिरी 4 अंक 1234 और अकाउंट नंबर के अंत में 4 अंक 5678 हैं, तो PIN 1234 5678 फॉर्मेट में मैसेज तैयार करना होगा।
स्टेप-3: आप SBI यूजर हैं, तो फिर मैसेज को 567676 नंबर पर सेंड कर दें। इसके बाद आगे का दिशा निर्देश फॉलो करते हुए आप घर बैठे मोबाइल से एटीएम पिन जनरेट कर सकते हैं। अलग-अलग बैंकों के लिए SMS नंबर भिन्न होगा।
आप मोबाइल पर इंटरनेट बैंकिंग को ओपन कर भी पिन जनरेट कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः

स्टेप-1: SBI नेट बैंकिंग पोर्टल (https://www.onlinesbi.sbi/) पर लॉग इन करें और ‘कार्ड्स’ विकल्प चुनें।
स्टेप-2: ई-सर्विसेज पर क्लिक करें और फिर डेबिट कार्ड सर्विसेज विकल्प चुनें।
स्टेप-3: अगले पेज पर ATM कार्ड डेबिट कार्ड का विकल्प चुना होगा।
स्टेप-4: अब ATM पिन जनरेशन विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप-5: वेरिफिकेशन के लिए वन टाइम पासवर्ड (OTP) या प्रोफाइल पासवर्ड में से कोई एक विकल्प चुनें।
स्टेप-6: रजिस्टर नंबर पर प्राप्त हुए OTP या अपना प्रोफाइल पासवर्ड डालें और कंटीन्यू पर क्लिक करें।
स्टेप-7: अपना खाता नंबर और डेबिट कार्ड नंबर चुनें, फिर सबमिट पर क्लिक करें।
स्टेप-8: अपने नए पिन के पहले 2 अंक टाइप करें। बाकी 2 अंक आपको SMS के जरिए मिलेंगे।
स्टेप-9: SMS से प्राप्त बाकी 2 अंक डालें और ‘सबमिट’ पर क्लिक करें।
नोट: पिन सफलतापूर्वक बनने के बाद आपको पुष्टि का संदेश मिलेगा। अगर कोई समस्या हो, तो SBI कस्टमर केयर या नजदीकी शाखा से संपर्क कर सकते हैं।
SBI यूजर कस्टमर केयर नंबर के माध्यम से भी पिन बना सकते हैं। इसके आपको अपने रजिस्टर मोबाइल नंबर से कस्टरमर केयर नंबर पर कॉल करना होगाः

स्टेप-1: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से निम्नलिखित SBI कस्टमर केयर नंबरों पर कॉल करें:
स्टेप-2: कॉल पर उपलब्ध विकल्पों में से ATM सर्विसेज के लिए नंबर दबाएं।
स्टेप-3: फिर अपना डेबिट कार्ड नंबर दर्ज करें।
स्टेप-4:अपने डेबिट कार्ड से जुड़ा खाता नंबर दर्ज करें।
स्टेप-5: पुष्टि के लिए खाता नंबर दोबारा डालें।
स्टेप-6: आपको अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP मिलेगा, जो 2 दिन तक वैध रहेगा। इस OTP का उपयोग करके आपको नजदीकी SBI ATM पर जाकर अपने डेबिट कार्ड का पिन जनरेट करना होगा।
SBI यूजर YONO ऐप के जरिए भी एटीएम पिन जनरेट कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः
स्टेप-1: अपने मोबाइल पर गूगल PlayStore या ऐपल App Store से SBI YONO ऐप डाउनलोड कर लें।
स्टेप-2: फिर यूजरनेम और पासवर्ड की मदद से YONO ऐप में लॉगइन करें।
स्टेप-3: डैशबोर्ड पर कार्ड्स विकल्प पर टैप करें।
स्टेप-4: अब माय डेबिट कार्ड्स पर टैप करें।

स्टेप-5: सेट/रीसेट ATM पिन विकल्प पर टैप करें।
स्टेप-6: अपना नया 4 अंकों का पिन डालें और पुष्टि के लिए इसे दोबारा दर्ज करें।
स्टेप-7: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज करें और सबमिट पर टैप करें।
स्टेप-8: पिन सफलतापूर्वक बनने के बाद आपको स्क्रीन पर पुष्टि का मैसेज दिखाई देगा।
SBI नेट बैंकिंग के माध्यम से डेबिट कार्ड पिन रीसेट किया जा सकता है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः

स्टेप-1 : अपने यूजरनेम और पासवर्ड के साथ SBI ऑनलाइन बैंकिंग पोर्टल पर लॉग इन करें।
स्टेप-2 : ई-सर्विसेज पर क्लिक करें और फिर डेबिट कार्ड सर्विसेज का विकल्प विकल्प चुनें।
स्टेप-3 : अगले पेज पर ATM कार्ड डेबिट कार्ड विकल्प चुनें।
स्टेप-4 : ATM पिन जनरेशन विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप-5 : वन टाइम पासवर्ड (OTP) या प्रोफाइल पासवर्ड में से कोई एक विकल्प चुनें।
स्टेप-6 : प्राप्त OTP या अपना प्रोफाइल पासवर्ड डालें और कंटीन्यू पर क्लिक करें।
स्टेप-7: अपना खाता नंबर और डेबिट कार्ड नंबर चुनें, फिर सबमिट पर क्लिक करें।
स्टेप-8: अपने नए पिन के पहले 2 अंक टाइप करें। बाकी 2 अंक आपको SMS के जरिए मिलेंगे।
स्टेप-9 : SMS से प्राप्त बाकी 2 अंक डालें और सबमिट पर क्लिक करें।
आप अपने SBI ATM कार्ड को नेट बैंकिंग पोर्टल या YONO ऐप में लॉग इन करके एक्टिवेट कर सकते हैं।
हां, आप नेट बैंकिंग पोर्टल का उपयोग करके अपना ATM पिन जनरेट कर सकते हैं।
आप YONO ऐप के जरिए पिन रीसेट कर सकते हैं या कस्टमर केयर नंबर 1800112211, 18004253800 या 08026599990 पर कॉल कर सकते हैं।
हां, आप बैंक की वेबसाइट, बैंक के ऐप, कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके या SMS भेजकर पिन जनरेट कर सकते हैं।
हां, डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने से पहले आपको ATM पिन बनाना होगा।
अगर आपको नया डेबिट कार्ड मिला है, तो इसे प्राप्त करने के 24 घंटे के भीतर नया पिन जनरेट करना होगा।
हां, आप नजदीकी ATM, कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके या बैंक शाखा में जाकर पिन जनरेट कर सकते हैं।
हां, आप ATM पिन को जितनी बार चाहें जनरेट कर सकते हैं।
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यदि आप फाइल, वीडियो, फोटोज आदि को मोबाइल से लैपटॉप या लैपटॉप से मोबाइल पर सेंड करना चाहते हैं, तो यह आसान है। इसके लिए ब्लूटूथ और यूएसबी केबल जैसे पारंपरिक तरीके तो मौजूद हैं हीं, साथ ही वायरलेस तरीके भी हैं, जिनकी मदद से लैपटॉप से मोबाइल को कनेक्ट करना आसान है। इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे ही तरीके बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से लैपटॉप को मोबाइल से कनेक्ट करना आसान हो जाएगा (Laptop se mobile kaise connect kare)
ब्लूटूथ (Bluetooth) के माध्यम से फोन को लैपटॉप से कनेक्ट करना आसान है। इसकी मदद से आप वायरलेस तरीके से फाइल को ट्रांसफर कर पाएंगे। हालांकि इसके लिए लैपटॉप और मोबाइल दोनों में ही ब्लूटूथ होने चाहिए। लैपटॉस से मोबाइल को कनेक्ट करने के लिए नीचे दिए गए तरीके को फॉलो कर सकते हैंः
स्टेप-1: सबसे पहले अपने मोबाइल फोन पर ब्लूटूथ (Bluetooth) को ऑन करें। इसके लिए क्विक पैनल को नीचे की तरफ स्वाइप करके ब्लूटूथ वाले आइकन पर टैप करें।

स्टेप-2: इसके बाद अपने लैपटॉप पर ब्लूटूथ को ऑन करें। इसके लिए आप Settings> Bluetooth & other devices पर जाकर ब्लूटूथ बटन को टर्न ऑन कर सकते हैं।
स्टेप-3: अब एंड्रॉयड फोन को लैपटॉप से कनेक्ट करने के लिए आपको ब्लूटूथ ऐंड डिवाइस सेटिंग्स के तहत ऐड डिवाइस (Add device) वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है।

