
पहले मोबाइल फोंस में मनोरंजन के लिए FM Radio बेहद काम आता था। समय के साथ-साथ इंटरनेट डाटा का यूज़ बढ़ता चला गया और रेडियो पीछे छूटता चला गया। मोबाइल कंपनियां अब अपने स्मार्टफोंस में एफएम रेडियो देना भी बंद कर चुकी है। लेकिन पुराने दिन जल्द वापिस आ सकते हैं। केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि सभी मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को अपने डिवाईस में एफएम रेडियो देना अनिवार्य है।

Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने नई एडवाइजरी जारी की है जिसके अनुसार सभी मोबाइल कंपनियों को अपने नए फोंस में एफएम रेडियो देना ही पड़ेगा। केंद्र सरकार ने Indian Cellular and Electronics Association (ICEA) और Manufacturers’ Association for Information Technology (MAIT) को इस संदर्भ में जरूरी कदम उठाने के लिए कह दिया है।
सभी मोबाइल फोंस में एफएम रेडियो दिए जाने के लिए सरकार ने क्या कहा है
FM Radio अमूमन बटन वाले फीचर फोंस में मिल जाता है लेकिन स्मार्टफोंस में यह फंक्शन आजकल कम देखने को मिल रहा है। कई मोबाइल ब्रांड्स अपने डिवाईस में एफएम रेडियो फीचर रखते ही नहीं है। लेकिन अब सरकार का कहना है कि हर तरह के मोबाइल डिवाईस में एफएम रेडियो रिसीवर दिया जाना चाहिए और उसे एक्टिवेट भी रखना चाहिए। सरकार ने साफ बोला है कि अगर फोन में मौजूद चिपसेट रेडियो फंक्शन सपोर्ट करता है तो उसे कोई मोबाइल कंपनी डिसेबल नहीं कर सकती है।

फोन में एफएम रेडियो दिए जाने के क्या फायदे हैं
इस नए फैसले के पीछे सरकार का मानना है कि एफएम रेडियो संपर्क व संचार का बेहद अनिवार्य साधन है। आपातकाल की स्थिति और आपदा के समय में यह काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके जरिये लोगों तक चेतावनी भेजी जा सकती है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों और गांवों में भी संदेश दिया जा सकता है। सबसे बड़ी बात की फोन में एफएम रेडियो चलाने के लिए किसी तरह के इंटरनेट डाटा की जरूरत नहीं पड़ती है और इसे लो नेटवर्क कवरेज में भी सुना जा सकता है।

मोबाइल कंपनिया अपने स्मार्टफोंस में एफएम रेडियो क्यों नहीं देती हैं
बता दें कि स्मार्टफोंस में मौजूद अधिकतम LTE modem रेडियो एक्सेस करने में सक्षम होते हैं लेकिन मोबाइल कंपनियां इन्हें आजकल इन्हें डिसेबल कर देती है। वैसे तो ऐसा करने की कोई खास वजह साफतौर पर नहीं कही जाती है परंतु यह भी माना जाता है कि ऑनलाईन ऑडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज के चक्कर में एफएम रेडियो को बंद कर दिया जाता है। ऐसे में यूजर फ्री रेडियो सर्विस को नहीं चला पाता है तथा दूसरी ऐप्स व सर्विसेज का कन्ज्यूमर बन जाता है।










