Exclusive: बाय-बाय realme! भारत में कर्मचारियों की छंटनी शुरू

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हाल में खबर आई थी कि Realme ब्रांड OPPO के साथ ही मर्ज हो जाएगा और रियलमी ओपो की सब-ब्रांड बनकर काम करेगी। इसके पीछे जो सबसे बड़ी वजह बताई गई थी वह यह कि कंपनी ऑपरेशन कॉस्ट यानी कि अपनी संचालन लागत को कम करना चाहती है। वैसे तो जब यह खबर आई थी तो यूजर्स के लिए बड़े ही अचंभे वाली बात थी क्योंकि 8 सालों से Realme अपनी साख जमा चुकी थी। परंतु अब खबर का असर दिखने लगा है। कंपनी ने कॉस्ट कटिंग यानी कि लागत को कम करने की कवायद शुरू कर दी है और भारत में इसका सबसे पहली गाज Realme की सेल्स टीम पर गिरी है। कंपनी ने सेल्स एग्जीक्यूटिव और मैनेजमेंट की छंटनी करनी शुरू कर दी है।

91मोबाइल्स को इस बारे में एक्सक्लूसिव जानकारी मिली है। हमें यह जानकारी ऑफलाइन रिटेल स्टोर के माध्यम से मिली है। हमें रियलमी के ही एक एम्प्लॉई ने बताया कि कंपनी की ओर से एरिया सेल्स मैनेजर सहित ग्राउंड स्टाफ को निर्देश दे दिया गया है कि वह अगले एक-दो महीनों तक ही हैं। हमें यह खबर गुजरात से मिली थी। चूंकि खबर बड़ी थी इसलिए खबर की पुष्टि करने के लिए बाद में हमने दिल्ली, हरियाणा और पंजाब सहित कुछ और राज्यों में कॉल किया और सभी ने इस खबर को सही बताया।

वहीं गुजरात के एक एक्जिक्यूटिव ने हमें बताया कि हमें त्यागपत्र देने को कहा गया है और यह भी बताया गया है कि 30 अप्रैल Realme में हमारी नौकरी की आखिरी तारीख हो सकती है। कंपनी द्वारा कॉस्ट कटिंग और रियलमी ब्रांड के संचालन में किए जा रहे बदलाव में बाद ऊंचे पदों पर बैठे सेल्स अधिकारियों के साथ ही रियलमी रिटेल स्टोर पर उपलब्ध होने वाले कर्मचारियों को भी अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता है।

जब हमने दिल्ली के एग्जीक्यूटिव से बात की तो उन्होंने बताया कि हां, यह बात सही है और अब OPPO ने टेकओवर करना शुरू कर दिया है। यहां भी Realme के सेल्स डिपार्टमेंट को निर्देश दे दिए गए हैं।

इस खबर के बाद रियलमी की तरफ से भी एक बयान जारी किया गया है जिसमें कंपनी ने कहा है कि ”यह एडजस्टमेंट रियलमी इंडिया की ओर से चल रहे ऑर्गेनाइजेशन ऑप्टिमाइजेशन का हिस्सा है जो इंडस्ट्री बेंचमार्क के हिसाब से किया जा रहा है।”
उन्होंने आगे कहा  ”यह किसी भी दूसरे ब्रांड से जुड़ा नहीं है। इससे हमारे प्रोडक्ट, रिटेल स्टोर पर हमारी उपलब्धता और सर्विस  पर किसी भी तरह का कोई असर नहीं पड़ेगा। रियलमी ब्रांड भारतीय मार्केट के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और कंपनी टेक्नोलॉजी की ज्यादा पहुंच व आसान बनाने, लाखों यूज़र्स को सर्विस देने और लंबे समय तक चलने वाली वैल्यू बनाने के अपने मिशन को जारी रखेगा।”
गौरतलब है कि रियलमी और ओपो दोनों चीनी मोबाइल ब्रांड हैं जिसका स्वामित्व BBK Electronics के पास है। बीबीके ने मार्केट में पांच सब्सिडियरी कंपनी उतारी हुई है जिनमें OPPO, Vivo, OnePlus, iQOO और realme शामिल है। हालांकि अब भी रियलमी ब्रांड होगा लेकिन अब वह स्वतंत्र रूप से काम न करके ओपो के सब-ब्रांड के तौर पर काम करेगी।

जहां तक रियलमी की बात है तो कंपनी मार्च 2018 में अस्तित्व में आई थी और उस वक्त यह ओपो के सब ब्रांड के तौर पर ही काम कर रही थी। कंपनी ने पहला फोन रियलमी 1 को उतारा था और इस फोन के बैक पैनल पर स्पष्ट तौर पर ओपो की ब्रांडिंग देखी जा सकती थी। वहीं ओपो लोगो के नीचे में ही छोटे शब्दों में बाई ओपो और एसेम्बड इन इंडिया लिखा गया था। वहीं अगले कुछ महीनों में ही कंपनी को एक इंडिपेंडेंट ब्रांड बना दिया गया और सितंबर 2018 में ही कंपनी ने ओपो से हटकर पहला फोन रियलमी 2 लॉन्च किया गया था। वहीं अब एक बार फिर से 8 साल बाद रियलमी ओपो की छतरी के नीचे आने को तैयार है।

हालांकि यह बदलाव OPPO के लिए कितना कारगर साबित होगा यह देखने वाली बात होगी लेकिन फिलहाल तो Realme से जुड़े लोगों के लिए यह खबर अच्छी नहीं कही जा सकती है।