स्टेप-4: यहां अब ब्लूटूथ (Bluetooth) को सलेक्ट करें। इसके बाद लैपटॉप (laptop) डिवाइस के लिए स्कैन करना शुरू कर देगा।
स्टेप-5: इसके बाद अगर आपके फोन का नाम दिखाई देता है, तो फिर ऑन स्क्रीन निर्देशों को फॉलो करते हुए उसे कनेक्ट कर सकते हैं। एक बार जब लैपटॉप मोबाइल से कनेक्ट हो जाता है, तो फिर फाइल को आसान से ट्रांसफर कर पाएंगे।

यदि आपका लैपटॉप किसी कारण ब्लूटूथ के जरिए मोबाइल से कनेक्ट नहीं हो पा रहा है, तो यूएसबी केबल (USB cable) की मदद ले सकते हैं। एक बार जब यूएसबी केबल के जरिए लैपटॉप को मोबाइल से कनेक्ट कर लेते हैं, तो फिर फाइल को ट्रांसफर करना आसान हो जाता है। इसके लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः
स्टेप-1: यूएसबी केबल के जरिए लैपटॉप को मोबाइल से कनेक्ट करने के लिए हमेशा ओरिजिनल यूएसबी केबल का ही उपयोग करें। अब केबल को लैपटॉप और फोन से कनेक्ट करें।
स्टेप-2: फिर आपको फोन पर एक नोटिफिकेशन मिलेगा। इसपर क्लिक करें और फाइल ट्रांसफर को सलेक्ट करें।

स्टेप-3: लैपटॉप पर फाइल एक्सप्लोरर (File Explorer) में जाएं और यहां लेफ्ट साइडबार से अपने फोन को सलेक्ट कर लें। इसके बाद आप अपने फोन या लैपटॉप से फाइल्स को आसानी से शेयर कर पाएंगे। इस तरीके से भी लैपटॉप से फोन को कनेक्ट करना आसान होता है और फाइल्स को तेजी से ट्रांसफर कर पाएंगे।
अगर आपके पास विंडोज लैपटॉप है, तो इसे फोन से कनेक्ट करने के लिए लिंक टू माइक्रोसॉफ्ट (Link to Windows) का उपयोग कर सकते हैं। इसकी मदद से फोन को विंडोज पीसी-लैपटॉप से कनेक्ट करना आसान हो जाता है। एक बार जब यह कनेक्ट हो जाता है, तो फिर टेक्स्ट मैसेज को रिसीव और रिप्लाई कर सकते हैं। इसके अलावा, फोटो ट्रांसफर, ऐप एक्सेस आदि को सीधे लैपटॉप से ही कर पाएंगे। इसके लिए आपको नीचे दिए गए तरीकों को आजमाना होगाः
स्टेप-1: इसके लिए एंड्रॉयड डिवाइस में एंड्रॉयड 8.0 या फिर इससे ऊपर के वर्जन का होना जरूरी है, वहीं विंडोज लैपटॉप में विंडोज 10 या फिर इससे ऊपर के वर्जन पर रन करना चाहिए। इसके साथ दोनों ही डिवाइस एक ही वाई-फाई नेटवर्क पर होने चाहिए।
स्टेप-2: लिंक टू विंडोज (Link to Windows) ऐप को गूगल प्ले स्टोर से अपने फोन पर इंस्टॉल और लॉन्च कर लें।
स्टेप-3: इसके बाद अपने विंडोज लैपटॉप पर स्टार्ट मेन्यू में जाएं और Phone Link सर्च करें। फिर इसे ओपन कर लें।

स्टेप-4: अब लिंक टू विंडोज से कनेक्ट करने के लिए Android को सलेक्ट करें, यदि आपके पास आईफोन है, तो आईफोन को सलेक्ट करें।

स्टेप-5: आपको माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट से साइनअप करना होगा। इसके बाद I have a Link to Windows app ready वाले चेकबॉक्स पर टिक करें। फिर Pair with QR code पर आपको क्लिक करना होगा।

स्टेप-6: विंडोज पर लिंक ऐप QR code को फोन से स्कैन कर लें।

स्टेप-7: इसके बाद एंड्रॉयड डिवाइस पर ऐप को जरूरी एक्सेस देना होगा। एक बाद जब यह हो जाता है, तो फिर आप लैपटॉप से ही फोन के फोटोज, टेस्क्ट मैजेस, कॉल्स, नोटिफिकेशंस आदि को एक्सेस कर पाएंगे।
यदि आपके पास सैमसंग का फोन (Samsung phones) है, तो इसे Samsung Flow ऐप के जरिए पीसी से कनेक्ट कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः
स्टेप-1: सबसे पहले लैपटॉप और मोबाइल में ब्लूटूथ को इनेबल करें या फिर दोनों डिवाइस एक ही Wi-Fi या LAN network पर होने चाहिए।
स्टेप-2: इसके बाद Samsung Flow ऐप को अपने मोबाइल और लैपटॉप दोनों पर इंस्टॉल कर लें। इसके बाद लैपटॉप पर स्टार्ट पर क्लिक करें।

स्टेप-3: फिर लैपटॉप डिवाइस के लिए स्कैन करना शुरू करेगा। एक बार जब लैपटॉप डिवाइस को डिटेक्ट कर लेता है, तो फिर अपने फोन को सलेक्ट कर लें।
स्टेप-4: कनेक्शन को वेरिफाई करने के लिए पासकोड का उपयोग करें। फिर इसे कंप्लीट करें।
स्टेप-5: इसके बाद दिए गए ऑप्शंस में से किसी एक को सलेक्ट करें, फिर लैपटॉप से फोन को एक्सेस करना शुरू कर सकते हैं।
इस तरह अगर आपके पास सैमसंग का फोन है, तो इसे लैपटॉप से कनेक्ट कर सकते हैं।
अपनी फोन स्क्रीन को लैपटॉप से कनेक्ट करने के लिए AirDroid Personal, Phone Link, Samsung Flow जैसे ऐप्स की मदद ले सकते हैं। इन ऐप्स को आपको अपने फोन और लैपटॉप दोनों पर इंस्टॉल करना होगा। इसके बाद जब इसकी मदद से फोन और लैपटॉप कनेक्ट हो जाएंगे, तो आप स्क्रीन को शेयर कर पाएंगे।
आप अपने फोन को लैपटॉप से HDMI की मदद से तभी कनेक्ट कर पाएंगे, जब आपके फोन में HDMI कनेक्टर होगा। यदि है, तो फिर HDMI केबल की मदद से कनेक्ट कर पाएंगे और बड़ी स्क्रीन पर फोन डिस्प्ले पर देख पाएंगे।
हां, आप अपने फोन इंटरनेट को कंप्यूटर पर यूज कर सकते हैं। इसके लिए फोन के hotspot फीचर को ऑन करना होगा और फोन वाई-फाई की मदद से कंप्यूटर को कनेक्ट करना होगा।
हां, यदि फोन यूएसबी केबल के जरिए लैपटॉप से कनेक्टेड है, तो लैपटॉप आपके फोन को चार्ज करेगा। हालांकि चार्जिंग स्पीड काफी स्लो होगी।
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क्या आपको पता है कि आपने किस व्यक्ति से महीने भर में कितनी बार और कितने समय तक मोबाइल पर बात की है? बता दें कि एंड्रॉयड और आईओएस डिवाइस पर किसी खास नंबर की कॉल हिस्ट्री (Call history) को निकालना आसान है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको किसी सर्विस प्रोवाइडर को इमेल या मैसेज करने की जरूरत नहीं है। देखा जाए, तो कई बार पुरानी कॉल हिस्ट्री की कुछ मामलों में जरूरी पड़ जाती है। आइए आपको बताते हैं अपने फोन में कॉल हिस्ट्री कैसे निकालें (Apne phone me Call history kaise nikale):

प्रत्येक फोन में कॉल हिस्ट्री की संख्या या अवधि की एक सीमा होती है। उदाहरण के लिए, कुछ फोन में केवल 6 महीने या 1 वर्ष पुरानी कॉल या मिस्ड कॉल हिस्ट्री ही स्टोर कर सकते हैं। बताते चलें कि डिफॉल्ट रूप से एंड्रॉयड कॉल हिस्ट्री लेटेस्ट 500 कॉल लॉग तक ही सीमित है। इसके बाद की कॉल लॉग को डिवाइस से स्थायी रूप से हटा दिया जाता है।
वहीं बात iPhone की करें, तो कॉल हिस्ट्री आउटगोइंग, इनकमिंग और मिस्ड कॉल की 100 एंट्री को ही स्टोर करता है। एक बार जब आप iCloud पर अपनी कॉल जानकारी का बैकअप लेना बंद कर देते हैं, तो आप इसे अपने पिछले कॉल बैकअप से केवल 180 दिनों तक ही एक्सेस कर सकते हैं।
किसी भी एंड्रॉयड डिवाइस में फोन ऐप के माध्यम से किसी भी नंबर से संबंधित कॉल हिस्ट्री को देख सकते हैं। हालांकि फोन मैन्युफैक्चरर के हिसाब से स्टेप थोड़े अलग भी हो सकते हैं। किसी नंबर की कॉल हिस्ट्री निकालने के लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो कर सकते हैंः
स्टेप-1: सबसे पहले अपने एंड्रॉयड डिवाइस में फोन ऐप (Phone app) को ओपन करें।

