सरकार फ्री दे रही 239 रुपये का फ्री रिचार्ज! जानिए क्या है वायरल मैसेज की सच्चाई

कुछ समय से WhatsApp पर एक मैसेज तेजी से वायरल हो रहा। इस मैसेज में कहा जा रहा है कि मोदी सरकार की ओर से सभी टेलीकॉम यूजर्स को 239 रुपये का फ्री रिचार्ज ऑफर किया जा रहा है। लेकिन, अगर आपके पास भी यह मैसेज आया है तो आपको बता दें कि यह एक फर्जी मैसेज है क्योंकि खुद पीआईबी फैक्ट चेक ने इसकी फर्जी करार कर दिया है। दरअसल, पीआईबी के ट्विटर पर मौजूद फैक्ट चेक अकाउंट ने घोषणा की कि यह मैसेज एकदम फर्जी है और सरकार ने इस तरह के किसी भी प्लान की घोषणा नहीं की है।
WhatsApp पर वायरल हो रहा ये फेक मैसेज
माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्वीट किया कि यह जानकारी फेक है और सरकार ने ऐसी किसी योजना की घोषणा नहीं की है। पोस्ट में व्हाट्सएप मैसेज की एक तस्वीर भी शामिल की गई है, जिसमें लिखा हुआ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “मुफ्त मोबाइल रिचार्ज योजना” सभी भारतीय ग्राहकों को 28 दिनों के लिए 239 रुपये का मुफ्त रिचार्ज देगी। यूजर्स को इस रिचार्ज को कराने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करना होगा।
A #WhatsApp message claims that the central government is offering all users a recharge of ₹239 for 28 days under the ‘Free Mobile Recharge Scheme’ #PIBFactCheck:
✔️This claim is #fake
✔️No such announcement has been made by the Government Of India pic.twitter.com/AICm63ga8W
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 26, 2023
क्या है पीआईबी फैक्ट चैक
आपको बता दें कि झूठी खबरों और गलत सूचनाओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पीआईबी ने एक फैक्ट-चेक ब्रांच की स्थापना की है। इस तरह के मैसेज से लोगों में भ्रम पैदा होता है। वहीं, पीआईबी अपने सोशल मीडिया चैनलों का उपयोग करके झूठी सूचनाओं को खारिज करने और स्पष्टीकरण देने का काम करती है।
फर्जी व्हाट्सएप मैसेज से ऐसे रहें सुरक्षित
व्हाट्सएप पर आने वाले मैजे में किसी भी लिंक पर क्लिक करने का अनुरोध करने पर आपको सावधानीपूर्वक जांच करने की आवश्यकता है। हम आपको सलाह देंगे कि बिना सोचे समझे किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें और दूसरों को भी ऐसा करने की सलाह दें।अगर आप गलती से भी इस लिंक पर क्लिक करते हैं तो आपके अकाउंट से पैसा चोरी हो सकता है। साथ ही आपकी निजी जानकारी भी चोरी की जा सकती है।
इस तरह के मैसेजेज को पहचानना काफी आसान होता है। अगर आप इन मैसेज की लैंग्वेज पर ध्यान देंगे तो आपको गलती दिखाई दे जाएगी। वहीं, अगर मैसेज की भाषा में कोई भी गलती है तो ये मैसेज विश्वसनीय नहीं हैं। वहीं, खुद मेटा-स्वामित्व वाला प्लेटफ़ॉर्म खुद अपना उपयोगकर्ताओं को सलाह देता है कि वे ऐसे मैसेज को टैप और शेयर न करें। वहीं, यह सलाह दी जाती है कि यूजर्स मैसेज की रिपोर्ट करें या सेंडर को ब्लॉक करने के अलावा उसकी रिपोर्ट भी कर सकते हैं।