
OnePlus और Realme ने पुष्टि कर दी है कि उनकी कस्टम Android स्किन OxygenOS और Realme UI को धीरे-धीरे बंद किया जा रहा है। वहीं, अब दोनों ब्रांड आने वाले समय में OPPO के ColorOS पर शिफ्ट होंगे। कंपनियों ने इसे “ऑपरेशनल एडजस्टमेंट” बताते हुए कहा है कि इसका उद्देश्य सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट को बेहतर बनाना और यूजर्स को अधिक स्टेबल अनुभव देना का है। आइए, आगे डिटेल्स जानते हैं।
OxygenOS और Realme UI की जगह लेगा ColorOS
OnePlus के अनुसार, OxygenOS और ColorOS पहले से ही एक शेयर्ड Android कोडबेस पर आधारित हैं, लेकिन अब अलग-अलग सॉफ्टवेयर बनाए रखने के बजाय कंपनी एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करेगी। इससे इंजीनियरिंग और रिसर्च टीमों के रिसोर्स का बेहतर उपयोग होगा। साथ ही सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट भी फास्ट प्रोसेस किया जाएगा और अपडेट्स भी जल्दी मिल सकेंगे।
कंपनी का कहना है कि यह केवल सॉफ्टवेयर ब्रांडिंग और विजुअल आइडेंटिटी में बदलाव है। OnePlus का दावा है कि OxygenOS की पहचान रहे फास्ट, स्मूद और यूजर-फ्रेंडली अनुभव को आगे भी बरकरार रखा जाएगा। वहीं, हार्डवेयर के मामले में परफॉरमेंस, फास्ट चार्जिंग और डिजाइन जैसी खूबियों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
Realme ने भी इसी तरह की घोषणा करते हुए कहा है कि उसकी Realme UI को भी ColorOS से रिप्लेस किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, यूजर एक्सपीरियंस, हार्डवेयर और पहले से घोषित सॉफ्टवेयर अपडेट पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं होगा।

कब मिलेगा ColorOS अपडेट?
OnePlus India के एक ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, ColorOS 17 के आधिकारिक रिलीज के बाद योग्य OnePlus डिवाइस यूजर्स को नया अपडेट इंस्टॉल करने का विकल्प मिल जाएगा। कंपनी ने कहा है कि यह अपडेट वॉलंटरी होगा, यानी एलिजिबल यूजर्स अपनी इच्छा से ColorOS 17 पर अपग्रेड कर सकते हैं।
हालांकि, किन-किन स्मार्टफोंस को अपडेट मिलेगा और किस समय दिया जाएगा। इसका टाइमलाइन फिलहाल शेयर नहीं किया गया है। कंपनी का कहना है कि रोडमैप तैयार होने के बाद इसकी जानकारी दी जाएगी।
भारत में फिलहाल नहीं पड़ेगा असर
OnePlus और Realme दोनों ने बताया है कि मौजूदा और आने वाले स्मार्टफोंस को पहले की तरह सॉफ्टवेयर और सिक्योरिटी अपडेट मिलते रहेंगे। यानी इस बदलाव का असर यूजर्स की अपडेट पॉलिसी पर नहीं पड़ेगा। हालांकि, लंबे समय से OxygenOS और Realme UI उपयोग कर रहे यूजर्स के लिए यह बदलाव काफी बड़ा माना जा रहा है। OxygenOS अपने क्लीन और स्मूद इंटरफेस के लिए जाना जाता है। ऐसे में आगे देखना होगा कि ColorOS के अनुभव से ग्राहक कितना खुश होते हैं।
बताते चलें कि इस बदलाव से दोनों कंपनियों के सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म को भी एक किया जा रहा है। यह अपडेट खासतौर पर उन OnePlus और Realme यूजर्स के लिए बड़ा है जो अपने फोन में मिलने वाले सॉफ्टवेयर एक्सपीरियंस और अपडेट्स को प्राथमिकता देते हैं। नया फोन खरीदने की योजना बना रहे यूजर्स के लिए भी यह बदलाव जानना जरूरी है जिसका असर आने वाले इन ब्रांड्स के सभी डिवाइस पर देखने को मिलेगा।