स्टेप-2: इसके बाद Recents टैब ओपन होगा। अगर यह नहीं होता है कि फिर Recents वाले ऑप्शन पर क्लिक करें। कुछ एंड्रॉयड फोन में यह ऑप्शन बॉटम में दिखाई देगा, तो कुछ में हो सकता है यह टॉप पर दिखाई दे।

स्टेप-3: इसके अलावा, कॉन्टैक्ट सर्च बार में दायीं तरफ थ्री डॉट वाला आइकन दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। यहां से भी call hisory देख सकते हैं।

स्टेप-4: अब रिसेंट टैब में जिस नंबर की कॉल हिस्ट्री देखनी हो, उस पर हल्का-सा टैप करें। यहां पर आपको हिस्ट्री (hisory) का ऑप्शन दिखाई देगा।

उस पर क्लिक करने बाद उस नंबर से जुड़ी कॉल हिस्ट्री नीचे दिखाई देगी। आपके पास उस नंबर पर की गई प्रत्येक कॉल की डिटेल होगी, जैसे कॉल कब हुआ था, कॉल की अवधि क्या थी और क्या यह इनकमिंग या आउटगोइंग कॉल थी।

अगर अपने आईफोन में किसी खास नंबर की कॉल हिस्ट्री निकालना चाहते हैं, तो फिर नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो कर सकते हैंः
स्टेप-1: सबसे पहले आईफोन में Phone app > Recents टैब पर जाएं। फोन ऐप में रिसेंट टैब का ऑप्शन नीचे की तरफ मिलेगा।

स्टेप-2: यहां पर आपको हाल में की गई कॉल की हिस्ट्री (call history) दिखाई देगी। नीचे की तरफ स्क्रॉल करने पर और भी दिखाई देंगे।
स्टेप-3: यदि आप केवल मिस्ड कॉल (missed calls) को चेक करना चाहते हैं, तो फिर Missed टैब पर टैप करें।
स्टेप-4: अब उस खास कॉल से जुड़ी ज्यादा जानकारी चाहते हैं, तो फिर “i” आइकन पर टैप करें।
स्टेप-5: अब उस नंबर पर की गई कॉल की सभी डिटेल देख सकते हैं, जिसमें कॉल का समय, बातचीत की अवधि और इनकमिंग या आउटगोइंग की जानकारी भी होगी।
स्टेप-6: iPhone अभी किसी नंबर के सभी रिसेंट कॉल हिस्टी को देखने के लिए कोई एंट्री प्रदान नहीं करता है। किसी खास नंबर का अधिक कॉल हिस्ट्री देखने के लिए नंबर या नाम सर्च कर सकते हैं।

डिवाइस का फोन ऐप ऐप सभी कॉल हिस्ट्री को स्टोर नहीं करता है। इसलिए यदि आपको वह कॉल हिस्ट्री नहीं दिखता जो आप चाहते हैं, तो आपको कॉल लॉग सेव करने के लिए तरीके अपनाने होंगे। टेलीकॉम कंपनियां अधिकांश फोनों की तुलना में कॉल हिस्ट्री को अधिक समय तक सेव करती हैं। इसलिए यदि आप एक महीन से पुरानी कॉल हिस्ट्री को देखना चाहते हैं, तो टेलीकॉम कंपनियों की वेबसाइट या फिर ऐप की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा, कस्टमर केयर सर्विस पर कॉल करके भी पुरानी कॉल हिस्ट्री को प्राप्त किया जा सकता है।
नहीं, यह संभव नहीं है। यदि आप किसी की कॉल हिस्ट्री चेक करना चाहते हैं,आपको उस व्यक्ति के डिवाइस, कैरियर अकाउंट या क्लाउड अकाउंट डिटेल की जरूरत होगा। जब तक आप खाताधारक नहीं हैं या आपके पास कॉल हिस्ट्री एक्सेस करने की अनुमति नहीं है, आप ऐसा नहीं कर सकते। कॉल हिस्ट्री को गोपनीय माना जाता है और इसे गोपनीयता कानूनों द्वारा संरक्षित किया जाता है।
यदि आप अपने फोन के उपयोग पर नजर रखना चाहते हैं, तो कॉल हिस्ट्री की जांच करना मददगार हो सकता है, खासकर यदि आप एक सीमित योजना पर हैं। यदि आपको ऐसे नंबरों से कॉल आती है जिन्हें आप नहीं पहचानते हैं, तो कॉल हिस्ट्री की जांच करने से आपको यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि यह वैध है। वहीं पैरेंट्स अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने बच्चों के फोन की कॉल हिस्ट्री की जांच करना चाह सकते हैं। इससे यह नजर रखने में मदद मिल सकती है कि उनके बच्चे किससे बात कर रहे हैं और किसी भी संभावित जोखिम की पहचान कर सकते हैं।
iPhone पर कॉल हिस्ट्री की लिमिट 100 तक है। इसमें आउटगोइंग, इनकमिंग और मिस्ड कॉल को भी शामिल होते हैं। फिर भी आपके डिवाइस की स्टोरेज 1000 कॉल रिकॉर्ड तक समायोजित कर सकती है।
iPhone कॉल लॉग पर कोई समय सीमा नहीं है, केवल एक संख्यात्मक सीमा है। आपका iPhone सबसे हाल की 1000 कॉल्स को बरकरार रखता है और लेटेस्ट 100 कॉल्स को प्रदर्शित करता है। इसलिए यदि वर्षों पहले की कॉलें अंतिम 1000 के भीतर आती हैं, तो वे अभी भी आपके डिवाइस पर संरक्षित रहेंगी।
अपनी पूरी कॉल हिस्ट्री के लिए टेलीकॉम कंपनी से मदद से सकते हैं। यदि अपने आईफोन या फिर एंड्रॉयड फोन में जियो का सिम कार्ड इस्तेमाल करते हैं, तो फिर जियो के कस्टमर केयर, वेबसाइट या ऐप के जरिए कॉल हिस्ट्री प्राप्त की जा सकती है।
एंड्रॉयड फोन में डिफॉल्ट रूप से एंड्रॉयड कॉल हिस्ट्री लेटेस्ट 500 कॉल लॉग तक सीमित है। इसके बाद की कॉल लॉग को डिवाइस से स्थायी रूप से हटा दिए जाते हैं।
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इन दिनों सेकेंड हैंड फोन भी काफी चलन में हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ ऑफलाइन प्लेटफॉर्म से भी सेकेंड हैंड फोन आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि जो फोन आप खरीद रहे हैं, वह चोरी का है या नहीं? अगर आप चाहें, तो सेकेंड हैंड फोन खरीदने से पहले आसानी से चेक कर सकते हैं कि फोन चोरी का है या नहीं। इसके लिए आपको दूरसंचार मंत्रालय (DoT) की साइट (https://www.ceir.gov.in/Home/index.jsp) पर विजिट करना होगा। यहां पर Know Your Mobile फीचर है, जिसके माध्यम से सेकेंड हैंड फोन की स्थिति को जान सकते हैं। आइए आपको बताते हैं चोरी का मोबाइल पता करने का तरीका (chori ka mobile kaise pata kare):

सरकार की संचार साथी पोर्ट्ल (https://www.ceir.gov.in/Home/index.jsp) पर नो योर मोबाइल (KYM) फीचर दिया गया है। इसके मदद से सेकेंड हैंड या फिर पुराना मोबाइल खरीदने से पहले चेक सकते हैं कि मोबाइल चोरी का है या फिर ब्लैकलिस्टेड। इसके लिए आपको IMEI नंबर फोन के बॉक्स, बिल या इनवायस पर मिल जाएगा। अगर यहां से नहीं मिल रहा है, तो फिर उस मोबाइल से *#06# कोड डायल करके भी आपको IMEI number नंबर मिल जाएगा। यदि स्टेटस में ब्लैक-लिस्टेड, डुप्लिकेट या ऑलरेडी इन यूज दिखता है, तो फिर ऐसे फोन को खरीदने से बचना चाहिए। IMEI नंबर मिलने के बाद नीचे दिए गए तीन तरीकों की मदद से चोरी हुए मोबाइल का पता लगा सकते हैंः
सेकेंड हैंड फोन खरीदने जान रहे हैं और पता लगाना चाहते हैं कि फोन सही है या नहीं, तो इसका पता SMS के माध्यम से भी लगा सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करेंः
स्टेप-1: आपको अपने मोबाइस से एक SMS टाइप करना होगा। इसके लिए फोन के मैसेज ऐप को ओपन करें।
स्टेप-2: अब KYM टाइप करने के बाद उस सेकेंड हैंड फोन या रिफर्बिश्ड फोन का 15 डिजिट वाला IMEI number नंबर दर्ज करें।
स्टेप-3: इसके बाद SMS को 14422 पर सेंड कर दें। आपको पता चल जाएगा कि फोन ब्लैक-लिस्टेड, डुप्लिकेट है या नहीं। (KYM <15 digit IMEI number> 14422)
KYM ऐप के जरिए भी चोरी के मोबाइल के बारे में पता लगाया जा सकता है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः
स्टेप-1: सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर या फिर ऐपल ऐप स्टोर से KYM – Know Your Mobile ऐप को डाउनलोड करना होगा।
स्टेप-2: ऐप को ओपन करने के बाद आपको 15 डिजिट वाला IMEI number दर्ज करने के लिए कहा जाएगा।

स्टेप-3: इसके बाद डिवाइस के मैन्युफैक्चरर, मॉडल नंबर, आईएमईआई नंबर आदि की डिटेल दिखाई देगी। साथ नहीं, नीचे आपको उसका स्टेटस भी दिखाई देगा। अगर फोन सही है तो OK लिखा हुआ दिखाई देगा, अगर नहीं है, तो फिर ब्लैक-लिस्टेड, डुप्लिकेट, ऑलरेडी इन यूज जैसे ऑप्शन दिखाई देंगे।

आप संचार साथी पोर्टल के माध्यम से भी चोरी के मोबाइल का पता लगा सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः
स्टेप-1: इसके लिए आपको संचार साथी पोर्टल (https://www.ceir.gov.in/Device/CeirImeiVerification.jsp) पर विजिट करना होगा।
स्टेप-2: फिर IMEI वेरिफिकेशन वाले पेज पर कैप्चा, मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद गेट ओटीपी पर क्लिक करना है।

स्टेप-3: ओटीपी दर्ज करने के बाद आपको उस सेकेंड हैंड डिवाइस का IMEI नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद आपको डिवाइस के बारे में डिटेल मिल जाएगी।

अपने मोबाइल का IMEI नंबर चेक करने के लिए आप *#06# डायल कर सकते हैं।
आप KYM <15 डिजिट IMEI नंबर> टाइप करने के बाद 14422 पर SMS करके IMEI डिटेल को सत्यापित कर सकते हैं।
IMEI के माध्यम से आप मैन्युफैक्चरर, डिवाइस टाइप, ब्रांड नेम और मॉडल नंबर के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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]]>The post मोबाइल को हिंदी में क्या कहते हैं, मोबाइल का मतलब हिंदी में जानें first appeared on Tech News in Hindi (टेक न्यूज़).
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मोबाइल से तो आप परिचित ही होंगे। आज के दौर में शायद ही कोई ऐसा हो, जिनके पास मोबाइल फोन न हों। I&B मिनिस्ट्री के मुताबिक, भारत में 1.2 अरब से अधिक मोबाइल यूजर्स हैं, जिसमें 60 करोड़ से अधिक स्मार्टफोन यूजर्स हैं। लेकिन क्या आपको पता है, जिस मोबाइल फोन का इस्तेमाल हर रोज करते हैं, उसे हिंदी में क्या कहते हैं? बता दें मोबाइल फोन को हिंदी में ‘सचल दूरभाष यंत्र’ कहा जाता है। वहीं, टेलीफोन को हिंदी में ‘दूरभाष यंत्र’ कहा जाता है। मोबाइल फोन कॉल की शुरुआत का श्रेय मोटोरोला कंपनी को जाता है, जिसने पहली मोबाइल कॉल 3 अप्रैल, 1973 को की थी। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में क्रांति आ गई, लेकिन भारत में पहला मोबाइल फोन 1995 में आया था। भले ही भारत में मोबाइल फोन की शुरुआत देर से हुई हो, लेकिन आज भारत में 1.2 अरब से अधिक मोबाइल फोन यूजर्स हैं।
मोबाइल फोन को हिंदी में ‘सचल दूरभाष यंत्र’ कहा जाता है, लेकिन यह बोलना आम लोगों के लिए उतना आसान नहीं, जितना की मोबाइल बोलना। शायद यही वजह ही है आम बोल चाल की भाषा में लोग मोबाइल, फोन या स्मार्टफोन जैसे शब्द का अधिक इस्तेमाल करते हैं। क्या आपको पता है कि मोबाइल का फुल फॉर्म क्या है? Mobile का पूरा नाम मॉडिफाइड ऑपरेशन बाइट इंटीग्रेशन लिमिटेड एनर्जी है। इसे हिंदी में सचल इसलिए भी कहा जाता है, क्योंकि इसे आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है।
मोबाइल ने लोगों की जिंदगी को आसान बना दिया है। मोबाइल न होता, तो सोचिए कोसों दूर बैठे अपने किसी करीबी की आवाज सुनने, उसे देखने को भी तरस जाते। भारत में मोबाइल फोन ने 1995 में दस्तक दी थी। उस समय बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री सुखराम से 31 जुलाई, 1995 को पहली बार मोबाइल पर बात की थी। तब से लेकर आज की बात करें, तो भारत दुनिया का अग्रणी टेलीकाम मार्केट बन चुका है।

भारत में मोबाइल सेवा को ज्यादा लोगों तक पहुंचने में समय लगा, तो इसकी एक वजह महंगी कॉल रेट थी। शुरुआत में एक आउटगोइंग कॉल के लिए 16 रुपये प्रति मिनट तक शुल्क लगता था। उस समय आउटगोइंग कॉल्स के अलावा, इनकमिंग कॉल के लिए भी पैसे देने पड़ते थे। मोबाइल सेवा शुरू होने के पांच साल बाद तक मोबाइल सब्सक्राइबर्स की संख्या 50 लाख पहुंच गई थी। आज भारत उन देशों में शामिल है, जहां सबसे कम दाम में मोबाइल डाटा उपलब्ध हैं।



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अगर आपका मोबाइल चोरी हो गया है या फिर कहीं खो गया है और मोबाइल स्चिव ऑफ है, तो क्या उसे ढूंढ़ा जा सकता है? हां, आप चोरी या फिर खोए हुए मोबाइल का लोकेशन ढूंढ़ सकते हैं, लेकिन यह डिवाइस पर भी निर्भर करता है। एंड्रॉयड फोन खो गया है, तो गूगल का फाइंड माय डिवाइस (Find My Device) फीचर ऑफलाइन भी ढूंढ़ने में मदद करता है। वहीं आईओएस डिवाइस के लिए आप Find My ऐप की मदद ले सकते हैं। आइए जानते हैं स्विच ऑफ मोबाइल को कैसे ढूंढ़ें (switch off mobile ko kaise dhunde)।
अगर मोबाइल स्विच ऑन हैं, तो उसका पता लगाना काफी आसान होता है, लेकिन मोबाइल किसी कारणवश स्विच ऑफ हो जाता है, तो फिर स्विच ऑफ होने से पहले का लोकेशन पता लगाया जा सकता है। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो कर सकते हैंः
स्टेप-1: आप https://www.google.com/android/find/ को ओपन करें या फिर किसी अन्य एंड्रॉयड फोन पर फाइंड माय डिवाइस ऐप (Find My Device) को ओपन करें। यह आपको अन्य फोन से भी खोए या चोरी हो चुके फोन की लोकेशन को एक्सेस करने की सुविधा देगा।

स्टेप-2: फिर गूगल अकाउंट से साइन इन करें। यहां ध्यान रखें कि इसे उसी गूगल अकाउंट से साइन-इन करें, जिससे आपने चोरी या खोए हुए फोन को साइन-इन किया था।
स्टेप-3: फिर आपको उसी अकाउंट से साइन-इन डिवाइस की लिस्ट दिखाई देगी। फिर लिस्ट में से उस डिवाइस पर क्लिक करें, जो गायब हो गया है। आपको उस डिवाइस की लास्ट लोकेशन दिखाई देगी।
स्टेप-4:अगर आपका डिवाइस कहीं आस-पास ही है, तो फिर अंतिम लोकेशन के आधार पर उसे ढूंढ़ सकते हैं। अगर आपको लग रहा है कि डिवाइस चोरी हो गया है, तो यहीं से फैक्ट्री रिसेट डिवाइस ऑप्शन का इस्तेमाल कर डिवाइस के सभी डाटा को डिलीट कर सकते हैं, ताकि उसका गलत उपयोग न हो सके।
आप अपने एंड्रॉयड फोन को ढूंढ़ने के लिए Google Maps का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए तरीके को आजमा सकते हैंः
स्टेप-1: गूगल मैप्स से फोन को ढूंढने के लिए डिवाइस में Find My Device ऐप होना जरूरी है। साथ ही, ऐप को गूगल अकाउंट से लिंक करना होगा, ताकि आप अपने फोन की लोकेशन हिस्ट्री को देख सकें।
स्टेप-2: अपने Google अकाउंट से लॉग इन करें। फिर उसके बाद गूगल मैप्स को ओपन करें।
स्टेप-3: स्क्रीन के ऊपरी दाएं कोने में अपने प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करें।
स्टेप-4: ड्रॉप-डाउन लिस्ट से योर टाइमलाइन ऑप्शन को चुन लें।

स्टेप-5: इसके बाद पॉप अप होने वाली विंडो में वह तारीख दर्ज करें, जब आपने अपना डिवाइस खो दिया था।
स्टेप-6: फिर आप डिवाइस द्वारा रिपोर्ट किए गए लास्ट लोकेशन की लिस्ट को एक्सेस कर सकते हैं।
ऐपल डिवाइस (Apple devices) की लोकेशन को ट्रैक करने के लिए Find My ऐप का इस्तेमाल किया जाता है। डिवाइस की सेटिंग्स से आपने इस ऐप को इनेबल कर रखा है, तो फिर किसी अन्य आईफोन से डिवाइस को ढूंढ़ना आसान हो जाएगा। हालांकि इसके लिए आपके iCloud account से लॉगइन करने की जरूरत पड़ेगी। इसके बाद आपको निम्न स्टेप को फॉलो करना होगा।
स्टेप-1: आप किसी अन्य आईफोन पर Find My app को ओपन कर लें।
स्टेप-2: यहां पर आपको Me टैब सलेक्ट करना होगा।
स्टेप-3: अब आपको नीचे Help a Friend का ऑप्शन दिखाई देगा, उसे सलेक्ट करना है।
स्टेप-4: यहां iCloud अकाउंट से लॉगइन करना होगा। अगर मैसेज में facial ID से लॉगइन करने के लिए कहा जाता है, तो Use a Different Apple ID का चयन करें। इसके बाद iCloud ID और password की मदद से लॉगइन कर लें।
स्टेप-5: जब आपसे पासवर्ड सेव करने के बारे में पूछा जाए, तो Not Now पर क्लिक करें। इसके बाद डिवाइस को खोजने के लिए app का उपयोग कर सकते हैं।
स्टेप-6: मैप आपको डिवाइस की लास्ट लोकेशन दिखाएगा। अगर डिवाइस ऑन है, तो करेंट लोकेशन दिखाई देगा। जब आपको डिवाइस की लोकेशन का पता चल जाए, तो फिर दायीं तरफ कोने में नाम पर क्लिक करें और साइन-आउट कर दें।
आप चाहें, तो अपने कंप्यूटर की मदद से भी आईफोन को ढूंढ सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करना होगाः
स्टेप-1: अपने कंप्यूटर/लैपटॉप पर iCloud को ओपन करें।
स्टेप-2: अब Apple ID और password की मदद से साइन-इन कर लें।
स्टेप-3: इसके बाद आपको Find iPhone वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है।
स्टेप-4: फिर टॉप पर All Devices वाले विकल्प पर टैप करें। फिर जो डिवाइस गायब है उसे सलेक्ट कर लें।
स्टेप-5: इसके बाद मैप पर आपको अपने डिवाइस की लास्ट लोकेशन दिखाई देगी। अगर डिवाइस ऑन है, तो फिर करेंट लोकेशन भी देख पाएंगे।
स्विच ऑफ फोन को आईएमआईई (IMEI) नंबर से ढूंढना आसान नहीं है। हालांकि Law Enforcement agencies जैसे कि पुलिस इस मामले में एक्सपर्ट होते हैं कि वे स्विच ऑफ फोन को भी ढूंढ सकते हैं। इसके लिए आपको एफआईआर करना होगा।
आईफोन में फाइंड माय ऐप को इनेबल करने के लिए आपको iPhone की सेटिंग्स में जाना होगा। फिर यहां आपको अपने नाम पर टैप करना है। फिर लिस्ट में से फाइंड माय ऐप को सलेक्ट करना है। यहां शेयर माय लोकेशन ऑप्शन को ऑन कर दें।
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अगर आप नया सिम कार्ड (SIM card) कार्ड खरीदते हैं, तो नया मोबाइल नंबर याद रखना मुश्किल हो सकता है। वैसे भी आजकल लोग एक से ज्यादा सिम कार्ड का उपयोग करते हैं, ऐसे में 10 अंकों वाला मोबाइल नंबर इतना जल्द याद रखना आसान भी नहीं होता है। लेकिन आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप अपने एंड्रॉयड और आईफोन में लगे सिम कार्ड नंबर का पता आसानी से लगा सकते हैं। आइए पता लगाते हैं ‘मेरा मोबाइल नंबर क्या है (mera mobile number kya hai)‘?
अगर आपको मालूम नहीं है कि आपके एंड्रॉयड फोन का नंबर क्या है, तो नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो कर सकते हैंः
स्टेप-1: सबसे पहले अपने एंड्रॉयड फोन की ‘सेटिंग्स’ में जाएं।
स्टेप-2: सेटिंग्स में आपको ‘अबाउट डिवाइस’ या फिर ‘अबाउट फोन’ पर जाएं।

स्टेप-3: यहां आपको ‘स्टेटस’ वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है।

स्टेप-4: अब आपको यहां पर ‘सिम कार्ड स्टेटस’ में जाना है।

स्टेप-5: यहां ‘फोन नंबर’ में अपने फोन नंबर की डिटेल देख पाएंगे। इस तरह आपको पता चल जाएगा कि आपका मोबाइल नंबर क्या है।

स्टेप-1: अपने एंड्रॉयड फोन की ‘सेटिंग्स’ में जाएं।
स्टेप-2: फिर आपको ‘मोबाइल नेटवर्क’ पर जाना है। कई डिवाइस में यह ऑप्शन ‘कनेक्शन’ के नाम से भी हो सकता है।

स्टेप-3: अगर आपके मोबाइल में डुअल है, तो दोनों ही सिम नंबर की जानकारी आपको टॉप पर ही दिखाई दे जाएगी।

iPhone का इस्तेमाल करते हैं, तो फिर यहां भी अपने मोबाइल नंबर का पता आसानी से लगा सकते हैं। इसके लिए आपको ये स्टेप फॉलो करना होगा।
स्टेप-1: सबसे पहले अपने आईफोन पर ‘Phone app’ को ओपन करें।

स्टेप-2: यहां आपको ‘Contacts’ पर टैप करना है। लिस्ट में आपका नंबर सबसे ऊपर दिखाई देगा।
स्टेप-1: अपने आईफोन की ‘सेटिंग्स ऐप’ में जाएं
स्टेप-2: फिर आपको ‘फोन’ वाले ऑप्शन पर क्लिक करना है।
स्टेप-3: अब ‘माय नंबर’ में आपको अपना फोन नंबर दिखाई दे जाएगा।
व्हाट्सएप सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले सोशल मीडिया ऐप्स में से एक है। व्हाट्सएप अकाउंट मोबाइल नंबरों पर आधारित होते हैं जिससे रजिस्टर मोबाइल नंबर जानना संभव हो जाता है। आप नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो कर अपना मोबाइल नंबर पता कर सकते हैंः
स्टेप-1: अगर आपका मोबाइल नंबर व्हाट्सएप के साथ रजिस्टर है, तो फिर व्हाट्सएप ऐप को ओपन करें।
स्टेप-2: इसके बाद आपको व्हाट्सएप की सेटिंग्स मेन्यू में जाना है।

स्टेप-3: फिर आपको प्रोफाइल सेक्शन पर टैप करना है। यहां आपके नाम और मोबाइल नंबर की जानकारी दिखाई देगी।
अपना मोबाइल नंबर मालूम नहीं है, तो फिर सर्विस प्रोवाइडर के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करके अपना मोबाइल नंबर जान सकते हैं। भारत में टेलीकॉम कंपनियों का कस्टमर केयर नंबर निम्न हैंः
एयरटेल: 121
बीएसएनएल: 1500
जियो: 199
वीआई: 199
एयरटेल सिम नंबर चेक करने का USSD Code *282# है। यह कोड डायल करने पर फ्लैश मैसेज ओपन होगा, जिसमें आपका एयरटेल नंबर भी होगा।
बीएसएनएल नंबर की जांच करने के अलग-अलग यूएसएसडी कोड हैं, जैसे कि *1#, *2#, *222#, *888#, *785#, *555#,5552#,8881#। अपना बीएसएनएल नंबर जांचने के लिए बेझिझक इनमें से किसी भी कोड का उपयोग कर सकते हैं। यदि कोई काम नहीं करता है, तो अगला प्रयास करें, क्योंकि प्रत्येक बीएसएनएल सर्कल को इन कोड के लिए अलग-अलग कॉन्फिगर किया जा सकता है।
अपना वोडाफोन आइडिया सिम नंबर जानने के लिए आप *199# डायल करें। इसके बाद फ्लैश मैसेज आपके स्मार्टफोन की स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसमें आपका मोबाइल नंबर भी होगा।
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मोबाइल पर दिखाई देने वाले विज्ञापन (Advertisement) का फायदा तब है, जब इससे कोई शानदार डील मिले। मगर गैर जरूरी ऐड कष्टप्रद और ध्यान भटकाने वाले हो सकते हैं। इतना ही नहीं, ये ऐड आपके मोबाइल फोन को धीमा कर सकते हैं और उसकी बैटरी को भी तेजी से खत्म कर सकते हैं। देखा जाए, तो मोबाइल पर बार-बार आने वाले ऐड यूजर एक्सपीरियंस को खराब ही करते हैं। अगर आप अपने एंड्रॉयड या फिर आईफोन पर आने वाले ऐड से परेशान हैं, तो जानें मोबाइल में ऐड कैसे बंद करें?
एंड्रॉयड फोन में होम स्क्रीन पर दिखाई देने वाले पॉप-अप ऐड को ब्लॉक करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप को आजमा सकते हैंः
स्टेप-1: सबसे पहले एंड्रॉयड फोन की Settings को ओपन करने के बाद Apps पर टैप करें।

स्टेप-2: फिर ऐप्स में आपको Special app access पर क्लिक करना है।

स्टेप-3: यहां पर आपको बहुत सारे ऑप्शंस दिखाई देंगे, जिनमें से Display over other apps वाले पर क्लिक करना है। यहां आपको अपने डिवाइस पर इंस्टॉल किए गए ऐप्स की एक सूची दिखाई देगी। साथ ही, यहां आपको यह भी देखना चाहिए क्या आपने उन्हें पॉप-अप ऐड प्रदर्शित करने की अनुमति दी है।

स्टेप-4: यहां पर ऐप की लिस्ट में से उस ऐप को चुन लें, जिसका ऐड आप ब्लॉक करना चाहते हैं।

स्टेप-5: फिर उस ऐप पर क्लिक करने के बाद टॉगल को बायीं ओर स्लाइड करें। इसके बाद वह खास ऐप आपको ऐड दिखाना बंद कर देगा।

iPhone में भी ऐड को ब्लॉक करने के कई तरीके मौजूद हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो कर सकते हैंः
स्टेप-1: सफारी पर पॉप-अप ऐड ब्लॉक को इनेबल करने के लिए अपने iPhone पर सेटिंग ऐप खोलें। फिर नीचे की तरफ स्क्रॉल करते हुए Safari पर टैप करें। फिर Block Pop-ups विकल्प पर टॉगल को ऑन करें।

स्टेप-2: आईफोन पर पर्सनलाइज्ड ऐड को ब्लॉक करने के लिए आपको Settings > Privacy & Security > Apple Advertising पर जाना होगा। फिर यहां से Personalized Ads वाले टॉगल को ऑफ कर सकते हैं। इसके बाद आपको पर्सनलाइज्ड ऐड नहीं दिखाई देंगे। इसके अलावा, आप Settings > Privacy & Security > Tracking पर जाएं। यहां से ट्रैकिंग एक्टिविटीज को ब्लॉक कर सकते हैं। इसके बाद वेबसाइट या ऐप्स पर्सनलाइज्ड ऐड नहीं दिखाएंगे।
स्टेप-3: आईफोन पर geo-targeted ads को ब्लॉक करना भी आसान है। इसके लिए Settings > Privacy & Security > Location Services में जाना होगा। फिर लोकेशन सर्विस को स्विच ऑफ कर दें।
जब आप अपने डिवाइस पर थर्ड पार्टी ऐप्स डाउनलोड करते हैं, तो आपको अक्सर पॉप-अप ऐड दिखाई देते हैं। अधिकांश ऐड हानिकारक नहीं होते हैं। यदि ठीक से टारगेट किया जाए, तो पॉप-अप ऐड उपयोगी भी हो सकते हैं, क्योंकि ये आपको अधिक फीचर्स और कार्यक्षमता के प्रति जागरूक करते हैं। बात दें ऐप डेवलपर अपना अधिकांश पैसा अपने यूजर्स को पॉप-अप ऐड के साथ लक्षित करने के लिए भुगतान करने वाले विज्ञापनदाताओं से ही कमाते हैं। मगर इसके साथ आपके द्वारा इंस्टॉल किए गए थर्ड पार्टी ऐप्स खासकर फ्री ऐप के साथ अन्य ऐप्स का बंडल होना भी आम बात है। यह इस प्रकार हो सकता है कि मैलवेयर आपके एंड्रॉयड फोन पर अपना रास्ता बना लेता है और इसके परिणामस्वरूप खतरनाक पॉप-अप ऐड या अन्य एडवेयर दिखाई देने लग जाते हैं।
यह देखने के कई तरीके मौजूद है। हालांकि यह एंड्रॉयड फोन पर निर्भर करता है। आप पॉप-अप ऐड का पता ऐसे लगा सकते हैंः
मेथड-1: मोबइल फोन की सेटिंग्स > ऐप्स > मैनेज ऐप्स में जाएं। फिर देखें कि किस ऐप ने आपको हाल ही में नोटिफिकेशंस दिखाए हैं।
मेथड-2: जब आप कोई पॉप-अप विज्ञापन या नोटिफिकेशन देखते हैं, तो नोटिफिकेशन पैनल देखने के लिए नीचे की ओर स्वाइप करें। यह देखने के लिए कि यह किस ऐप से आया है, पॉप-अप नोटिफिकेशन को देर तक दबाएं रखें।
मेथड -3: Google Play स्टोर पर जाएं और अपनी स्क्रीन के ऊपरी-बाएं कोने में मेनू पर टैप करें। लेटेस्ट ऐप्स लिस्ट में सबसे ऊपर दिखाई देने चाहिए।
मेथड-4: कुछ एंड्रॉयड फोन आपको होम बटन के बायीं ओर कीज टैप करके हाल के ऐप्स देखने की सुविधा देते हैं।
ऐड ब्लॉकर ऐसे ऐप्स हैं जिन्हें आप वेब ब्राउज करते समय या फिर ऐप्स का उपयोग करते समय विज्ञापनों को दिखाने से रोकने के लिए अपने फोन पर इंस्टॉल कर सकते हैं। ऐड ब्लॉकर वेब पेजों या ऐप इंटरफेस की सामग्री का विश्लेषण करके और विज्ञापन पैटर्न से मेल खाने वाले किसी भी चीज को ब्लॉक करके काम करते हैं। संक्षेप में कहें, तो ऐड ब्लॉकल आपके Phone और विज्ञापनदाताओं के बीच एक ढाल बनाता है, जो आपको साफ, अधिक बेहतर ब्राउजिंग एक्सपीरियंस प्रदान करता है।
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स्मार्टफोन (Smartphone) मार्केट में पिछले कुछ समय में टेक्नोलॉजी तेजी से अपग्रेड हो रही है। खासकर मोबाइल चार्जिंग के मामले तो कम से कम यह दावा किया ही जा सकता है। अब मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए घंटों तक चार्जिंग में लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। आज मार्केट में कई ऐसे स्मार्टफोन मौजूद हैं, जो 10 मिनट में फुल चार्ज हो जाते हैं। जी हां, आपने सही सुना 10 मिनट में फोन जीरो से 100% तक चार्ज हो जाते हैं। आज हम आपको 120W-240W वाले फास्ट चार्जिंग वाले टॉप स्मार्टफोन की लिस्ट शेयर कर रहे हैं।
| स्मार्टफोन | बैटरी | चार्जर |
| Realme GT 5 | 5240mAh | 240W |
| Realme GT3 | 4600mAh | 240W |
| iQOO 11 Pro | 4700mAh | 200W |
| Infinix Zero Ultra | 4500mAh | 180W |
| ZTE nubia Red Magic 8 Pro+ | 5000mAh | 165W |
| OnePlus 10T | 4800mAh | 150W |
| Motorola Edge 40 Pro | 4600mAh | 125W |
| Motorola Edge 50 Pro | 4500mAh | 125W |
| iQOO Neo 9 Pro | 5160mAh | 120W |
| Realme GT 6 | 5500mAh | 120W |
| Redmi Note 13 Pro+ | 5000mAh | 120W |
| Realme GT 6T | 5500mAh | 120W |
| iQOO Neo 7 Pro 5G | 5000mAh | 120W |
| Vivo X90 Pro | 4870mAh | 120W |
| Xiaomi Poco F4 GT | 4700mAh | 120W |
| Xiaomi 13 Pro | 4820mAh | 120W |
| Xiaomi Redmi Note 12 Pro+ | 5000mAh | 120W |
| iQOO 12 | 5000mAh | 120W |

Realme GT 5 चीन में लॉन्च हो गया है। फोन में 6.74 इंच का 1.5K प्रो XDR हाई डायनैमिक डिस्प्ले, 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ लॉन्च किया गया है। कंपनी ने इसमें क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 जेन 2 चिपसेट का उपयोग किया है। इसमें ग्राफिक्स के लिए एड्रिनो 740 जीपीयू है। फोन को 12/16/24 जीबी रैम और 256GB/512GB/1TB UFS 4.0 स्टोरेज वेरिएंट के साथ पेश किया गया है। वहीं फोन के रियर पैनल पर 50MP+8MP+2MP ट्रिपल कैमरा और फ्रंट में 16MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन एंड्रॉयड 13 आधारित Realme UI 4.0 पर रन करता है। फोन में दो बैटरी मॉडल की सुविधा है। 4,600mAh बैटरी के साथ 240W फास्ट चार्जिंग और 5,240mAh बैटरी के साथ 150W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट है। चीन में 12जीबी रैम वेरिएंट की कीमत RMB 2999, 16GB रैम की कीमत RMB 3299 और 24 जीबी रैम की कीमत RMB 3799 करीब 43,000 रुपये है।

Realme GT3 स्मार्टफोन को 240W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट को साथ पेश किया गया है। यह फोन मात्र 10 मिनट में फुल चार्ज हो जाती है। इसके साथ ही कंपनी का दावा है कि GT3 फोन चार मिनट की चार्जिंग में 0 से 50 प्रतिशत चार्ज हो जाती है। इस फोन को Snapdragon 8+ Gen 1 प्रोसेसर, 16GB तक की रैम, 1TB तक की स्टोरेज के साथ पेश किया गया है। रियलमी के फ्लैगशिप फोन में 6.74-इंच की 1.5K AMOLED डिस्प्ले मिलती है, जिसका रिफ्रेश रेट 144Hz है। कैमरा सेटअप की बात करें तो इसमें ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है, जिसका प्राइमरी कैमरा 50MP Sony IMX890 सेंसर है।

iQOO 11 Pro के फीचर्स की बात करें, तो फोन में 6.78-इंच का E6 AMOLED Quad HD+ कर्व डिस्प्ले मिलता है, जिसका रिफ्रेश 120Hz है। यह फोन Snapdragon 8 Gen 2 प्रोसेसर, 16GB तक LPDDR5X RAM और 512GB तक की स्टोरेज ऑप्शन के साथ आता है। फोन में 50MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप और 16MP फ्रंट कैमरा दिया गया है। फोन को 4,700mAh की बैटरी और 200W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ लॉन्च किया गया है।

Infinix Zero Ultra स्मार्टफोन में 6.8-इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले और 120Hz रिफ्रेश रेट का सपोर्ट मिलता है। इनफिनिक्स के इस फोन में MediaTek Dimensity 920 का प्रोसेसर और Mali-G68 MC4 GPU दिया गया है। इस फोन में 4,500mAh की बैटरी और 180W थंडर चार्ज के साथ पेश किया गया है। फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, जिसका प्राइमरी कैमरा 200MP और फ्रंट में 32MP का कैमरा सेंसर मिलता है।

Nubia RedMagic 8 Pro Plus स्मार्टफोन में 6.8-इंच का Full HD+ OLED डिसप्ले मिलता है। इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसका प्राइमरी कैमरा 50MP का है। इसके साथ फोन को Qualcomm Snapdragon 8 Gen 2 प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया गया है। इस फोन में 5000mAh की बैटरी और 165W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया है।

OnePlus 10T स्मार्टफोन में 6.7-इंच का Full-HD+ 10-bit AMOLED डिस्प्ले पैनल दिया गया है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। इस फोन में Snapdragon 8+ Gen 1 चिपसेट के साथ 16GB तक रैम का सपोर्ट मिलता है। इसके साथ ही फोन 5000mAh बैटरी और 150W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। इस फोन में 50MP ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है।

Motorola Edge 40 Pro में 6.67-इंच का pOLED पैनल दिया गया है। इस डिस्प्ले का रिजॉल्यूशन 1,080 x 2,400 FHD+, रिफ्रेश रेट 165Hz है। इस फोन में Snapdragon 8 Gen 2 प्रोसेसर मिलता है। मोटोरोला के इस फोन में 50MP का ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है। फोन में 4,60mAh की बैटरी और 125W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है।

Motorola Edge 50 Pro में 4,500mAh बैटरी है। डिवाइस ने PCMark बैटरी टेस्ट में 12 घंटे और 30 मिनट का कम स्कोर प्राप्त किया। 125W चार्जर की मदद से डिवाइस को 20 प्रतिशत से 100 प्रतिशत चार्ज होने में 32 मिनट लेता है। फोन में Qualcomm Snapdragon 7 Gen 3 प्रोसेसर है। इसमें 6.7-इंच 1.5K 144Hz pOLED पैनल, OIS के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 50MP का सेल्फी कैमरा है। 125W चार्जर वाले 12GB/256GB वैरियंट की कीमत 35,999 रुपये है।

iQOO Neo 9 Pro 50,000 रुपये के बजट के तहत आने वाला फोन है। यह फोन 120W चार्जर के साथ आता है, जो फोन को 20 प्रतिशत से 100 प्रतिशत बैटरी चार्ज होने में केवल 23 मिनट का समय लेता है। इसके अलावा, फोन की 5,160mAh बैटरी ने PCMark बैटरी टेस्ट में 14 घंटे का स्कोर हासिल किया। यह डिवाइस 6.78-इंच 1.5K 120Hz AMOLED डिस्प्ले, Qualcomm Snapdragon 8 Gen 2 प्रोसेसर, 16MP का सेल्फी कैमरा और OIS के साथ 50MP का रियर कैमरा के साथ आता है। शुरुआती 8GB/128GB मॉडल की कीमत 35,999 रुपये है।

Realme GT 6 भारत में उपलब्ध AI फीचर्स वाले सबसे बेहतरीन फोनों में से एक है। यह 5,500mAh बैटरी के साथ आता है। यह PCMark बैटरी टेस्ट में 15 घंटे का प्रभावशाली स्कोर हासिल किया। यह भी 120W चार्जर के साथ आता है, लेकिन iQOO Neo 9 Pro से कुछ मिनट पीछे है और 20 प्रतिशत से 100 प्रतिशत चार्ज करने में 26 मिनट लेता है। इस डिवाइस में 6.78-इंच 1.2K 120Hz LTPO AMOLED पैनल, Qualcomm Snapdragon 8s Gen 3 प्रोसेसर, OIS के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 32MP का सेल्फी कैमरा है। शुरुआती 8GB/256GB वैरियंट की कीमत 40,999 रुपये है।

Redmi Note 13 Pro+ में 5,000mAh बैटरी है, जिसने PCMark बैटरी टेस्ट में 11 घंटे और 26 मिनट का स्कोर हासिल किया। यह 120W पावर एडेप्टर के साथ आता है, जो डिवाइस को 20 प्रतिशत से 100 प्रतिशत चार्ज करने में 29 मिनट लेता है। इसके अलावा, इसमें 6.67-इंच 1.2K 120Hz AMOLED पैनल, MediaTek Dimensity 7200 Ultra प्रोसेसर, OIS के साथ 200MP का प्राइमरी कैमरा और 16MP का सेल्फी कैमरा है। शुरुआती 8GB/256GB वैरियंट की कीमत 31,999 रुपये है।

Realme GT 6T में 5,500mAh बैटरी है, जो 120W फास्ट चार्जिंग स्पीड को सपोर्ट करती है। बॉक्स में चार्जर शामिल है और यह डिवाइस को 20 प्रतिशत से 100 प्रतिशत चार्ज करने में 32 मिनट लेता है। इसने PCMark बैटरी टेस्ट में 13 घंटे और 16 मिनट का स्कोर हासिल किया। इसमें Qualcomm Snapdragon 7+ Gen 3 प्रोसेसर, 6.78-इंच 1.2K 120Hz LTPO AMOLED पैनल, OIS के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 32MP का फ्रंट कैमरा है। शुरुआती 8GB/128GB मॉडल की कीमत 30,999 रुपये है।

iQOO Neo 7 Pro 5G पावरफुल डिवाइस है। इसमें 6.78-इंच FHD+ डिस्प्ले है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है। यह फोन 12 जीबी तक रैम और 256 जीबी तक स्टोरेज के साथ आता है। इसमें 50MP+8MP+2MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप है, वहीं फ्रंट में 16M का कैमरा है। फोन में स्नैपड्रैगन 8+ Gen 1 SoC का उपयोग किया गया है। इसके अलावा, इसमें 5,000mAh की बैटरी और 120W फ्लैशचार्जर है। प्रीमियम गेमिंग एक्सपीरियंस के लिए iQOO Neo 7 Pro 5G में 3D कूलिंग सिस्टम, अल्ट्रा गेम मोड और मोशन कंट्रोल भी मिलता है।

वीवो एक्स90 प्रो में 6.78 इंच फुलएचडी+ डिस्प्ले है। यह 120Hz रिफ्रेश रेट से लैस है। इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 9200 प्रोसेसर है। इसमें रियर पैनल पर 50MP+50MP+12MP कैमरा है, जबकि 32MP का सेल्फी कैमरा है। Vivo X90 Pro में 12 जीबी रैम और 128 जीबी इंटरनल स्टोरेज दी गई है। पावर बैकअप के लिए Vivo X90 Pro स्मार्टफोन में 4,870 एमएएच की बैटरी दी गई है, जबकि 120वॉट फास्ट चार्जिंग तकनीक से लैस है।

POCO F4 GT स्मार्टफोन में 6.67-इंच का FHD+ डिस्प्ले दिया गया है। इस AMOLED पैनल का रिफ्रेश रेट 120Hz और रेजलूशन 2400×1080 पिक्सल है। POCO F4 GT में Qualcomm Snapdragon 8 Gen 1 प्रोसेसर, 8GB/12GB रैम और 128GB/256GB स्टोरेज मिलता है। इसमें 4,700mAh बैटरी और 120W HyperCharge सपोर्ट मिलता है। पोको के इस फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलता है।

Xiaomi 13 Pro स्मार्टफोन में 6.73-इंच 2K OLED डिस्प्ले पैनल है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। शाओमी का यह फ्लैगशिप स्मार्टफोन Qualcomm Snapdragon 8 Gen 2 प्रोसेसर के साथ आता है, जिसमें 12GB की रैम और 512GB की स्टोरेज का ऑप्शन दिया गया है। इस फोन में 4,820mAh की बैटरी और 120W फास्ट चार्ज सपोर्ट मिलता है। फोटोग्राफी की बात करें तो फोन 50MP ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप के साथ आता है।

Redmi Note 12 Pro Plus स्मार्टफोन में 6.67-इंच का FHD+ Super AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जिसका रिफ्रेश रेट 120Hz है। इस फोन में MediaTek Dimensity 1080 प्रोसेसर मिलता है। शाओमी के फोन में 200MP का प्राइमरी कैमरा मिलता है। फोन में 4,980mAh की बैटरी मिलती है।

iQOO 12 में 6.78-इंच का LTPO AMOLE फ्लैट डिस्प्ले, 1.5K रिजॉल्यूशन, 144Hz रिफ्रेश रेट, 3000 निट्स पीक ब्राइटनेस है। क्वॉलकॉम स्नैपड्रैगन 8 जेन 3 चिपसेट के साथ पेश किया गया है। इसमें Adreno 750 बेहतर ग्राफिक्स के लिए दिया गया है। फोन में 12GB रैम व 256GB स्टोरेज वैरियंट के अलावा 16GB रैम व 512GB स्टोरेज दी गई है। इसके अलावा कंपनी ने इसमें रैम एक्सटेंड करने का ऑप्शन भी दिया है। इसकी मदद से आप फोन की रैम को 24GB का बढ़ा सकते हैं। iQOO 12 के रियर कैमरा सेटअप में OIS सपोर्ट के साथ 50-मेगापिक्सल का ओमनीविजन OV50H प्राइमरी सेंसर, 50-मेगापिक्सल का सैमसंग जेएन1 अल्ट्रावाइड कैमरा, 3x ऑप्टिकल जूम और 100x डिजिटल जूम वाला 64-मेगापिक्सल OV64B टेलीफोटो लेंस मिल जाता है। वहीं, सेल्फी के लिए 16MP लेंस है।
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फोन डायलर में फोटो लगाने का आसान से दिखने वाला यह काम अक्सर मुश्किल लगता है। लेकिन, हम आज आपके लिए यह मुश्किल काम आसान करने वाले हैं। अगर आप भी अपने कॉन्टैक्ट्स में नंबर और नाम के साथ फोटो लगाने का विचार कर रहे हैं तो चलिए आगे आपको एंडरॉयड और आईफोन के फोन डायलर में फोटो लगाने की पूरी जानकारी आपको स्टेप-बाए-स्टेप देते हैं।
स्टैप-1. सबसे पहले अपने मोबाइल में कॉन्टैक्ट्स ऐप को ओपन करें या फिर Dialer App को ओपन करके कॉन्टैक्ट्स में जाएं।

स्टैप-2. जिस नंबर पर फोटो लगाना चाहते हैं उस पर क्लिक करें।

स्टैप-4. अब नीचे एडिट कॉन्टैक्ट पर क्लिक करके फिर प्रोफाइल के आइकॉन पर क्लिक करें।

स्टैप-5. इसके बाद टेक फोटो और गैलरी से फोटो सिलेक्ट करने का ऑप्शन आएगा।

स्टैप-6. अब आपके मोबाइल की गैलरी ओपन हो जाएगी, यहां से आप जिस भी फोटो को सेट करना चाहते हैं उसे सिलेक्ट करें।

स्टैप-7. अब फोटो को अपने हिसाब से क्रॉप करके एडजस्ट करें और ओके पर क्लिक करें।

स्टैप-8. इसके बाद कॉन्टैक्ट नंबर पर फोटो सेट हो जाएगी और कॉल आने व करने पर नंबर नाम के साथ फोटो दिखाई देगी।

Note: अगर आप फोटो फुल स्क्रीन में चाहते हैं तो इसके लिए आपको एंडरॉय फोन में थर्ड पार्टी ऐप का इस्तेमाल करना होगा।
स्टैप-1. सबसे पहले प्लेस्टोर से Full Screen Caller ID App (फ्री) को Install करें।

स्टैप-2. अब इस ऐप को सेटअप करने के लिए आपको कुछ परमिशन देनी होगी।
स्टैप-3. इसके बाद Full Screen Caller ID App के ऑप्शन पर क्लिक करके, Set As Default के ऑप्शन पर क्लिक करें।

स्टैप-4. इसके बाद जिस कॉन्टैक्ट पर आपने पहले से फोटो सिलेक्ट किया है वह फुल स्क्रीन में कॉलिंग के टाइम दिखाई देगी।
स्टैप-1. सबसे पहले आईफोन की सेटिंग में जाएं।

स्टैप-2. इसके बाद Phone ऑप्शन पर क्लिक करें।

स्टैप-3. फिर Incoming Calls पर क्लिक करें।

स्टेप-4. इसके बाद आपको Full Screen ऑप्शन पर क्लिक करें।

स्टैप-5. इसके बाद गैलरी में जाएं और कोई एक फोटो सिलेक्ट करें।

स्टैप-6. फोटो सिलेक्ट कर एडिट पर क्लिक कर साइज और एस्पेक्ट रेश्यो को सेट करें।

स्टैप-7. इसके बाद फोटो को सिलेक्ट कर Assign to contact पर क्लिक करें।

स्टैप-8. इसके बाद किसी एक कॉन्टैक्ट पर इस फोटो को लगाएं।

स्टैप 9. अब कॉल करने व आने पर नाम के साथ फोटो दिखाई देगी।
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